मानसी और एकता की चुदाई:२ - Indian Sex Stories
- Vimal Yadav
- Feb 17
- 11 min read
Hi दोस्तो मैं विमल यादव एक बार फिर अपनी कहानी लेकर आया हु।
अब आप लोगो को पता चलेगा की हम तीनो ने बगीचे मे कैसे मजा किया और उस के बाद रात मे थ्रीसम किया। तो अब आगे की कहानी शुरू करता हु।
पिछली कहानी पढ़े : मानसी और एकता की चुदाई:१
घर का सारा काम खत्म करने के बाद मैं ,मानसी और एकता बात कर रहे थे तो एकता को याद आया की आम लाना है बगीचे से।
एकता- मैं बगीचे से आम तोड़ने जा रही हु सासु माँ ने बोला था।
मानसी - एक काम करते है हम सब चलते है साथ मे घूम लेंगे और विमल को बगीचा भी दिखा देंगे।
एकता- पर अभी 12 बज रहे इस कड़कड़ाती धूप मे चलेगा ये तुम्हारा यार।
मैं- क्या मैं मानसी का ही तुम्हारा नही हु क्या।
मानसी- ( हँसते हुए) हा तुम बस मेरे हो और दीदी के लिए तो बस दोस्त हो।
एकता- अच्छा ठीक है, सब चलते है।
बगीचा पहुँच कर एकता ने बगीचे की रखवाली करने वाले को घर भेज दिया और बोला की तुम घर जाओ और 4 बजे आना तब तक हम लोग यहाँ है। बगीचे मे एक झोपड़ी और एक ट्यूबेल था। हम तीनो कच्चे आम तोड कर खाने लगे। मानसी को एक उपाय आया ताकि मजे कर सके।
मानसी- यार हम लोग ऐसे ही बस बात करेंगे की और भी कुछ करे।
एकता- कुछ और का क्या मतलब है।
मानसी- अरे मेरा मतलब है थोड़ा चुम्मा चाटी या फिर चुदाई।
मैं - पागल हो गयी हो क्या अगर कोई यहाँ देख लेगा तो।
एकता- एक मिनट रुको मैं मुत कर आ रही हु तो बताती हु की क्या करना है। एकता एक तरफ जा कर मुतने के लिए अपना साडी साया अपनी गांड तक उठाया और गांड खोल कर मुतने लगी। मुतने के बाद एकता आयी।
एकता- मानसी सही कह रही है।
मैं- अच्छा अगर हम लोगो को ये सब करते हुए किसी ने देखा तो तुम दोनों का तो पता नहीं पर मेरी गांड जरूर मार लेंगे।
मानसी- तुम परेशान क्यो हो रहे हो हम दोनों है ना।
एकता- औरत हम दोनों है और डर तुम रहे हो।
मानसी- दीदी चलो इस झोपड़ी मे चल कर करते है अंदर कोई नहीं देख पायेगा। एकता बाहर खड़ी हो कर रखवाली कर रही थी और मैं मानसी अंदर चले गए।
अंदर जाते ही मानसी मेरे उपर टूट पड़ी और बोली की क्या रे माधरचोद कल एकता को अच्छे से बजाया ना। मैं हा पर तुम्हारे जैसा मजा नही है।
मैंने मानसी का साडी निकाल दिया । मानसी को खड़े ही चूम रहा था। मानसी ने मेरे कपड़े निकाल दिये और खुद भी नंगी हो गयी।
मानसी घुटनों के बल बैठ गयी और मेरा लौडा चूसने लगी। मानसी मेरा लौडा चूस रही तभी एकता अंदर आयी और बोली जल्दी करो अभी मुझे भी करना है। मैंने मानसी को जमीन पर उस के साडी पर लिटा दिया और अपना लण्ड उस के चुत पर सेट करके चोदने लगा।
मानसी अपने दोनों पैर मेरे कंधो पर रख दिया। मैंने अपने एक हाथ से मानसी के बूब्स को दबा रहा था और एक हाथ से उस के चेहरे को मसल रहा था। कुछ समय बाद मानसी ने अपने चुत को टाइट कर लिया जिस का मतलब था मानसी का होने वाला था मैं ने अपनी रफ्तार तेज कर दिया जिस से मानसी ने खुद को संभाल नही पाया और पानी छोड़ दिया।
