देसी मुस्लिम औरत की खेत के मकान में चुदाई: Antarvasna
दोस्तों मेरा नाम राजेश है और जो में चुदाई की कहानी बताने वाला हुं इससे किसी को कोई तकलीफ़ न हो और ना ही किसी कि भावनाओं को ठेस पहुंचे।
ये जो कहानी है बिल्कुल सच्ची है इसलिए यहां पर मैं गांव शहर का नाम नहीं लुंगा।
हमारा परिवार जमींदार है तो मेरे पास बहुत सारी जमीन और पैसा है और में अकेला हुं और २५ साल का हुं।
मैंने मेरी पढ़ाई पुरी की हुई है मुझे नौकरी करनी थी लेकिन मेरे पिताजी ने कहा कि नौकरी करने की कोई जरूरत नहीं है, तुम बस हमारे खेतों का हिसाब किताब देखो। तो मैंने भी सोचा कि ठीक है।
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हमारे पास बहुत जमीन है जिसमें हम गन्ना, गेहूं, सरसौ और तरह तरह की फ़सल की खेती करते हैं। ईन सब काम कों मजदुरो से करवाते हैं। तों अब आते हैं असली कहानी पे।
तो हमारा एक २०-२२ एकड़ का खेत जो मेरे घर से ३५ किलोमीटर दूर है, जिसमें २० एकड़ में गन्ने की फ़सल है और वहां पर हमने एक ३ कमरे का पक्का मकान बनवा रखा है।
और वो खेत पहाड़ से बिल्कुल सटा हुआ है तो वहां जंगली बैल गन्ने का नुक़सान करते थे तो हमें रखवाली के लिए कोई चाहीए था। तो मैंने आसपास के गांवो में बात की लेकिन कोई भी रखवाली के लिए तैयार नहीं था। क्योंकि वह खेत गांव से २-३ किलोमीटर दूर था।
तभी २ दिनों बाद सुबह सुबह मुझे फोन आया कि मैं जावेद हुं और आपके खेत कि रखवाली करने को तैयार हुं और मुझे आपसे मिलना है। तो मैंने कहा कि ठीक है, तुम वही खेत पर आ जाओ। और फिर मैं उस इंसान से मिलने चला गया तो मैं जब खेत पहुंचा तों देखा कि एक औरत बुरखे में खेत में बने मकान के पास बैठीं हुईं थीं। तो जैसे ही उसने मेरी गाड़ी को देखा वो खड़ी हो गई और मैं भी गाड़ी से उतर कर उसके पास गया और उससे पुछा कि तुम कौन हो और यहां क्या कर रही हों।
तो उसने कहा कि में जावेद की घरवाली हुं तो मैंने कहा कि ठीक है लेकिन मुझसे मिलने तों जावेद आने वाला था, तो उसने कहा कि मुझे प्यास लगी है। अगर आप एक गिलास पानी पिलाते तो।
मैं समझ गया और मैंने मेरी जेब से मकान की चाबी निकाली और मकान को खोल दिया और उसे मकान के अंदर बुलाया और चारपाई पर बैठने को कहा और वही पर मटके में से पानी दिया।
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दोस्तो मेंने जो मकान खेत में बनवाया है उसमें खाना पकाने के लिए गैस और कुछ बर्तन है। ये मकान खेतों में हैं तो बस यहां पर लाईट नहीं है। तभी उसने पानी पीने के लिए बुरखा हटाया तों में देखता ही रह गया। बिल्कुल गौरी विदेशी लड़की की तरह लग रही थी।
उसकी उम्र लगभग ३५-३६ साल लग रही थी। तो उसने पानी पिया और सांस लेते हुए कहा कि में शबनम हुं जावेद की घरवाली।
तो मैंने कहा कि जावेद ने मुझे फोन किया था और कहा था कि वो मुझे मिलने आने वाला है तो शबनम ने कहा कि हां वो ही आने वाला था लेकिन वो नशेड़ी है, पता नहीं कहां पडा होगा। इसलिए मैंने सोचा कि वो आएगा तो ठीक नहीं तो मैं आपसे मिल लेती हुं और वो फ़ोन मैंने ही उसे करने को कहा था।
