मेरी पहली चुदाई मालकिन के साथ: Antarvasna Sex Stories
हेलो दोस्तों मे राज शर्मा इस साईट पर अपनी पहली कहानी ले कर हाजिर हु।
दोस्तों मे रतलाम मध्यप्रदेश का रहने वाला हु। ये कहानी मेरी मालकिन आंटी की है मे जिस दुकान मे काम करता था उसकी मालकिन का नाम सपना था। शुरू शुरू मे उसका कोई ध्यान नहीं देता था मगर ऐसे ही एक बार मज़ाक मे मेरा फोन कही दुकान मे रख दिया जो मुझे मिला नहीं तो अपने दोस्त के मोबाईल से कॉल किया। तो किसी औरत ने फोन उठाया और मेरे साथ मस्ती भरी बात करने लगी मे ताजुब मे पर गया मेरा फोन कहा रह गया।
बाद मे मालूम हूआ तो मेरी सेठानी के पास थी और वो मेरे मजे ले रही थी। फिर धीरे मे भी उनकी तरफ खींचा चला गया। क्योंकि उनकी आग भी भरक रही थी। उनके पति को मरे कई साल बीत चुके थे तो आप लोग ये समझ सकते हो अकेली औरत किसी को कह भी नहीं सकती और बता भी नहीं सकती उसकी जररत क्या है।
फिर मे ने भी उनसे मज़ाक कर लेता या इधर उधर हाथ लगा देता जिससे वो बुरा नहीं मानती थी। मगर हमारा मिलन नहीं हो पा रहा था उनके बेटे के कारण। मगर कहते है यदि दिल से चाहो तो पूरी कायनात तुम्हारी मदद करती है। वैसे ही मेरे साथ हूआ उनके बेटे को दुकान पर काम की वजह से दिल्ली जाना पड़ा दो दिन। तो उसने मुझे घर पर ही रुकने का बोला। वो बात जो मेरे सोने पे सुहागा थी और सपना आंटी के लिए भी।
जैसे ही उनका बेटा गया आंटी ने पूछा आज खाना यही खा लेना। तेरे लिए बहुत अच्छी डिश बनाई है। मे उनके 34-d कप के बोबे देख कर कहा खाने के साथ और कुछ भी मिलेगा क्या?
आंटी ने कहा आज तो सब मिलेगा गुलाब जामुन से लेकर रबड़ी भी। जैसे रात को दुकान बंद की और उनके साथ उनके घर गया उन्होने जल्दी से दरवाजा बंद किया और मुझे गले लगया। मुझे अलग ही फील हो रहा था। धीरे धीरे मेरा लंड भी खड़ा हो गया, जो मेरी पेंट मे तब्बू बन गया। आंटी ने मेरे लंड को पकड़ कर दबा दिया, मुझे बहुत दर्द हुआ।
मैंने जानबूझ कर कुछ ज्यादा ही रिएक्ट किया तो वो ये देखकर थोड़ा डर गईं और मुझसे बोलीं- सॉरी गलती से हो गया।
मैंने गुस्सा होने का नाटक किया तो बोलीं- दिखाओ तो क्या हुआ है?
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मैं शरमाने लगा तो वो बोलीं- शरमाओ मत.. दिखाओ तो किधर क्या हुआ है?
मैं भी यही चाह रहा था।

फिर वो मेरे पास आकर मेरे पैन्ट को खोलने लगीं। मैं कुछ नहीं बोला बस मैंने अपनी आँखें बंद कर लीं।
आंटी ने अपने हाथों से मेरा पैन्ट खोल कर नीचे सरका दिया और अंडरवियर के अन्दर हाथ डाल कर मेरे लंड को पकड़ लिया। आंटी का हाथ लगते ही मेरा लंड एकदम से तन गया। आंटी ने तुरंत हाथ बाहर निकाला और बोलीं- बाप रे कितना मोटा और बड़ा है? किसी को कुछ मत बोलो तो तुमको मैं भी कुछ करके दिखाऊँ?
