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पहाड़न फौजी की बीवी को पूरे हफ़्ते चोदा - Hindi Sex Stories

फौजी की वाइफ की चूदाई भाग 2 में आपका स्वागत है।

दोस्तों, मैंने पहले आपको बताया था कि कैसे मैंने उमा भाभी की पिछली बार चूदाई की


दोस्तो इस बार फिर मै न्यू ईयर में घर गया था और पहाड़ी इलाका होने की वजह से गांव मे काफी ज्यादा ठंड थी। इस बार मै 15 दिनों के लिए घर गया था और फिर से उमा भाभी को अच्छे से चोदकर आया हुं।


दोस्तो मे सोचे कहानी पर जाता हूं दोस्तो मै इस बार जब घर गया तो पहले से ज्यादा खुश था। क्योंकि मुझे इस बार अच्छे से चूत मिलने वाली थी क्योंकि पहले से ही मैंने भाभी को काफी ज्यादा तैयार कर रखा था।


चोदने के लिए दोस्तो मे 5 जनवरी की शाम को दिल्ली से से घर गया और 6 को दिन मे घर पहुंच गया। फिर उस दिन मैं बस से थका हुआ था तो घर पहुंचकर नहा धोकर ओर खाना खाकर सो गया।


फिर शाम को ही उठा। मै उठकर शाम के समय घर पर ही रहा फिर जब रात का खाना खाकर मै अपने कमरे में गया और उमा को मैसेज करने लगा उसने काल करके पूछा अज्जू कब किस समय पहुंचे? दिख नहीं रहे थे घर में।


मैंने बोला - दिन में पहुचा। मगर थका हुआ था तो सो गया था।


फिर हमारे थोड़ी देर कॉल में ऐसे ही बात हुई फिर मैंने बोला मैसेज में बात करने है भाभी।


तो उसने बोला ठीक है फिर हम मैसेज में बाते करने लगे और थोड़ी देर मैसेज में नॉर्मल बाते करने के बाद मुझे नींद आने लगी। तो मैंने भाभी को बोला मै थका हु मै सो जाता हूं। कल आऊंगा मैं आपके वहां मिलने।


तो उसने ठीक हे बोलकर एक किस वाली स्टीकर भेजकर गुड नाइट बोली ओर मैंने भी गुड नाइट बोलकर सो गया।


दूसरे दिन सुबह भी मै लेट से उठा और जब उठकर मोबाइल ऑन किया तो उमा का मैसेज आया हुआ था: गुड मॉर्निंग हीरो।


फिर मै उठा ओर 10 बजे के करीब उसे कॉल किया तो वो बोली मै कपड़े घो रही हु। थोड़ी देर बाद फ्री हो जाऊंगी फिर आना यहां। फिर मै 11 बजे उसके वहां गया और सबसे पहले मै ताऊजी ओर ताई जी को मिला उनसे थोड़ी बात की।


फिर मैंने उनसे पूछा भाभी जी दिख नहीं रहे हैं। कही गए हैं?


तो उन्होंने बोला शायद खाना बना रही है।


फिर फिर थोड़ी देर ओर बैठने के बाद मैं किचन मे गया तो उमा भाभी दाल को तड़का लगाने की तैयारी कर रही थी मैने पहले उनको प्रणाम किया और फिर हाल चाल पूछने का नाटक करने लगा।


थोड़ी देर तक जब कीचन मे कोई नहीं आया तो मैंने उमा को पकड़ा और किस करने लगा और चूचियां दबाने लगा।


तब उमा ने बोला- अभी नहीं यार, दिन में ठीक नहीं है। रात को आ जाना।


फिर थोड़ी देर बाद में बाहर आकर ताऊ जी लोगो से बात करने लगा। तब तक खाने का समय हो गया था तो मेरे घर वाले मुझे बुलाने लगे और मैं घर चला गया और रात का इंतजार करने लगा। लेकिन उस रात हम सब खाना खा कर बाते करने लगे तो कब 10 बज गया पता ही नहीं चला।


फिर मै उस दिन भी नही गया उसके वहां। रात को जब मैं सोने गया तो उसका मेसेज आया: नहीं आ रहे हो?