तब से मैं यहां बैठीं हुं तो मुझे प्यास लगी थी। मैंने शबनम से कहा कि देखो ये जो खेत है पहाड़ी के करीब है और यहा कोई नहीं रहता तो जंगली बैल गन्ने की फसल की नुकसान करते हैं और उनका झुंड यहीं पहाड़ी पर रहता है। तो उन्हें भगाने के लिए आदमी चाहिए और अभी तुमने कहा कि जावेद शराबी है।
तो शबनम ने कहा कि भैय्या मे उसको अच्छी तरह समझा दुंगी हम भी किसान ही थे, लेकिन जावेद के नशे कि वज़ह से हमारा खेत बिक गया और घर भी हम आपका काम करने के लिए तैयार है, बस हमें रहने के लिए जगह और खाने के लिए चाहिए।
तो मैंने थोड़ी देर सोचा और कहा कि ठीक है लेकिन आप मुझे भैय्या अकेले में नहीं राज कहीए, और किसी के सामने ने मालिक। क्योंकि अब आप हमारे खेतों में काम करने वाले हों।
तो वो थोड़ा सा खुश हुई तो मैंने कहा कि ये मकान में तुम रह सकते हो। यहा पर लाईट नहीं तो उसका इंतजाम मे कल कर दुंगा। तभी शबनम ने कहा कि राज मेरी तीन बेटियां हैं, एक का निकाह छःह महीने पहले हों गया है, और दो कुंवारी है। तो हम सभी यही रहेंगे।
तो मैंने कहा कि ठीक है। मैंने कहा कि मुझे तुम ही ३०-३२ साल की लगती हो और तुम्हारी बेटी कि शादी?
तो उसने कहा कि मेरी उम्र ३८ साल है और मेरी १५ साल के उम्र में ही शादी हो गई थी। बडी बेटी २२ साल की है जिसकि शादी हुई है और उसका नाम बानो है। दुसरी रुकसाना २० साल की और तिसरी थोड़ी सी सांवली है तो उसका नाम कालों है १८ साल की।
तो मैंने कहा कि ठीक है कल तुम आ जाना तो शबनम ने कहा कि हमारा गांव यहां से दुर है, तो हम कल बस से आ जाएंगे। तो मैंने कहा कि तुम्हारे पास फोन है तो उसने कहा कि हैं जावेद का है तो मैंने कहा तुम्हें चलाना आता है?
तो शबनम ने कहा कि वो बटन वाला फोन है और मुझे भी चलाना आता है। तो मैंने कहा कि मेरा नंबर तो है तुम्हारे पास तो तुम कल सुबह ५ बजे तुम्हारे गांव के बाहर की सड़क पर आना। में मेरी गाड़ी में तुम सबको यहां लेकर आ जाऊंगा और फिर यहां आकर तुम सफाई कर लेना और मैं तुम्हारे लिए लाईट का इंतजाम कर दुंगा।
तो वो खुश हो गई और फिर मैंने शबनम से कहा कि मुझे काला रंग पसंद नहीं, तो बुरखा मत पहनना। तो शबनम ने कहा कि जब हम कहीं जाते तभी पहनते हैं। तो मैंने कहा कि ठीक है। तो मैंने शबनम को कहा फिर कल में तुम्हारे परीवार कों लेने के लिए सुबह ५ बजे आऊंगा तो शबनम ने कहा कि हमारा कुछ सामान भी रहैगा। तो मैंने कहा कि ठीक है।
और शबनम अपने गांव चलीं गईं और मैं भी मेरे घर आ गया। मैंने पिताजी को कहा कि हमें खेत कि रखवाली करने के लिए एक मुस्लिम परिवार मिला है और वो अपने खेत में ही रहेंगे और खेत में काम भी करेंगे। तो पिताजी ने कहा कि ठीक है तो मैंने कहा कि वहां पर लाईट नहीं है तो हमें लाईट का इंतजाम करना होगा। तो उन्होंने कहा कि ठीक है कल कर देना। और मेने पिताजी से कहा कि कल सुबह ४ बजे उन्हें लेने जाना है तो मैं उन्हें कल खेत में छोड़कर उनके लिए लाईट का इंतजाम कर दुंगा तो पिताजी ने कहा कि ठीक है।
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सुबह सुबह में नहा धोकर मेरी काली स्कार्पियो कों लेकर शबनम और उसके परिवार को लाने के लिए उनके गांव की तरफ चल दिया और ये सोचने लगा कि अगर शबनम मुझसे सेट हो गई तो चुदाई का मजा ही आ जाएगा। और मैं सोचने लगा कि उसे कैसे पटाऊं?
