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ममता की जवानी : Antarvasana

दोस्तों मेरा नाम हैरी है और मेरी उम्र 24 साल की है। मेरी ये Antarvasana कहानी मेरी प्रेमिका ममता से हुए प्रेम और सेक्स की दास्ताँ है। ममता बारवी की छात्रा है और मैं बीएससी के आखरी साल में था ।


ममता के बारे में लिखू तो उसकी उम्र 19 साल, कद पांच फ़ीट सात इंच, रंग सावला, घुंघराले बाल, बड़े बड़े होठ, भरा हुआ शरीर और फिगर की बात करू तो 33 इंच की छाती, 25 इंच की कमर और 34 इंच की गांड।


दिखने में बहुत खूबसूरत लगती है ममता। मैंने अपने बारे में लिखू तो नाम हैरी उम्र 24 साल कद पांच फ़ीट दस इंच, रंग गोरा, शरीर पूरा सुडोल और तगड़ा, पिछले दस साल से हर रोज़ जिम कर रहा हु इसलिए शरीर पूरा तगड़ा बना हुआ है और सेक्सुअली बात करू तो मेरा आठ इंच लम्बा लंड बिना रुके तीन घंटे तक हर लड़की को चोदने में सक्षम है ।


मेरी कहानी इस तरह से शुरू होती है। मैं बीएससी के आखरी साल में था और कॉलेज अभी शुरू हुआ ही था और पापा ने एक और नयी गाडी ली थी। गाडी बड़ी थी और मैं कभी कभी कॉलेज में गाडी से चला जाया करता था। एक दिन ऐसे ही शाम को कॉलेज से बाहर गाडी के पास मैं खड़ा था तो सामने देखता हु की स्कूल की दो लड़किया खड़ी है और एक मेरी और बार बार देख रही है।


मैंने गाडी में जाकर बैठ गया और अपनी एक प्रेमिका से फोन पर बात कर रहा था पर वो स्कूल की लड़की मेरी और देखे जा रही थी । मैंने गाडी की लाइट को जलाया और फिर बंद किया तो वो लड़की पहले इधर उधर देखने लगी और फिर से गाडी की और देखने लगी । मैंने फोन काटा और धीरे से गाडी चलते हुए उस लड़की के पास से गुजरा तो वो स्कूल गर्ल ने मेरी और देखा और उसके साथ खड़ी उसकी सहेली ने मेरी और देखा और मैं थोड़ा आगे तक गया और शीशे से मैं पीछे देख रहा था तो वो दोनों लड़किया आपस में बात करके हस रही थी।


मैंने गाडी को घुमाया और फिर से उन लड़कियों के पास से गुजरा तो वो लड़की जो मेरी और कुछ ज्यादा ही देख रही थी मुस्कुराने लगी और मैं धीरे से गाड़ी चलता हुआ वह से गुजर गया। मैं समझ गया था की हमारे कॉलेज के पास जो स्कूल है ये वहा की स्टूडेंट्स होंगी। उसके दो दिन बाद फिर से मुझे वही लड़की दिखी जब मैंने कॉलेज के बहार गाडी मैं बैठा अपने दोस्त से कुछ बातें कर रहा था । उस दिन वो लड़की अकेली थी तो मैंने इशारे के लिए फिर से गाडी की लाइट जलाई और भुजा दी और वो लड़की मुस्कुराने लगी।


मेरा दोस्त अपने घर चला गया पर मैं वही बैठा रहा और मैंने सोचा की उस लड़की से बात करता हु तो एक पता पूछने के बहाने से मैं गाडी उसके सामने लेकर गया और उसे एक माल का पता पूछने लगा पर उस लड़की को भी नहीं पता था तो मैंने सोचा ठीक है तो मैं उसे पूछा की आप किसी का इंतज़ार कर रहेहो क्या तो उस लड़की ने कहा की हां मेरे भाई का, वो आने वाला है मुझे लेने। मैंने कहा ठीक है मैं किसी और से पूछ लेता हु माल का पता बाये तो वो लड़की मेरी और देख मुस्कुराने लगी और मैं गाडी मैं बैठा और उसे बाये बोल कर चला गया।


