मेरी मां ने मुझे सज़ा दी - Antarvasna Sex Stories
- Ranjan Kumar
- 1 hour ago
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हेलो दोस्तो कैसे हैं आप ?मैं आपका दोस्त रंजन कुमार आज नईं कहानी लेकर आया हूं ये कहानी मेरे एक दोस्त ने भेजी है और शत प्रतिशत सच्ची है। कहानी पढ़ कर मजा ही आ जाएगा और ज्यादा बातें ना करता हुआ कहानी पर आता हूँ। ये कहानी अब आप रिषभ की जुबानी सुनेगे।
हैलो दोस्तों मै ऋषभ हूँ और अपनी जिंदगी की सच्ची कहानी आपके सामने रख रहा हूँ । दोस्तो लोग चूत को तरसते हैं पर मुझे तो हर कदम पर चूत मिली और इतनी मिली कि मुझे यकीन हो गया कि मुझे कामदेव का कोई जन्म मिला है। अब अपनी कहानी शुरू करता हु और आप भी लन्ड हाथ में पकड़ कर कहानी पढ़िए क्योंकि मुझे यकीन है कि आप लंड को हिलाए बिना नहीं रह सकेंगे और लड़कियां और लेडीज उंगली किए बिना नहीं रह सकेंगी।
मेरा नाम ऋषभ है मेरे घर में मेरे मम्मी पापा और बड़ी बहन है जिसकी शादी हो चुकी है। पापा की 2 फैक्ट्रियां थी धागा बनाया जाता है और ज्यादातर इसमें काम औरतें ही करती है क्योंकि मर्दों में बीड़ी पीने वाला अगर कोई हुआ तो नुकसान हो सकता है।
मम्मी ज्यादा पढ़ी लिखी नहीं है पर ग्रेजुएट हैं। मम्मी की शादी बहुत छोटी उम्र में हो गई इसलिए वो पढ़ नहीं सकी। दादा जी और नाना जी दोनों गांव के थे इसलिए पारिवारिक दबाव की वजह से वो अपना स्कूल ही पूरा कर पाई। कॉलेज लाइफ उन्होंने देखी ही नहीं । पापा ने शादी तो कर ली पर वो इससे खुश नहीं थे। क्योंकि वो शुरू से ही शहर में रहते थे।
सुना है उनका कोई अफेयर भी था जो शादी के काफी साल बाद भी जारी रहा। पर जिस दिन घर में पता चला तो तूफान आ गया और जब दादा जी ने उनको बेदखल करने की धमकी दी तब उन्होंने माफी मांगी और आगे से ये गलती करने से तौबा कर ली। पर इसका गुस्सा उनके मन में सारी उम्र रहा और वो तो आज भी ताना दे देते है मां को कि वो गंवार है।
जबकि मां ने अच्छी तरह शहर के रंग में खुद को ढाल लिया था पर पापा का गुस्सा नहीं गया और मां तो मुझे बताती है कि वो रोजाना शराबी होकर ही घर आते थे। सबसे कमाल की बात ये है कि हम दोनों बहन भाई भी शराबी हालत में किए गये कांड का ही नतीजा थे। वर्ना पापा ने होश में मम्मी से कभी प्यार नहीं किया ।
मेरी मम्मी तो अब भी किसी मॉडल से कम नहीं दिखती । हमारी जिंदगी यूं तो अच्छी चल रही है पर जब में 11 साल का था तो एक फैक्ट्री में आग लगने की वजह से हमारा काफी नुकसान हुआ था। जो बाद कवर अप तो हो गया पर उस टाइम पापा के डिप्रेशन में जाने की वजह से उनकी सेहत पर बहुत बुरा असर पड़ा ।
हमको उन्हें कमरे में बंद करके रखना पड़ता था धीरे धीरे वो ठीक तो होते गए पर पूरी तरह ठीक ना हो सके और फैक्ट्री का सारा काम मम्मी को देखना पड़ा । असली दुनिया की समझ मम्मी को तब आई जब उनके कदम घर से बाहर पड़े और उनको पापा की सभी करतूतें भी पता चली कि कैसे वो फैक्ट्री में रंगरलियां मनाते थे।
फिर मम्मी ने फैक्ट्री के सारे सिस्टम को सुधारा और बहुत अच्छे से उसका काम चलाया और बढ़ाया भी अलग अलग मर्दों से बात चीत करना और उनसे टच होना आम बात थी। उन्होंने खुद को एक दायरे में रखा पर जज्बात कब तक दबाए जाते हैं। उधर मैने स्कूल पास आउट कर किया था पर नई जवानी नई नईं लड़कियों से मिलना आम बात थी।