मैं बोला- नहीं बोलूंगा।
फिर तुरंत मेरी चड्डी खोल कर लंड अपने हाथ में ले लिया और सहलाने लगीं, आंटी मेरे लंड को किस करने लगीं।
मेरा बुरा हाल था.. मुझे बहुत मजा भी आने लगा था।
आंटी बोलीं- चलो बिस्तर में आ जाओ।
मैं बिस्तर पर आ गया।
आंटी ने मुझसे कपड़े खोलने को बोला।
मैं कपड़े खोलने लगा।
आंटी ने अब अपने पूरे कपड़े खोल दिए आंटी के दूध मस्त और बड़े थे, मैं दबाने लगा।
आंटी पोजीशन में आकर मेरे लंड को अपने चूत के छेद में लगा कर घिसने लगीं। मेरा पूरा लंड आंटी की चूत के पानी से गीला हो गया। आंटी बोलीं- हाँ अब आराम से डाल दो.. और जब दर्द हो तो रुक जाना।
मैं भी चुप होकर चुदाई का मजा लेने लगा। मैंने धक्का मारा तो लंड आंटी की चुत में घुस गया।
उनके मुँह से ‘आआआ ऊऊजु..’ की आवाजें आने लगीं।
आंटी कुछ पलों बाद मेरे ऊपर आ गईं और पूरे जोर से मेरे लंड के ऊपर चूत को घुसा दिया।
कसम से मैं अपने आपको रोक नहीं सका। पहली बार चूत की गरमी को महसूस किया था।
वो बोलीं- आह.. कितना बड़ा है राज .. तुम पहले क्यों नहीं मिले आआआ उह्ह्ह… मजा आ गया.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… उझह्ह्ह् स्स्स्स्स् स्स्स.. असली लंड का मजा आज मिल रहा है।
कुछ देर की चुदाई के बाद मैं अपने माल को रोक नहीं पाया और आंटी की चुत में पूरा रस भर दिया।
वो बोलीं- अभी तो मजा आ रहा था राज .. इतनी जल्दी निकाल दिया.. चलो कोई बात नहीं.. दूसरी बार में मजा आएगा।
मैंने बोझिल आँखों से पता नही चला।
उनकी बात सुनकर मुझे बड़ा मजा आया और दूसरी चुदाई को लेकर सपने बुनने लगा। हालांकि मुझे तो आंटी चुत का मजा आ गया था। मैंने तुरंत ही उनकी निप्पल को पीने लगा था। उनकी चूचियों से दूध भी निकल रहा था जैसे जैसे मैं दबाता दूध निकलता मैं उनकी दोनों बड़ी बड़ी चूचियों को मसलते हुए पीने लगा और दूध का आनंद लेने लगा। आंटी पूछी कैसा लगा रहा है। मैंने कहा नमकीन लग रहा है।
आंटी बोली इससे भी ज्यादा नमकीन मेरा नीचे वाला है मैं तुरंत ही नीचे हो गया दोनों टांगों को फैलाया, और चूत को चाटने लगा। उनके चूत से गर्म गर्म पानी निकल रहा था और स्वाद बहुत ही ज्यादा नमकीन था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था फिर से मेरा लंड खड़ा हो चुका था बहुत मोटा हो चुका था चोदने के लिए बिल्कुल तैयार था। पर मैं आंटी को गर्म कर रहा था ताकि गर्म औरत की चुदाई का बात ही कुछ और होता है। जब आंटी की सिसकारियां मुंह से निकलने लगी अंगड़ाइयां लेने लगी तब मुझे लगा कि आंटी गरम हो चुकी है और हथोड़ा मार देना ही सही है। मैंने तुरंत ही अपना मोटा लंड आंटी के चूत के छेद पर रखा और जोर से घुसा दिया।