तभी उसका फोन आया कि मालिक हम यहां रस्ते पर खड़े है, अभी तक आप आये नहीं? तो मैंने कहा कि हां आ रहा हूं बस रास्ते में ही हुं १० मिनट में पहुंच जाऊंगा। और फिर मैंने देखा कि ३ औरतें सलवार सुट मैं और एक आदमी गांव के बाहर खड़े हुए थे।
मैंने उनके पास गाड़ी रोकी और मैं गाड़ी से नीचे उतर कर उनके पास गया। तभी शबनम ने कहा कि मालिक ये मैरै शोहर जावेद और ये मेरी बेटीयां रूकसाना और कालों दोनों दिखने में बिल्कुल शबनम की तरह थी। तभी मैंने जावेद से कहा कि ये तुम्हारा सामान पिछे गाडी में रखदो मैंने पिछे का दरवाजा खोला और जावेद ने सामान गाड़ी मे रख दिया और फिर मैंने कहा कि चलो गाड़ी में बैठो। मुझे बाद में बाजार जाना है कुछ सामान लेने।
तो शबनम और उसकी बेटीयां गाड़ी में बैठ गई और जावेद भी उनके साथ पिछे बैठ गया, तो मैंने कहा कि अरे जावेद भाई पिछे कहा यहां आगे बैठो मेरे पास। तो जावेद खुश हो गया और फिर मैं उन्हें लेकर खेत कि तरफ चल दिया।
और रास्ते में जावेद को समझा दिया कि उसे क्या काम करना है, और उजाला होते ही हम खेत पहुंच गये और गाड़ी से उतर गये। जावेद ने गाड़ी से सामान उतारा और वो खेत में आते ही जंगली बैलों को भगाने में लग गया और खेत में चला गया। शबनम और उसकी बेटीयां अभी यहीं खड़ी थी तो शबनम ने कहा कि मालिक ये मेरी दुसरे नंबर की बेटी है रुकसाना और तिसरे नंबर की बेटी कालों हैं और उनसे कहा कि ये हमारे मालिक है।
मैंने दोनों को ध्यान से देखा और सोचा कि अगर शबनम के साथ साथ इनकी भी चुत मिल जाए तो मेरी तो चांदी ही चांदी होगी। और फिर मैंने शबनम से कहा कि तुम्हारे पास अच्छे कपड़े नहीं है क्या? ये क्या गंदे कपड़े पहने हैं।
तो शबनम ने कहा कि मालिक मैंने कल आपको कहा था ना कि हमारे पास पैसे नहीं हैं, तो मैंने कहा कि अरे हां तो मैंने शबनम से कहा कि ठीक है अभी ८ ही बज रहे हैं तो तुम यहां ये मकान आजु बाजु और मकान की सफाई कर लो फिर हम दोनों बाजार जाकर तुम्हारे लिए किराणे का सामान और कुछ कपड़े और तुम्हें जो चाहिए वो ले आएंगे। तो शबनम और उसकी बेटीयां खुश हो गई।
मेंने कहा कि तुम जल्दी से यहां की सफाई कर लो तब तक मैं जावेद से मिलकर आता हूं और फिर मैं जावेद के पास आ गया। तो जावेद ने मुझे देखकर कहा कि मालिक यहां से जंगली बैल खेतों में आ जाते हैं। हमें यहां एक ऊंची मचान बनवानी चाहिए जिससे अच्छे से रखवाली की जाये।
तो मैंने कहा कि ठीक है हम आज ही मचान का सामान ले आएंगे। तो जावेद खुश हो गया फिर मैंने जावेद को कहा कि जावेद भाई तुम एक काम करना गन्ने के खेत के बीचोंबीच अच्छी तरह से सफाई करना और लड़कीयों की मदत से एक झोपड़ी बनाना। वो सिर्फ उपर से ढकी हुई होनी चाहिए।
तों जावेद ने कहा कि कल से काम चालू कर दुंगा मालिक तो मैंने जावेद से कहा कि तुम कुछ देर यहां रखवाली करो और १ घंटे में मकान के पास आ जाना और फिर मैं गन्ने की फसल में से होते हुए मकान की तरफ जाने लगा।