एक दिन मै एक होटल में एक लड़की के साथ पकड़ा गया पुलिस थाने में ले आई और घर वालों को बुलाया गया। मम्मी को पुलिस स्टेशन देख कर मुझे तो बहुत गिल्टी महसूस हुआ। हम यंग थे इस बात को देखते हुए पुलिस ने वार्निंग देख कर छोड़ दिया। कार में घर आते आते मेरी नज़रे शर्म से नीची ही रही और मम्मी ने भी कोई बात नहीं की।
घर आते ही बड़ी बहन ने मुझे गुस्से वाली नजरों से देखा और मैं चुपचाप सिर झुकाए अपने कमरे में चला गया । मम्मी रात को अपने रूम में शराब पीने लगी मुझे पता लग गया था ।वो पी रही है और उनकी टैंशन की वजह मैं था । दीदी अपने रूम में जाकर चुपचाप सो गई । रात के 11 बज रहे थे और सर्दियों के दिन थे मेरे मोबाइल पे मम्मी की काल आई कि मेरे रूम में आओ।
उनके बोलने के लहजे से पता लग रहा था कि वो गुस्से में हैं। मैने भी डरते डरते रूम में जाने की तैयारी कर ली । मै रूम में पहुंचा तो मम्मी रजाई में थी और बेड की साइड में वाइन का ग्लास पड़ा था जो आधा भरा था ।
मम्मी बोली ये कब से चल रहा है लड़कियों का चक्कर ? मैने बोला मम्मी पहली बार ही गया था और मेरा वो दोस्त मनोज ही मुझे ले गया था आपकी कसम मम्मी ये मेरी पहली गलती है दुबारा नहीं करूंगा ।
मम्मी ने ग्लास उठाया और मुंह को लगा कर ग्लास खाली कर दिया। उनके चेहरे को देखकर लग रहा था कि उनको बहुत नशा हो गया था। मम्मी गुस्से से बोली कि तेरा बाप साला बाहर रंगरलियां मनाता था तू भी उस भड़वे पर चला गया । उसने पूरी जिंदगी मुझे 2 बार प्यार किया है।
इधर में तड़पती रही उधर वो गैरो को खुश करता रहा। क्या कसूर था मेरा क्या कमी थी मुझमें ? इधर आ ऊपर बैड पर रजाई में आ मेरे पास ।
मै पूरी तरह डर गया था मम्मी का रूप देख कर और मैं चुपचाप बैड पर चढ़ गया और बैठ गया । मम्मी ने तभी अपने ऊपर से रजाई हटा दी और ऊपर एक टॉप से पहना था वो फाड़ कर हटा दिया और पूरी तरह नंगी होकर बैड पर खड़ी होकर बोली ,बता मेरे जिस्म में कहा कमी है ?
मम्मी बिल्कुल मुझसे 20 इंच की दूरी पर नंगी खड़ी थी और उनके यौवन को मै देख रहा था सच में बड़े बड़े पर तने सख्त मम्मे सपाट पेट और दूधिया गोरा रंग , मै तो देखकर शॉक्ड हो गया।
मम्मी बोली बोलता नहीं अब कुत्ते। आज तुझे कुत्ता ही बनाऊंगी ताकि तू कभी बाहर मुंह मारने के बारे सोचे भी नहीं चल अपने कपड़े उतार और बैड के नीचे कुत्ते की तरह खड़ा हो जा। मम्मी के हाथ में स्टिक भी थी मै पूरी तरह डर गया था और वैसे ही किया अपने पूरे कपड़े उतार के घुटनों के बल खड़ा हो गया तभी मम्मी ने बेड के ऊपर खड़े होकर मुझपर मूतना शुरू कर दिया ।
मै रो रहा था गिड़गिड़ा रहा था कि मम्मी मुझसे गलती हो गई ऐसा मत करो पर मम्मी ने सारा पेशाब मेरे मुंह पर किया हालांकि कमरे में रूम हीटर चल रहा था पर मुझे ठंड लग रही थी ऊपर से पेशाब ठंडा होकर और ठंड बढ़ाने लगा तभी मम्मी ने कुत्ते वाली चैन ली और मुझे बेड के पाए के साथ बांध दिया ।
तभी मम्मी ने बेड पर बैठ कर नीचे टांगे करके मेरे कंधों पर रख दी और टांगों से मुझे खींच कर अपनी चूत के पास लाकर बोली चल इसे चाट कर साफ कर । चूत पर अभी भी पेशाब लगा था मुझे घिन सी आने लगी और मैने मम्मी से कहा मम्मी माफ कर दो इतनी बड़ी सजा मत दो।
तो मम्मी बोली मै तो तुझे मज़े करवा रही हु वहां होटल में भी तुमने उस रंडी की चूत की चाटनी थी यहां मेरी चाटने में क्यों घिन आ रही है क्या ? उसकी चूत मुझसे ज्यादा अच्छी है हरामजादे, रंगीले मर्द की औलाद?
