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मानसी और एकता की चुदाई : १ - Hindi Sex Stories

Updated: Feb 17

हेलो दोस्तो, मैं विमल यादव एक बार फिर अपनी कहानी लेकर आया हु।


इस कहानी मे आपको पता चलेगा की कैसे मैं मानसी के घर गया और वहा जा कर एकता की चुदाई किया, ये सब करने मे मानसी और एकता दोनो ने मेरा साथ दिया।



ये तो आप लोगो को पता ही होगा की मैंने अपने पिछले कहानियों मे कैसे मानसी को चोदा और एकता ( यानी की मानसी की जेठान) को चोदने का प्लान बनाया।


मैं और मानसी रोज फोन पर बात करते थे और समय मिलने पर रूम किराये पर लेकर चुदाई भी करते थे। आप लोगो को ये कहानी तभी समझ आयेगी जब आप लोग मेरा पिछला कहानी सीरीज "अंजान भाभी से मुलाकात और फिर चुदाई" के सभी भाग पढ़ लिए होंगे।


ऐसे ही एक बार दोनो चुदाई के बाद लेटे हुए थे तो मानसी बोली की मैंने एकता को सब कुछ बता दिया है अपने और तुम्हारे बारे मे और उन को भी चुदाई के लिये राजी कर लिया है।


ये सुन कर मैं खुश हो गया। मैंने पूछा की कैसे , कब और कहा चुदाई होगी।


मानसी बोली बड़े उतवाले हो रहे हो दीदी की चूत के लिए (मानसी अपनी जेठानी यानी की एकता को दीदी ही बुलाती हैं)। मानसी बोली ये चुदाई उस के गाव वाले घर पर होगा और चुनाव के टाइम पर होगा क्योंकि उस समय जेठ जी और ससुर जी काम मे बहुत व्यस्त रहेंगे। उस समय प्रधान मन्त्री का चुनाव चल रहा था ये बात मई के लास्ट और जून के शुरूआत की है।


मैं बोला की तुम्हारे घर पर मैं कैसे जाऊंगा अगर मुझे किसी ने देख लिया तो मार डालेगा। मानसी बोली तुम चिंता मत करो दीदी सब संभल लेंगी। मानसी 10 मई को गाव चली गयी, मैं भी तीन दिन बाद उस के गाव चला गया।


मानसी ने मुझे सीधा अपने घर पर बुलाया और जब मैं पहुँचा तो एकता ने मेरा परिचय कराया की मैं उस के सहेली का भाई हु जो कुछ काम के वजह से यहाँ आया था और यहाँ पर इस का कोई नही हैं तो मैंने अपने घर पर ही बुला लिया।


एकता के पति, सास, ससुर ने बोला ठीक हैं जब तक काम नहीं हो जाता तब तक यही रहेगा और एकता की जिम्मेदारी है की मुझे कोई प्रॉब्लम ना हो।


मैंने जब एकता को पहली बार देखा तो लगा सच मे मानसी इस के बारे मे सही बताती हैं । एकता का फिगर बता दु 36-32-34 हैं यानी की मानसी की तरह एक दम कड़क माल पर मानसी से कम गोरी थी पर फेस कट मानसी से अच्छा था।


एकता मुझे मेहमान वाले कमरे मे ले गयी। कमरे मे पहुँच कर वो समान रखने के लिए बोली मैंने समान रख कर एकता को किस करना चाहा तो एकता ने मना कर दिया और बोली की अभी मानसी को भेज रही हु उस से काम चला लो। रात मे मेरी लेना।


मानसी भी आ गयी और बोली क्या दीदी आप अभी शुरू हो गयी तो एकता ने बोला मैं नहीं ये शुरू करना चाहता हैं। अब एक काम करो इसे नहला कर खाने के लिए लाओ सब साथ मे ही खायेंगे।


मैं मानसी को लेकर बाथरूम मे चला गया। अंदर हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगे। दोनो धीरे धीरे नंगे हो गए। मानसी घुटनों के बल बैठ गयी और मेरा लौडा चूसने लगी।


जब लौडा चुदाई के लिए तैयार हुआ तो मानसी मेरे आगे आ कर खड़ी हो गयी और खुद ही चूत पर लौडा सेट करने लगी। मैंने एक झटका दिया जिस से लंड चूत मे चला गया जिस के वजह से मानसी के मुह से आवाज निकला पर कोई सुन नही पाया। मानसी खड़े खड़े ही चुदने लगी।


10 मिनट के चुदाई के बाद दोनो साथ मे झड़ गए। दोनो साथ मे नहा कर बाहर निकले पर मानसी के कपडे तो मानसी के रूम मे थे तो मानसी ने एकता को काल किया और कपड़े मंगाए और एक टावेल लपेट कर बैठ गयी बिना किसी डर के।


अगर कोई रूम मे आ जाता तो दोनो फस जाते। एकता कपड़े लेकर आयी। मानसी को टावेल मे देख कर एकता उस के टावेल को खिच लिया जिस से मानसी अब पूरी नंगी हो गयी। मानसी शर्मा गयी और कपड़े ले कर बाथ रूम मे चली गयी।