मैंने बोला- सॉरी भाभी, आज नहीं आ सकता, कल आऊंगा।


फिर सो गए और दूसरे दिन का इंतजार करने लग गए। दूसरे दिन मैंने जल्दी खा कर 9 बजे ही सोने चला गया और फिर मैसेज में बात करने लगा।


उमा से ओर बोला कि जब सब सो जाएंगे तब आऊंगा।


मैंने 11.30 को उमा को मेसेज किया - मै आ रहा हूं, तू भी बाहर आना वाशरूम के बहाने।


फिर में घिरे से उठा ओर अपने कमरे से बाहर निकल गया ओए उमा भाभी की चुदाई करने चला गया।


जैसे ही मैं उसके घर के पास पहुंचा तो वो भी बाहर निकल गईं। हम दोनों उसके कमरे मे चले गए कमरे में जाते ही मैंने बोला दरवाजा लोक कर ओर लाइट ऑफ कर।


फिर जैसे ही दरवाजा बंद करके लोक किया तो मैं उसकी होठों को चूसने लगा और उसको उसके बेड़ के गिरा दिया। ठंडी ज्यादा थी तो उसने शूट ओर सलवार के अंदर गर्मकपड़े पहने हुए थे।


में भी काफी दिनों से उसके लिए तड़प रहा था, तो मैंने थोड़ा होठ चूसने के बाद उसके कपड़े उतारने लगा और उसे उसके बेड़ में लेटा दिया।


तब तक मेरा लंड भी काफी खड़ा हो गया था, तो मैं उसके ऊपर चढ़ गया और उसे बोला अपनी टांगे फैला।


जैसे ही उसने टांगे फैलाएं मैंने अपना लंड डाल दिया। जैसे लंड डाला तो काफी गर्म सा लगने लगा।


फिर धीरे धीरे हमारी चूदाई शुरू होने लगी और करीब 5 मिनट के अंदर ही उसका पानी निकल गया और वह जोर-जोर मुझे जकड़ने लगी और थोड़ी देर बाद मेरा भी निकल गया और मैंने उसकी चूत में ही पानी छोड़ दिया।


थोड़ी देर उसके ऊपर रहने के बाद मैं उससे अलग हो गया। फिर उसके साथ नंगा होकर उसके कंबल के अंदर चला गया और फिर बात करने लगे।


थोड़ी देर बाद मेरा लंड वापस खड़ा हो गया और मैं उसकी चूचियां दबाने लगा, और उसे किस करने लगा।


वो भी मेरा साथ देने लगी ओर धीरे धीरे हम नॉर्मल होने लगे। फिर वो मेरे लंड को सहलाने लगी ओर मै उसकी चूत मै ऊंगली करने लगा।


उमा सिसकियां लेने लगी। फिर मैंने बोला अब मेरा लंड मुंह मे ले लो डार्लिंग।


तो वो कंबल के अंदर ही मेरा लंड मुह में लेके चूसने लगी। मुझे काफी मजा आ रहा था और उसे भी मज़ा आ रहा था।


मैंने बोला – डार्लिंग, एक राउंड और करते हैं।


तो वो बोली - अब कंडोम लगा यार अज्जू तू। फिर मैंने कंडोम लगाया और वो फिर से लंड चूसने लगी।


थोड़ी देर बाद वो काफी ज्यादा उत्तेजित हो गई और बोलने लगी - अज्जू डाल अब मेरी चूत में।


मैंने उसे बोला घोड़ी बन जा फिर वो घोड़ी बन गई और मैंने अपना लंड उसकी चूत मे फिर से डाल दिया एक राउंड हो गया था तो इस बार काफी देर तक भी हमारा पानी नहीं निकल रहा था।


अब मैंने उसे बेड में टांगे फैलाकर लेटने के लिए बोला और वो लेट गई।


मैंने उसे आधा बेड ओर आधा बेड के बाहर लटकाकर चोदने लगा। अब इतनी सर्दी में भी काफी गर्मी लगने लग गई थी।


मैंने जोर जोर से झटके देने शुरू कर दिया। करीब 10 मिनट के बाद वो मुझे अपने पर खींचकर मेरे हॉट चूसने लगी। मै समझ गया कि इस कुत्तिया का पानी अब निकलने वाला है।


थोड़ी देर बाद वह जोर-जोर से सांस लेने लगी और इतने में उसका पानी भी निकल गया। लेकिन मेरा अभी नहीं निकला था तो मैं जोर-जोर से झटका देने लगा।