इतना कहकर उन्होंने मुझे जोर से डंडा मारा तो मैने दर्द से कराहते कहा आप जो बोलोगी मै करूंगा तो मम्मी नशे में झूमती बोली गुड बेबी मेरा प्यारा बच्चा चल आजा फिर । क्या किस्मत थी मेरी कि मुझे अपनी ही मां की पेशाब वाली चूत चाटनी पड़ रही थी। पर मरता क्या ना करता क्योंकि घर में कोई इज्जत रही नहीं थी।
मैने जीभ निकालकर मम्मी की चूत चाटनी शुरू कर दी। मम्मी ने मेरा सिर पकड़ कर चूत में घुसा लिया। मुझे सांस भी सही से नहीं आ रही थी पर मैं अपना काम करता रहा।
मम्मी ऊपर से आह आह उम्म मेरा कुत्ता कितना पालतू है आह आह उई सी आह सक मी। मैं हैरान था कि मम्मी से ये वर्ड्स कहा से सीखे ये तो ब्लू फिल्म में होते है इसका मतलब मम्मी ये भी देखती है? इसका मतलब मम्मी मुझसे और भी बहुत कुछ करवाएगी?
तभी मम्मी डिस्चार्ज हो गई और मेरी जीभ पर वो गाढ़ा सा सफेद तरल फैलने लगा जिसे मैने बाहर से ही नीचे फेंक दिया । मम्मी संतुष्ट हुई तो प्यार से मेरी तरफ देखती हुई मेरी कुत्ते वाली चैन खोल दी और कहा चल ऊपर आजा।
मैने सोचा जान छूटी पर जब मैं रजाई लेने लगा तो मम्मी ने कहा मेरे राजा रजाई लेने को किसने कहा है? चल मेरे पास आ।
मै पास आ कर लेटने लगा तो मम्मी ने कहा मुझे कसकर बाहों में भरकर ऊपर से नीचे तक चूम जिससे मैं गरम हो जाऊं । मैं हैरानी से उनके मुंह की तरफ देखने लगा तभी मम्मी गुस्से से बोली सुना नहीं मैने क्या कहा तो मैने डरते हुए मम्मी को हलके से बांहों में भरा तो मम्मी मुझे देख कर हंसी। मुझे लगा उनका गुस्सा अब खत्म हो गया ।
तभी उन्होंने पास पड़ी वाइन की बॉटल उठाई और मेरे मुंह को लगा दी और कहा पी इसे। मै ना में सिर हिलाता रहा पर मुझे वो बोतल लगभग एक चौथाई से थोड़ी ज्यादा पीनी पड़ी। तभी मम्मी ने बोतल मेरे मुंह से निकाल ली और कुछ स्नैक्स मेरे आगे करके बोली ले खा ले तेरे मुंह का टेस्ट ठीक हो जायेगा ।
मैने एक एक करके स्नैक्स खाए। मम्मी अलग अंदाज से मुस्करा रही थी तो मुझे समझ आई कि ये स्नैक्स इसलिए कि कही मैं उल्टी करके शराब निकाल ना दूं । अब तक मुझे शराब का नशा हो गया और अब डर भी खत्म हो गया था । नशे में अब मुझे अपनी मम्मी अब सैक्स डोल लग रही थी।
मम्मी मुस्करा कर बोली अब नीचे से शुरू कर चूमना और मम्मी ने अपनी टांगे उठा दी अब मैं भी किसी ज़ोंबी की तरह हो गया था बिना दिमाग के और मैने मम्मी के पैरों के तलवे चाटने शुरू कर दिए और धीरे धीरे टांगे चूमने लगा।
मम्मी आंखे बंद करके मजा ले रही थी इधर मैं मम्मी की दूध जैसी गोरी और मक्खन जैसी कोमल टांगों को चाटने चूमने के नशे में मदहोश हो चुका था मैं भूल गया था कि मैं अपनी ही मम्मी जो पूरी नंगी मेरे आगे लेती थी उसके जिस्म का मजा ले रहा था पर आगे बहुत कुछ होना बाकी था ।
शायद ये ट्रेनिंग मम्मी को उसकी किसी सहेली ने दी होगी और हो सकता है मम्मी लेस्बो भी हो क्योंकि वो लंड लेने की जरा भी जल्दी नहीं कर रही थी। बस चूसने चटवाने तक ही थी पर मुझे क्या मेरा दिमाग उस वक्त नशे में सुन्न था।