एकता फिर मुझसे बिना बात किये चली गयी। रात का खाना खाने के बाद मानसी ने बताया की छत पर पुरा प्रोग्राम होगा चुदाई का।


मानसी ने छत पर बिस्तर लगाया एकता बच्चों को सुला कर अपने पति से बोली की वो मानसी के साथ छत पर सोने जा रही क्योंकि रूम मे गर्मी लग रही है।


एकता छत पर पहुँच गयी दोनो ने आपस मे बात किया और फिर मानसी ने मेरे पास फोन लगाया और बोला की अब छत पर आ जाओ सब सो गए है। मैं छत पर चला गया वहा मैंने देखा की एकता और मानसी दोनो ही सीगरेट पी रही थी।


मैंने आज तक मानसी को पीते हुए नही देखा था। हम तीनो आपस मे बात करने लगे। मानसी ने एकता को बताया की मैं मानसी को कब और कैसे मिला और फिर बाते शुरू हुयी। बाते चुदाई तक पहुँच गयी और इसी बीच एकता का नाम कैसे आया।


मानसी बोली की तुम दोनो की चुदाई मे मेरा नाम लेकर आज मुझे चोदेने के लिए आये हो। इस दौरान मैं एकता के पास बैठा था। रात एक दम काली थी। दोनो ने मैक्सी पहना था। मैंने मानसी को बोला की अब तुम जाओ और हम दोनो को अपना काम करने दो।


एकता भी बोली है अब शुरू करते है कब से मेरी चूत तड़प रही है चुदने के लिए। मानसी चली गयी। एकता ने दरवाजा बंद कर लिया ताकि कोई भी छत पर ना आये। रात के 12 बज गये थे। मानसी के जाते ही मान मैं और एकता एक दूसरे को किस करने लगे।


अंधेरे मे सही से दिख नहीं रहा था तो एकता ने लालटेन जलाया। मैंने तुरंत एकता का मैक्सी निकाल दिया अब एकता केवल ब्रा और पेंटी मे थी ।


एकता ने मेरे भी कपड़े निकाल दिये और मुझे पुरा नंंगा कर दिया। मैं एकता को लिटा कर ब्रा के उपर से बूब्स को मसलने और चूसने लगा। एकता ने खुद ही ब्रा निकाल दिया मैंने उस का ब्रा नीचे फेक दिया जिसे देख कर एकता हँसने लगी। बूब्स को अच्छे से चूसने लगा मैं।


बूब्स के बाद गर्दन को, गालो को, होठों को चूसने के बाद नाभी को चाटने लगा। पैर को अंगूठे से चूसना शुरू किया और धीरे धीरे चूत के पास के जांघ को चूमने लगा। एकता परेशान हो गयी और खुद ही मेरा सर पकड़ कर चूत पर रगड़ने लगी। मैंने अपने जुबान का जादु चलाया और 5 मिनट चूत को जुबान से चोद कर सारा पानी निकाल दिया।


एकता ने अब मुझे नीचे किया और मुझे चूमना शुरू कर दिया चूमते चूमते एकता 69 के पोजिसन मे आगयी। एकता मेरे उपर हो कर लंड चूस रही थी और मैं उस का चूत चाट रहा था। 69 की पोजिसन मे हम दोनों को एक दूसरे को लगभग 10 मिनट तक चूसा चाटा।


जब मेरा वीर्य निकालने को हुआ तो एकता ने पुरा अपने मुह मे ले लिया। इस के बाद हम दोनो चिपक कर लेट गये और बाते करने लगे। एकता ने बताया की वो दुसरो के साथ चुदना क्यों चुदती है। एकता को मजा भी आता है अलग अलग लण्ड लेने मे और उस का पति कभी कभी चोदता था और 5 मिनट से भी कम समय मे झड़ जाता था।


एकता अब खड़ी हुई और चारो तरफ देख कर बोली मेरे आस पास जितने भी नौकर है सब ने चोदा है चाहे दूध वाला, पेपर वाला, पेंटर हो सब के साथ कर चुकी हु। मैंने एकता को नाचने के लिए बोला तो एकता अपने फोन से गाना बजाकर नंगी नाचने लगी।


मैंने अपने फोन से उस का वीडियो भी बनाया और वीडियो एकता के पास भी शेअर किया। ये सब करते करते 1 बज गये थे। रात के लगभग 1 बज गए थे, एकता ने एक बार फिर मेरे लौड़े को अपने हाथो मे लेकर सहलाने लगी जिस से लौडा तैयार हो गया।


मैंने एकता को मुह मे लेना के लिए बोला तो वो तुरंत मुह मे लेकर चूसने लगी । एकता ने मुझे लेटा दिया और 69 की पोजिसन मे आ गयी अब उस का चूत मेरे मुह मे और मेरा लौडा उस के मुह मे था। 69 की पोजिसन मे मन भर के चुसायी करने के बाद एकता बोली अब बहुत हुआ अब तुम अपना लण्ड मेरी चूत मे डाल दो नहीं तो ये चूत फट जायेगी।