अगले दिन मैं फिर से कॉलेज के बाद मैंने गाडी में बैठा रहा और वो लड़की मुझे दिखाई दी और उसने मेरी और देखा और मुस्कुराने लगी और मैं उसके पास गया और उससे बात शुरू की। वो अपने भाई का इंतज़ार कर रही थी जो कुछ मिंट मैं आने वाला था। मैंने कहा मेरा नाम हैरी है वैसे वो लड़की मुस्कुराने लगी और बोली ममता मैंने कहा कितना प्यारा नाम है आपका वैसे आपने कहीं जाना है तो मैंने आपको छोड़ सकता हु ममता बोली नहीं कोई बात नहीं मेरा भाई आने वाला है मैंने कहा अच्छा ठीक है बाये ममता बोली बाये और मैंने गाडी में बैठ कर चला गया।


अगला दिन इतवार का था तो उस दिन कॉलेज में छूटी थी और उसके अगले दिन मैं फिर से कॉलेज के बाद ममता के स्कूल के बाहर गाडी मैं बैठ उसका इंतज़ार करने लगा और ममता और उसकी सहेली मुझे दिखाई दी और उसने जैसे ही गाडी की और देखा तो उसके चेहरे पर मुस्कराहट आ गयी। मैंने उसकी और देखा और गाडी को उसके पास लगाया और उससे बात करने लगा । मैंने उसे कहा की मैंने आपको घर छोड़ देता हु अगर आप कहो तो ममता हसने लगी और बोली उसका भाई आ रहा है मैंने कहा ठीक है आप वैसे उसे मन कर दो तो मैंने आपको आपके घर हर रोज़ छोड़ दिया करूंगा और उसकी सहेली को भी। ममता और उसकी सहेली हसने लगे दस मिंट बाद मैंने उस लड़की को बाये बोल अपने घर की और चल दिया ।


उसके अगले दिन पापा गाडी को अपने साथ ले गए उन्हें गाडी की सर्विस करवानी थी। इसलिए मैंने अपनी बाइक पर कॉलेज चला गया। मैं कॉलेज के बाद ममता के स्कूल के आगे उसका इंतज़ार करने लगा और थोड़ी देर में ममता स्कूल से बाहर आई और मेरी और देख जैसे उसका चेहरा खिल सा गया। मैंने उसके पास गया और उससे बात शुरू की। बातों बातों मैं मैं ममता को पास के एक फ़ूड कोर्ट में जाने का पूछा तो उसने हां कर दी। कोई दो घंटे तक ममता मेरे साथ वहा बैठी रही और बातें करते करते ममता ने मेरे से मेरा फोन नंबर ले लिया । उस दिन ममता ने अपने भाई को आने के लिए नहीं कहा था और वो सोच रही थी की मैं गाडी में उसे घर छोड़ दूंगा पर मैं खुद बाइक लेकर आया हुआ था।


मैंने ममता को पूछा की उसे बाइक पर घर छोड़ दू तो उसने हां कर दी। ममता बाइक पर बैठ गयी और उसका घर कोई आधा घंटा दूर था तो मैंने उसे उसके घर के पास छोड़ मैंने अपने घर आ गया । ममता ने शाम को मुझे मेसेज किया और मेरे से चैट करने लगी और हम दोनों एक दूसरे के बारे में बात करने लगे जैसे क्या क्या पसंद है क्या क्या नहीं। यही सब। शाम से चैट चलते चलते रात और फिर देर रात तक चलती रही । मैंने ममता से पूछा की उसे सुबह घर से स्कूल और शाम को स्कूल से घर छोड़ दू तो वो मान गयी।