मै मम्मी की जांघों तक पहुंचा तो इतनी कोमल जांघें मैने कभी देखी ही नहीं थी मैने जांघों के मांस को मुंह के भर के जब दांतों से जोर से दबाया तो मम्मी की चीख निकल गई तभी मेरे मुंह पर एक झापड़ पड़ा और मैं उठ कर बैठ गया ।
मम्मी गुस्से से बोली कुत्ते तुझे चाटने को कहा था काटने को नहीं। मैने मम्मी से सोरी कहा तो मम्मी ने प्यार से मुझे गले लगा लिया और कस के मुझे सीने से लगाती हुई मेरे होंठ चूमने लगी मैने भी दिल खोल के साथ दिया तो मम्मी ने मुझे नीचे लेता कर मुझे चूमना शुरू कर दिया। जब मम्मी अपना मुँह मेरे लंड के आगे लेकर आई तो मम्मी ने जीभ से मेरा सुपाड़ा चाटा मेरे मुंह से आह निकल गई।
पर मम्मी ने लंड मुंह में नहीं लिया बल्कि जीभ की नोक से खड़े लंड को चाटना शुरू कर दिया और मेरी गोटियां मुंह में लेकर चूसने लगी । मुझसे अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था मेरा दिल कर रहा था कि मम्मी मेरा लंड मुंह में लेकर जोर जोर से चूसे जैसे पोर्न मूवीज में चूसती हैं। पर मम्मी तो मुझे तड़पाना ही चाहती थी।
मम्मी ने मेरी गोटियों को मुंह में लेकर जोर से दबा दिया मेरी चीख निकल गई और मैने मम्मी के मुंह पर हल्की सी चपत मार कर उनके मुंह से खुद को छुड़ाया तो मम्मी हंस कर बोली यही तो मैं चाहती थी।
उन्होंने शराब की बोतल पकड़ी और दो तगड़े तगड़े घूंट भर कर बोतल मेरे आगे करदी मैने भी दो घूंट भर लिये। मम्मी बोली चल अब मुझे मार और मेरे साथ जबरदस्ती कर मैने खुद को तुझसे छुड़वाना है पर तू बिल्कुल तरस नहीं करेगा । मैने कहा मैं ऐसा नहीं कर सकता तुम मेरी मम्मी हो तो मम्मी हंस कर बोली भोंसड़ी के मम्मी को चाट सकता नंगी कर सकता है उसकी चूत लेने को तैयार है है पर थप्पड़ नहीं मार सकता ??
यहां मै तेरी मां नहीं बल्कि एक रण्डी हूँ लंड की प्यासी रण्डी एक बिगड़ी घोड़ी जिसपर तुझे सवारी करनी है। मेरे अंदर का शैतान भी जाग चुका था और नशा भी हावी था । मैं अभी उधेड़बुन में ही था तो मम्मी ने बोला तू करेगा या मैं तुझे कुत्ता बना दूं साले छक्के भड़वे मादरचोद, गालियां सुनकर मेरे अंदर का मर्द जाग गया और मैने मम्मी की गाल पर थप्पड़ मारा और बाँह से पकड़ कर धक्का देकर नीचे गिरा दिया और ऊपर चढ़ कर मम्मी के होंठों पर होंठ रख दिए।
मैंने हाथों से जोर से उसके मम्मे दबा दिए मम्मी दर्द से चीख उठी पर आवाज नहीं निकल सकती थी तो मैने मम्मी के मम्मे मसल दिए । मैने तभी होंठ हटाए और मम्मी का नीचे वाला होंठ मुंह में लेकर चूसने लगा । मम्मी अब आह आह कर रही थी मैने नीचे वाले होंठ पर काट दिया तो मम्मी दर्द से कराहते हुए बोली अबे मेरी चूत की पैदाइश हरामी कुत्ते बहन के लोड़े ।
तभी मैने जोर से एक और थप्पड़ मार दिया गाली निकालती है छीनाल रण्डी तू बहुत लोड़ों के नीचे आई होगी पर मेरा वास्ता मर्द से पड़ा है तुझे अभी ठंडा करता हूं और मैने मम्मी की गाल को चूसते हुए गाल पर दांत गाड़ दिए मम्मी नीचे से तड़प उठी पर मैने कोई तरस नहीं किया और मम्मी के मम्मे चूसने लगा अब मम्मी के मम्मों को भी काट लिया तो मम्मी बोली हरामी के बच्चे साले तेरे बाप के बाद तेरे ही लंड का स्वाद चखने लगी हूं और सुन रण्डी जरूर हूं पर घर की ही रण्डी हूँ ।
