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पापा के दोस्तो ने मेरी सील तोड़ी:२ - Antarvasna Sex Stories

कहानी के पहेले भाग में पढ़ा की कैसे रमेश ने मेरी सील तोड़ी।


मैंने फोन रमेश को दे दिया । रमेश का लंड फिर खड़ा हो गया था और मैं जाकर उसके लंड को चूसने-चाटने लगी। तब रमेश फोन पर बोले- हाँ भाई साहब, आप चिंता मत करिए, ये मेरा पूरा ख्याल रख रही है।


मैं रमेश के लंड का स्वाद लेने लगी और रमेश मेरे पापा से बातें करने लगे। कुछ देर बाद रमेश ने फोन रख दिया और मुझे उठाकर सोफे पर लिटा दिया। मैंने अपनी टांगें फैलाईं और बोली- आराम से डालना। मेरी कुंवारी चुत है पहली बार लन्ड का स्वाद लेंगी।


वे बोले- चिंता मत कर मेरी रानी … अब तो ये चूत मेरी है, मैं इसको प्यार से चोदूंगा । मैं हंसने लगी। अब रमेश लंड को मेरी चूत की फांकों पर घिसने लगे। फिर उन्होंने लंड मेरी चूत पर टिकाया और दबाने लगे। लंड का सुपारा मेरी चूत को फैलाकर अन्दर समाने लगा।


मुझे बहुत दर्द हुआ तो मैं कराह उठी। ऊऊऊऊईईईईउ। मां ,ममररररर।गंग ईईईईईईउउउउउ , अब उन्होंने पूरा-पूरा जोर लगाया और रमेश के लन्ड का पूरा सुपारा मेरी चूत में घुस गया।


मैं दर्द से कराह उठी। मैंने थोड़ा उठकर देखा तो पाया कि मेरी चूत पूरी फ़ैल गई है और उसने रमेश के लंड को कसकर जकड़ लिया है।


रमेश मेरे चूचियों को सहलाने लगे। मैं आंखें बंद करके लंड के घुसने का इन्तजार करने लगी। रमेश ने मेरे चूचियों को पकड़ा और बोले- तैयार हो मेरी रिया जान। मैंने हामी भर दी। उन्होंने पूरी ताकत से जोर का झटका मारा और पूरा लंड एक बार में मेरे अन्दर समा गया।


मैं जोर से चीखी- आईई ईईई … अह्ह्ह ह्ह्ह मर गई … ह्ह्ह! ऊऊऊऊऊईईईउईउउउ मम्मी , मममरररररर ग ईईईईईईउउउउउ, आइइइइइइमममययययय, मेरी चुत की सील टूट कर चुत फट चुकी थी और चुत से खून निकलने लगा था।


उन्होंने मेरी चूचियों को पकड़कर मेरी चूत को जोर से चोदना शुरू कर दिया। कमरे में मेरी चीखें गूंजने लगी- आह्ह … ईई … अह्ह्ह … ओह्ह्हह्ह … आआआआ ऊईई! ऊऊऊऊईईईईउ मां ऊऊऊऊईईईईउ ममममररररररर गग ईईईईईईउउउउउ, रमेश मुझे जकड़ कर चोदे जा रहा था।



मेरी दर्द भरी सिसकारियां कराहने की आवाज गूंज रही थी। काफी देर तक चोदता रहा । थोड़ी देर बाद मेरा दर्द कम होने लगा और मुझे मज़ा आने लगा।


मैं मस्ती में सिसकारने लगी- आह्ह मजा आ रहा है … और तेज तेज करो … फाड़ दो मेरी चूत को रमेश। मैं अचानक से अकड़ने लगी और झड़ गई मेरी चुत ने ढेर सारा पानी छोड़ दिया था । मैंने रमेश को अपनी बाहों में भर कर जोर से भींच लिया।


रमेश जोश में आकर तेजी से मेरी चुदाई करने लगे। कमरे में हमारे जिस्मों के टकराने की पट-पट और मेरी सिसकारियों की आवाजें गूंजने लगीं। ब्लू फिल्म देख हुए उन्होंने मुझे सोफे पर ही कई तरीकों से चोदना शुरू कर दिया। मैं चुदाई का पूरा मज़ा ले रही थी।


रमेश ने मेरे बरसों की तमन्ना को पूरा कर दिया था। मैं फिर से झड़ गई । और अपनी गांड़ को उछालने लगी थी।