अगले दिन मैं गाडी लेकर ममता के घर के पास गया और उसे वहा से स्कूल तक उतरा और शाम को ममता और उसकी सहेली को लेकर खाने पीने चला गया और एक घंटा बाहर बिताने के बाद उसकी सहेली को उसके घर और फिर ममता को उसके घर के पास छोड़ मैं अपने घर आ गया और उसके बाद से लेकर देर रात तक हम दोनों चैट करते रहे । ऐसे ही तीन दिन बीत गए और हम दोनों एक दूसरे के काफी करीब हो चुके थे । मैंने ममता की सहेली जिसका नाम पूनम था उससे काफी बातें करने लगा था और दोनों के नंबर मेरे पास थे। एक दिन ऐसे ही ममता को घर से स्कूल लेकर जाने लगा तो मैंने उसे माल में जाकर घूमने के लिए पूछा तो ममता मान गयी पर दिक्कत ये थी की ममता ने स्कूल वाले कपडे पहन रखे थे।


पहले एक बड़े स्टोर में गए और ममता ने कुछ ड्रेस ली और उन्हें पहन कर देखा और फिर वाशरूम में जाकर वो कपडे पहन कर माल में चले गए। मैंने फिल्म की टिकट ली और ममता को फिल्म दिखने ले गया। फिल्म शुरू होने को थी तो लाइट्स बंद हो गयी और फिल्म शुरू तो मैंने शरारत करने के लिए अपने जूते मैं से पाँव बाहर निकला और धीरे से ममता के पाँव के साथ लगाया तो ममता बोली हैरी ये क्या था मैंने कहा क्या ममता बोली अभी मेरे पाँव से कुछ टकराया मैंने कहा कोई चूहा होगा चिंता मत करो चला गया होगा । फिर से मैंने ऐसा ही किया तो ममता ने कस कर मुझे मेरी बाजु से पकड़ लिया।


थोड़ी देर बाद मैंने फिर से ऐसा ही किया तो ममता डर सी गयी। उसने मेरी बाजु को कास कर पकड़ रखा था तो ममता को पीछे आराम से करने के लिए मैंने अपने हाथ को ममता की और किया तो मेरा हाथ ममता की छाती पर लग गया और सीधा उसका एक मम्मा जैसे मेरे हाथ में आ गया और मैंने उसे कस कर पकड़ लिया और कुर्सी के आस पास और नीचे देखने लगा की क्या है। कोई एक मिंट तक मैं ऐसे ही कुर्सी के अस्स पास देखता रहा की कोई चूहा है या क्या है और इस दौरान ममता का मम्मा मेरे हाथ में ही रहा और फिर मैंने मम्मा छोड़ा और ममता से कहा कुछ नहीं है ममता ।


लगता है चूहा चला गया तो ममता मेरी और देख है रही थी। उस दिन पहली बार था की ममता का मम्मा मेरे हाथ में था और मैंने सोचा की यार कितना मोटा मम्मा है ममता का। थोड़ी देर बाद फिर से शुरू हो गया और मैं ममता की टांग पर अपना पाव फिरता तो ममता डर जाती। मेरा आधी फिल्म खत्म हुई तो कुछ खा पीकर फिर से हम हाल में बैठ गए और फिल्म के दुबारा शुरू होने पर फिर से मैं पहले जैसी शरात करने लगा और ममता के पाव और उसकी टांग पर अपना पाँव फिरने लगा और ममता हर बार डर जाती ।


फिल्म खत्म हुई और हम खाना पीना खाकर फिर से माल में आ गए औरपांच बजे तक ममता को ने ड्रेस को उतर स्कूल वाले कपडे पहने और मैंने उसे उसके घर छोड़ मैं अपने घर आ गया और देर रात तक चैट करता रहा। उसके अगले दिन फिर से ममता को सुबह उसके घर से उठाया और स्कूल के बहाने फिर से माल ले गया। ममता को इससे कोई दिक्कत नहीं थी और उसके कल वाले कपडे मेरे बैग में थे तो मैं ममता को एक स्टोर में ले गया और वह पर मैंने ममता के लिए फ्रॉक पसंद की और उसे पहन हम माल चले गए।