मानसी उठ गयी और बोली रुको अब दीदी को भेजती हु। मानसी कपड़े पहन कर बाहर गयी और एकता को अंदर भेज दिया। एकता अंदर आते ही खुद ही अपने कपड़े निकल दिया और मुझे चूमने लगी । चूमते हुए लण्ड पर पहुची तो उसे पोछने के लिए बोली तो मैंने बोला की इसे पौंछ मत।
जरा अपनी देवरानी का रस तो चख लो। एकता ने लण्ड को मुह मे लेकर चूसने लगी 5 मिनट चूसने के बाद बोली अब बहुत चुम्मा चाटी हुआ। अब लण्ड को चुत मे पेल दो।
एकता खड़े हो कर मेरी तरफ मुह कर के शट का खड़ी हो गयी और बोली की खड़े खड़े चोदो मुझे। मैंने एक हाथ से उस के चूतड़ को पकडा और एक हाथ से लौड़े को उस के चुत पर सेट किया। एकता ने अपने दोनों हाथ मेरे गर्दन मे डाल लिए। मैंने चोदना शुरू कर दिया 5 मिनट की चुदाई के बाद एकता बोली अब चलो बाहर करते है।
मैंने भी बिना कुछ सोचे हा कर दिया और दोनों नंगे ही बाहर आ गए हम दोनों को देख कर मानसी भौचक्की रह गयी।
मैंने एकता को जमीन पर कुतिया बनाया और पीछे से चुत मे लण्ड डाल कर चोदना शुरू कर दिया। मैंने एक हाथ से एकता के बाल पकड़ लिए और उसे घोड़ी की तरह खीचने लगा और दूसरे हाथ से उस के चूतड़ पर चपेट मरने लगा और मार मार के उस का गांड लाल कर दिया।
मानसी ये सब देख कर परेशान हो कर बोली। तुम दोनों के इस खुले मे चुदाई को अगर किसी ने देख लिया तो कांड हो जाये गा।
एकता- मानसी, बुरचोदी तु चुप रह और देख चुदाई ऐसे होता है। मैं
जोर से चोदना शुरू कर दिया। एकता समझ गयी मेरा होने वाला है तो बोली कुछ और झटके मारो दोनों साथ मे झड़ जाते है। मैंने अपनी स्पीड कम किया और चोदने लगा। 10 - 15 झटको के बाद दोनों साथ मे झड़ गए। झड़ने के बाद जमीन पर गिर गयी और उस के उपर गिर गया।
मानसी बोली अब जल्दी से अंदर जाओ। एकता के और मेरे शरीर पर पूरा मिट्टी लगा हुआ था तो एकता बोली जब इतना हो गया है तो ट्यूबेल मे नहा लेते।
मानसी ने मना किया पर एकता नही मानी और नंगे ही नहाने लगे। दोनों नहाने के बाद अंदर गए और कपड़े पहन कर बाहर आये।
मानसी - तुम दोनों की चुदाई देख कर मेरी गांड फट रही थी अगर कोई देख लेता तो पता नही क्या होता।
एकता- जो भी देखता उस से भी चुद जाते हम दोनों और क्या होता। फिर तीनो अंदर आ कर एक खटिया पर लेट गए।
हम लोग इस तरह लेटे थे की मानसी के गोंद मे मेरा सर था और मेरे लौडे पर एकता का सर था। एकता के गोरी टांगें मानसी के सर के पास थी।
एकता- मानसी तेरा पानी तो बड़ा ही मजेदार था इतना तो किसी लड़के का पानी मजेदार नही होता।
मानसी- दीदी तुम ने कब पिया मेरा पानी।
मैं- अरे मैंने अभी जब तुम को चोद कर बाहर भेजा था उस समय मेरे लौड़े मे लगा था तुम्हारा पानी तो वही पिया है एकता ने।
एकता- मानसी अब अगर तु तैयार हो तो मैं तेरा चुत चाट कर पानी पीना चाहती हु।
मानसी- छि क्या बोल रही हो दीदी।
एकता- मैं सच बोल रही हु मुझे तेरा चुत चाट कर पानी पीना है।
