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शबनम की गांड़ चोदी खेत के मकान में: Antarvasna

2 days ago
10 min read

तो आपने पढ़ा कि कैसे मैंने शबनम की चुदाई की और हम दोनों ऐसे ही नंगे लेटे हुए थे।

शबनम ने कहा कि राज आज मुझे बहुत मजा आया, क्यो कि आज मैं पहली बार ४ बार झड़ी हूं।

तो मैंने कहा कि जावेद तुम्हारा पानी नहीं निकाल पाया?

शबनम ने कहा कि उसका लंड तो पहले से ही खड़ा रहता था, तो वो मुझे लिटाकर सिधे चुत में लंड डाल देता था और ६-७ मिनट में ही मेरी चुत मे झड़ जाते थें। और तब मैं चुत के बाल साफ़ भी नहीं करती थी। वो तो मैंने देखा कि मेरी बहन के चुत पे एक भी बाल नहीं है, और उसका शौहर उसकी चुत को चाट रहा था और मेरी बहन को मजा आ रहा था तो मैंने भी सोचा कि में भी मेरी चुत के बाल को साफ़ करूंगी। लेकिन जावेद तो नशे में रहता है तो फिर सोचा कि किस के लिए बाल साफ़ करूंगी।

लेकिन फिर तुमने मुझे हगते हुए देखा तो और कहा कि तुम मेरी चुदाई करना चाहते हों तो मैंने सोचा कि तुमसे अपनी झांटों को साफ़ करके चुदुंगी। लेकिन समझ नहीं आ रहा था कि इन्हें कैसे साफ़ करु। तो तभी तुमने पार्लर में छोड दिया। लेकिन मैं अब पार्लर नहीं जाऊंगी जब वो बाल साफ़ करते हैं तो दर्द होता है।

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मैंने कहा कि ठीक है अब तुम मेरे मुंह पर चुत रखकर मेरे लंड को अच्छी तरह चुसो और मैं तुम्हारी चुत को चाटता हुं। जैसे ही मैरा लंड खड़ा होगा फिर तुम्हारी गांड़ में लन्ड डालुंगा।

शबनम ने कहा कि मैंने कभी गांड़ में लन्ड नहीं लिया है, तो क्या दर्द होगा?

तो मैंने कहा कि जैसे पहली चुदाई मैं होंता तो पहली बार गांड़ में लन्ड लेनें पर होता है।

मैंने शबनम से कहा कि तुम बस मेरे लंड को अच्छी तरह से खड़ा करके थुक से गिला कर दो, मैं तुम्हें दर्द नहीं होने दुंगा।

तो शबनम ने मेरे लंड को अच्छी तरह थुक से गिला किया और मैंने उसकी चुत को चाट कर एक बार फिर से उसका पानी निकाल दिया।

फिर मैंने शबनम को गद्दी पर लिटा दिया और उसके गांड़ के छेद में नारीयल के तेल की शिशी का मुंह फंसा दिया और फिर शिशी कों दबाकर शबनम की गांड़ में तेल भर दिया। फिर मैंने शबनम ने कहा कि थोड़ा दर्द होगा तो सह लेना।

तो उसने हां में सिर हिलाया और फिर मैंने लंड को उसकी गांड़ के छेद पर रख कर अंदर घुसाने लगा। लेंकीन शबनम की गांड़ कुछ ज्यादा ही टाईट थी तो मेरा लन्ड उसकी गांड़ में घुस नहीं रहा था। तो मैंने थोड़ा जोर लगाया तो मेरे लंड का टोपा ही अंदर गया।

इससे शबनम को दर्द होने लगा तो शबनम ईईईई आआआ होहो आआआ ईई करने लगी तो मैंने शबनम को अच्छी तरह से कस के पकड़ा और जोर से झटका दिया तो मैं पुरा लंड उसकी टाईट गांड़ में चला गया। जिससे शबनम इतनी ज़ोर से चिल्लाई कि उसकी आवाज मकान से बाहर चली गई होगी और दुसरे कमरे में जो उसकी बेटीयां रूकसाना और कालों थी उन्हें भी सुनाई दी होगी।