फिर से फिल्म की टिकट ली और फिल्म देखने हाल में पहुंच गए। फिल्म शुरू होते ही फिर से मैंने अपने जूते में से पाँव निकला और धीरे से ममता की टांग पर फिराया ममता ने मुझे कस कर मेरी बाजु को पकड़ लिया था और फिर से मैंने उसके पाँव और उसकी टांग पर धीरे से अपना पाँव लगाया तो ममता बोली हैरी फिर से चूहा आया मैंने कहा कहा पर ममता बोली मेरी टांग पर अभी चढ़ा था मैंने कहा मैं देखलु एक मिंट जरा तो मैंने नीचे देखते हुए गिरने का नाटक किया और मैंने जान भुझ कर ममता के मम्मे को पकड़ लिया और उसे जोर से अपने हाथ में पकड़ लिया और तभी ममता ने मेरे हाथ को पकड़ लिया और मेरी और देखकर हसने लगी पर मेरा ध्यान नीचे की तरफ था तो मैंने नीचे इधर उधर देखने का नाटक कर रहा था। अभी भी ममता का मम्मा मेरे हाथ में था।


कोई एक मिंट बाद मैंने ऊपर उठा और जान भुझ कर बोलै यार नीचे कोई चूहा नहीं दिखा मुझे। यार ये क्या पकड़ रखा है मैंने तो मैंने फिर ममता का मम्मा छोड़ा । मैंने कहा सॉरी गलती से हाथ लगगया मैंने सोचा की कुर्सी को साइड से पकड़ा है। ममता मुस्कुराने लगी और कुछ नहीं बोली। मैंने कहा सॉरी मुझे नहीं पता था जिसे मैंने कुर्सी समझा है वो आपका चूचक है। ममता मुस्कुराने लगी और बोली कोई बात नहीं। मैं फिर से ममता के पाव और उसकी टांग पर अपना पाँव फेरने लगा।


ऐसे ही पहले आधी और फिर पूरी फिल्म निकल गयी और दोपहर का खाना खाकर फिर से हम माल में आ गए और वह हम दोनों की तसवीरें खींचते हुए समय निकलते रहे और फिर ममता ने वाशरूम में कपडे बदले और उसे उसके घर छोड़ मैं अपने घर आ गया और घर आते ही ममता से चैट करने लगा। मैंने चैट करते करते ममता से कहा सॉरी गलती से आपका चूचक मेरे हाथ में आ गया मुझे नहीं पता था। ममता ने कहा चूचक मतलब मैंने कहा ब्रैस्ट गलती से हाथ लग गया।


ममता ने लिखा कोई बात नहीं हैरी चैट करते करते ममता ने मुझे प्रोपोस कर दिया और मैंने उसे हां कर दी। बातें करते करते मैं बीच बीच में ममता को लिख देता की सॉरी गलती से आपकी ब्रैस्ट को पकड़ लिया था सॉरी और हर बार ममता कहती कोई बात नहीं मैंने लिखा अच्छा मतलब अगर अगली बार ब्रैस्ट को पकड़ लू तो कोई बात नहीं ना फिर ममता ने लिखा अच्छा जी मैंने लिखा हां वैसे गलती से हाथ लग गया पर मुझे भी ऐसा लग रहा था जैसे कोई बहुत मोटा सख्त सा कुछ पकड़ा हुआ है पर लगा नहीं था की आपका मम्मा है। ममता ने लिखा आपने काफी जोर से पकड़ लिया था ब्रैस्ट को मैंने लिखा सॉरी ममता ने लिखा कोई बात नहीं मैंने लिखा अगली बार ध्यान रखूँगा की धीरे से पकडू ब्रैस्ट को ममता ने लिखा आप बहुत शरारती हो।


