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बड़े दूध वाली रंडी चाची को खेत में चोदा - Desi Kahani

नमस्कार दोस्तो! मेरा नाम विश्वास है.

मैं दिखने में गोरा लड़का हूँ। मेरी बॉडी औसत है—ना ज़्यादा मोटा हूँ और ना ही ज़्यादा पतला।


मेरे लंड का साइज 7 इंच है और मेरी उम्र 21 साल है।

मैं गुजरात राज्य के गिर-सोमनाथ ज़िले के एक छोटे से गाँव में रहता हूँ।


यह पोर्न चाची सेक्स कहानी मेरी और मेरे पड़ोस में रहने वाली चाची की है।


चूँकि यह मेरी पहली कहानी है, तो कोई भूल हो जाए तो मुझे माफ़ कर देना।


जिस चाची की यह कहानी है, उनका नाम गीता है।

वे दिखने में ना तो ज़्यादा गोरी हैं और ना ही ज़्यादा साँवली।

वे एक घरेलू महिला हैं, जिनके पति एक दुकानदार हैं।

चाची के फिगर की बात करूँ तो उनके मम्मे और गांड बहुत ही मज़ेदार और नर्म हैं।

वे मेरे कंधे तक पहुँचती हैं और उनकी उम्र 42 साल है।


कहानी कुछ इस प्रकार है कि एक दिन मैं बाहर से घर आया और मम्मी को आते ही बोला की एक कप चाय बना के पिला दीजिये।


उन्हीं दिनों हमारा फ्रिज ख़राब रहता था तो हम लोग पड़ोस के चाचा के यहाँ दूध रख देते थे।


चाय की बात सुनकर मम्मी ने बोला, “जा पड़ोस में से दूध का बर्तन ले आ, गीता चाची को बोलना वह तुम्हें फ्रिज में से दे देगी!”


मैं जैसे ही उनके घर के पास पहुँचा तो मुझे उनके गेट पर उनकी बाइक खड़ी मिली।

मुझे लगा कि गीता चाची के पति दोपहर को खाना खाने के लिए आए होंगे।


मैंने कुछ ख़ास ध्यान नहीं दिया और दूध लेने के लिए उनके घर की ओर बढ़ गया।


जब मैं उनके आँगन में पहुँचा तो देखा कि वहाँ कोई नहीं था, लेकिन उनके भतीजे के कमरे से सिसकारियाँ सुनाई दे रही थीं।


मुझे अंदाज़ा लगाते देर ना लगी कि अंदर चुदाई का खेल चल रहा है!

उनके घर के पीछे एक जगह है जहाँ काँटों के पेड़ हैं और वहाँ कोई आता-जाता नहीं है।

मैं उस तरफ से जाकर खिड़की में से उनके भतीजे के कमरे में झाँक कर देखा तो दंग रह गया!


उस कमरे में गीता चाची अपने भतीजे के साथ नंगी होकर चुदाई करवा रही थीं।


मैंने देर ना करते हुए अपने फ़ोन से उन दोनों की चुदाई का वीडियो बना लिया और फिर से उनके आँगन में जाकर गीता चाची को आवाज़ लगाई।


आवाज़ लगाने के करीब 5 मिनट बाद गीता चाची कमरे से बाहर आईं और फिर उनसे मैं दूध लेकर चला गया।


फिर पूरे दिन मुझे बस गीता चाची का वह नंगा बदन और उनके बड़े-बड़े मम्मे ही दिखाई दिए।

नहाते वक्त उनके नाम की मुठ मारी, तब जाकर मन को शांति हुई।


रात को सोते समय भी मैंने वह वीडियो देखी और लंड सहलाते हुए सो गया।

अब मुझे बस गीता चाची को चोदने के ही विचार आ रहे थे।


मैं उनको देखकर न जाने क्यों इतना उतावला और उत्तेजित हो जाता था।

अब मेरी नज़रें बस उनके बड़े मम्मों पर जाकर ही रुकती थीं, जिसकी वजह से मेरा लंड खड़ा हो जाता था।


अब मैंने ठान लिया कि मैं किसी ना किसी तरीके से गीता चाची को चोद कर ही दम लूँगा!


