दोस्त अंकल ने गांड की ओपनिंग की: Gay Sex Stories
दोस्तो, मेरा नाम पारस है.
जब मैं 18 साल का था, तब मैंने अपना पहला गे सेक्स किया था.
मेरी गांड सबसे पहली बार एक गे अंकल ने मारी थी.
वे उस समय 37 साल के मैरिड पर्सन थे और मुझसे फ़ेसबुक पर मिले थे.
आइए इस गे अंकल स्टोरी में बताता हूँ कि मैंने अपनी गांड की ओपनिंग सेरेमनी में कितने मज़े किए थे.
अंकल का नाम हरफूल है.
मैंने उनसे जब गांड मरवाई थी, उसके पहले हम दोनों फ़ेसबुक पर सेक्स की बातें करते थे.
हम दोनों के बीच सेक्स चैट की शुरुआत लड़कियों को लेकर हुई थी.
जब वे कहने लगे कि तू भी तो लड़की जैसा दिखता है, तब मैंने उन्हें अपनी मन की बात बताई थी कि हां मुझे लड़कियों के जैसे बन-संवर कर रहना अच्छा लगता है.
वे बातों के उस दौर में मुझसे पूछने लगे थे कि क्या मैंने कभी ब्रा पहनी है?
तो मैंने उन्हें हां कह दिया था कि मैं मम्मी की ब्रा पहन लेता हूँ और उसमें कुछ सामान रख कर अपने दूध फुला कर देखा हूँ.
हम दोनों के बीच यही सब बातें चलने लगी थीं.
इससे एक बात बिल्कुल साफ हो गई थी कि मैं अपनी गांड मरवाने के लिए राजी हूँ.
एक दिन उन्होंने मुझसे खुद ही पहल करते हुए पूछा- क्या तुम मेरे साथ सेक्स करोगे?
पहले-पहले मैं तो नहीं माना, फिर आखिर में उन्होंने मुझे पटा ही लिया.
उनका लंड बहुत ही ज्यादा मोटा और 8 इंच लंबा था.
मैं बहुत ही पतला था.
मैंने उनसे पूछा- आप मुझे कैसे चोदोगे?
वे बोले- मुझे तेरी गांड मारनी है, क्या तुम अपनी मर्जी से मरवाओगे?
मेरा मन तो था ही तो मैंने भी हां बोल दिया.
वे बोले- किधर मरवाओगे?
मैंने कहा- मैं आपको बताता हूँ.
फिर एक दिन मेरे घर पर कोई नहीं था, मैंने उनको मैसेज किया कि मेरे घर पर कोई नहीं है!
तो वे बोले- ओके मैं आता हूँ!
बस वे 20 मिनट में आ गए.
पहले तो उन्होंने मुझे हग किया, फिर लिप किस करने लगे.
कुछ पल की झिझक के बाद मुझे उनके होंठों से अपने होंठों को चुसवाना अच्छा लगने लगा और मैं भी उनके साथ चूमाचाटी में लग गया.
कुछ देर बाद वे मेरी छाती को अपने हाथ से सहलाते हुए बोले- आज तुम मेरी वाइफ हो और मैं तुम्हारा हसबैंड हूँ!
मैंने हां कह दी.
उन्होंने कहा- तुम ब्रा और वी-शेप वाली पैंटी पहन लो और अपने मुँह पर हल्का सा मेकअप कर लो. लिपिस्टिक लाल रंग की ही लगाना.
मैंने अपने कमरे में जाकर अपने होंठों पर लाल रंग की लिपस्टिक लगा ली और माथे पर लाल रंग की ही बिंदी लगा ली.
यह सब सामान मैं अपने कमरे में रखता था क्योंकि मैं रोज रात को लड़की बन कर खुद को आईने में देखता था और महसूस करता था कि कोई एक दिन मेरे साथ सेक्स करेगा.
वही सब सोच कर मैंने अपनी आंखों में काजल भी लगा लिया था.
हाथों में लाल चूड़ियां पहन लीं और पैरों में पायजेब भी पहन ली थीं.
इसके अलावा मैंने अपने गालों पर थोड़ा पाउडर और रूज भी लगा लिया था.
इतना सब करने के बाद मैंने अपनी टी-शर्ट और लोअर के नीचे ब्रा और वी-शेप कच्छा भी पहन लिया था.
ब्रा में मैंने दो रबर की बॉल रख ली थीं, जिससे मेरे दूध एकदम से बड़े से लगने लगे थे.
जब मैं अंकल के सामने आई तो उन्होंने मुझे एक नेकलेस भी पहनाया था.