मैंने लिखा हां वो तो मैं हु ही बातें करते करते देर रात हो गयी और अगला दिन इतवार का था तो पूरा दिन फोन पर चैट चलती रही और अगले दिन फिर से ममता को उसके घर से उठाया और पहले वाले माल में ले गया और फिर से फिल्म की टिकट ली और फिल्म शुरू होते ही मैंने उसके पाँव और तंग पर अपना पाँव रगड़ना शुरू कर दिया और ममता कुछ नहीं बोल रही थी जैसे उसे पता हो की कौन ये सब कर रहा है तो मैंने अपने पाँव से ममता के पाँव पर चुंडी की तो ममता बोली हैरी चूहे ने मुझे काटा।


मैंने कहा कहा पर कटा ममता ने कहा पाँव पर मैंने कहा मैंने देखु तो मैंने ममता के पाँव पर हाथ फेरा और बोलै कुछ नहीं है लगता है वो चला गया। मैंने ममता से कहसररय वो कल आपकी ब्रैस्ट को दबा दिया था मैंने गलती से ममता हसने लगी और बोली कोई बात नहीं मैंने कहा कोई बात नहीं तो अभी फिर से चेक करके देखलु मम्मे आपके ममता हसने लगी तो मैंने कहा पहले ये लेफ्ट वाला देखता हु मैंने ममता के लेफ्ट वाले मम्मे के ऊपर हाथ रखा और उसे धीरे से दबाने लगा और ममता मुझे देखकर हसे जा रही थी।


मैंने पहले धीरे धीरे और फिर जोर जोर से ममता के मम्मे को दबाना शुरू किया और ममता को जैसे बहुत मज़ा आ रहा है इससे। मैंने पहले लेफ्ट वाला और फिर राइट वाला मम्मा पकड़ दबाना शुरू कर दिया और इधर मेरा आठ इंच लम्बा लंड खड़ा हो चूका था। मैंने अपनी बाजु को ममता के गले के पीछे से लेजाकर उसके एक मम्मे को अपने एक हाथ में लेलिया और फिर दूसरे हाथ में उसका दूसरा मम्मा पकड़ लिया और दोनों मम्मे जोर जोर से दबाने लगा ।


मैंने ममता की और देखा तो उसकी दोनों आँखें बंद थी और उसे पसीना आया हुआ था तो मैंने धीरे से उसका हाथ अपनी जीन्स के ऊपर खड़े लंड के ऊपर रख दिया और मैं उसके मम्मे दबाता रहा और कभी उसके चेहरे को चूस देता तो कभी ममता के चेहरे को अपनी और कर उसके होठ चूसने लगता पर आधी फिल्म होने तक मैंने ममता के मम्मे दबाने नहीं छोड़े । आधी फिल्म जैसे ही हुई तो मैंने ममता के मम्मे छोड़े तो वो पसीने से भरी हुई थी और उसका हाथ अभी भी मेरे लंड के ऊपर था ।


लाइट जल गयी थी और मैंने ममता का हाथ अपने हाथ में ले लिया और वो मेरी और देखकर मुस्कुरा रही थी । मैंने कहा मैंने तुम्हारे मम्मे दबाये तभी तुम मेरे लंड को दबा रही थी ममता ने कहा लंड मतलब मैंने कहा ये देखो मेरा लंड जीन्स में से साफ़ दिख रहा थेजैसे कोई नाग बाहर निकलने की कोशिश कर रहा हो । मैंने कहा तुमने लंड को दबाया और ये खड़ा हो गया।


ममता ने कहा मैंने ऐसा कुछ नहीं किया मैंने कहा कोई बात नहीं मुझे लगा कि शायद लंड देखने होगा कि कैसा है इसलिए तुमने ऐसा किया ममता ने कहा लंड क्या होता है वैसे मैंने दिखता हु थोड़ी देर मैं मैं ममता से गरमा गर्म बातें करता रहा जैसे उसके होठ बहुत मीठे हैं और उसकी चीक्स चूसने में बहुत मज़ेदार हैं।


