दोस्त की चचेरी बहन की सीलतोड चुदाई - Antarvasna
- Ojas Bhardwaj
- 3 days ago
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हैलो दोस्तो मैं ओजस अलीगढ़ से एक बार फिर हाजिर हूँ अपनी एक नई कहानी के साथ जिसमें मैंने अपने दोस्त की चचेरी बहन खुशबू को चोदा और उसकी सील तोड़ी।
हुआ कुछ यूँ की मेरे बचपन का दोस्त है अंकित जिसके चाचा हमारे पास ही अलीगढ़ में रहते हैं उनका घर हमारे घर से थोड़ी ही दूरी पर है। अंकित की वजह से मैं भी उनसे चाचा ही कहता हूँ।
एक दिन सुबह-सुबह मैं घर से ऑफिस के लिए निकला तो वरुण चाचा मुझे उनके घर के बाहर खड़े मिले और बाइक को स्टार्ट कर रहे थे जो कि हो ही नहीं रही थी।
मैंने उनको नमस्ते किया और पूछा चाचा कहाँ चल दिए सुबह इतनी जल्दी। तो वो बोले कि कुछ नहीं बेटा खुशबू ग्रैजुएशन में आ गई है अब तो उसे ही कॉलेज छोड़ने जा रहा था।
मैंने कहा तो कोई नहीं उसे मैं छोड़ दूँगा उसका कॉलेज मेरे रास्ते में ही तो पड़ता है। उन्होंने कहा हाँ ये अच्छा है फिर मैं बाइक की सर्विस करवा लूँगा तुम खुशबू को कॉलेज छोड़ देना।
उन्होंने खुशबू को मेरे साथ मेरी कार में बैठा दिया। मैं और खुशबू वहाँ से निकले तो रास्ते में बातें कर ही रहे थे। खुशबू ने बताया कि अब वह 17 साल की हो चुकी है और उसने बी.कॉम में एडमिशन लिया है। बातें करते हुए ही खुशबू बोली भईया आज तो कॉलेज जाने का बिल्कुल मन नहीं था पापा ने जबरदस्ती भेजा है। मैंने कहा तो मत जा क्या हो गया। कहीं और घूम ले।
बोली घूमना नहीं है भईया मुझे तो सोना था आज पूरे दिन तो मैंने कहा मेरा मकान खाली पड़ा है तालानगरी वाला वहाँ रुक ले वहाँ सो लेना। वो बोली हाँ ये सही है भईया प्लीज़ मुझे वहीं छोड़ दो आप मैं छुट्टी के टाइम पे चली जाऊंगी घर।
मैंने कहा ठीक है। और फिर मैं उसे अपने उस मकान पर ही ले गया। वहाँ मैंने गाड़ी पार्किंग में लगायी और फिर मैं और खुशबू अंदर मकान में घुसे और दरवाजा बंद कर लिया इतने बड़े मकान में सिर्फ मैं और खुशबू ही थे। फिर मेरे पर्सनल रूम में हम दोनों गए और वहां बैठके बातें करने लगे। मैंने खुशबू को कहा कि कुछ और पहन ले खुशबू वरना तेरी ये ड्रेस गंदी हो जायेगी। खुशबू बोली हाँ भइया लेकिन फिर पहनूंगी क्या? मेरे पास तो कोई और कपड़े नहीं हैं।
तो मैंने कहा रुक तुझे मैं कुछ देता हूँ पहनने के लिए। मैंने एक बहुत हल्की अपनी सफेद टी शर्ट उसे पहनने को दी जो कि उसके बहुत बड़ी थी बोली हाँ सही है भईया आराम ही तो करना है इसे पहन के ही सो लूँगी थोड़ी देर।
मैं उसे वो देकर कमरे से बाहर निकल गया। मैं अपने दूसरे रूम के स्टोर में पहुँचा वहाँ से उस कमरे में सब देख सकते हैं। मैं सीधा वहाँ आँख लगाई और खुशबू के नज़ारे देखने लगा।
तब तक खुशबू अपनी ड्रेस उतार चुकी थी वो वहाँ सिर्फ ब्रा पैंटी और स्पेक्टी में खड़ी थी। उसने काले रंग के पैंटी पहन रखी थी और ब्रा भी काले रंग की थी और उसी के ऊपर एक सफेद रंग की स्पेक्टी पहन रखी थी। क्या कयामती बदन लग रहा था उसका उसमें था तो छोटा सा ही फिगर पर था कमाल।
उसने मेरी दी हुई टी शर्ट उसी के ऊपर पहन ली और क्योंकि खुशबू की लंबाई सिर्फ साढ़े चार फुट है तो वो टी शर्ट उसके चूतड़ों से भी नीचे तक आई और उसको काफी ढीली भी थी। खुशबू उसे पहन के बिस्तर पर लेट गई पर उसकी आँखें खुली हुई ही थीं नींद उसे नहीं आ रही थी।