करीब 25 मिनट और मुझे जमकर ताबड़तोड़ चुदाई के बाद रमेश बोले- रिया माल कहां निकालू। मैं बोली- मेरे रमेश मेरी चुत में ही अंदर निकालो मेरे राजा। मैं अंदर महसूस करना चाहती हूं । तब थोड़ी देर बाद रमेश ने मेरी चुत के अंदर ही अपने ढेर सारे गर्म गर्म वीर्य की बारिश कर दी ।


मैंने कहा- रमेश डार्लिंग आज तुमने मुझे पूरी औरत बना दिया। वो बोले- अभी नहीं रिया मादरचोद। अभी तू पूरी औरत नहीं बनी है। मैं बोली- क्यों अभी क्या बाकी है।


रमेश ने टीवी की तरफ इशारा किया तो मैंने मुड़कर देखा। देखा कि फिल्म में हिरोइन की गांड मारी जा रही है।


मैं बोली- ना बाबा ना, मेरी गांड को छोड़ दीजिये, आपका लंड काफी मोटा है, मेरी गांड फट गई तो मैं अपने पापा को क्या कहूँगी।


वो बोले- कुछ नहीं होगा, तू चिंता मत कर, आराम से गांड मारूँगा, जा तेल ले आ। मैं मना करती रही लेकिन मैं जानती थी कि वो मेरी गांड मारकर ही रहेंगे। वैसे भी इतनी मेरे जैसी हसीन लड़की की गांड मारने का मौका कोई नहीं छोड़ता।


मैं समझ गई मेरी चुत की सील तोडी है अब मेरी गान्ड की सील भी तोड़ेंगे। आज मेरी सभी सील टूटेगी। मैं ड्रेसिंग टेबल से तेल की शीशी ले आई।


उन्होंने मुझे सोफे पर ही झुका दिया और मेरी गांड के अन्दर तेल लगाने लगे। उनकी तेल से सनी उंगली गांड के अन्दर जाते ही मैं उचक कर उछल पड़ी और बाद में मुझे मजा आने लगा। थोड़ी देर में उन्होंने मेरी गांड को तेल से सराबोर कर दिया और मेरे पीछे आ गए।


उन्होंने लंड को गांड के मुहाने पर घिसना शुरू किया तो मैं सिहर कर बोली- प्लीज़ रमेश, आराम से डालना। वे अपना लंड गांड के मुहाने पर टिकाकार बोले- तू चिंता मत कर रिया मादरचोद .. कुछ नहीं होगा।


उन्होंने जोर लगाना शुरू कर दिया। मैं होंठ भींचकर लंड के घुसने का इंतजार करने लगी। रमेश ने ताकत लगाई और सुपारा मेरे छेद के अंदर समा गया।


मैं कराहती हुई बोली- बहुत दर्द हो रहा है रमेश, निकल लो बाहर प्लीज़,, वे बोले- चुपकर बहनचोद, कितने दिनों बाद तो कुंवारी गांड मिली है। उन्होंने मेरी कमर पकड़ी और एक झटके में आधा लंड मेरी गांड में घुस गया।


मैं जोर से चिल्लाई- आईईईई मम्मी उईई … मर गईई मैं तो … हाय … बचाओ। रमेश ने एक झटका और मारा और पूरा लंड मेरे अन्दर गांड़ में समा गया। मेरी आँखों के आगे अंधेरा छा गया और मुझे चक्कर आ गए।


थोड़ी देर बाद जब मैं होश में आई तो रमेश तेजी से मेरी गांड मार रहे थे। मैं चीखने लगी- उईई मर गई … आऊऊ आह्ह ओह्ह … धीरे करो अह्ह्ह्ह आऊऊ!


थोड़ी देर बाद मेरी गांड फ़ैल गई और मेरा दर्द छू-मंतर हो गया। मुझे इतना मज़ा पहले कभी नहीं आया था। मैं मस्ती में आ गई और अपनी कमर हिलाकर बोली- और तेज मारो रमेश … मजा आ गया। आज तो मैं पूरी औरत बन गई।


वो मेरे मम्मों को दबाते हुए बोले- हाँ रिया मादरचोद … अब तू पूरी औरत बन गई है। करीब 35 मिनट तक वो रमेश मुझे कुतिया बनाकर मेरी गांड रौंदते रहे। फिर अपने लन्ड से सारा वीर्य मेरी गान्ड में भर दिया। फिर उन्होंने लंड खींचा और सोफे पर बैठ गए। मैंने उनके लन्ड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी।


वे बोले- क्यों रिया … अपनी गांड के रस का स्वाद कैसा लगा?