ममता बस मुस्कुराती और कुछ नहीं कहती। मैंने कहा जब मैंने मम्मे दबा रहा था तो कैसा लग रहा था तुम्हे ममता ने कहा अच्छा लग रहा था हैरी मैंने कहा दबाने में जितना मज़ा आ रहता उससे कही ज्यादा मज़ा आएगा अगर मैंने मम्मे मुँह में लेकर चुसू ममता हसने लगी मैंने कहा सच में मज़ाक नहीं कर रहा हु बातें करते करते लाइट बंद हुई तो मैंने अपनी ज़िप खोल अपना आठ इंच लम्बा लंड जितना बाहर आ सकता था बाहर निकला और ममता का हाथ पकड़ उसके हाथ को लंड पर रख दिया । ममता ने कहा ये क्याहै हैरी। ममता मेरे लंड को देखने लगी। वो जैसे गौर से मुआइना कर रही हो और लंड को हाथ में पकड़ कर देख रही थी।


ममता बोली यार कैसे खम्बे कि तरह है ये है क्या वैसे मैंने कहा लंड है मेरा ममता बोली लंड मैंने कहा हां ममता उसे हाथ में पकड़ कर दबा रही थी और बोली कितना सख्त है किसी पत्थर कि तरह मैंने कहा अगर तुम इसे चूसो तो बहुत मज़ा आएगा तुम्हे ममता हसने लगी और कुछ नहीं बोली। मैंने कहा अगर चाहो तो गाडी में बैठ कर लंड चूस सकती हो ममता मुस्कुरा रही थी तो मैं ममता को लेकर गाडी में काफी दूर निकल गया और एक जगह जहा आस पास कोई दिख नहीं रहा था।


गाडी रोकी और मैंने ममता को लंड चूसने के लिए कहा। ममता मुस्कुराने लगी। मैंने सीट को पीछे किया पेण्ट को नीचे कर कच्चा उतरा और ममता मेरी और देखकर हसे जा रही थी और मेरा आठ इंच लम्बा लंड ममता कि आँखों के सामने था और ममता फटी आँखों से लंड देख रही थी। मैंने कहा इसे मुँह में भरलो तो ममता नीचे झुकी और उसने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और मैंने उसके सर को धीरे से ऊपर नीचे करना शुरू किया और बाद में ममता खुद लंड को मुँह के अंदर बाहर करने लगी।


मैंने कहा कैसा लग रहा है तो ममता ने ऊपर मुँह कर मेरी और देखा और कुछ नहीं बोली और बस लंड को चूसे जा रही थी। एक घंटा बीत चूका था और ममता इसी तरह से लगी हुई थी। मैंने ममता कि फ्रॉक को उठाकर उसकी पीठ पर हाथ फिरना शुरू किया और मन कर रहा था कि उसकी फ्रॉक उतर दू पर गाडी में सेक्स नहीं हो सकता था तो मैंने उसके मम्मे, उसकी पीठ, गांड सब पर हाथ फेरा और तीन घंटे बाद लंड में से माल निकलना शुरू हुआ और सारा माल ममता के मुँह में गिरने लगा।


मैंने ममता का सर पकड़ लिया और इससे सारा माल ममता के मुँह में गिर गया और मंताने सारा माल गाडी से बाहर गिरा दिया । मैंने कहा कैसा लगा ममता ममता मुस्कुराने लगी और कुछ नहीं बोली। घर जाने का समय हो गया था तो ममता को मैंने उसके घर छोड़ा और फिर मैंने अपने घर आ गया । देर रात तक मैंने और ममता सेक्स चैट करते रहे। अगले दिन ममता स्कूल चली गयी क्योकि उसकी पढाई का नुक्सान हो रहा था तो उसके अगले दिन फिर से ममता को स्कुल से छूटी करवा गाडी में उसे दूर ले गया और उसे अच्छे से लंड चुसवाया और फिर ममता कि गोद में सर रख उसके मम्मे चूसने शुरू किये।