एकता उठी और फिर मेरे उपर बैढ गयी। एकता ने खुद ही लौड़े को चूत पर सेट किया और उस पर कूदने लगी। शुरू ने तो वो आराम से खुद रही थी 10-15 जम्प के बाद अपनी रफ्तर तेज कर दिया। जब लौड़े पर एकता कूद रही तो उस समय उस के चुचे हवा मे उड़ रहे थे, एकता के खुले बालों की वजह से वो और भी ज्यादा कामुख लग रही थी।


मैं उस के बूब्स को दबा रहा था उस के बूब्स को मसल रहा था, मुह मे लेकर चूस रहा था और उस के चूतड़ पर भी हल्के हाथो से मार रहा था। एकता के बूब्स लाल हो चुके थे। एकता ने पोजिसन बदले को बोला और अब वो खुद नीचे लेट गयी और अब मैंने उस के चूत मे लौडा सेट किया और उस के दोनों टांगों को अपने कंधे पर कर लिया और फिर एकता को पूरे स्पीड से चोदना शुरू कर दिया। एकता मेरी इस स्पीड को झेल नहीं पायी और अपना पानी छोड दिया पर मेरा नही हुआ।


एकता के पैर हवा मे थे जिस वजह से उस के कमर मे दर्द होने लगा तो एकता को मैंने घोड़ी बनने के लिए बोला तो एकता तुरंत घोड़ी बन गयी पर मैंने उस छत के बालकनी पर झुकने के लिए बोला। एकता उस समय पूरी तरह से मेरे वस मे थी तो उस ने बिना कुछ सोचे समझे तुरंत बालकनी पर खड़ी हो गयी अपना गांड निकाल कर।


मैं पीछे से अपने लण्ड को एकता के चूत मे डाल दिया। मैंने एक हाथ से एकता के बालों को पकड़ लिया और दूसरे हाथ को उस के कमर पर रख दिया फिर उसे चोदना शुरू कर दिया। बालकनी के नीचे सब कुछ दिख रहा था अगर कोई नीचे होता तो वो देख कर समझ जाता की उपर चुदाई हो रही है पर किस की ये नही जान पाता क्योंकि अंधेरा ज्यादा था।


मैं चोदते समय एकता के गांड पर चमेट मार रहा था जिस से एकता की आह निकल जाती। एकता की गाड़ लाल कर दिया था। अब तक पूरे चुदाई के दौर मे एकता ज्यादा आवाज नही निकाल रही थी तो मैंने एकता को बोला की खुल कर आवाज निकालो अपनी आवाज को दबाओ मत।


एकता अब मेरी मार से चिल्लाने लगी और उस का आवाज तेजी से निकलने लगी। एकता के टांगे दर्द करने लगी जिस के वजह से वो खड़ी नही हो पा रही थी ।एकता मस्त चुद रही थी। मेरा झड़ने को हुआ तो मैंने पूछ की कहा निकलू अपना माल तो एकता बोली मेरे अंदर ही डाल दो। मैंने 10 -15 झटके मेरे फिर उस के अंदर अपना माल गिरा दिया।


हम दोनो बिस्तर पर आ कर नंगे ही लेट गये। लगभग आधे घंटे तक हम दोनो ने बात किया और सो गये। 4 बजे छत का दरवाजा किसी ने खटखटाया जिस से दोनो की नींद खुल गयी। ये आवाज सुन कर हम दोनो की गांड फटने लगी।


एकता और मैंने अपने कपड़े पहने और फिर मैं छुप गया। एकता ने दरवाजा खोला जो की सामने मानसी खड़ी थी। मानसी को देख कर दोनो ने जान मे जान आया। मानसी बोली आप लोगो का अगर चुदाई का प्रोग्राम हो गया हो तो जल्दी से अपने अपने जगह चले जाओ। मैं बोला ठीक है।


मैंने जाते समय मानसी को किस किया और एकता के गाड़ पर मार के चला गया। मानसी एकता से पूछने लगी की कैसा रहा चुदाई। एकता बोली बहुत तगडा चोदु लाया है तुम ने, अब इस के मजे लुंगी अच्छे से, इस चोदु ने बहुत तबियत से मुझे बजाया है, इस के लौड़े को भूल नही पाऊँगी।


रात बीती और सुबह 6 बजे मानसी ने मुझे उठाया। मानसी मुझे उठा कर चली गयी। मैं फ्रेस होकर बाहर आया। मानसी के ससुर के साथ चाय पिया और उस के बाद मानसी के ससुर काम के वजह से घर से चले गए। कुछ देर बाद एकता के पति भी स्कूल चले गये। अब घर पर मैं, एकता, मानसी और मानसी की साँस ही थे।


एकता के साँस ने एकता को बोला की बगीचे से कच्चे काम तोड़ कर मंगालो तो एकता बोली की अभी कुछ देर बाद जा कर खुद लायेगी।


अब आगे की कहानी अगले भाग मे सुनता हु । आप लोगो को Hindi Sex Stories कैसी लगी इस का फीड बैक E-mail पर जरूर mail करना।

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