मैं बिल्कुल एक नई ब्याही दुल्हन की तरह लग रहा था.
फिर मैं अंकल का हाथ पकड़ कर उनको अपने कमरे में ले गया.
सबसे पहले उन्होंने मुझे हग किया.
हग करते-करते वे अपने दोनों हाथ मेरी गांड में फेर रहे थे.
मैं उनके लिए दूध का गिलास भी लेकर आया था.
हम दोनों ने लिप किस की.
मैंने पहली बार चुदने की तैयारी के वक्त किसी आदमी के साथ लिप किस की थी, मुझे थोड़ा-थोड़ा अजीब भी लग रहा था.
हम दोनों ने 4-5 मिनट तक लिप किस की और उसके बाद उन्होंने अपना कुर्ता-पजामा उतार दिया.
अंकल बस निक्कर-बनियान में थे और वे मुझसे भी नंगी होने के लिए कहने लगे.
मैंने भी उनको देखते-देखते अपनी टी-शर्ट और लोअर उतार दी.
अब मैं भी ब्रा और वी-शेप कच्छे में ही था.
मैंने अपने हाथों से उन्हें गिलास में रखा दूध पिलाया और थोड़ा सा दूध उन्होंने अपने हाथों से मुझे भी पिलाया था.
उसके बाद उन्होंने मुझे बेड पर उल्टा करके लिटा दिया और मेरा कच्छा उतार दिया.
वे मेरी गांड में उंगली करने की तैयारी कर रहे थे.
पहले पहल उन्होंने तेल से उंगली को साना और एकदम से अपनी उंगली मेरी गांड में डाल दी.
मुझे बहुत दर्द हो रहा था क्योंकि मेरी गांड का छेद बहुत टाइट था, मैंने कभी सेक्स किया ही नहीं था.
अब उन्होंने अपनी निक्कर-बनियान उतार दी.
मैं उनका मोटा लंबा लंड देखकर डर गया.
मैंने सोचा कि उंगली करने से इतना दर्द हो रहा था तो ये मूसल लंड लेने के बाद कितना दर्द होगा!
उन्होंने मुझे अपना लंड चूसने को बोला.
वे बेड पर चित लेट गए और मैं उनका लंड चूसने लगा था.
वे बोले- पूरा मुँह में ले!
उनका लंड मेरे मुँह में आधा ही जा रहा था.
फिर उन्होंने मेरे बाल पकड़ कर मेरे सर को अपने लौड़े की तरफ किया और एक ही बार में अपना पूरा लंड मेरे मुँह में घुसा दिया.
वे मेरा मुँह चोदने लगे.
उनका लंड मेरे गले तक जा रहा था.
मेरी आंखों में पानी आ गया और मुझे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी.
मैंने झट से उनका लंड अपने मुँह से निकाला.
वे गुस्सा हो गए, उन्होंने मुझे गाली दी और बोले- अबे रंडी, क्या कर रही हो?
उसके बाद उन्होंने मेरे बाल खींचकर पकड़े और अपना पूरा लंड मेरे मुँह में घुसाकर चोदने लगे.
वे मेरे मुँह चोदने के साथ साथ मेरे चेहरे पर खींच-खींच कर थप्पड़ भी मार रहे थे.
मेरी आंख-नाक से पानी निकलने लगा.
लगभग 15 मिनट तक मेरे मुँह को चोदने के बाद उन्होंने अपना सारा माल मेरे मुँह के अन्दर ही झाड़ दिया.
मैं उनका सारा माल पी गया.
माल पीने के बाद उनका लंड ढीला हुआ, तब मैंने चैन की सांस ली.
वे मुझे छोड़ कर अलग हुए तो मैंने अपना चेहरा शीशे में देखा.
मेरा चेहरा पूरा लाल हो गया था और मेरे होंठों पर उनके लौड़े का माल लगा था, मेरी आंखें गीली थीं और काजल के निशान गालों पर बन गए थे.
फिर अंकल ने मेरी ब्रा उतार दी और बोले कि चल सीधी लेट जा और अपनी टांगें उठा ले!
मैंने वैसा ही किया.
उन्होंने पहले तो मेरी गांड पर तेल लगाया और मेरी गांड की मालिश करने लगे.
फिर उसके बाद अंकल ने अपने लंड पर तेल लगाया और मुझे देख कर होंठ गोल करके चुम्मी देने का इशारा करने लगे.
मैं टांगें उठाकर गांड मरवाने जा रहा था.
वे अपना मोटा लंबा लंड मेरी गांड में घिसने लगे.