लेकिन उन्हें पता था कि अंदर क्या हो रहा है, तो वो सोने का नाटक कर रही है।

शबनम ने आआआआ और रोते हुए कहा कि राज तुम अपने लंड को बाहर निकाललो मुझे नहीं चुदानी गांड।

तो मैंने शबनम को कहा कि बस अब दर्द नहीं होगा और मैं उसके मम्मे चूसने लगा और दांतों से हल्के से काटने लगा।

जिससे शबनम का गांड़ का दर्द थोड़ा कम हुआ तो मैंने लंड को धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा मैंने लंड को शबनम की गांड़ में लन्ड डालने से पहले ही तेल से भर दिया था तो लंड आगे पीछे होने में आसानी हो रही थी।

लेकिन शबनम को दर्द हो रहा था तो वो आआआआ ईईईई अअअ हहह करने लगीं और फिर कुछ देर बाद शबनम को भी मज़ा आने लगा, तो वो भी सिसकारियां निकालने लगी।

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आआआ हुशश‌ ईशशश आहह ममम उममम

और मैंने उसकी गांड़ चोदते हुए उसकी चुत में ऊंगली करने लगा, जिससे शबनम को और भी मज़ा आने लगा।

करीब मैंने २४-२५ मिनट तक शबनम की गांड़ चोदी और उसके चुत का पानी निकल गया और मैं भी उसके गांड़ में झड़ गया और फिर मैं शबनम के उपर से उठकर उसकी गांड़ को देखा तो उसकी गांड़ फट गई थी, जिससे उसे जलन हो रही थी।

तो शबनम ने कहा कि राज मेरी गांड़ के छेद में बहुत जलन हो रही है, कुछ करो और रोने लगी।

तो मैंने कहा कि मेरी गाड़ी में कुछ मलम पड़ी होगी में देखता हूं, तो उसने कहा कि जल्दी से देखो तो मैंने कहा कि मुझे मेरे लंड को साफ़ करना पड़ेगा तभी मैं पेंट पहनकर बाहर जा पाऊंगा।

तो तभी शबनम ने कहा कि ऐसे ही चलें जाओ और जाते हुए रुकसाना कों कह दो कि थोड़ा सा पानी गर्म कर लें ताकि मैं गरम पानी से सिकाई करुंगी तो थोड़ा आराम मिलेगा।

तो मैंने कहा रूकसाना कों कहुं वो भी ऐसे ही नंगे बिना कपड़ों के?

शबनम ने कहा कि हां उसे सब पता है कि हम दोनों चुदाई कर रहे हैं। ये बात मैंने उसे पहले ही बता दी थी। तुम अब जाओ मुझे बहुत जलन हो रही है। मैं ऐसी ही लेट जाती हुं तो मैं जिस कमरे में शबनम की बेटीयां सो रही थी उस कमरे गया, तो रुकसाना जगी हुई थी और कालों गहरी नींद में सो रही थी।

रुकसाना ने मुझे देखा और झट से आंखें निचे कर ली। लेकिन कुछ सोचकर मेरी तरफ़ देखा और मेरे लौड़े पर खुन देखकर मेरे पास आई और कहा कि क्या हुआ मालिक?

तो मैंने कहा कि कुछ नहीं हुआ सब ठीक है शबनम ने तुम्हें थोडा पानी गर्म कर ने को कहा है।

तो उसने कहा कि अभी गैस पर पानी रख देती हूं ५ मिनट में पानी गर्म हो जाएगा।

तो मैंने रुकसाना से कहा कि लोटे में थोड़ा सा पानी लेकर बाहर आओ।

तो रुकसाना लोटे में पानी भर कर लें आई और में बाहर खड़ा था तो उसने कहा कि मालिक पानी।

तो मैंने कहा हां तुम एक काम करो मेरे लंड पर धीरे धीरे से पानी डालो, तो वो शरमाने लगी और नीचे देखने लगी।