जैसे ही मैं मकान के नजदीक पहुंचा तो गन्ने के खेत में मेरी तरफ मुंह करके शबनम हगने बैठीं थीं तो मैं धीरे-धीरे उसके करीब गया जैसे ही शबनम ने मुझे देखा झट से खड़ी हो गई और अपनी सलवार पहनने लगी। तो मैंने कहा कि तुम्हारी सलवार खराब हों जाएगी। तो शबनम ने अपना मुंह नीचे कर लिया।
मैं शबनम के करीब गया और कहा कि जब से तुम्हें देखा है तबसे मैं तुम्हें चोदना चाहता हूं। मेने कहा कि सोच लो कपड़े पैसे सब कुछ मिलेगा। तो शबनम ने कुछ सोचा और कहा कि देखो राज मेरा शौहर हर वक्त नशे में रहता है, और तुमने मेरी हालत देखकर अपने खेत में काम पर रखा है और हमारे लिए कपड़े और खाने का इंतजाम कर रहे हों। पिछले ३ सालों से मेरी चुदाई नहीं हुई है इसलिए मैं तुमसे चुदाई करवाऊंगी। लेकिन अच्छी तरह से तों इसलिए तुम अब जाओ।
तो मैंने कहा कि नहीं तो शबनम ने मुझे अपनी चुत को दिखाते हुए कहा कि देखो मेरी चुत पुरी बालों में छुपी हुई है, तुम्हें इसे चोदने में मज़ा नहीं आएगा।
तो मैंने कहा कि लेकिन मेरा लन्ड खड़ा हो गया है इसकी चुदाई करनी पड़ेगी। तो शबनम ने कहा कि ठीक है मैं तुम्हारे लंड को चुसकर ठीक कर देती हूं। लेकिन तुम कुछ देर के लिए पिछे मुडो। तो मैंने कहा कि क्यों तो शबनम ने कहा कि चुदाई करनी है ना।
तों मेंने चुपके से मोबाइल निकाला और उसमें व्हिडिओ रिकार्डिंग चालु कर दिया और मुड गया। और फिर शबनम ने ज्यादा देर न करते हुए कहा कि ठीक है अब मेरी तरफ मुड़ जाओ। मैं तुम्हारे लंड को जल्दी से चुसके उसे ढीला कर देती हुं, नहीं तो कोई इधर आ जाएगा।
तो मैंने झट से मेरे लौड़े को बाहर निकाला तो शबनम ने बिना कुछ कहे सोचे लंड चूसने लगी और शबनम लंड चुसने में इतनी माहीर थी कि उसने ९-१० मिनट में ही मेरा माल निकाल दिया और फिर पि लिया। और मैरे लंड को अच्छी तरह से चाट कर साफ़ किया। और कहा कि ये मेंने तुम्हारे साथ पहली बार किया है। और में जावेद के अलावा किसी से नहीं चुदी हुं। और अब हमें चलना चाहिए नहीं तो यहां मेरी बेटीयां नहीं तो जावेद आ सकता है। और वो झट से बाहर निकली और फिर कुछ देर बाद में गन्ने के खेत से बाहर निकला तो रुकसाना मकान के सामने चारपाई पर बैठी थी।
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वो मैरी तरफ देखकर थोड़ी सी चौंक गयी। शायद उसने शबनम को भी यहां से बाहर आते देखा था। तभी जावेद आ गया और कहा कि मालिक मेंने जंगली बैलों को दुर भगा दिया है, तो चलिए तब तक बाजार से मचान बनाने का सामान ले आएंगे।
तो मैंने कहा कि ठीक है लेकिन तुम एक काम करो तुम्हारी औरत को भी साथ ले लो वो तुम्हारे लिए कुछ सब्जियां और कुछ किराने का सामान ले लेगी। इससे तुम्हें अच्छा खाने को मिलेगा ।तो जावेद खुश हो कर शबनम को लेकर आ गया और फिर मैंने फिर से अपनी स्कार्पियो निकालीं और ८-९ किलोमीटर दूर शहर की और चल दिया।
फिर मैंने गाड़ी में ही जावेद से कहा कि पहले मचान का सामान लेंगे और फिर मकान में लाईट नहीं तो सोलार पैनल और लाईट का सामान लेंगे। तो उसने कहा कि ठीक है मालिक फिर मैंने मेरे एक पहचान के दुकानदार से लोहा और पत्रा खरीदा और उसी के पास सोलार पैनल और लाईट का सामान भी मिल गया तो मैंने उससे कहा सेठ सामान तो मिल गया लेकिन इसे लै जाने के लिए गाड़ी लगेगी।
