बीवी और साली की गांड चाटी बारिश की रात में : Antarvasana Sex Story
- Kamvasna
- 2 hours ago
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Antarvasana की ये ऐसी सच्ची दास्तान है जो मैंने कभी सोचा नहीं था कि दुनिया के सामने लाऊंगा। ये कोई बनावटी Sex Story नहीं, बल्कि मेरी ज़िंदगी की वो सच्चाई है जिसे मैं ताउम्र अपने सीने में छुपाकर रखना चाहता था, लेकिन अब वक्त आ गया है कि इस राज़ को बयां किया जाए। ये कहानी है मेरी साली प्रियंका और मेरी पत्नी नेहा की, और उस काली अंधेरी बारिश की रात की जब इंसान के सारे बंधन पानी में बह गए थे। मैं रोहित हूं, उम्र 32 साल, और दिल्ली के पास नोएडा में एक मल्टीनेशनल कंपनी में सीनियर मैनेजर हूं। मेरी शादी नेहा से हुए पांच साल हो गए थे, और हमारी ज़िंदगी बिल्कुल आम पति-पत्नी की तरह चल रही थी। नेहा बहुत खूबसूरत थी, गोरा रंग, मझोला कद, और एक ऐसा फिगर जिसे देखकर सड़क पर चलते लोग मुड़कर देख लें। उसकी छोटी बहन प्रियंका, जो मेरी साली लगती थी, हाल ही में एमबीए करके हमारे साथ ही रहने आई थी क्योंकि उसकी जॉब नोएडा में ही लगी थी। प्रियंका उम्र में 25 की थी, नेहा से बिल्कुल अलग, सांवला रंग, लंबा कद, और एक ऐसी चुस्त काया कि लगता था जैसे किसी ने तराश कर बनाया हो। दोनों बहनें आपस में बहुत घुली-मिली थीं, और मैं अक्सर सोचता था कि काश ये दोनों मेरी एक साथ होतीं, लेकिन ये ख्याल सिर्फ हवस की उपज था जिसे मैं कभी ज़ुबान पर नहीं लाया।
वो दिन जुलाई का तेईस तारीख था। आसमान पर सुबह से ही घने बादल छाए हुए थे और मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी कर दी थी। ऑफिस से सबको जल्दी घर भेज दिया गया। मैं जब घर पहुंचा तो नेहा और प्रियंका दोनों किचन में कुछ पका रही थीं। बाहर बिजली कड़क रही थी और हवा इतनी तेज़ थी कि खिड़कियों के शीशे खड़खड़ा रहे थे। शाम होते-होते बारिश शुरू हो गई, इतनी ज़ोरदार कि सड़कों पर पानी भर गया और बिजली चली गई। हम तीनों हॉल में बैठे थे, मोमबत्तियों की रोशनी में। नेहा ने कहा, |रोहित, ये मौसम तो बहुत रोमांटिक है। शराब पियोगे?| मैंने हां कह दी। प्रियंका भी शराब पीने को तैयार हो गई। हमने व्हिस्की की बोतल निकाली और बर्फ डालकर पीने लगे। बातें शुरू हुईं तो कॉलेज के दिनों से लेकर शादीशुदा ज़िंदगी तक पहुंच गईं। शराब का असर बढ़ने लगा था। नेहा ने मेरे कंधे पर सिर रख दिया और प्रियंका हमें देखकर मुस्कुरा रही थी। माहौल इतना अपनापन भरा था कि दिल की सारी दीवारें ढहने लगीं।