जितनी देर मैं ममता के मम्मे चुस्ता ममता मेरे लंड को हिलाती रही और पुरे दो घंटे मैंने ममता के मम्मे चूसने में लगा दिए और उसके बाद फिर से ममता मेरेलण्ड को चूसने लग गयी और तीन घंटे से ज्यादा हो चूका था और सारा माल ममता के मुँह में गिरने लगा और वो सारा माल पी गयी। अभी दोपहर हुई थी तो ममता और मैंने कुछ खाकर फिर से गाडी में काफी दूर निकल गए और गाडी एक जगह कड़ी करके ममता के मम्मे चूसने लगा और उसके मम्मे जोरजोर से दबाने लगा और ममता मेरा लंड चूसने लगी।


इस बार पांच बजने को थे और फिर लंड में से माल निकला और ममता उस समय लंड को हिला रही थी और सारा माल मेरी जीन्स पर गिरने लगा और फिर ममता को उसके घर छोड़ में अपने घर आ गया और देर रात ताकममता से चैट करता रहा । मैंने अपने एक दोस्त को फोन कर उससे कमरे किराये पर लेने के लिए पूछा। मैंने अक्सर अपनी प्रेमिकाओ को अपने उस दोस्त के पास पड़े कमरे में लेकर जाता हु और उसके बदले में थोड़े पैसे अपने दोस्त को दे देता हु। तो मेरे दोस्त ने मुझे आने के लिए बोल दिया ।


अगले दिन सुबह ममता को उसके घर से मैंने पिक किया और अपने दोस्त के कमरे में ले गया। मैंने ममता को बोल रखा था कि हम एक कमरे में जा रहे हैं और ममता इसके लिए पूरी त्यार थी। कमरे में जाते ही ममता को मैंने पूरा नंगा किया और मैंने अपने सारे कपडे उतरे और पहले ममता को लंड चूसने के लिए कहा और वो झट से शुरू हो गयी । मैंने नंगा खड़ा हुआ था और ममता नंगी नीचे बैठी लंड चूस रही थी। फिर मैंने ममता को बेड पर बैठाया और उसकी गोद में सर रखा और उसके मम्मे चूसने लगा और ममता मेरे लंड को हाथ से पकड़ हिलाने लगी । ममता सेक्स से इतनी जल्दी भर जाती थी कि क्या कहना ।


मम्मे चूसते चूसते ममता सेक्स से तड़पने लगती तो मैंने खड़ा होकर फिर से उससे लंड चुसवाया और फिर ममता को मेरे ऊपर 69 कि अवस्था में आने को कहा और वो आ गयी । मैंने जैसे ही ममता कि छूट में अपनी जीभ डाली तो ममता जैसे करंट लगा और वो और ज्यादा उत्तेजित हो गयी। मैंने अपनी जीभ पूरी छूट के अंदर बाहर करता तो ममता बहुत मज़े लेती ।


मैंने सोचा ऐसे ही लगा रहते हु और मैंने इसी तरह से ममता कि छूट चाटता रहा और थोड़ी देर में ममता कि छूट से सफ़ेद पानी निकला पर वो मेरा लंड चूसती रही और मैंने उसकी चूत। एक घंटे से ज्यादा हो चूका था तो मैंने ममता को बेड पर बिठा फिर से उसके मम्मे चूसने शुरू कर दिए और फिर उसे अपनी गोद में बिठाकर दोनों हाथो से उसके मम्मे दबाने लगा और उसके पुरे बदन को चूमने और चाटने लगा । ममता भी बिलकुल वैसे ही करती जैसे जैसे मैंने करता ।


तीन घंटे होने को थे तो लंड में से माल निकला और उस समय ममता लंड चूस रही थी तो सारा माल उसके मुँह में चला गया और हमेशा कि तरह ममता इस बार भी माल पी गयी । उसके बाद फिर से हम दोनों शुरू हो गए और ओरल सेक्स करते रहे और शाम को दुबारा से ममता को लंड का सफ़ेद पानी पिलाकर उसके घर छोड़ा और मैं अपने घर आ गया । अगले दिन फिर से ममता को मैं अपने दोस्त के कमरे में ले गया और कमरे में जाते ही ममता को पूरा नंगा कर पहले उससे लंड चुसवाया और फिर उसके मम्मे मज़े से चूसे और फिर ममता को बेड पर लिटाया और मैंने लंड को ममता कि चूत पर रख जोर लगाने लगा। ममता कि चूत उस समय टाइट थी तो मैंने उसकी टांगें फैलाई और लंड को चूत के मुँह पर रख धीरे धीरे करके जोर लगता गया और ममता आह कर रही थी।