अब बस मैं एक अच्छे मौके की तलाश में लग गया।


एक दिन मुझे खेतों में कुछ काम था तो मैं वहाँ से काम करके आ रहा था।

घर और हमारे खेतों के बीच में ही गीता चाची के खेत भी आते हैं, जहाँ वे दोपहर को अकेली काम कर रही थीं।


उन्होंने मुझे देखा तो आवाज़ लगाई।

आवाज़ लगाने पर मैं उनके पास गया और देखा कि वे अकेली ही थीं और आस-पास भी कोई नहीं था।


वे मुझे बुलाकर कहने लगीं, “अगर घर जा रहे हो तो ये बर्तन लेते जाओ और वहाँ पर रख देना।”

मुझे यह वक्त उनकी चुदाई के लिए बिल्कुल ठीक लगा और मैंने उनसे सीधा ही कह दिया, “चाची, मैं आपको चोदना चाहता हूँ!”


यह बात सुनकर चाची गुस्से में आ गईं और मुझे ना जाने क्या-क्या अनाप-शनाप कहने लगीं।

मैंने उनको बीच में ही टोका और उन्हें उनकी चुदाई वाली वीडियो दिखा दी जिसे देखकर वे पानी-पानी हो गईं और मिन्नतें करने लगीं, “यह वीडियो किसी को मत दिखाना, वरना मैं किसी को मुँह दिखाने के लायक नहीं रहूँगी!”

मैंने उनसे कहा, “अगर आप मुझसे चुदवा लें, तो मैं यह वीडियो फ़ोन से डिलीट कर दूँगा!”


यह सुनकर वे मुझसे कहने लगीं, “ठीक है, सिर्फ एक ही बार मैं तुमसे चुदवाऊँगी और फिर तुम्हें यह वीडियो निकाल देनी होगी!”


मैंने भी उनकी हाँ में हाँ मिलाई।


चाची के खेत में एक कमरा बना था जहाँ पर वे खेती का सामान रखते थे।

मैंने चाची को उसी कमरे में चलने को कहा तो चाची खड़ी होकर चल दीं।


मैं चाची के साथ ही चल रहा था और उनसे बोला, “चाची, आपके मम्मे आज मैं नोच लूँगा!”


इस पर चाची कुछ नहीं बोलीं और मुझे देखकर मुस्कुराने लगीं।

तभी हम उस कमरे के पास पहुँच गए।


कमरे पर ताला लगा हुआ था, जिसकी चाबी दरवाज़े के पास पड़े एक बड़े से पत्थर के नीचे थी।


चाची जैसे ही चाबी निकालने को नीचे झुकीं, मैंने उनकी गांड पर अपना हाथ रखकर साड़ी के ऊपर से ही उन्हें दबा दिया।

इस पर भी चाची कुछ नहीं बोलीं और दरवाज़ा खोल दिया।


दरवाज़ा खुलते ही पहले चाची कमरे के अंदर गईं और फिर मैं अंदर घुसा। अंदर जाते ही मैंने दरवाज़ा बंद कर दिया। कमरे के एक कोने में खेती के उपकरण पड़े थे और दूसरी ओर एक चारपाई थी। फिर अगले ही पल मैंने चाची को देखा तो वे मुझे ही देख रही थीं।


मैं चाची के पास जाकर बोला, “चाची, यह मेरी पहली चुदाई है!”


यह सुनकर चाची की आँखों में चमक आ गई और वे मुस्कुराने लगीं।

मैंने अगले ही पल चाची की कमर में हाथ डालकर उन्हें अपनी ओर खींचा और उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए।


चूँकि चाची कद में छोटी थीं, तो मुझे झुककर उन्हें किस करना पड़ रहा था।

किस करते-करते मैं अपने हाथ उनकी कमर और पीठ पर घुमाने लगा।


चाची भी अब गर्म हो रही थीं और तेज़-तेज़ साँसें भर रही थीं।

मैंने उनके मम्मों को दबाना शुरू किया, जिससे वे और भी उत्तेजित हो गईं।


मैंने उन्हें थोड़ा दूर हटाकर उनकी साड़ी का पल्लू खींच दिया और फिर से उनके मम्मे दबाने लगा।


थोड़ी देर बाद मैंने उनकी साड़ी उतार दी।

अब चाची मेरे सामने सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थीं।


मैंने फिर से चाची को किस किया और उनका हाथ लेकर अपने लंड पर रख दिया।


अब चाची भी बिना किसी शर्म के मेरे लंड को सहला रही थीं और दूसरे हाथ से मेरे सिर को पकड़कर किस कर रही थीं।


उन्होंने अपना हाथ मेरे लोअर के अंदर डाला और मेरे लंड को मुट्ठी में पकड़कर आगे-पीछे करने लगीं।

मैंने भी उनके पेटीकोट का नाड़ा खींच दिया, जिससे वह ज़मीन पर गिर पड़ा।

अब चाची मेरे सामने काली पेंटी और ब्लाउज में थीं।


मैंने उनका ब्लाउज भी उतार दिया।

अब उनके बदन पर सिर्फ एक पेंटी बची थी।


मैं झुककर उनके मम्मों को चूसने लगा।

मैं एक मम्मे को मुँह में लेता तो दूसरे को हाथ से दबाता।


चाची सिसकारियाँ लेने लगीं।


मैंने पेंटी के ऊपर से ही उनकी चूत को रगड़ना शुरू किया, जिससे उनकी चूत गीली होने लगी।


मैंने चाची से कहा, “अब मेरे कपड़े भी निकालिए!”