नेहा ने अचानक प्रियंका से पूछा, |प्रियंका, सच बता, तुझे कभी कोई अच्छा लड़का नहीं मिला क्या? तू तो बहुत हॉट है, तेरे पीछे तो लड़के पागल होंगे।| प्रियंका ने शर्माते हुए कहा, |दीदी, लड़के तो बहुत मिले, लेकिन असली मर्द कोई नहीं मिला। सब बस दिखावे के लिए होते हैं। असल में औरत को क्या चाहिए, ये किसी को पता नहीं।| ये सुनकर नेहा ज़ोर से हंसी और बोली, |तुझे पता है, मुझे भी शादी से पहले लगता था कि मर्द बस अपनी मर्ज़ी चलाते हैं। लेकिन रोहित ने तो मेरी सारी सोच बदल दी। इसने मुझे कभी निराश नहीं किया, चाहे बिस्तर हो या ज़िंदगी।| मैं थोड़ा शर्मा गया। प्रियंका ने मेरी तरफ देखा, उसकी आंखों में अब शरारत और शराब का मिला-जुला असर था। उसने कहा, |जीजू, दीदी तो आपकी बहुत तारीफ करती है। लेकिन सच बताइए, आपको कभी किसी और औरत का ख्याल आता है?| मेरे मुंह से निकला, |कभी-कभी तो आता है, लेकिन अब तुम्हारे सामने हूं तो किसी और का क्या ख्याल आएगा।| ये सुनते ही नेहा और प्रियंका दोनों हंस पड़ीं। नेहा ने कहा, |वाह, तुम तो मेरे सामने ही मेरी बहन पर लाइन मार रहे हो।| मैंने कहा, |नहीं नहीं, ऐसी कोई बात नहीं। लेकिन तुम दोनों इतनी खूबसूरत हो कि आदमी कंफ्यूज़ हो जाए।|
बारिश और तेज़ हो गई थी। हवा के झोंकों से खिड़की का एक पल्ला खुल गया और पानी की फुहारें अंदर आने लगीं। मैं उठकर खिड़की बंद करने लगा। तभी प्रियंका भी मदद करने आई। जैसे ही हम दोनों ने साथ में खिड़की को पकड़ा, हमारे हाथ आपस में छू गए। बारिश का ठंडा पानी हमारे चेहरों पर पड़ रहा था और बिजली की रोशनी में प्रियंका का चेहरा किसी हूर से कम नहीं लग रहा था। उसकी सफेद कुर्ती पानी से भीगकर पारदर्शी हो गई थी और उसकी ब्रा का काला रंग साफ झलक रहा था। मेरी सांसें तेज़ हो गईं। मैंने खिड़की बंद की और पलटकर देखा तो नेहा हमें घूर रही थी, लेकिन उसकी आंखों में गुस्सा नहीं, एक अजीब सी चमक थी। उसने कहा, |लगता है आज रात कुछ खास होने वाला है। प्रियंका, तू हमेशा कहती थी न कि तुझे एक ऐसा मर्द चाहिए जो तेरी हर इच्छा को समझे। तो आज तेरी ये इच्छा पूरी हो सकती है।| प्रियंका ने चौंककर नेहा की तरफ देखा। मैं भी हैरान रह गया। नेहा ने आगे कहा, |रोहित, तुम हमेशा से प्रियंका को पसंद करते थे न? आज मैं तुम्हें इजाज़त देती हूं। लेकिन शर्त ये है कि जो करना है, मेरे सामने करना है। और सिर्फ देखना नहीं, मैं भी इसमें शामिल रहूंगी।| ये सुनते ही मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि ये सपना है या हकीकत। मैंने नेहा की तरफ देखा, उसने मुस्कुराकर आंख मारी।