उसको ऐसे हाल में देखके दोस्तो मेरा भी लण्ड खड़े होके फुंकार मारने लगा और मैं पूरी तरह से अब उसे चोदने की सोचने लगा। मुझसे नहीं रुका गया मैं बाहर आया और मैंने खुशबू के कमरे का दरवाजा खटखटाया।
खुशबू ने दरवाजा खोला मैंने कहा अरे खुशबू मैंने तुझे नीचे पहनने को तो कुछ दिया ही नहीं कोई शॉर्ट्स या लोअर बगैरा दे दूँ। तो वो बोली कि नहीं भईया आपकी इस टी शर्ट में ही मैं पूरी ढक गयी।
तो मैंने कहा जाँघो से नीचे तो नंगी दिख रही है तू। वो बोली नहीं कोई बात नहीं। इन बातों को उससे करने में मेरी धड़कन बहुत तेज चल रही थी और उसकी धड़कन भी तेज ही उसके चेहरे पर साफ झलक रही थीं। उसकी आँखों में एक अलग ही तरह की चमक थी।
वो मुझसे मुस्कुराते हुए बोली नंगी कहाँ हूँ भईया, शायद आपने कभी नंगी लड़की नहीं देखी। मैंने उसके हाथ अपने हाथों में पकड़े और उसे अंदर ले जाकर बेड पे बैठ गया और उसे अपने पास खड़ी करके पूछा तूने देखा है कभी नंगा लड़का।
वो बोली नहीं भईया पर मेरा मन बहुत है देखने का। मैंने कहा ठीक है तू आँखें बंद कर।
उसने तुरंत आँखें बंद कीं और दूसरी तरफ मुँह कर लिया। मैंने भी फटाफट अपने सारे कपड़े उतार दिए और बिल्कुल नंगा हो गया।
फिर मैंने कहा अब पीछे घूम आज तेरी तमन्ना पूरी हो जाएगी। वो पीछे घूमी और मेरा तनातनाता हुआ 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा खड़ा लण्ड देखके बोली ओह माय गॉड इतना बड़ा।
खुशबू मुझसे बोली भईया मैं इसे हाथ में लेके देखूँ। मैंने कहा नहीं ऐसे नहीं इसे हाथ में लेने और प्यार करने के लिए पहले तुझे अपने कपड़े उतारने पड़ेंगे।
खुशबू बोली तो मैंने कब मना किया है। उसके इतना कहते ही मैंने उसकी टी शर्ट उतार दी। टी शर्ट उतारते ही उसका गोरा सेक्सी बदन मुझपे कहर ढाने लगा। मैंने फटाफट उसकी स्पेक्टी उतारी और उसकी ब्रा खोलके उसके 28 इंच के बूब्स आजाद कर दिये। खुशबू ने शर्माकर अपने बूब्स को अपने हाथों से ढक लिया और अपनी आँखें बंद कर लीं।
मेरा लण्ड भी बहुत सख्त हो गया वो चूत में घुसने को तैयार था बिल्कुल। मैं खुशबू के पीछे से उसकी गर्दन को किस करने लगा। खुशबू की साँसें तेज हो गईं और मुँह से ससससशशस करके उसकी सिसकी निकलने लगी। मेरा लण्ड उसकी पैंटी को दबाते हुए उसके दोनों चूतड़ों के बीच में घुसने लगा। मैंने तुरंत उसकी पैंटी भी उतार दी और उसके 28 इंच के छोटे-छोटे दोनों चूतड़ों के बीच लण्ड को फंसा के उसको चूमने लगा।
फिर मैंने खुशबू को अपनी गोद में उठाया और बिस्तर पर लिटा लिया। खुशबू ने अब भी अपनी आँखें नहीं खोलीं और एक हाथ से अपने बूब्स और एक हाथ से अपनी चूत को ढकने की नाकाम कोशिश कर रही थी। मैंने उसकी टांगों को ऊपर किया और उसकी चूत से उसका हाथ हटाकर उसकी चूत को हाथ से सहलाया। उसकी चूत पर छोटे-छोटे रूयें जैसे हल्के बाल थे शायद उसने कभी चूत के बाल बनाये भी नहीं थे।
खुशबू की चूत हल्का सा पानी छोड़ चुकी थी और गीली हो चुकी थी। मैंने उसकी चूत मुँह में भरी और उसे चाटना शुरू किया। मैंने उसकी चूत का सारा पानी चाट-चाट के साफ किया और अपनी जीभ अंदर तक डालकर उसकी चूत को चाटा। खुशबू अब बहुत तेज सिसकियाँ भर रही थी। आहहहहहह आह सससससशश आह करके उसकी आवाज कमरे में गूँजने लगी।