तो उसने कहा कि क्या बात करते हों राजेश भाई आप हमारे बहुत पुराने ग्राहक हैं, तो आपके लिए गाड़ी भी मंगवा ली है आप बेफिक्र रहीए बस गाड़ी वाले को बता दिजीए कि जाना कहा है।
जावेद मेरे साथ ही था तो मैंने कहा कि सेठजी आपने गाड़ी मंगवाई तो मेरे लिए एक काम और कर दिजीए तो सेठजी ने कहा कि क्या राजेश भाई मैंने कहा कि ये सौलार पैनल और लाईट फिटींग करने वाले को भी भेज दिजीए तो उसने कहा कि ठीक है वो भी सामान के गाड़ी के पिछे आकर लाईट फिटींग कर देंगे। तो मैंने सेठ से कहा कि मुझे कुछ और काम है तो मैं उन लोगों के साथ मेरे भरोसेमंद आदमी को सामान की गाड़ी में भेज देता हूं और वो लोग आपके पहचान के है तो उन्हें आप अच्छी तरह से काम करने को कह दिजीए।
सेठजी ने कहा कि ठीक है राजेश भाई मैंने सेठजी को पैसे दिए और बिल लेकर जावेद और मैं दुकान से बाहर आए और फिर मैंने जावेद को दो सौ रुपए दिए और कहा कि जावेद भाई अभी तुम सामान वाली गाड़ी में वापस खेत जाओ और मचान का और लाईट का काम करवालो और इन पैसों से जाते हुए कुछ खा लेना।
तो जावेद खुश हो गया मैंने जावेद से कहा कि मैं तुम्हारी औरत को लेकर कुछ किराने का सामान और कुछ खाने पिने का सामान लेकर आ जाएंगे। और तुम्हारे लिए कुछ कपड़े भी ले आऊंगा।
हमें आने में थोड़ी देर भी हो सकती है। तो जावेद ने खुश होकर कहा कि कोई बात नहीं मालिक में खेत में सब काम अच्छे से करवा लूंगा और मैं शबनम को भी कह देता हूं कि आप जैसा कहेंगे वैसा ही करें और आपकी बात मानें।
तो जावेद स्कार्पियो में बैठा और फिर वापस मेरे पास आया और कहा कि मालिक मेंने शबनम को अच्छी तरह से समझा दिया है आपकी हर बात मानें तो मैंने कहा कि ठीक है जावेद और फिर मुझे सेठजी ने बुलाया और कहा कि राजेश भाई आपकी गाड़ी जाने के लिए तैयार है आप अपने आदमी को गाड़ी के साथ साथ भेज दिजिए।
तो मैंने जावेद को भेज दिया और फिर कुछ देर मेने सेठजी के साथ बातचीत की और फिर मैं अपनी गाड़ी की और आ गया और जैसे ही गाड़ी में बैठा तो मैंने शबनम से कहा कि आज मुझे तुम्हारे साथ चुदाई करनी है। तो शबनम ने मुझे रोकते हुए कहा कि मेंने कहा ना कि जब में बाल साफ़ कर लूंगी तब तुम्हारे साथ चुदाई करुंगी।
तो मैंने कहा कि उसके बारे में मैंने सोच लिया है। तो शबनम ने कहा कि लेकिन तो मैंने कहा कि जावेद ने कहा है ना मेरी बात मानने को। तो शबनम चुप हो गई फिर मैंने शबनम से कहा कि तुम मुझे बताओ कि किराने के सामान में क्या क्या चाहिए। में उसकी लिस्ट बना लेता हूं और फिर उसने जो भी सामान कहा मेंने उसकी लिस्ट बना ली और शबनम से कहा कि मैं तुम्हें एक पार्लर में छोड दुंगा और फिर किराने का सामान लेकर आऊंगा। फिर हम कपड़े लेने चलेंगे।
तो शबनम ने हां में हां मिला दी और फिर मैंने एक पार्लर के सामने गाड़ी रोकी और शबनम को कहा कि चलो और फिर मैं और शबनम पार्लर में आ गए तो मैंने उस पार्लर वाली कों कहा कि इन्हें अच्छी तरह से मेकअप और इनकी फुल बॉडी व्हक्सिंग करवानी है, तो उन्होंने कहा कि आप काउंट पर ३००० जमा कर दिजीए और आप आधे घंटे के बाद आ जाईए।