नेहा उठी और प्रियंका के पास आकर बैठ गई। उसने प्रियंका के गीले बालों को सहलाते हुए कहा, |प्रियंका, तू मेरी बहन है और मैं तुझसे बहुत प्यार करती हूं। मैं नहीं चाहती कि तू किसी गलत आदमी के हाथ लगे। रोहित एक अच्छा लवर है और मुझे पता है कि वो तुझे कोई तकलीफ नहीं देगा। तो अगर तू राज़ी हो तो आज रात हम तीनों एक दूसरे के हो जाते हैं।| प्रियंका पहले तो झिझकी, लेकिन शराब का नशा और बारिश का माहौल उसकी झिझक पर भारी पड़ गया। उसने धीरे से सिर हिला दिया। नेहा ने मेरी तरफ इशारा किया। मैं धीरे-धीरे प्रियंका के पास गया और उसके पास बैठ गया। मैंने उसका चेहरा अपने हाथों में लिया और उसकी आंखों में देखा। वो थोड़ी डरी हुई थी, लेकिन उसकी सांसों की तेज़ी बता रही थी कि वो भी उतनी ही उत्सुक थी। मैंने उसके माथे पर एक हल्का चुंबन लिया। उसने अपनी आंखें बंद कर लीं। मैंने धीरे-धीरे उसके गालों, नाक और फिर होठों को चूमा। पहले तो बस होंठों का स्पर्श, फिर मैंने अपनी जीभ से उसके होंठ खोलने की कोशिश की। प्रियंका का मुंह खुला और हमारी जीभें एक दूसरे को चाटने लगीं। उसके मुंह का स्वाद व्हिस्की और पान मसाले का मिला-जुला था।
नेहा ये सब देख रही थी और धीरे-धीरे उसने खुद अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए। उसने अपनी साड़ी का पल्लू सरकाया और ब्लाउज़ के हुक खोलने लगी। मैंने एक आंख नेहा पर रखी और दूसरी प्रियंका पर। प्रियंका की कुर्ती अभी भी गीली थी और उसकी छाती के उभार साफ नज़र आ रहे थे। मैंने अपना हाथ उसकी कमर पर रखा और धीरे-धीरे ऊपर की तरफ ले जाने लगा। जैसे ही मेरा हाथ उसकी छाती तक पहुंचा, प्रियंका ने एक गहरी सांस ली और मेरी जीभ को ज़ोर से चूस लिया। मैंने उसकी कुर्ती को ऊपर खींचकर उतार दिया। अब वो सिर्फ अपनी ब्लैक लेस ब्रा में थी। उसका सांवला बदन मोमबत्ती की रोशनी में चमक रहा था। उसकी छातियां नेहा से छोटी थीं, लेकिन एकदम गोल और सुडौल। मैंने उसकी ब्रा के हुक खोले और उसकी छातियां बाहर आ गईं। उसके निप्पल गहरे भूरे रंग के थे और पहले से ही कड़े हो रखे थे। मैंने झुककर एक निप्पल को अपने मुंह में ले लिया।
|आआह्ह्ह्ह… जीजू…| प्रियंका के मुंह से हल्की सिसकी निकली। मैं उसकी छाती को चूसता रहा, जबकि मेरा हाथ उसकी दूसरी छाती को मसल रहा था। तभी नेहा, जो अब सिर्फ अपनी पैंटी में थी, हमारे पास आई और उसने प्रियंका के बाल पकड़कर उसका चेहरा अपनी तरफ किया और उसके होंठों को चूमने लगी। दोनों बहनों को एक दूसरे को चूमते देख मेरा लंड मानो फटने लगा। मैंने अपनी पैंट खोली और अपने लंड को बाहर निकाल लिया। मेरा लंड पूरी तरह तन चुका था और उसकी नोक से पानी टपक रहा था। नेहा ने मेरे लंड को देखा और मुस्कुराई, फिर प्रियंका से बोली, |देख, तेरे जीजू का लौड़ा कितना खड़ा है। तेरे लिए ही तो इतना तना है। आजा, इसे छूकर देख।| प्रियंका ने हिचकिचाते हुए अपना हाथ बढ़ाया और मेरे लंड को पकड़ लिया। उसके हाथ की छुअन से मेरे पूरे बदन में करंट दौड़ गया।
