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पड़ोसी ने मम्मी को चोदकर गर्भवती किया - Indian Sex Stories

Jun 1, 2025
5 min read

दोस्तो, मेरा नाम अमन है और मेरी उम्र 19 साल है।

मैं जबल पुर का रहने वाला हूं।


आज की कहानी मेरी सगी मम्मी और मेरे पड़ोसी की चुदाई की सच्ची कहानी है।

तो यदि आपको मेरी मॅाम सेक्स कहानी पसंद आती है तो मुझे मेल करके जरूर बताएं।


मेरी मम्मी का नाम अरुणा है और उसकी उम्र 40 वर्ष की है।


वह हमारे मोहल्ले की सबसे सुंदर महिला है और मोहल्ले के सभी मर्द उसे छुप छुप कर देखते हैं।

उसका फिगर लगभग 34–28–36 है और वे इस फिगर में काफी मस्त लगती हैं।


मेरा बाप भी हमारे साथ ही रहता है।

पर मुझे ऐसा लगता है कि वो किसी काम का नहीं है क्योंकि मम्मी हमेशा उससे नाखुश रहती है और उखड़ी उखड़ी रहती है।


पर एक दिन कुछ ऐसा हुआ कि मेरी मम्मी की जिंदगी ही बदल गई।


हमारे मोहल्ले में रोशन नाम का एक व्यक्ति रहता है।

उसकी उम्र भी लगभग 48-50 के करीब होगी पर वो देखने में काफी अच्छा दिखता है।

वो काफी लंबा है और उसके लंबे बाल हैं।


उसकी मेरे पापा से उतनी बातचीत नहीं होती पर वो मेरे पापा के दोस्त का दोस्त है इसलिए उसका मेरे घर पर आना जाना लगा रहता है।


वो जब भी मेरे घर पर आता है तो वो मेरी मम्मी को अश्लील नजरों से देखता था।

जब भी मेरी मम्मी चाय देने झुकती थी उसकी नजर मेरी मम्मी की चूचियों पर ही रहती थी।


मेरी मम्मी को भी शायद पता था कि रोशन उसे चोदना चाहता है पर मेरी मम्मी उसका कोई विरोध नहीं करती थी।


मेरी मम्मी अपनी ब्रा पेंटी घर के छज्जे में ही सुखाती थी और आते जाते लोग उसकी ब्रा और पेंटी को ही देखते रहते थे।


एक बार मेरी मम्मी की ब्रा छज्जे से सड़क पर गिर गई।


उस समय मेरा बाप भी किसी काम से बाहर गया था।

तब रोशन वहां से जा रहा था.

तो उसने बोला- भाभी जी, मैं आपका सामान आपको देने आ जाता हूं।

मेरी मम्मी उसे मना न कर सकी।


मैं नीचे वाले हॉल में ही था।

उसने दरवाजा खटखटाया।

मैं दरवाजा खोलने गया तो मुझे उसके हाथ में मम्मी का गुलाबी रंग का ब्रा दिख गई।


उसने मुझसे बोला- तेरी मम्मी का कुछ सामान नीचे गिर गया है, वही वापस करने जा रहा हूं।

मैंने बोला- ठीक है।


पर मुझे समझ में आ गया था कि आज कुछ न कुछ कार्यक्रम तो होने ही वाला है मेरे घर में!


वो मेरी मम्मी के ब्रा के साथ उसके कमरे में घुस गया और उसने दरवाजा भी अंदर से बंद कर दिया।

मेरी मम्मी के कमरे के दरवाजे में एक छेद है जिससे पूरा कमरा बाहर से ही दिख जाता है।


मैं उस छेद के पर जाकर खड़ा हो गया और अंदर का सब देखने लगा और सारी बातें सुनने लगा।


रोशन- भाभी जी ये लो आपका सामान!

मम्मी- थैंक यू रोशन जी, आप कितने अच्छे हैं।


रोशन- भाभी जी आप आजकल मुझे खुश नहीं दिख रही हैं।

मम्मी- नहीं ऐसी तो कोई बात नहीं है, मैं खुश ही हूं।


मेरी मम्मी समझ गई थी कि रोशन किस तरफ जा रहा है।

उसने रोशन को कमरे का दरवाजा बंद करते हुए भी देख लिया था पर उसका कोई विरोध नहीं किया था।


रोशन- भाभी जी, आप मुझे अपना दोस्त ही समझिये। आप मुझे कुछ भी बेझिझक बता सकती हैं।


मम्मी ने थोड़ा सोचने के बाद बोला- मेरे पति मुझे खुश नहीं कर पाते हैं। मैं हमेशा तड़पती रहती हूं।

रोशन- मुझे पता ही था भाभी जी! आपका पति एकदम नामर्द है।


मम्मी- आप मुझे अरुणा बुलाइए, भाभी जी नहीं। हम दोस्त हैं न!

रोशन- ठीक है अरुणा!