मैं उनका लंड चाट कर बोली- मजा आ गया जानेमन। कुछ देर बाद उन्होंने मुझे अपनी गोद में बिठा लिया और मैंने उनका लंड अपनी गांड के अन्दर डाल लिया और उछलने लगी।


वो मेरे मम्मों को दबाते हुए बोले- और तेज उछल रिया मादरचोद। मैं बिल्कुल ब्लू फिल्म की हीरोइन बन कर उनके लंड पर उछलने लगी और सिसयाने लगी- आह्ह्ह … अह्ह्ह … ओह्ह्ह … अह्ह्ह मज़ा आया रहा है. ओह्ह फक मी।


रमेश मुझे गोदी में लेकर खड़े हो गए और मेरे पुट्ठों को पकड़कर मुझे तेज-तेज उछालना शुरू कर दिया। मैंने उनकी कमर पर अपनी टांगें फंसा लीं और उनका साथ देने लगी। कुछ देर बाद रमेश ने मुझे उतार दिया। मैं खड़े खड़े ही झुक गई और उन्होंने मेरी चूत में लंड पेल दिया।


रमेश पूरे जोश से मेरी चूत का बाजा बजा रहे थे और मैं चुदाई का मजा ले रही थी । वे मस्ती के मूड में आ गए और वो बारी बारी से मेरी चूत और गांड मारने लगे।


मुझे भी अपने दोनों छेदों का भुर्ता बनवाने में मजा आ रहा था। थोड़ी देर बाद रमेश ने लंड गांड में डाला और तेज तेज झटके मारने लगे। फिर दो मिनट बाद ही वो मेरी गांड के अंदर वीर्य भरने लगे। मैं अपनी गांड में उनका गर्मागर्म वीर्य महसूस कर रही थी।


मुझे पूर्ण संतुष्टि हो गई थी। रमेश ने आज मुझे वो मजा दिया जो मै फिल्म देखने पर नहीं लें पाई। थोड़ी देर सुस्ताने के बाद हम दोनों बाथरूम में गए। जहां मैंने अपनी चूचियों से रमेश का पूरा बदन रगड़कर धोया और उन्होंने भी मुझे जी भरकर नहलाया।


बाथरूम में भी हमने शावर के नीचे चुदाई का मज़ा लिया। मेरे बदन पर सब जगह गालों पर चुचियों पर जांघ पर चुसने काटने के निशान पड़े हुए थे । शाम होते होते रमेश ने मुझे 5-6 चोद कर मेरी चुत और गांड़ का हलवा बना दिया था और फिर रात में आने का वादा करके चले गए।


रात करीब 8 बजे रमेश आये और बोले- एक नई ब्लू फिल्म लाया हूँ, चल अन्दर चल। हम दोनों अंदर ड्राइंगरूम में आ गए। उन्होंने अपना मोबाइल टीवी से कनेक्ट किया और फिल्म लगा दी।


उसमें दो मर्द एक औरत को चोद रहे थे। हिरोइन अपने दोनों हाथों में लंड लेकर चूस रही थी। मुझे तो मजा ही आ गया और मुझे इच्छा होने लगी कि काश मुझे भी 2 मर्द चोदते।


रमेश ने शायद मेरा मन पढ़ लिया और बोले- क्यों रिया … 2 लंड से चुदना है । मैंने मना कर दिया- ना बाबा, ये मुझे नहीं करना।


रमेश बोले- चल रिया मादरचोद साली नौटंकी कर रही है। तेरे चेहरे पर साफ़ लिखा है कि तू भी 2 लंड का मज़ा लेना चाह रही है। वे उठे और फ़ोन करके महेश अंकल को बुलाया फिर बाहर चले गए।


कुछ देर में वो महेश को लेकर आये और बोले- आज हम दोनों रात भर तुझे चोदने वाले हैं। मैं कुछ बोलती … इससे पहले दोनों मुझ पर टूट पड़े।


दोनों ने मेरी एक-एक चूचियों को पकड़ा और चूस चूस कर दबाने लगे। पूरा-पूरा दिन चुदाने से मेरी दोनों चूचियां फूल कर कुप्पा हो गई थी और निप्पल चूसने से मोटे-मोटे तनकर तने हुए थे।


रमेश मेरे होंठों को चूसने लगे और महेश मेरी चूत सहलाने लगा । मेरा तो मन हो ही रहा था 2 मर्दों से चुदने का तो मैंने ज्यादा विरोध नहीं किया । उन्हें लगा कि मैं भी तैयार हूँ तो वो मेरे कपड़े उतारने लगे। कुछ देर बाद मैं नंगी उनके बीच में बैठी हुई थी।


वे भी कपड़े उतारकर नंगे हो गए। मेरे सामने अब 2 बड़े बड़े लंड आ गए। महेश का लन्ड भी रमेश जैसे ही था ।, टीवी पर ब्लू फिल्म चल रही थी।