नेहा ने प्रियंका का हाथ पकड़कर मेरे लंड पर आगे-पीछे करना शुरू किया। |इसे ऐसे पकड़ती हैं, और ऐसे हिलाती हैं। देख, जीजू को कितना मज़ा आ रहा है।| मैं सचमुच आसमान में था। नेहा ने झुककर मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसे चूसने लगी। वो बड़े आराम से मेरे पूरे लंड को अपने गले के नीचे तक ले जाती और फिर बाहर निकालती। प्रियंका ये सब हैरत से देख रही थी। फिर नेहा ने प्रियंका से कहा, |अब तू करके देख।| प्रियंका ने अपना मुंह खोला और मेरे लंड को अंदर ले लिया। उसका मुंह नेहा से ज़्यादा गर्म था। उसने बड़ी कोशिश से मेरे लंड को चूसना शुरू किया, लेकिन उसे तरीका नहीं आ रहा था। नेहा ने उसे गाइड किया, |दांत नहीं लगाना, होंठों से कवर करके चूस। हां, ऐसे ही। अब जीभ से सुपारे पर चाट।| प्रियंका ने वैसा ही किया जैसा नेहा ने बताया। मेरा लंड अब प्रियंका के मुंह में पूरी तरह से भरा हुआ था और वो उसे बड़े जोश से चूस रही थी। |उह्ह्ह्ह… आआअह्ह्ह्हह… प्रियंका… बहुत अच्छा चूस रही हो…| मेरे मुंह से निकला।
नेहा ने अब प्रियंका की पैंट उतार दी और उसे सोफे पर लिटा दिया। प्रियंका अब बिल्कुल नंगी थी। उसकी चुत के बाल बड़े करीने से कटे हुए थे और उसकी गांड एकदम चुस्त और उभरी हुई थी। नेहा ने प्रियंका की टांगें फैलाईं और उसकी चुत को चाटने लगी। प्रियंका ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी, |आआआह्ह्ह्ह… दीदी… उह्ह्ह्ह… बहुत अच्छा लग रहा है…| मैं ये सब देख रहा था और मेरा लंड ज़ोर-ज़ोर से फड़क रहा था। मैंने नेहा की पैंटी उतारी और पीछे से उसकी चुत में अपना लंड डाल दिया। नेहा की चुत पहले से ही पूरी तरह तर थी। मैंने ज़ोर-ज़ोर से नेहा की चुत मारनी शुरू कर दी, जबकि नेहा अपनी बहन की चुत चाट रही थी। ये नज़ारा इतना उत्तेजक था कि मैं पागल हुआ जा रहा था।
कुछ देर बाद नेहा ने मुझे रोका और बोली, |रुको, अब प्रियंका की बारी है। तुम इसकी चुत चाटो, मैं तुम्हारा लंड चूसती हूं।| हमने पोज़ीशन बदली। मैं प्रियंका की टांगों के बीच लेट गया और उसकी चुत को चाटने लगा। उसकी चुत का स्वाद बिल्कुल अलग था, थोड़ा मीठा और बहुत रसीला। मैंने उसकी चुत के होंठों को अपने मुंह में लेकर चूसा और अपनी जीभ उसकी चुत के छेद में डाल दी। प्रियंका मेरे बाल खींचते हुए चिल्लाई, |जीजू… आआह्ह्ह्ह… प्लीज़… मैं मर जाऊंगी…| इस बीच नेहा ने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया था और वो बड़ी तेज़ी से मेरा लंड चूस रही थी। मेरी गेंदें उसके हाथों में थीं और वो उन्हें मसल रही थी। ये डबल सेंसेशन मेरे लिए बहुत ज़्यादा था। मैंने प्रियंका की चुत में दो उंगलियां डाल दीं और उसे तेज़ी से चोदने लगा। उसकी चुत से रस बह निकला और मेरे मुंह और ठुड्डी पर लग गया।