तो मैंने कहा कि चलो रुकसाना अब पानी डालो और मैं मेरे लंड को दोनों हाथों से धोने लगा।

तभी रुकसाना ने कहा कि मालिक ये ये खुन कैसा तो मैंने कहा कि तुम्हारी मां का हैं उसकी गांड़ को चोदा है जिससे उसकी गांड़ फट गई है।

तो शबनम ने कहा कि अम्मी ठीक है तो मैंने कहा कि हां वो ठीक है पहली बार दर्द होता है लेकिन बाद में बहोत मजा आता है। तो रुकसाना शरमा गई और मेरे लौड़े को ध्यान से देखने लगी।

तो मैंने कहा ऐसा क्या देख रहीं हों पहले कभी लंड नहीं देखा क्या?

तो रुकसाना ने कहा कि नहीं।

तो मैंने कहा कि चुदाई भी नहीं की होगी?

तो उसने शरमाकर कहा कि नहीं।

तो मैंने रुकसाना कों कहा कि ठीक है अगली बार तुम्हारी चुदाई करुंगा तो वो शरमा गई और मकान के अंदर चली गई, और मेंने भी गाड़ी से मलम ली और मैं भी अंदर चला गया।

दोस्तो कालों गहरी नींद में सो रही थी और जावेद शराब पी कर मचान पर था और मकान में में और शबनम नंगें थे। तो जैसे ही मैं अंदर घुस रहा था तो शबनम ने मुझसे कहा कि मालिक पानी गर्म हो गया है, तो मैंने कहा कि एक नर्म कपडा और पानी लेकर शबनम के पास आऔ तो रुकसाना कपड़ा और पानी लेने गयी।

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तब तक मैं शबनम के पास आ गया और शबनम निचे गद्दी पर लेटे-लेटे कराह रही थी आआआआ और कहा कि जलन हो रही है।

तभी रुकसाना आ गई तो रुकसाना कों देखकर शबनम ने आंखें बंद कर ली।

रूकसाना ने कहा कि मालिक पानी तो मैंने कहा हां रुकसाना तुम यहां बैठो और ये कपड़े को गर्म पानी में डुबोकर निचोड़कर मुझे दो।

तो रुकसाना ने कपड़े को मुझे दिया तो मैंने शबनम के पैर फैलाए तो शबनम ने ईशशश आआआ यय किया। तो रुकसाना ने शबनम का हाथ पकडा और कहा कि अम्मी दर्द हो रहा है क्या?

तो शबनम ने रुकसाना की और देखा कि कहा कि ये तो मज़े के पहले का दर्द हैं मेरी बच्ची। और मैं शबनम की चुत और गांड़ को कपड़े से पोंछ कर उसकी सिकाई करने लगा तों रुकसाना शबनम की चुत और गांड़ को अच्छी तरह से देखने लगी और कुछ देर सिकाई करने के बाद मेंने शबनम की गांड़ पर मलम लगा दी तो शबनम को आराम मिल गया।

शबनम ने रुकसाना से कहा कि तुम अब जाकर सो जाओ तो रुकसाना चली गई। तभी शबनम ने मुझे कहा कि राज आज जैसी चुदाई मेरी कभी नहीं हुई आज मैं बहुत खुश हूं।

तो मैंने शबनम के बुब्स दबाते हुए कहा कि मुझे भी तुम्हारी गांड़ चोदने में मज़ा आया।

तो शबनम ने कहा कि हां मजा तो मुझे भी आया, लेकिन बहोत दर्द हुआ।

तों मेंने कहा कि कोई बात नहीं सुबह तुम्हारे लिए दवाई ला दुंगा।

तो उसने कहा कि ठीक है।

तो मैंने कहा कि एक बात बताना कि रुकसाना ने सब देखा कि मैं तुम्हारी चुदाई कर रहा हूं और उसने मुझे और तुम्हें नंगा देखा लेकिन कुछ नहीं कहा और वो तो हमने जैसा कहा वैसा ही किया।