फिर मैं शबनम को छोड़कर किराने का सामान लेने चला गया और आधे घंटे बाद शबनम को लेने आ गया जब मेंने शबनम को देखा तो देखता ही रह गया मेकअप की वजह से और भी खूबसूरत लग रही थी।
मैं बस उसे ही देख रहा था तभी शबनम ने कहा कि चलो हमें जल्दी घर जाना चाहिए रुकसाना और कालों अकेली है। तो मैंने कहा ठीक है चलते हैं। लेकिन तुम लोगों के लिए कपड़े ले लेते हैं। तो फिर हम कपड़ों कि दुकान पे गये और शबनम ने अपने और उसकी बेटीओं के लिए सलवार सूट लिए और मैंने जावेद के लिए भी दो जोड़ी कपड़े लिए और हम वापस जाने के लिए निकले थे तो मैंने शबनम से कहा कि गाड़ी में आगे बैठो तो वो बैठ गई।
मैंने शबनम से कहा कि अब तो तुम्हारी चुत एकदम चिकनी हो गई होगी तो रास्ते में कहीं सुनसान जगह देख कर चुदाई कर लेते हैं। तो शबनम कहा कि राज तुम ने मेरे लिए बहुत कुछ किया है लेकिन रास्ते में नहीं मेरी बेटीयां वहां अकेली होगी और तुम्हारा खेत पहाड़ के नजदीक है तो वो घबरायेगी। तुम एक काम करो आज रात यहीं रुक जाओ। में वादा करतीं हुं कि रात भर तुम जैसे चाहो वैसे चुदाई करना।
तो मैंने सोचा कि ठीक है पहले इसे चोदता हूं बाद में इसकी बेटीयों को और मैंने गाड़ी में चुपके से शराब की बोतल भी रख ली थी। जैसे ही खेत पहुंचे की सौलार पैनल बिठा दिये थे। और लाईट का काम भी खत्म हो गया था मचान का काम चालू था।
तो मैंने शबनम को किराने का सामान दिया और कहा कि तुम खाना बना लो और बाद में नये कपड़े पहन लेना। तो उसने कहा कि ठीक है मैंने शबनम से कहा कि मैं जावेद की तरफ जाकर आता हूं। और फिर मैंने शराब कि बोतल निकाली और जैब में रख कर जावेद की तरफ चल दिया।
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जैसे में वहां पहुंचा तो मैंने देखा कि जावेद निचे बैठ कर शराब पी रहा था और मचान भी बनकर तैयार हो गई थी, तो जावेद ने मुझे देखा और कहा कि मालिक आ गये आप। मैंने कहा जावेद तुम ने शराब कहा से ली। तो उसने बताया कि वो आते वक्त ली थी, तो मैंने उसे मेरे पास की भी बोतल देते हुए कहा कि लो ये भी लेलो।
तो वो खुश हो गया और उसने ३ बोतलें देशी शराब पी और पीने के बाद मचान पर सो गया अब वह कल दोपहर को ही होश में आएगा। तो मैंने मेरे घर पर फोन कर कह दिया कि मेरे दोस्त का जन्मदिन है, तो मैं वहां जाऊंगा और रात को उसके पास ही रूक जाऊंगा। क्योंकि मैं कहता कि मैं यहां इस खेत में रुकुंगा तो वो मुझे मना कर देते।
अभी शाम के पांच ही बज रहे थे मैं मचान पर बैठा हुआ था कि शबनम की छोटी बेटी कालों यहां आ गई और अब्बू अब्बू करने लगीं तो मैंने कहा कि तेरे अब्बू तो कल दोपहर में ही उठेंगे। तो उसने कहा कि अब्बू ने शराब पी ली क्या? तो मैंने कहा कि हां। तो कालों ने कहा कि आपको अम्मी ने बुलाया है, खाना खाने के लिए।
तो मैंने कालों से कहा कि ठीक है चल चलते हैं तो आगे कालों चलने लगी और उसके पिछे में चलते हुए उसके चुतड हिल रहै थे। जिसे देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया था मन तो कर रहा था कि अभी इसे यहीं पखड कर चोद दूं। लेकिन मैंने सोचा कि पहले इसकी मां चोदता हुं और बाद में इसे और इसकी बहन को चोदुंगा।