मैंने भी दोनों के लंड अपने हाथों में पकड़े और बारी बारी से दोनों को चूसने चाटने लगी। महेश बोला- यार रमेश , क्या मस्त छिनाल है साली, क्या लंड चूसती है … मजा ही आ गया।


रमेश बोले- इस साली को पूरा दिन चोद कर उसकी कुंवारी चुत और गांड़ की सील तोडी है मैंने। ये फिल्म देख कर ही मजा लेती थी,, तभी ये मादरचोद हमसे चुदवा रही है।


थोड़ी देर तक लंड चुसवाने के बाद महेश बोले- यार, अब इस कुतिया को चोदने का मन है। रमेश सोफे पर बैठ गए और बोले- चल रिया मेरा लंड चूस।


मैं कुतिया बनकर रमेश का लंड चूसने चाटने लगी और महेश अपने लन्ड को मेरी चुत में डाल कर पीछे से मेरी चूत मारने लगा। मुझे मजा आने लगा क्योंकि मुझे 2 लंड का सुख मिल रहा था।


मैं बोली- आह्ह महेश अंकल… आह्ह्ह … धीरे धीरे … आह फक मी … फक मी।


रमेश बोले- क्यों साली रंडी … मजा आया ना । मैं बोली - हां मेरे रमेश जानू। मैंने हामी भर दी। महेश बोला - साली मैं अंकल और ये रमेश जानू।


मैं बोली - अच्छा आप भी मेरे महेश जानूं , सोना मोना बाबू। महेश ने करीब 25-30 मिनट तक जी भर कर मेरी चूत मारी। फिर उसने मेरी गांड मारनी शुरू कर दी।


मैं कराहने लगी , वह मेरी गांड जोर से चोदता रहा और फिर 20 मिनट के बाद मेरी गांड में ही अपना वीर्य निकाल कर झड़ गया। रमेश ने मेरे मुंह में तेज तेज लंड पेलना शुरू किया और कुछ देर बाद वह भी मेरे मुंह के अन्दर झड़ गया। मैं सारा वीर्य गटक गई।


मैं पस्त होकर जमीन पर ही गिर गई और हांफने लगी- आह्ह बस्स … अब छोड़ दो … दर्द हो रहा है। वे दोनों भी सुस्ताने लगे। कुछ देर बाद दोनों के लंड फिर से खड़े हो गए।


रमेश ने मुझे गोदी में उठाकर मेरी चूत में लंड डाल दिया और महेश ने मेरी गांड में। मैं दोनों तरफ से चुदने लगी और मजा लेने लगी। दोनों मुझे पेलने लगे और मैं मस्ती में सिसकारने लगी- आह्ह और तेज तेज चोदो … मेरी गांड और चूत को फाड़ डालो … आह्ह फक … फक मी।


उन्होंने आधे घंटे तक ब्लू फिल्म देख कर मुझे जोरदार तरीके से चोदा। और फिर मेरी चूत गांड के अन्दर ही झड़ गए। मेरी चूत से रमेश का वीर्य बाहर बह रहा था तो गांड से महेश का वीर्य निकल रहा था।


उन दोनों ने मिलकर 15 दिनों तक दिन-रात मेरी कई-कई बार चुदाई की। मेरी चूत का भोसड़ा बना दिया और गांड का फालूदा कर दिया। अब उन दोनों ने मुझे अपनी रखैल बना लिया है। जब भी मेरे पापा बाहर जाते हैं, ये दोनों आकर मेरी जबरदस्त चुदाई करते हैं।


बहुत बार दोनों होटल या गेस्टहाऊस में कमरा लेकर मुझे जमकर चोदते हैं,। जब इनकी बीवी अपने मायके जाती है तो अपने घर पर मेरी चुत और गांड़ की चोद चोद कर हालत बिगाड़ दिया करते थे । जब भी उनको मौका मिलता तो मेरी जमकर चुदाई करते हैं।


मैं दोनों से बहुत बार प्रेगनेंट भी हुई,, इन्होंने अपनी जानकार डाक्टर से सफाई करवा दी थी । अब मुझे लन्ड के बिना एक पल भी चैन नहीं पड़ता है। कुछ साल बाद मेरी शादी हो गई। लेकिन जब भी मैं मायके अपने घर आतीं तो दोनों से जमकर चुदाई करवाती थी।


दोस्तो, मुझे पति के अलावा अब 2 मर्द मिल गए हैं जो मेरी वासना को बुझाते हैं।


आपकी रिया। rs9533749@gmail.com


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