उन्होंने मेरी आँखों में देखते हुए मेरी टी-शर्ट और लोअर उतार दिया।

मैं उनके सामने नंगा खड़ा हो गया।


चाची मेरे लंड को सहलाने लगीं और फिर मैंने उनकी पेंटी निकालकर उन्हें चारपाई पर सुला दिया।

मैं उनके ऊपर आकर उन्हें किस करने लगा और उनकी चूत को सहलाने लगा।


मैं चाची की टाँगों के बीच आ गया और उनकी चूत की तरफ अपना मुँह ले जाने लगा।

चाची नशीली निगाहों से मुझे देख रही थीं।


मैंने उनकी चूत को सूंघा और अपनी उँगली अंदर-बाहर करने लगा।

फिर मैंने अपनी जीभ निकाली और उनकी चूत चाटने लगा।


इससे चाची पागल सी हो गईं और तेज़ सिसकारियाँ लेते हुए अपनी कमर उठा-उठाकर मेरी जीभ पर अपनी चूत रगड़ने लगीं।


थोड़ी देर बाद मैं खड़ा हुआ और अपना लंड उनके मुँह के पास ले गया।

चाची समझ गईं और ज़मीन पर घुटनों के बल बैठकर मेरा लंड चूसने लगीं।


जब मैं झड़ने वाला था तो मैंने उन्हें बता दिया लेकिन वे चूसती रहीं और मेरा पूरा माल गटक गईं!

उन्होंने लंड को जीभ से चाटकर साफ़ किया।


फिर मैंने उन्हें अपनी गोद में बैठने का इशारा किया।

वे तुरंत अपनी गांड मेरी गोद में रखकर बैठ गईं। हम फिर से एक-दूसरे को चूमने लगे।


थोड़ी देर बाद हम ’69’ की पोजीशन में आ गए— मैं उनकी चूत चाट रहा था और वे मेरा लंड चूस रही थीं।

फिर मैंने चाची को सीधा लेटाया और अपने लंड को उनकी चूत पर रगड़ने लगा।


चाची ने मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत के छेद पर रखा और बोलीं, “अब ज़ोर से धक्का लगाओ!”


जैसे ही मैंने धक्का लगाया, मेरा आधा लंड अंदर घुस गया और चाची की “आह” निकल गई!

मेरा यह पहला अनुभव था और मुझे लगा जैसे मेरा लंड किसी बहुत ही गर्म और मखमली चीज़ में चला गया हो।


मैंने 3-4 तेज़ धक्के और लगाए और मेरा पूरा 7 इंच का लंड चाची की चूत में समा गया!

अब मैं पूरी रफ़्तार से चाची को पेलने लगा।


पोर्न चाची सेक्स करने से कमरे में ‘थप-थप’ की आवाज़ गूंजने लगी।


करीब 10 मिनट बाद मैं चारपाई पर लेट गया और चाची मेरे ऊपर आकर मेरे लंड पर बैठकर कूदने लगीं।

उन्हें इस तरह कूदते देख मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।


अंत में जब मेरा वीर्य निकलने वाला था तो मैंने चाची को बताया।

उन्होंने कहा, “अंदर ही छोड़ दो!”


कुछ और ज़ोरदार धक्कों के बाद हम दोनों एक साथ झड़ गए।

मैं चाची के ऊपर ही निढाल होकर गिर पड़ा।


थोड़ी देर बाद हम उठे, अपने कपड़े पहने और एक लंबा किस किया।

चाची ने मुझसे कहा, “अब तुम जब चाहो मुझे चोद सकते हो, पर किसी को इस बात की कानो-कान खबर नहीं होनी चाहिए!”


मैंने उन्हें गले लगाया और फिर घर वापस आ गया।


अगली Desi Kahani में मैं आपको बताऊँगा कि कैसे गीता चाची की मदद से मैंने अपनी सगी रेखा चाची की चुदाई की!

अपने सुझाव मुझे मेल करें।

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