मेरी गांड का छेद बहुत ही टाइट था क्योंकि अभी तक किसी का लंड गांड में घुसा ही नहीं था.
उन्होंने अपना लंड का टोपा मेरी गांड पर सैट किया और मुझसे गांड ढीली करने का बोले.
मुझे उनके लंड की गर्मी इतनी अच्छी लगी कि मैंने गांड के छेद को ढीला कर दिया.
बस उसी पल अंकल ने एक ही झटके में अपना आधा लंड मेरी गांड में घुसेड़ दिया.
मैं एकदम से चिल्ला उठा और जोर-जोर से रोने लगा.
मुझे ऐसा लगा मानो अंकल ने पैनी तलवार मेरी गांड में घुसेड़ दी हो.
दर्द इतना ज्यादा हो रहा था कि मेरी आंखों से पानी बंद ही नहीं हो रहा था.
मुझे बार बार बस यही लग रहा था कि अंकल ने तलवार को गर्म करके मेरी गांड में डाल दिया है.
मैं अभी तड़फ ही रहा था कि उन्होंने दूसरे झटके में ही अपना पूरा लंड मेरी गांड में डाल दिया था.
मैं जोर-जोर से रो रहा था.
मैंने अंकल से अपने आपको दूर करने की भी कोशिश की थी लेकिन अंकल ने मुझे बहुत जोर से पकड़ रखा था.
उनका पूरा लंड मेरी गांड में घुसा हुआ था.
उन्होंने अपना हाथ मेरे मुँह पर रखा और मेरी गर्दन पर किस करने लगे और अपने हाथों से मेरे छोटे-छोटे बूब्स दबाने लगे.
कुछ पल बाद उन्होंने अपने हाथ को मेरे मुँह से उठाया और लिप किस करने लगे.
मैं जोर-जोर से सांसें ले रहा था.
कुछ देर बाद मेरी गांड का दर्द थोड़ा सा कम हुआ तो मैंने अपनी गांड थोड़ी सी ऊपर उठा ली.
अंकल ने मुझे वापस चोदना शुरू कर दिया.
पहले तो वे मुझे धीरे-धीरे चोद रहे थे लेकिन अचानक ही उन्होंने अपनी स्पीड एकदम से बढ़ा दी.
मेरी गांड में फिर से बहुत तेज दर्द होने लगा.
मैं जोर-जोर से रो रहा था और चिल्ला रहा था.
कमरे में मेरी आवाज गूँज रही थीं- आह आह आह अंकल दर्द हो रहा है आह उह्ह उम्म.
वे मेरी एक नहीं सुन रहे थे और मेरी गांड पर खींच-खींचकर थप्पड़ भी मार रहे थे.
वे गालियां भी दे रहे थे- चुप कर रंडी … बहन की लौड़ी … काश तू लड़की होती तो तेरी रोज़ लेता!
कमरे में बस थोड़ी सी रोशनी थी, कमरा पूरा अंधेरे में डूबा हुआ था.
लगभग 20 मिनट बाद उन्होंने अपना माल मेरी गांड में झाड़ दिया.
मैं दर्द से कराह भी रहा था और गांड की ओपनिंग को लेकर काफी खुश भी हो रहा था.
उस दिन अंकल ने मुझे डॉगी स्टाइल और उल्टा लंबा लिटाकर दो बार और चोदा था.
जब उन्होंने मेरी फटी और सूजी हुई गांड की फोटो दिखाई तो मैं दंग रह गया.
मेरी गांड से उनका बहुत सारा माल निकल रहा था.
उन्होंने मेरी गांड के अन्दर ही मूत भी दिया था, तो उनका मूत भी थोड़ा-थोड़ा टपक रहा था.
मेरी गांड से खू.न भी टपक रहा था और छेद बहुत ही बड़ा दिखाई दे रहा था, बिल्कुल अंकल के लंड की मोटाई जितना!
ये मेरा पहला सेक्स था गे अंकल के साथ.
उसके बाद मैंने किसी से भी सेक्स नहीं किया.
मेरी गांड का छेद भी वापस टाइट हो गया है.
अंकल तो अब देश के बाहर यानि दुबई चले गए हैं और मुझे चोदने वाला अब कोई नहीं है.
मैं चाहता हूँ कि मेरे अंकल के जैसे कोई मुझे हचक कर चोदे.
जब भी कोई मिलेगा तो वापस आपके सामने हाजिर होऊंगा.
दोस्तो, आपको मेरी Gay Sex Stories अच्छी लगी होगी.
तो मुझे ईमेल करें.

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