८-१० झटके देने के बाद मेरा भी निकलने वाला था। अब मैने अपने दोनों हाथों से उसे कसकर पकड़ लिया और मेरा भी पानी निकल गया।


मैंने थोड़ी देर उसकी चूत के अंदर ही अपना लंड डाले रखा। जैसे ही मैंने लंड निकला तो मेरा लंड छोटा हो गया था और पानी भी पूरे कंडोम में लगा हुआ था।


मैने लंड निकलकर कंडोम अलग किया और उमा को अपने ऊपर लेटा कर उसकी होठों को चूसने लगा।


उसकी जीभ को चूसने में मुझे काफी मजा आने लगा तक तब 12.15 हो गया था और वो थक गई थी मैं भी थक गया था, लेकिन मेरा और भी एक राउंड का का मन कर रहा था।


थोड़ी देर किस करने ओर चूचियां चूसने के बाद मेरा ओर फिर खड़ा हो गया। लेकिन अब भी वो मेरे ऊपर ही लेट रही थी।


फिर मैंने उसे बोला - उमा अब मुझे आने दे अपने ऊपर।


फिर मैंने एक शॉट अच्छे से ओर लगाकर उसको खुश कर दिया और थोड़ी देर ओर एंजॉय करके 1 बजे अपने घर आ गया।


उस रात उसे मैंने 3 बार चोद लिया था। ये सिल सिला इस बार 10 दिनों तक चला।


रोज रात को मै उसके घर में जाकर चोदता था। नंगी करके, तो कभी अलग अलग तरीके से।


उसे भी अब मेरे लंड की आदत लग गई है ओर फिर रोज खुद ही कॉल करके बुलाने लग जाती थी।


वो बोलती थी - अज्जू अब तुजसे चुदे बिना एक बार तेरा लंड लिए नींद नहीं आती है। तूने तो मुझे अपनी आदत बना लिया है।


उसे सबसे ज्यादा लंड चूसना और टांगे फैलाकर चूदना अच्छा लगता है।


मैंने उसकी रिक्वेस्ट पर उसे इस बार ज्यादा कंडोम लगाकर चोदा। लेकिन वो हमेशा बोलती थी बिना कंडोम के डाल, मुझे कंडोम के साथ अच्छा नहीं लगता है।


इस बार मैंने उसकी 2 बार गांड़ भी मारी। लेकिन 10 दिन जी भरके चोदा, बाद बाद में तो मुझे उसे चोदने में अच्छा नहीं लगता था।


तो वो मेरा लंड चूसकर ही पानी निकल दिया करती थी। लेकिन इस छुट्टी मे मैंने पूरी तरह से उसे अपनी रखैल बना लिया था और अच्छे से पोर्न दिखा दिखा कर चोदा है।


जिस दिन में दिल्ली वापस आ रहा थे उसके 2 दिन पहले तो पूरी रात उसके घर में ही रहा और रंडी जैसी बनाकर 2 बार चोदा।


उस रात वो काफी ज्यादा रो भी रही थी, क्योंकि मैं दिल्ली आने वाला था।


अब दिल्ली आकर भी रोज रात में उसे नंगी करके वीडियो कॉल करता हू तो वो काफी ज्यादा उत्तेजित हो जाती है।


फिर अपनी चूत में उंगली करने लग जाती है जब तक उसकी चूत से पानी नहीं निकलने लग जाता।


अब उमा की चूत पहले जैसी नहीं हे अब मेरा लंड आसानी से पूरा अंदर चले जाता है बिना रुकावट के।


इसी वजह से उसे चोदना मुजे अब अच्छा नहीं लगता।


लेकिन मैंने आप उसे एक रखैल बना दिया है जब भी मेरा मन करता है काल ओर विडियो कॉल करके उससे मजे ले लेता हूं।


दोस्तो ये थी फौजी की बीबी की चूदाई की Hindi Sex Stories का दूसरा भाग।


दोस्तो सच कहूं तो इस बार की चूदाई मे वो मजा नहीं आया जो पहली बार में आया था।


अगर किसी दिल्ली NCR की लड़की ओर भाभियों की भी मजे लेना है तो मुझे मेल कर सकती है। ajaysinghuk468@gmail.com

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