चूत के अंदर जाते ही आंटी के मुंह से आवाज निकला हाय हाय हाय ओहो आहा उप और जोर से और जोर से और जोर से। मैं आंटी की चूचियों को मसल ता हुआ जोर-जोर से उनकी चूत में लंड घुसा दिया और अंदर बाहर जल्दी-जल्दी करने लगा। आंटी सिसकारियां मुंह से निकाल रही थी ऐसा लग रहा था कि मानो उन्होंने मिर्ची खा लिया हो। मैं पूछ लिया आंटी क्या बात है मिर्ची खा ली क्या उन्होंने कहा जब तुम इतना मोटा मिर्ची मेरी चूत के अंदर घुस आओगे तो आवाज तो मुंह से ही निकलेगा। मैं समझ गया आंटी बहुत ही ज्यादा गरम हो चुकी थी जोर जोर से धक्के दे देकर मैं आंटी को चोदने लगा। फिर मैं नीचे हो गया आंटी मेरे ऊपर चल गई मेरा मोटा लंड अपनी चूत के छेद पर रखकर जोर से धक्के दी पूरा का पूरा लंड उनकी चूत के अंदर समा गया।
अब वह जोर जोर से धक्के देकर मेरे लंड को अपने चूत के अंदर लेने लगी मैं बार-बार उनकी चुचियों को पकड़ता दबाता मसलता दोनों उंगलियों से मैं आंटी के निप्पल को दबाता और फिर जोर जोर से धक्के देखकर उनको संतुष्ट करता वह ऊपर से धक्के दे रही थी मैं नीचे से धक्के दे रहा था। उन्होंने अपने बाल खोल दिए लंबे लंबे बाल मेरे बदन पर था वह खुद ही अपने दांतो से अपने होंठ को काट रही थी और जोर जोर से धक्के दे रही थी। फिर वह घोड़ी बन गई मैंने पीछे से लंड उनकी गांड के बीचो बीच चूत में रखा और जोर से घुसा दिया। अब उनकी दोनों चूतड़ पर मैं थप्पड़ मार मार कर जोर जोर से धक्के दे देकर मैं चोदने लगा। आंटी बोली आज पूरी रात मुझे चोदना ऐसा ही मुझे रोज चोदना। अब मुझे किसी की भी जरूरत नहीं सिर्फ तू मेरे साथ रहना मैं बहुत खुश हो गई हूं। आज राज तुमने मेरी वासना की आग को शांत कर दिया है। जब भी तुम्हें चोदने का मन करे तो मुझे चोद लेना मैं कभी मना नहीं करूंगी।
फिर अंतिम शार्ट के लिए आंटी तैयार थी। नीचे फिर से लेट गई और दोनों को खोल दिया। मैंने उनके दोनों को अपने कंधे पर लगाया गांड के बीचो बीच चूत के छेद पर रखा और जोर से घुसा दिया करीब 10 मिनट की जबरदस्त चुदाई में मैं भी झड़ गया वह भी शांत हो गई हम दोनों ही एक दूसरे को पकड़ कर सो गए। फिर लाइट चली गयी और तो हम दोनों ही छत पर चले गए फिर चांदनी रात में चुदाई किये।
पूरी रात हम दोनों एक दूसरे को खुश करते रहे जिस्म को टटोल कर रहे सूचियों को दबा कर रहे गांड में उंगली करते रहे। इतनी हसीन रात मेरी आज तक कभी ना हुई ना शायद आगे कभी होगी। जैसा मुझे आंटी को चोद कर लगा था।
मैं जल्द ही अपनी दूसरी कहानी इसी साईट स्टोरी पर लिखने वाला हूं तब तक के लिए आप सभी को मेरा प्रेम भरा नमस्कार।
और Antarvasna Sex Stories लगी मुझे mail कर करके बताये अच्छी लगी या नहीं, मुझे प्लीज़ रिप्लाई करना।

Udaipur Rajasthan se kon hai