तभी नेहा ने मेरी गांड के छेद पर अपनी उंगली रख दी। मैं चौंका, लेकिन नेहा ने कहा, |श… आज तो मैं और प्रियंका मिलकर तुम्हें वो देंगी जो तुमने कभी सोचा नहीं होगा।| उसने मुझे सोफे पर लिटा दिया और प्रियंका से कहा, |अब तू इनके लंड पर बैठ जा, और मैं इनका मुंह लूंगी।| प्रियंका मेरे ऊपर सवार हो गई और उसने मेरे लंड को अपनी चुत में डाल लिया। उसकी चुत बहुत टाइट थी। जैसे ही उसने अपनी कमर को नीचे किया, वो ज़ोर से चिल्लाई, |आआआआह्ह्ह्ह्ह… जीजू… आपका लंड बहुत बड़ा है…| मैंने उसकी कमर पकड़ ली और उसे ज़ोर-ज़ोर से ऊपर-नीचे करने लगा। प्रियंका की छातियां मेरे मुंह के सामने उछल रही थीं। मैंने उन्हें पकड़कर चूसना शुरू कर दिया। इधर नेहा मेरे मुंह पर बैठ गई और अपनी चुत मेरे मुंह पर रगड़ने लगी। मैं नेहा की चुत चाट रहा था और प्रियंका मेरे लंड को चोद रही थी।
काफी देर तक चुदाई चलती रही। प्रियंका थक गई तो नेहा ने उसकी जगह ली और मेरे लंड पर बैठ गई। नेहा की चुत थोड़ी ढीली थी, लेकिन वो जानती थी कि अपनी चुत की मांसपेशियों को कैसे भींचना है। उसने मेरे लंड को अंदर लिया और अपनी चुत को इतना कस लिया कि मेरी जान निकल गई। |आआअह्ह्ह्हह… नेहा… तुम कमाल हो…| वो हंसते हुए बोली, |चुप रहो, अभी तो बहुत कुछ बाकी है। प्रियंका, इधर आ, मैं तुझे बताती हूं कि इनकी गांड का छेद कैसे चाटना है।| ये सुनते ही मेरी तो सांस ही रुक गई। प्रियंका नेहा के पीछे आ गई और नेहा ने मुझे घुटनों के बल कर दिया।
अब मैं सोफे पर कुत्ते की तरह हाथ टेके हुए था, और मेरे पीछे दोनों बहनें घुटनों पर बैठी थीं। मेरी गांड उनके सामने थी। नेहा ने प्रियंका से कहा, |देख, इसकी गांड के छेद को चाटने से ये पूरी तरह से काबू में आ जाता है। तुझे पता है, एक मर्द को जब उसकी गांड के छेद पर जीभ लगती है, तो वो पागल हो जाता है।| प्रियंका ने उत्सुकता से पूछा, |दीदी, आपने कब चाटा?| नेहा हंसी, |कई बार। रोहित को ये बहुत पसंद है। अब तू देख।| और ये कहते हुए नेहा ने मेरे चूतड़ों को दोनों हाथों से फैलाया और अपनी जीभ सीधे मेरी गांड के छेद पर रख दी। मैं बिजली की तरह चौंक गया। |उह्ह्ह्ह… नेहा… आआह्ह्ह्ह…| नेहा ने मेरी गांड के छेद को गोल-गोल चाटना शुरू किया, फिर उसने अपनी जीभ की नोक को मेरे छेद के अंदर डालने की कोशिश की। मेरी गांड का छेद सिकुड़ रहा था और फैल रहा था। नेहा ने अपनी पूरी जीभ मेरी गांड में डाल दी और उसे अंदर-बाहर करने लगी। मेरी आंखों के सामने सितारे छिटक गए।