मम्मी नीचे से मेरे लंड पर अपनी चूत रगड़ रही थी मै समझ गया इसे अब लंड की ही प्यास है। मैने अब देर ना करते हुए अपना काम शुरू कर दिया । मैने कहा चल मुंह खोल पहले मेरे लंड का स्वाद मुंह से चख ले फिर चूत से चख लेना तो मम्मी अदा दिखाते बोली नहीं खोलूंगी मुंह तो मैने एक थप्पड़ मारा और मुंह को हाथ से दबाते लंड मुंह में ठूस दिया और धक्के लगाने लगा ।
मम्मी के मुंह से अब गूं गां की आवाज की निकल रही थी तभी मेरे जोर से झटका लगा कर लंड गले की गहराई तक पहुंचा दिया तो मम्मी की आँखों से आंसू निकल आए पर मेरे धक्के जारी रहे तभी मम्मी ने मुझे ऊपर से गिरा कर कहा मादरचोद इसे असली जगह घुसा ।
मैने उठकर सीधा मम्मी की टांगे उठाई और लंड को चूत में घुसा कर धक्का मारा मम्मी की चूत पहले ही गीली हो चुकी तो लंड का सुपाड़ा अंदर घुस गया। मम्मी के मुंह से चीख निकल गई और बोली जानवर थूक तेल जैल कुछ तो लगा लेता मुझे सदियां हो गई चुदे हुए और ऊपर से लंड है कि घोड़े का लंड ? साले तेरे बाप का तो 5-6इंच का होगा ।
आह तुमने तो जान ही निकाल दी । अभी मम्मी दर्द से बाहर नहीं आई थी तो मैने फिर झटका लगा कर आधा लंड घुसा दिया। मम्मी दर्द से बिलबिला उठी और मुझे नीचे उतारने के लिए टांगे मारने लगी पर इसी धमक चौकड़ी में मम्मी से नीचे से झटका लग गया और लंड और अंदर घुस गया । अब मैने भी देर ना करते हुए मम्मी के हाथ पकड़ लिए और लंड पूरा घुसा दिया। मम्मी नीचे से गालियां निकालती रही पर मैने धक्के देने जारी रखे दस मिनट बाद मम्मी नीचे से झटकर लगाने लगी।
चोद मुझे मादरचोद छोड़ना मत फाड़ डाल इस चूत को बहुत तंग करती है मैं इसे खीरे मूलियां खिला खिला थक गई हूं । तभी मम्मी का शरीर अकड़ने लगा और वो झड़ने लगी । आह मेरे बेटे ऐसा मजा तो जिंदगी में कभी आया ही नहीं आह आह ऊ आह । करीब दस मिनट बाद मैं भी झड़ने लगा तो मम्मी को बोला कहां झड़ मेरी जान तो मम्मी ने मुंह खोल दिया ।
मैने भी लंड निकाल कर साफ किया और मम्मी के मुंह में डाल दिया अबके बार मम्मी प्यार से चूस रही थी जिसकी वजह से मैं झट से झड़ गया और रस मम्मी के मुंह में गिरने लगा । मै भी निढाल सा होकर मम्मी पर ही लेट गया तो मम्मी ने मेरा मुंह चूम लिया । मम्मी ने तभी फोन उठाया और किसी को बोला आ जाओ ।
मै हैरान हो गया कि मम्मी ने किसको बुला लिया ।मैने पूछा तो बोली दरवाजे पर देखो तो मेरी बहन अंदर आ गई मुझे कुछ समझ न आया तो मैं हैरानी से दोनों की तरफ देखने लगा । तभी बहन मम्मी के जिस्म की तरफ हैरानी से देखती बोली लगता है भैया ने तबियत से आपको प्यार किया है।
मम्मी बहुत खुश थी दीदी बोली भैया आपने तो मम्मी के पूरे जिस्म पर लव बाइट्स दे दी अब मम्मी 10 दिन बाहर नहीं निकल सकती अब तुम लोग घर में ही ऐश करना।
मम्मी की आँखें लगभग बंद हो चुकी थी और वो सो चुकी थी तभी दीदी मेरे पास आकर धीरे से बोली भैया जब मम्मी संतुष्ट हो जाए तब मेरे पास भी आ जाना । अब आप ही हम दोनो के पति हो और इतना बोलकर हंसते हुए चल दी और मैं नंगा ही बिस्तर पर सो गया।
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