फिर हम मकान के पास आ गये हल्का हल्का अंधेरा हो रहा था मकान में लाईट आ गई थी तो यहां खेत में और भी अच्छा लग रहा था। तभी शबनम मेरे पास आई और बोली कि जावेद कहा है? तो मैंने कहा कि वो वहीं पीकर सो गया है। अब वो कल दोपहर तक नहीं उठेगा। शबनम थोड़ी उदास हो गई तो मैंने कहा कि चिंता मत करो वो उपर मचान पर सोया हुआ है।
कालों से पुछो तो कालों ने कहा हां अम्मी मालिक सही कह रहे हैं। तो शबनम ने कहा कि ठीक है मालिक आऔ खाना खा लेते हैं और फिर हमने मिलकर खाना खाया और फिर मैं बाहर चारपाई पर बैठ कर सोच रहा था कि आज रात भर शबनम की चुदाई करूंगा।
तभी मेरे पास रुकसाना आई और बोली कि मालिक आईए कमरे में आपका बिस्तर लगा दिया और अम्मी ने आपको लें आने को कहा है। तो मैंने सोचते हुए उसके पिछे मकान के अंदर चला गया तो एक कमरे में निचे जमीन पर गद्दी बिछी हुई है और शबनम उसपर बैठीं हैं। और रुकसाना ने अम्मी से कहा कि अम्मी अगर कुछ चाहिए तो आवाज देना में अब सोने जा रही हुं और रुकसाना दुसरे कमरे में चली गई।
शबनम नीचे बैठकर जमीन कों देख रहीं थी तो मैं उसके पास गद्दी पर बैठते हुए कहा कि रुकसाना ने ऐसा क्यों कहा कि कुछ चाहिए तो आवाज देना तो शबनम ने कहा कि मैंने उसे सब बता दिया कि आज हम दोनों चुदाई करने वाले हैं तो मैंने चोंकते हुए कहा कि क्या तो शबनम ने कहा कि मैंने उसे कहा कि मालिक हमारा खयाल रख रहे हैं तो हमें भी मालिक का खयाल रखना होगा नहीं तो वो हमें काम से निकाल देंगे और फिर हम लोगो को उस टुटे हुए मिट्टी के घर में रहना पड़ेगा।
तों वो समझ गई है मैंने शबनम से कहा कि ठीक है लेकिन मैं आज तुम्हारी बहुत अच्छी तरह से चुदाई करूंगा तो शबनम ने कहा कि तुम आज मुझपर ३००० रुपए खर्च किए हैं, तो ठीक है तुम जैसा चाहो वैसा चोद लेना।
तो मैंने शबनम से कहा कि तुम अपने सारे कपड़े उतार दो और मैंने मेरे कपड़े उतार दिए और शबनम ने भी सलवार सूट उतार दिया।
शबनम बिल्कुल गोरी थी दुध जैसी सफेद जैसे ही मैंने शबनम को देखा तो शबनम थोड़ा सा शरमा गई और उसने ब्लैंकेट औढ लिया तो मैंने शबनम से कहा कि ऐसे शरमाने से काम नहीं चलेगा। तो शबनम ने कहा कि मैं किसी गैर मर्द से नहीं चुदी हूं। मुझे सिर्फ जावेद ने चोदा है। वो भी बस सलवार नीचे करके बस मेरी चुत में लंड घुसा देता था और ५-६ मिनट में चुत में झड जाता था और फिर सो जाता था।
तो मैंने कहा कि फिर तुमने लंड चुसना कहा से सिखा? शबनम ने कहा कि मेरी एक छोटी बहन है जो शहर में रहतीं हैं तो एक महीने पहले में उसके घर गयी थीं तो रात में मैंने उसकी और उसके शौहर की चुदाई देखी। तो तभी से मुझे चुदाई के बारे में पता चला कि चुदाई ऐसे भी होती है। और उसका शौहर उसकी गांड़ में भी लंड डाल के चोदता है।