मम्मी- और आप …


इतना बोलते ही रोशन ने मेरी मम्मी के होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उसे जोर जोर से चूमने लगा।

मेरी मम्मी ने भी शुरू में थोड़ा विरोध किया उसके बाद वो भी उसका साथ देने लगी थी।


करीब 5 मिनट तक एक दूसरे के होंठों को चूसने के बाद रोशन बोला– मुझे हमेशा से लग ही रहा था अरुणा कि तू मुझसे चुदना चाहती है।

मम्मी- हां रोशन जान … बस तुम जैसे मर्द के साथ करने की इच्छा थी मेरे अंदर!


रोशन- मुझे पता था अरुणा … तू आज मेरी रांड बनेगी।

मम्मी- हां रोशन, बना ले मुझे अपनी रांड। तू चोद ले मुझे जैसे तू चाहता है।


बस इतना बोलने की देर थी कि रोशन ने मेरी मम्मी की साड़ी उतारना शुरू कर दिया।

धीरे धीरे उसने मेरी मम्मी के बदन को चूमते हुए उसकी साड़ी, पेटीकोट और ब्लाउज उतार दी।


अब मेरी मम्मी सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी।


रोशन ने अपने कपड़े भी उतार दिए और सिर्फ चड्डी में मम्मी के नंगे बदन को चूमने लगा।

मेरी मम्मी बहुत ही खुश दिख रही थी और उसका हर एक स्पर्श मेरी मम्मी के मुंह से आवाज निकालने वाला था।


धीरे से उसने मेरी मम्मी के ब्रा और पैंटी उतार कर उसको पूरी नंगी कर दिया और मेरी मम्मी की चूचियों को सहलाते हुए मजे से चूसने लगा।


उधर मम्मी ‘अआह उफ्फ उम्मह’ अपने मुंह से निकाल रही थी।


जब वह मेरी मम्मी की चूत में उंगली करने लगा तो मेरी मम्मी का चेहरा देखते ही बनता था।

कितनी खुश थी वे!


इसके बाद रोशन ने अपनी चड्डी उतारी और मैंने देखा कि उसका लंड सचमुच बहुत बड़ा था।


उसने मेरी मम्मी का मुंह उसके लंड की तरफ किया और उसके मुंह में अपना लंड डालने लगा।

मेरी मम्मी मजे से लॉलीपॉप की तरह रोशन का लंड चूस रही थी।


मम्मी को यह सब करने में काफी मजा आ रहा था।


फिर मुंह में लंड देने के बाद रोशन ने असली चुदाई के लिए मम्मी को बोला- चल अरुणा, अब तेरी तड़पती चूत की प्यास बुझा देता हूं।

मम्मी- हां रोशन यार … बस इसी पल का कबसे इंतजार था मुझे!


इतना बोलकर रोशन ने एक झटके में आधा लंड मेरी मम्मी की चूत में घुसा दिया और मेरी मम्मी जोर से चीख पड़ी।

फिर रोशन ने एक झटका और दिया और पूरा लंड मेरी मम्मी की चूत में घुसा दिया।


उसने लगातार 10-12 मिनट तक बिना रुके मेरी मम्मी की चूत में अपना लंड पेला, अन्दर बाहर किया।

वह मेरी मम्मी को चोदते समय गालियां भी दे रहा था जैसे मादरचोद अरुणा … तू रांड है मेरी! आज तो मैं जी भर के तेरी चूत मरूंगा।


और फिर 10 मिनट बाद जब वह झड़ने वाला था तो उसने मम्मी से पूछा- कुतिया, पानी कहां निकालना है?

मम्मी बोली- मैं चाहती हूं कि हम दोनों का एक बच्चा हो.

क्योंकि रोशन काफी अच्छा दिखता था और वह लंबा भी था।


मम्मी ने उसे उसका पानी चूत में निकालने के लिए ही बोल दिया।


इतनी चुदाई के बाद उसने अपना सारा पानी मेरी मम्मी की चूत में निकाल दिया और उसके बाद वे दोनों पुनः एक दूसरे को चूमने लगे।


ये सब देखने के बाद रोशन जब बाहर निकलने लगा तो मैं भाग कर नीचे आ गया.


वह नीचे आया तो मैंने पूछा- हो गया मम्मी से काम?

तो रोशन ने बोला- हां बेटा, तेरी मम्मी का काम करके आया हूं।

और उसने मुझसे कहा- मैं तेरे बाप जैसा ही हूँ. तू मुझे मिले तो पापा ही बुलाया कर!


सेक्स का नजारा देखकर मेरा भी लंड खड़ा हो गया था इसलिए मैंने उसकी इस बात पर हामी भर दी.

और रोशन चला गया।


3 हफ्ते बाद मेरी मम्मी ने रोशन को फोन करके बताया कि उसके पीरियड्स नहीं आए हैं और उसका गर्भ ठहर गया है।

मेरी मम्मी और रोशन दोनों इस खबर से बहुत खुश थे।


इस बीच भी मेरी मम्मी और रोशन ने कई बार चुदाई करी और हर बार रोशन मेरी मम्मी की चूत में ही पानी निकाल देता था।


तो दोस्तो, यह थी मेरी मम्मी की चुदाई की कहानी।

आपको कहानी पसंद आई या नहीं … मुझे मेल करके जरूर बताएं।


यदि Indian Sex Stories आपको पसंद आती है तो मैं मेरी मम्मी की चुदाई के और भी किस्से आपसे साझा करूंगा।

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