मैं- चिन्ता मत करो मैं जाने से पहले मानसी का चुत चटवा दूंगा तुम को और मानसी का रस भी पी लेना।
मानसी- चलो ठीक है मैं तैयार हु दीदी अपनी चुत चटवाने के लिए।
एकता- ठीक है आज रात मे छत पर चाटुंगी। हम तीनो बाते करते रहे तभी नौकर आया और हम तीनो को देख कर चौक गया इस तरह लेटा देख कर।
एकता ने उसे बोला हम लोग जा रहे है घर तुम अब देखो। हम तीनो घर पहुँच गए। घर पर एकता के ससुर और पति दोनों थे। पति ने पूछा कहा थे तुम लोग।
मानसी ने बोला जेठ जी हम लोग बगीचा गये थे घूमने। फिर दोनों अंदर चली गयी और मैं उन लोगो के पास बैठ गया और बाते करने लगा।
एकता के पति ने पूछा की जिस काम के लिए यहाँ आये हो वो हुआ की नहीं अभी तक। मैं मन मे सोचने लगा की तुम्हारी मेहर को चोदने आया था अब तक चोद भी लीया है।
मैं बोला अभी काम नही हुआ है कल जा कर अपना काम पूरा कर लूंगा। हम लोगो ने और बाते की फिर दिन बीता और रात आ गयी। रात का खाना खाने के बाद मैं सोने के लिए जा रहा था तो एकता ने बोला रूम मे मत जाओ सीधा छत पर चलो हम दोनों अपना काम खत्म करके आते है।
रात के 10 बज गए सब लोग सो गए तो मानसी और एकता दोनों मेरे पास आयी। दोनों ने मैक्सी पहन रखा था। छत का दरवाजा बंद किया ताकि कोई आये ना।
मैं- तो मानसी तैयार तो चूत चटवाने के लिए।
एकता- अरे मैं उस समय मजाक कर रही थी मुझे नहीं चाटना चूत।
मानसी- दीदी आप मना कर रही है तो अब क्या किया जायेगा।
एकता- तुम्हारे चूत मे बड़ी खुजली हो रही है चूत चटवाने की।
मानसी- दीदी चूत चाटने की बात मत करो नही पानी छोड़नी लगेगी अभी मेरी चूत।
एकता- आज क्या थ्रीसम किया जाये गा अगर ये हम दोनों को एक साथ चोद सके तो।
मैं- मैं चोद पाऊंगा की नही ये तो चुदाई शुरु करने पर पता चलेगा।
मानसी - तो फिर शुरू करते है, आज कुछ नया भी हो जायेगा।
इतना कह कर दोनों ने मुझे चूमना शुरू कर दिया। दोनों ने चूमते हुए मेरे और अपने कपड़े निकाल दिया और अब हम तीनो नंगे थे किसी के भी बदन पर कोई कपड़ा नही थी। इस बीच मैंने मानसी को एकता को किस के लिए बोला तो वो ना नुकूर करने के बाद एकता के होठों को चूमने लगी जिस से एकता थोड़ा सौक हुयी पर खुद भी मानसी का साथ देने लगी।
हम तीनो ने एक दूसरे को जी भर कर चूमा। मानसी ने मुझे खड़ा किया और एकता को अपने साथ लेकर घुटनों के बल बैठ गयी । मानसी ने खुद पहले मेरे लौड़े को मुह में लिया फिर एकता को चूसाने लगी। दोनों ने मिल कर लगभग दस मिनट तक लौडा चूसा। दोनों ने मिल कर क्या बताउ कैसे चूसा। जब मानसी लौडा चूसती तो एकता आंड को रसगुल्ले की तरह चूसती चटती।
एकता लौडा चूसती तो मानसी एकता के बूब्स को मसलती, उस के चेहरे को चूमती, चेहरे पर हाथ फेरति तो कभी मेरे गाँड़ के छेद को चाटती। दोनों ने मिल कर मेरा रस निकाल लिया।