फिर मैंने खुशबू की नाभी को चाटा और पेट को चाटते हुए उसके निपल्स को चूसा। खुशबू आह आह आह करके मजे ले रही थी। मैंने उसके बूब्स बहुत मसल मसल के दबाये और चूसे।
फिर मैं थोड़ा और ऊपर उसके होठों की तरफ बढ़ा और उससे कहा खुशबू अब आँखें तो खोल तभी तो मेरे लण्ड को छू के देख पायेगी। खुशबू ने जैसे ही आँखें खोलीं मैंने उसके होठों को पीना शुरू किया और एक लंबा जीभ से जीभ लड़ा के मैंने और खुशबू ने किस किया। किस करते हुए ही मैंने खुशबू को अपने ऊपर ले लिया था। और खुशबू हाथ में लेके मेरे लण्ड को सहला रही थी। फिर मैंने कहा अब थोड़ा इस प्यार तो कर।
तो खुशबू नीचे आके मेरे लण्ड को किस करने लगी और जीभ से चाटने लगी। मैंने कहा पूरा अंदर मुँह में ले ना। तो उसने मेरा पूरा लण्ड मुँह में लेने की कोशिश की पर उसके मुँह में ढंग से नहीं घुसा तो उसने चाटके ही मुझे और मेरे लण्ड को मजा दिया और कई बार थोड़ा थोड़ा करके चूसा भी।
फिर मैंने खुशबू को उठाया और अपने ऊपर 69 में ले लिया। अब उसने मेरा लण्ड थूक में गीला करके चूसा और मैंने भी उसकी चूत में जीभ डालके उसे चाटा और उंगली भी उसकी चूत में डाली।
फिर मैंने उसे बेड पर सीधा लिटा लिया और उसके ऊपर आकर उसकी चूत पर लण्ड सहलाना शुरू किया। चूत पर लण्ड का स्पर्श पाते ही खुशबू मछली की तरह तड़पने लगी और नीचे मेरे लण्ड की तरफ सरकने लगी जिससे कि जल्दी जल्दी लण्ड उसकी चूत में चला जाए।
मैंने भी एक झटके में पूरा लण्ड उसकी चूत में घुसा दिया। खुशबू के तो मानो प्राण ही निकल गए हों। उसकी आँखों से आँसू निकल आए और वो बहुत तेज चीखी। तभी मैंने उसके होठों को फिर से अपने होठों में भर लिया और लण्ड उसकी चूत में ही फंसा रहने दिया। खुशबू के चूचे मेरे हाथों में थे और मैं उन्हें हल्के हाथ से मसल के सहला रहा था। फिर जब खुशबू सहज हो गई तो लण्ड को हल्के से बाहर निकाल के उसकी चूत में झटके लगाना शुरू किया। थोड़ी देर तो खुशबू को दर्द हुआ पर फिर उसे भी मजा आने लगा। मैंने बहुत देर तक उसे इसी पोजीशन में चोदने के बाद उससे कहा खुशबू अब मेरी घोड़ी बन जा तू।
खुशबू जब घोड़ी बनने के लिए उठी तो बेड शीट उसकी चूत के खून से लाल हो चुकी थी और उसकी सील टूटने पर खून उसकी गाँड और उसकी जाँघों पर भी लग चुका था।
मैंने एक साफ कपड़े से उसका सारा खून पोंछा और फिर उसे घोड़ी बना के उसकी चूत पेली। फिर उसे अपने ऊपर बिठा के उसकी चूत नीचे से पेली।
फिर मैंने खुशबू को सीधा लिटाया और उसके बूब्स पे लण्ड रगड़ते हुए सारा माल उसके चूचों पर ही झाड़ दिया।
उस दिन मैंने 3 बार खुशबू की चूत मारी। खुशबू की चूत उस दिन सूज गई थी और वो चल भी मुश्किल से पा रही थी।
और फिर उसके बाद भी हम कभी कभी मिलते हैं तो भरपूर चुदाई करते हैं अब तो मैं उसकी गाँड भी बजा चुका हूँ और उसकी साइज भी बहुत बढ़ा चुका हूँ।
दोस्तो ये थी मेरी और मेरी प्यारी बहन खुशबू की चुदाई की कहानी। कैसी लगी मुझे मेरी मेल आई डी bhardwajojas1@gmail.com पर लिखकर जरूर बताएं।
Antarvasna

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