फिर नेहा ने प्रियंका से कहा, |अब तू कर।| प्रियंका ने अपना चेहरा मेरी गांड के पास लाया। मुझे उसकी सांसों की गर्माहट अपने छेद पर महसूस हुई। उसने हिचकिचाते हुए अपनी जीभ निकाली और मेरे छेद पर रख दी। उसकी जीभ नेहा से ज़्यादा नुकीली थी। उसने मेरी गांड के छेद को चाटना शुरू किया, पहले तो बस ऊपर-ऊपर से, फिर उसने हिम्मत करके अपनी जीभ मेरे छेद के अंदर डाल दी। |आआआह्ह्ह्ह्ह… प्रियंका… हां… बस वहीं…| मैं चीख रहा था। प्रियंका मेरी गांड का छेद चाट रही थी और उसकी लार मेरी गांड की दरार से बहकर मेरी गेंदों पर जा रही थी। नेहा ये सब देखकर खुश हो रही थी और उसने अपनी उंगली मेरी गांड के छेद में डाल दी। अब एक साथ प्रियंका की जीभ और नेहा की उंगली मेरी गांड में थीं। मैं पागलों की तरह हिल रहा था।
नेहा ने मेरी गांड के छेद में दो उंगलियां डाल दीं और उन्हें अंदर-बाहर करने लगी। मेरी गांड का छेद अब पूरी तरह से ढीला पड़ गया था और लार से भीगा हुआ था। नेहा बोली, |आज मैं तुम्हारी गांड मारूंगी रोहित। प्रियंका, तू इनका लंड चूस ताकि ये तैयार रहे।| प्रियंका ने मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया और नेहा ने अपनी स्ट्रैप-ऑन पहन ली जो उसने कहीं से निकाली थी। उसने मेरी गांड के छेद पर स्ट्रैप-ऑन का सुपारा लगाया और धीरे-धीरे अंदर डालने लगी। मैंने ज़िंदगी में पहली बार गांड में कुछ डलता हुआ महसूस किया। दर्द भी था और एक अजीब सी खुशी भी। नेहा ने पूरा स्ट्रैप-ऑन मेरी गांड में डाल दिया और मुझे ज़ोर-ज़ोर से चोदना शुरू कर दिया। प्रियंका मेरा लंड चूस रही थी और नेहा मेरी गांड मार रही थी। मैं तो बस चिल्ला रहा था, |आआआआआह्ह्ह्ह्ह… मैं मर गया… बहुत ज़्यादा हो रहा है…|
नेहा ने मेरी गांड को कम से कम दस मिनट तक चोदा। फिर उसने स्ट्रैप-ऑन निकाली और बोली, |अब प्रियंका की बारी। तुम प्रियंका की गांड का छेद चाटो, क्योंकि जो चीज़ तुम्हें पसंद है, वो दूसरों को भी देनी चाहिए।| मैंने तुरंत प्रियंका को घुटनों के बल लिटा दिया। उसकी गांड सचमुच बहुत खूबसूरत थी। दोनों चूतड़ एकदम गोल और चिकने। मैंने उसके चूतड़ों को फैलाया और उसकी गांड के छेद को देखा। वो एकदम छोटी सी गुलाबी कली की तरह था। मैंने अपनी जीभ उस पर रख दी। प्रियंका ज़ोर से चिल्लाई, |जीजू… वहां नहीं… गंदा है…| लेकिन मैंने उसकी एक न सुनी। मैंने उसकी गांड के छेद को पूरी तरह से चाट डाला। मेरी लार से उसकी पूरी गांड भीग गई। मैंने अपनी जीभ उसके छेद के अंदर डाल दी और उसे अंदर-बाहर किया। प्रियंका अब चिल्लाने की बजाय ज़ोर-ज़ोर से सांस ले रही थी और अपनी गांड को मेरे मुंह पर पटक रही थी।