मैंने अपना वीर्य एकता के मुह मे गिरा दिया तो मानसी तुरंत एकता के मुह मे जुबान डाल कर वीर्य का स्वाद लेने लगी। एकता ने मानसी के मुह मे भी वीर्य डाला और पीने लगी। मैं तुरंत लेट गया पर मानसी और एकता ने एक दूसरे को चूमना जारी रखा।
मैंने मानसी को लिटा दिया और एकता को मानसी का चूत चाटने के लिए उस के दोनों पैरो के बीच मे झुका दिया। एकता ने मानसी का चूत चाटने लगी। पहले तो आधे मन से चाट रही थी पर मैंने उसे चूत चाटना सही से बताया तो पूरे मन से चाटने लगी जिस दोनों को मजा आने लगा। मैं एकता के पीछे से गांड मे उंगली करने लगा और चूत मे जुबान डाल कर चोदने लगा। मानसी एकता के सर को दोनों हाथो से अपने चूत मे दबाने लगी जिस से एकता को साँस लेने मे तकलीफ हो रहा था।
मानसी ज्यादा देर तक खुद को रोक नही पायी और एकता के मुह पर झाड़ गयी मानसी का पूरा पानी एकता पी गयी। मेरे चूत चाटने से एकता भी झड़ गयी। हम तीनो का एक-एक बार पानी निकल गया था। मैं बीच मे और दोनों मेरे दोनों तरफ लेट गयी।
मानसी- आज तक मेरे चूत को मेरे पति, और विमल ने चूसा है पर दीदी आप के जितना किसी ने भी नहीँ चाटा।
एकता- हाँ यार, लौडा चूसने से ज्यादा मजा आया चूत चाटने मे।
मैं- अरे तुम दोनों मुझे भूल गयी क्या।
एकता- नहीं तुम को कैसे भूल सकती हु, तुम्हारे वजह से ही अपने इस जवानी का मजा ले रही हु।
मानसी- दीदी अब मैं भी आपकी चाटना चाहती हु।
एकता- चाट लेना कौन रोक रहा है अब इस चूत पर तेरा भी मालिकाना है इस के तरह।
दोनों बाते करते बारी बारी अपने हाथो से मेरा लौडा आगे पीछे कर रही थी जिस के वजह से लौडा एक बार फिर खड़ा होगा था। मानसी मेरे लौड़े को देख कर बोली अब मैं इस की सवारी करने जा रही हु। मैंने मानसी को अपने उपर बैठा लिया पर उस का पीठ अपनी तरफ कर लिया और एकता को बोला की तुम मानसी के मुह पर अपना चूत रगडो। एकता मानसी के मुह पर चूत सटा दिया।
मानसी एकता के चूत को चाटने लगी इस पॉजिसंन मे 5 मिनट के बाद एकता ने पानी छोड दिया और मेरे बगल मे लेट गयी मैं उठा और मानसी को घोड़ी बना दिया और पीछे से लौडा चूत मे सेट किया और शुरू हो गया।
मानसी को चोदते समय उस के गांड पर, उस के मुह पर चाटे मार मार हालत खराब कर दिया दिया।मानसी अपना आपा खो चुकी थी वो पागलो की तरह चिल्लाने लगी थी तरह तरह के आवाज निकल रही थी।ये सब देख कर एकता अचम्भे मे थी की मानसी को क्या हुआ।
मानसी को चोदते चोदते मानसी को इतना दबा दिया की अब वो हाथो के बजाय बूब्स के दाम पर अपनी कमर से गांड उठा कर चुदवा रही थी। इस पोजिसन मे मानसी का गांड पूरे तरह से सेफ मे था। मैं अपनी रफ़्तर तेज कर दिया जिस से मानसी चिल्लाने लगी की आराम से चोद माधरचोद, मैंने रफ्तार कम नही किया और 10 - 15 झटको के बाद मानसी के साथ उस के चूत मे झड़ गया।
मानसी इस चुदाई के बाद एक दम अपने कंट्रोल मे नही थी तो एकता ने उस सही से बिस्तर पार लिटा दिया और उस के सर को सहलने लगी और मुझे गलिया देने लगी की इस तरह कोई चोदता है क्या तूने मेरी मानसी को बजारू रैंडी की तरह समझ रखा है क्या?