तो मैंने शबनम से कहा कि आज मैं तुम्हारी ऐसी चुदाई करुंगा कि तुम खुश हो जाओगी तो और कहोगी कि राज तुम मेरी बहुत अच्छी तरह से चुदाई की इसके बदले में जो में तुम्हें चाहिए है वो दे दुंगी। अगर मेरे पास देने लायक कुछ होगा तो शबनम ने कहा कि ऐसा हैं तो ठीक है और मैंने शबनम को चुमना शुरु किया। और फिर उसे लिप किस करने लगा पहले तो किस करना आया ही नहीं, फिर मैंने उसे लिप किस करना सिखाया और फिर उसके बुब्स चुसने लगा। एक एक करके दबा दबा कर चूसने लगा। जिससे उसकी सिसकारियां निकलने लगी।
उउंहहहह आहहह उममम ईई करने लगी और फिर मैंने उसे कहा कि हमें नारियल का तेल चाहिए होगा। तो शबनम ने रुकसाना कों आवाज दी और कहा कि रुकसाना नारीयल के तेल की शिशी लादे। तो तब तक मैं उसे चुमते हुए उसकी नाभि को चुमने लगा और चुमते हुए उसकी टांगों के बिच में चुत को चाटने चुमने लगा।
शबनम ने मुझे और उसके शरीर को ब्लैंकेट से ढक दिया और सिर्फ शबनम का मुंह खुला हुआ था, तो रुकसाना आई और कहा कि अम्मी ये नारियल के तेल की शिशी।
जैसे ही मैंने रुकसाना की आवाज सुनी, में शबनम की चुत को और जोर से चाटने लगा जीभ से सहलाने लगा जिससे शबनम आहे भरने लगी आआहह उममम आआ अह।
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ये रुकसाना देख रहीं थीं तभी शबनम ने रुकसाना की और देखा और आहे भरते हुए कहा कि आआहहहह आईईईई अब जाओ। तों रूकसाना चलीं गईं और शबनम भी आआहहहह करते हुए झड़ गई।
फिर मैंने शबनम को मेरे खड़े लंड को चुसकर सिर्फ गिला करने को कहा और फिर मैं उसकी चुत चोद सकु। तो शबनम ने मेरे लंड को अच्छी तरह से थुक से गिला किया और फिर मैंने उसकी टांगों को फैला कर मेरे कंधों पर रख दिया और उसकी चुत के छेद को अच्छी तरह फैला कर उसमें नारियल का तेल भर दिया और मेरे लंड को उसकी चुत पर अच्छी तरह से सेट किया और उसके कंधे को पकड़ कर एक जोरदार धक्का लगाया तो मैंने लंड उसकी टाईट चुत में घुस गया। जिससे उसकी हल्की सी चीख उसकी बेटीयों को सुनाई दी होगी।
मेंने चुत में तेल भरा हुआ था तो लंड आसानी से अंदर बाहर हो रहा था और शबनम आहे भर रही थी।
आहहह ईशश आहह ईशशश ईईईई ऊऊऊऊ उममम ओओओममम
में भी शबनम को जोश के साथ चोद रहा था। करीब दस मिनट बाद जब मैं झड़ने वाला था तो मैंने शबनम की चुत से लंड निकाला और उसे घोड़ी बना दिया और पीछे से उसकी चुदाई करने लगा।
शबनम ईईईई ऊऊऊऊ उममम ईशशश आहह ममम उममम ओहहह ईईईई ईशशश आआ ईशशश आहह कर रही थी फिर मैंने पांच मिनट उसे घोड़ी बनाकर चोदा और जब मैं फिर से झड़ने वाला था तो मैंने उसे सिधा गद्दी पर लिटा दिया और मिशनरी पोजीशन में उसकी चुदाई करने लगा।
शबनम अब तक ३ बार झड़ चुकी थी शबनम ने फिर से सिसकारियां लेने लगी आई आई आआआआआहह ईशशश ईईईई ऊऊऊऊ उममम ओओओममम अअअअअ और फिर मैंने उसे ८-९ मिनट तक चोदा और फिर मैं और शबनम दोनों साथ में ही झड़ गये और मेरे मेरे वीर्य को उसकी चुत में भर दिया।
मैं उसके ऊपर वैसा ही लेट गया और लंड को उसकी चुत में ही रहने दिया ।
उसके बाद मैंने शबनम को कई बार चोदा। बाद मैं मैंने रुखसाना को भी कली से फूल बनाया उसकी कहानी आप को बाद माँ सुनाता हूँ।
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