दोस्त की शादी में उसकी नौकरानी को चोदा - Antarvasna Sex Stories
- Kamvasna
- 6 दिन पहले
- 3 मिनट पठन
हाय फ्रेंड्स, मैं सूरत से हूँ। ये मेरी सच्ची कहानी है यार। मैं अपने फ्रेंड की शादी में राजस्थान के उदयपुर गया था। अब आगे की बात बताता हूँ। मेरे फ्रेंड की बहन की शादी थी। आप जानते ही हैं कि शादी में कितना काम होता है। एक दिन मेरे कपड़े लेने के लिए एक लड़की आई। वो घर की नौकरानी थी।
वो बोली, “साहब, आपके सारे कपड़े दे दो।”
मैंने सारे कपड़े दे दिए। अब उसके बारे में बताता हूँ। शादी के दिन से सात दिन पहले ही मैं पहुँच गया था। उसका नाम सुधा था। उम्र करीब 26 साल होगी। उसके बूब्स बहुत बड़े-बड़े थे। जब वो चलती थी तो उसके बूब्स हिलते रहते थे। उसे देखते ही मेरा लंड खड़ा हो जाता था।
मैं हर दम सोचता था कि इसको कैसे चोदा जाए। आखिरकार आखिरी दिन मुझे मौका मिल ही गया। मैं और मेरे फ्रेंड की फैमिली काम से बाहर गए थे। मैंने अपने फ्रेंड अमित से कहा कि थक गया हूँ, मैं तेरे घर जा रहा हूँ। मैं घर पहुँचा। मैंने सुधा को आवाज़ दी। कोई जवाब न पाकर मैंने सोचा कि वो घर चली गई होगी।
मैं थका हुआ था इसलिए अपने कपड़े उतारकर नहाने के लिए बाथरूम में घुसा। बाथरूम में घुसते ही मैंने देखा कि सुधा नहा रही थी। उसके बदन पर एक धागा तक नहीं था। वो पूरी नंगी थी। उसकी पीठ मेरी तरफ थी इसलिए उसने मुझे नहीं देखा।
शायद सोचा होगा कि इस वक्त कौन आएगा, इसलिए बाथरूम का दरवाज़ा बंद नहीं किया। मैंने सोच लिया कि आज तो इसे ज़रूर चोदूँगा। मैंने चुपके से उसके सारे कपड़े उठाए और बाहर आ गया और ड्रॉइंग रूम में बैठ गया। थोड़ी देर बाद उसका चेहरा बाथरूम के दरवाज़े से झांकता दिखाई दिया।
वो बोली, “साहब, मेरे कपड़े दे दीजिए।”
मैंने कहा, “खुद आकर ले लो।”
वो अपने बूब्स को दोनों हाथों से ढककर बाहर आई। मेरे सामने एक लड़की बिना कपड़ों के खड़ी थी। ये देखकर मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया।
मैंने कहा, “तुम बहुत सुंदर हो सुधा।”
वो शर्मा गई। मेरी हिम्मत बढ़ी और मैं खड़ा हो गया। खड़े होते ही मेरा लंड और तन गया। मेरा 7 इंच का लंड देखकर उसकी आँखें फैल गईं। मैं उसके पास गया और उसके होंठों को चूमने लगा। पहले तो उसने विरोध किया लेकिन फिर वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी।
फिर मैंने होंठ छोड़े और नीचे आकर उसके बूब्स चूसने लगा। फिर मैंने उसे बहों में उठाया और बेडरूम में ले गया। बेड पर लिटाकर मैंने… उसकी चूत मक्खन की तरह चिकनी थी। मैंने उसकी बुर में अपनी दो उँगलियाँ घुसाईं और अंदर-बाहर करने लगा। वो गर्म हो रही थी।
वो बेताबी में अपने हाथों से अपने चूचियों को मसलने लगी। उसके मुँह से आह… ओह… और करो… फाड़ दो मेरी चूत… सुनकर मेरा जोश बढ़ गया। मैंने अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया। वो उसे लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी और मैंने उसकी चूत को जी भरकर चोसा। अब हम 69 पोजीशन में थे। “
फिर मैंने उससे कहा, “सुधा, अब मैं तुम्हारी बुर को फाड़ूँगा।”
वो तो पहले से तैयार थी।
उसने कहा, “हाँ साब, अब इस बुर को फाड़ दो। अब और रहा नहीं जाता।”
फिर मैंने अपना लंड उसके बुर के मुँह पर रखा और धक्का दिया। लंड थोड़ा अंदर गया कि वो चीख उठी, “आह… धीरे करो, दर्द होता है।” लेकिन मैंने उसकी बात अनसुनी कर अपना काम जारी रखा। लंड पूरा घुसते ही वो चिपककी की तरह मेरे सीने से चिपक गई। “
फिर मैंने अपना लंड तेज़ी से उसके चूत के अंदर-बाहर करने लगा। मैंने उसे कस-कस कर चोदा। वो भी गांड उछाल-उछाल कर मेरा पूरा साथ दे रही थी। बहुत देर तक चोदने के बाद मैं उसकी बुर में झड़ गया और उसके सीने में सर देकर लेट गया। थोड़ी देर बाद मैंने उसकी चूचियों के बीच अपना लंड रखा और उसकी चूचियों को चोदने लगा। थोड़ी देर में मेरा लंड फिर तैयार था।
वो डर गई, बोली, “नहीं साब, मेरी चूत मत फाड़ो, बहुत दर्द होगा। आपका लंड बहुत मोटा है।”
मैंने उसे समझाया कि पहले थोड़ा दर्द होगा लेकिन फिर बहुत मज़ा आएगा। वो तैयार हो गई। मैंने उसकी चूत पर के अंदर लंड घुसाने लगा। लंड थोड़ा अंदर गया कि वो दर्द से छटपटाने लगी और छूटने की कोशिश करने लगी। पर मैंने उसे पकड़ा और धक्के लगाता रहा। वो रोने लगी। और मेरा लंड उसकी चूत को रौंदता रहा। थोड़ी देर बाद उसे भी मज़ा आने लगा और वो आराम से चुदने लगी। काफी देर तक चोदने के बाद मैं फिर से 2 मिनट में उसकी चूत में झड़ गया।
फिर मैंने पूछा, “क्यों सुधा, मज़ा आया?”
वो बोली, “हाँ साब, बहुत मज़ा आया। आप बहुत अच्छा चोदते हैं।”
पर शादी होने के कारण मैं उसे फिर चोद नहीं पाया। और शादी के बाद मैंने उसे ढूँढा पर नहीं मिली।
कैसी लगी मेरी Antarvasna Sex Stories ?

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