तो शबनम ने कहा कि मैंने बाजार से आते ही कालों को काम करने के लिए बोला और रुकसाना कों बाजु में लें जाकर कहा, कि मालिक मुझे चोदना चाहते हैं और अगर मैंने उनके साथ चुदाई नहीं की तों वो हमें यहां से निकाल देंगे और फिर हमें रहने के लिए घर ढुंढना पड़ेगा।

तो आज़ रात तुम कालों को जल्दी सुला लेना।

तो रुकसाना ने कहा कि ठीक है अम्मी आप को जैसा ठीक लगता है, तो मैंने शबनम से कहा कि इसलिए वो हमारी बात मान रही थी।

तो शबनम ने कहा कि हां।

तभी मैंने शबनम से कहा कि देखो बातें करते करते मेरा लन्ड फिर से खड़ा हो गया है, तो शबनम ने कहा कि नहीं मैं अब बहोत थक गई हूं, तो मैंने शबनम के बुब्स चुसने लगा ओर उसके होंठों को चूसने लगा।

जिससे शबनम भी गर्म हो गई और फिर मैंने मेरे लंड पर थुक लगाया और मिशनरी पोजीशन में उसकी चुत में धीरे धीरे लंड घुसाने लगा और साथ ही उसके होंठों को चूसने लगा, जिससे शबनम सिसकारियां निकालने लगी हुमम मुंचचच साहस हुमम और फिर उसके बुब्स चुसने लगा।

जिससे उसकी सिसकारियां और तेज हो गई आआआआ ईईईई अअअ और मैं धीरे-धीरे लन्ड को अन्दर बाहर करने लगा।

जैसे ही मैं धीरे से उसकी चुत में लंड को पुरा घुसा देता तो शबनम आआहहहह करती थी और उसकी सिसकारियां रुकसाना कों भी सुनाई दे रही थी।

मैंने शबनम को १०-१२ मिनट तक चोदा और हम दोनों साथ ही झड़ गये और फिर शबनम ने कहा कि राज आज मुझे बहुत मजा आया और मैंने शबनम की चुत में लंड वैसा ही रहने दिया और शबनम और मैं एक दुसरे की बाहों में कब सो गए पता ही नहीं चला।

फिर सुबह सुबह ५ बजे रुकसाना हमें जगा रही थी मालिक अम्मी उठों सुबह हों गई है तो मैंने मोबाइल में ५ बज रहे थे। तो रुकसाना ने शबनम को कहा कि अम्मी उठों कालों उठ जाएगी।

तो शबनम उठीं और ईशश करने लगीं और कहने लगी कि दर्द हो रहा है, मुझसे उठा नहीं जा रहा।

तो रुकसाना ने कहा कि अच्छा एक काम करो अम्मी तुम सलवार कमीज़ पहन लो फिर लेट जाना, अगर कालों ने पुछा तो कह देना मेंरी तबीयत ठीक नहीं है।

तो शबनम ने कहा कि ठीक है लेकिन मुझे बहुत दर्द हो रहा है।

तो मैंने कहा कि एक काम करो में तुम्हें थोड़ी सी मलम लगा देता हूं और फिर मैं और रुकसाना तुम्हें सलवार कमीज़ पहना देते हैं और फिर हम तुम आराम करना।

में और रुकसाना बाहर थोड़ी देर टहल लेंगे।

तो शबनम ने कहा कि ठीक है।

फिर मैंने शबनम को मलम लगा दी और मैंने और रुकसाना ने शबनम को कपड़े पहना दिए और मेने भी कपड़े पहने लिए और फिर शबनम से कहा कि मैं और रुकसाना उजाला होने तक थोड़ी देर बाहर टहल लेते हैं, तुम आराम करो और फिर मैं और फिर मैं और रुकसाना मकान के बाहर आ गए।

बाहर अभी भी अंधेरा था तो मैंने रुकसाना से कहा कि रोज सुबह जल्दी उठतीं हों?