मैं बोला अरे कुछ नही हुआ है इसे इस तरह इसे चुदना पसंद है। मेरी बातो को सुन कर मानसी मुस्कुरा रही रही थी। ये चुदाई का दौर लगभग 10 बजे शुरू हुआ और 11:30 बजे खतम हुआ था। अभी तक एकता के चूत को लण्ड नही मिला था तो वो फिर से मेरा लौडा हाथ मे लेकर हिलाने लगी तो मैंने बोला रुको अभी कुछ देर बाद खड़ा होगा।
मानसी मानसी को बीच मे कर के लेट गयी। एकता मानसी से बाते करने लगी ।
एकता- मानसी तु सही है ना, क्या ये इसी तरह चोदता है तुझे हमेशा।
मानसी ( बड़ी ही धीमी आवाज मे) - चोदता तो ऐसे ही पर आज बहुत मारा इस ने मुझे जिस से मेरी हालत खराब हो गयी और उपर से आप की चूत और आप का पानी दोनों ने पता नही कैसा असर किया मुझे पर।
मैं- मानसी तेरी चूत फाड़ कर मजा आ गया।
मानसी - मैं सोने जा रही हु अब तु दीदी का चूत फाड़। आधे घंटे के बाद एकता ने लौडा चूसना शुरू कर दिया जिस से लौडा चोदने के लिए खड़ा हो गया।
मैंने एकता को नीचे किया और उस के दोनों टांगों को अपने कंधे पर रख लिया फिर चूत मे लौडा सेट किया और धक्के लगाना शुरू कर दिया। एकता के बूब्स को मसले लगा मैं। एकता के दोनों हाथो में उसके टांगों को पकड़ा दिया और बोला इसे खड़ा ही रखना।
एक हाथ से एकता के बूब्स दबाने लगा उस पर चाटे मार मार कर लाल करने लगा जिस के दर्द से एकता ने गाली देना शुरू किया तो उस के चेहरे पर भी थप्पड़ मरने लगा जिस से वो शांत हो गयी। मैंने उस के टांगों को उस के बूब्स तक दबा दिया जिस के वजह से उस का चूत एक दाम सामने आ गया।
अब लण्ड पूरा चूत में जा रहा था। इस तरह से चुदाई लगभग 10 मिनट चली और उस के बाद दोनों झड़ गए। इस पोजिसन मे चुदने के वजह से एकता के पैर, कमर सब दर्द कर रहा था क्योकि पूरा शरीर उस का अकड़ गया था। अब वो दर्द के वजह से लेट गयी और तेजी तेजी साँस लेने लगी।
इस चुदाई के बाद मेरा पूरा हालत खराब हो गया था मुझ मे अब इतनी भी ताकत नही बचा था की कुछ बोल सकु। एकता और मैं बिना कुछ बात किये ही सो गए। सुबह मानसी के आँख खुली तो उस ने हम लोगो को भी उठाया। जब मैं उठा तो देखा 8 बज गए थे धूप पूरा निकल चुका था।
दरवाजा कोई खटखटा रहा था। हम तीनों ने अपने कपड़े पहने और फिर मैं छुप गया। मानसी ने दरवाजा खोला तो उस की सास खड़ी थी ।
उन दोनों को सास डाटने लगी तुम दोनों सो रही हो और विमल भी अपने रूम मे नही है। एकता सास को लेकर नीचे चली गयी मानसी बिस्तर लेकर मुझे पीछे पीछे बुला कर रूम मे पहुँचा दिया वहा से मैं तुरंत नहा धो कर 9 बजे बाहर आया।
तब तक एकता के ससुर और पति दोनों जा चुके थे।
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मेरा खास तौर पर भाभी लोगो से अनुरोध है की फीड बैक जरूर दे। भाभी मेच्योर होती है और चुदने के जगह और समय का जुगाड़ खुद ही कर लेती है।

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