नेहा भी मेरे पास आ गई और उसने प्रियंका की चुत चाटनी शुरू कर दी। हम दोनों ने मिलकर प्रियंका की चुत और गांड के छेद को चाटा। प्रियंका बुरी तरह से चीख रही थी और उसका पूरा बदन कांप रहा था। वो बार-बार झड़ रही थी। उसकी चुत से रस बहकर नेहा के मुंह में जा रहा था। मैंने प्रियंका की गांड में दो उंगलियां डाल दीं और उसे चोदने लगा। फिर मैंने अपना लंड उसकी गांड के छेद पर लगाया। प्रियंका ने घबराकर कहा, |जीजू, दर्द होगा…| लेकिन नेहा ने उसे चूमकर चुप करा दिया और बोली, |आराम से जाने दे। तुझे बहुत मज़ा आएगा।| मैंने धीरे-धीरे अपना लंड उसकी गांड के अंदर डाला। उसका छेद बहुत ज़्यादा टाइट था। मेरा लंड मुश्किल से अंदर जा रहा था। लेकिन धीरे-धीरे उसकी गांड ने मेरे लंड को स्वीकार कर लिया। मैंने उसकी गांड में अपना लंड पूरा डाल दिया और फिर ज़ोर-ज़ोर से चोदना शुरू कर दिया।
प्रियंका की गांड में मेरा लंड बुरी तरह से जकड़ा हुआ था। हर बार जब मैं अंदर जाता, वो ज़ोर से चिल्लाती। |आआअह्ह्ह्हह जीजू… आप मेरी गांड फाड़ रहे हैं… उह्ह्ह्ह…| लेकिन मैं नहीं रुका। मैंने उसकी कमर पकड़ी और पूरी ताकत से उसकी गांड को चोदा। नेहा मेरे पीछे थी और मेरी गांड के छेद पर अपनी जीभ फेर रही थी। फिर उसने अपनी स्ट्रैप-ऑन मेरी गांड में फिर से डाल दी। अब हालत ये थी कि मैं प्रियंका की गांड मार रहा था, और नेहा मेरी गांड मार रही थी। हम तीनों एक साथ जुड़े हुए थे। हमारी चीखें और चुदाई की आवाज़ें बारिश की गड़गड़ाहट में कहीं खो गई थीं।
आखिरकार, मैं अपने आप को रोक नहीं पाया। प्रियंका की गांड ने मेरे लंड को इतना कस दिया था कि मैं ज़ोर से झड़ गया। मैंने अपना सारा वीर्य उसकी गांड के अंदर ही डाल दिया। मेरा गाढ़ा माल उसकी आँतों में भर गया। |आआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह… प्रियंका… लो… सब अंदर लो…| मैं चीखा। प्रियंका भी मेरे साथ ही झड़ गई और बेहोश सी होकर सोफे पर गिर पड़ी। नेहा ने मेरी गांड से स्ट्रैप-ऑन निकाली और मुझे घुमाकर मेरे लंड को, जो अब भी थोड़ा सख्त था, अपनी चुत में डाल लिया। मैंने कुछ ही धक्कों में उसकी चुत में भी अपना बचा-खुचा वीर्य डाल दिया। हम तीनों एक दूसरे से लिपटकर उसी सोफे पर सो गए।
अगली सुबह जब हम उठे तो बारिश रुक चुकी थी और धूप निकल आई थी। हम तीनों नंगे एक दूसरे से लिपटे पड़े थे। प्रियंका ने शरमाकर अपना चेहरा तकिए में छुपा लिया, जबकि नेहा मुस्कुराकर मेरी तरफ देख रही थी। उसने कहा, |रोहित, कल की रात तो सपने जैसी थी।| मैंने उसे चूमा और कहा, |हां, और अब ये सपना हमेशा के लिए हमारा राज़ रहेगा।| प्रियंका ने भी धीरे से सिर हिलाया। वो रात, वो बारिश, और वो मज़ा, मैं ज़िंदगी भर नहीं भूल सकता। और हां, आज भी जब कभी तेज़ बारिश होती है, प्रियंका और नेहा दोनों मेरी तरफ एक खास नज़र से देखती हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि उस रात के बाद हमारा रिश्ता सिर्फ पति-पत्नी और साली-जीजा का नहीं, बल्कि इससे कहीं बढ़कर हो चुका है।

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