तो उसने कहा कि नहीं मालिक, वो तो आपकी और अम्मी की वजह से जल्दी उठ गई।

कहीं कालों आप दोनों को इस हालत में देख लेती तो?

मैंने मन ही मन कहा कि उसको भी जल्दी से चोद दुंगा। फिर मैंने रूकसाना को कहा कि तुम्हें बुरा नहीं लगा मैंने तुम्हारे अम्मी के साथ?

रुकसाना ने कहा कि अरे नहीं आप हमारे मालिक हो और हम आपके नौकर नौकर को तो मालिक की हर बात माननी पड़ती है।

तो मैंने कहा कि ठीक है। फिर चलों थोड़ी दूर टहलके आते हैं।

तो उसने कहा कि ठीक है मालिक।

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तो मैं और रुकसाना मेन रोड से जो कच्चा रास्ता हमारे खेत तक आता है उससे मेन रोड की तरफ चलने लगे। मेन रोड से मेरा खेत २ किलोमीटर दूर है तो हम चल रहे, तो मैंने रुकसाना से कहा कि तों रात में हमारी चुदाई देखी होगी?

रुकसाना ने कहा कि हां मालिक जब अम्मी जोर से चिल्लाई तो में देखने आई थी। लेकिन मेंने देखा कि आप अम्मी के उपर थे और अम्मी को समझा रहे थे। तब मैं रुक गई और छुपकर देख रहीं थी।

तो मैंने कहा कि कैसा लगा तो रुकसाना शरमा गई मैंने कहा कि शर्माओं मत में तुम्हारी भी चुदाई करने वाला हुं।

तो रुकसाना ने शरमाते हुए कहा कि मालिक में नहीं करुंगी मैंने देखा कि अम्मी को कैसे दर्द हो रहा था।

पहली बार में दर्द होता है लेकिन बाद में बहुत मज़ा आता है।

तो रुकसाना शरमा गई और फिर हम चलते हुए काफी दुर आ गए।

तभी रुकसाना ने कहा कि अम्मी की चुत पर और बगल में बाल नहीं थे, तो मैंने कहा कि उसे मेंने कल ही साफ करवा दिए थे।

तो रुकसाना ने कहा कि मालिक मुझे सिखाओगे कैसे साफ करते हैं?

तो मैंने कहा कि सिखा सकता हूं, लेकिन इसके लिए मुझे देखना पड़ेगा कि बाल कितने है।

तो रुकसाना शरमा गई तो मैंने कहा कि चलो एक काम करो तुम अपनी सलवार उतार दो और मुझे देखने दो की तुम्हारी चुत पे कितने बाल है।

तो रुकसाना शरमाने लगी तो मैंने कहा कि शरमाओ मत अभी कुछ देर पहले ही तों तुमने कहा था कि तुम्हें मेरी बात माननी होगी।

रुकसाना ने कहा लेकिन यहां खुले में?

तो मैंने कहा कि यहां हम दोनों के अलावा कोई नहीं है और तुमने भी तो मुझे नंगा देखा है मेरा लन्ड देखा है, चलो अपनी सलवार कमीज़ उतार दो और मुझे देखने दो।

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तो रूकसाना ने कपड़े उतार दिए और रुकसाना भी उसकी अम्मी की तरह गोरी चिट्टी थी लेकिन उसकी चुत बालों से ढकी हुई थी।

रुकसाना ने अपने हाथ उपर कीए और बगल के बाल भी दिखाए तो मैंने मोबाइल के टार्च जलाकर देखा और फिर कहा कि पहले तुम्हारे बाल साफ़ करुंगा और फिर तुम्हें चोदूंगा।

तो रुकसाना शरमा गई और फिर मैंने कहा कि ठीक है, अब अपने कपड़े पहन लो और चलो वापस चलते हैं। तो रुकसाना ने कपड़े पहने और हम मकान की और चल दिए।

दोस्तो ये सच्ची कहानी है और बहोत लंबी है इसलिए मैं इसे एक एक पार्ट में लिखुंगा आपको पुरी कहानी अच्छी लगी तो लाइक कर देना ।


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