फिर मैंने धीरे धीरे करके लन्ड को धक्के देने शुरू किये और लन्ड थोड़ा सा चूत में घुस पाया तो मैंने पहले धीरे धीरे करके और फिर जोर जोर से धक्के देने शुरू किये और हर धक्के पर ममता आह आह करती। कोई आधा घंटा बीता होगा और मैं बेड पर लेट गया और ममता को मेरे ऊपर लंड के ऊपर आने को कहा। ममता ऊपर आ गयी । ममता कि चूत एक दम साफ़ होती है उस पर कोई बाल नहीं होते । ये कुदरती है कि ममता के बदन पर बाल बहुत बहुत छोटे हैं औरवो भी भूरे रंग के जो दीखते नहीं आसानी से इसलिए चूत बिलकुल साफ रहती है ।


ममता मेरे लंड के ऊपर बैठी थी तो मैंने लंड को ममता कि चूत के मुँह पर रख ममता को धीरे धीरे कर नीचे होने को कहा और ऐसा करतेकरते लंड चूत के मुँह पर फस गया और ममता तड़प उठी। मैंने धीरे से ममता को नीचे किया और लंड थोड़ा सा चूत में गया और ममता को मैंने धीरे से ऊपर नीचे करना शुरू किया । ममता धीरे धीरे ऊपर नीचे होने लगी और उसके मोटे मोटे मम्मे ऊपर नीचे होते देख बहुत अच्छा लग रहा था । ममता लगी रही और फिर उसकी चूत से जैसे मुझे खून निकलता हुआ दिखाई दिया जो मेरे लंड पर लग गया था।


ममता आह आह कर रही थी पर वो रुकी नहीं और मैंने फिर ममता को घोड़ी बनने को कहा और पीछे से लंड उसकी गांड में डाला और धीरे धीरे से धक्के देने शुरू किये और फिर जोर जोर से गांड चुदाई शुरू करदी । मैंने ममता को थोड़ा और नीचे को किया और उसकी दोनों टैंगो को फैलाया कि उसकी गांड खुल सके और जोर जोर से लंड को चूत के अंदर बाहर करता रहा। घंटा भर मैं सिर्फ ममता कि गांड चुदाई में लगा रहा और फिर ममता की गोद में सर रख लेट गया और उसके मम्मे चूसने लगा ।


ममता मेरे लंड को हिलाने लगी । उस समय ममता को बहुत दर्द हो रहा था पर मैं लगा रहा और देखते ही देखते लन्ड में से माल निकला और ममता का सारा हाथ सफ़ेद पानी से भर गया । उसके बाद मैंने बाजार से ममता को एक दर्द कि गोली लेकर दी और शाम तक ममता नंगी कमरे में लेती रही और मैंने उसकी नंगी कि कुछ तसवीरें ली जो मैं अपनी हर प्रेमिका कि पहली चुदाई पर लेता हु और उसके बाद ममता को उसके घर छोड़ मैंने अपने घर आ गया ।


उसके कुछ दिन तक ममता स्कूल वगैरा नहीं गयी और कोई एक हफ्ते बाद फिर से मैं अपने दोस्त के कमरे में ले जाकर ममता की चुदाई करके आया और अब कुछ एक दो दिन बाद मैं ममता की अपने दोस्त के कमरे में ले जाकर चुदाई कर रहा हु और वो मेरे साथ सेक्स करके बहुत खुश है।


बाकि दोस्तों आपको मेरी कहानी कैसे लगी मुझे मेरी इस ईमेल पर अपनी राये जुड़ी दें।


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