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लंड की प्यासी मम्मी की चुत चुदाई - Incest Sex Stories

  • Kamvasna
  • 6 जून 2025
  • 14 मिनट पठन

दोस्तो, मेरा नाम अक्षय है!

मेरी उम्र 23 साल है. इस समय मैं बैंगलोर में हूँ.

मेरी लंबाई 5 फुट 7 इंच है और मेरे लंड की लंबाई 7 इंच है, जबकि इसकी मोटाई 5 इंच है.


मैंने अपनी पहली चुदाई युवा होते ही एक लड़की के साथ कर ली थी.

उसके बाद मैंने कई लड़कियों और औरतों को चोदा.


लेकिन फिर मेरी जिंदगी में कुछ ऐसा हुआ कि सब कुछ बदल गया!


दोस्तो, यह Incest Sex Stories है मेरे बुआ के बेटे की शादी की, लगभग 4 साल पहले हुई थी.

जब मैं अपने बुआ के बेटे की शादी में गया था तो वहां मैंने अपने घर की कई औरतों को देखा.


उनमें से कोई मेरी बहन थी, चाची थी, बुआ थी, मौसी थी, या मामी थी.


उससे पहले मैंने कभी उन्हें चुदाई की नजर से नहीं देखा था. लेकिन शादी में सारी औरतें इतना सज-संवर कर आई थीं कि उन्हें देखने वाले हर आदमी का लंड खड़ा हो जाता.

बारात में उनके साथ नाचते वक्त उनकी चूचियों और गांड को दबाने का कई बार मौका मिला.


रात होते-होते मेरी हालत ऐसी हो गई कि मुझे जाकर मुठ मारनी पड़ी!


उस दिन पहली बार मैंने सोचा कि अगर मुझे अपने घर की औरतों की चुदाई करने का मौका मिल जाए, तो बहुत अच्छा हो.


घर की औरतों को चोदने के बहुत फायदे हैं.

सबसे पहला, जब चाहो, जहां चाहो, तुम उन्हें चोद सकते हो! दूसरा फायदा यह है कि किसी को शक नहीं होता.


मुझे चुदाई का बहुत शौक है लेकिन मैं हमेशा इस बात का ध्यान रखता हूँ कि चुदाई के चक्कर में कभी किसी लफड़े में न फंस जाऊं.

इसलिए मैंने ठान लिया था कि अब घर की औरतों को चोदकर ही रहूँगा!


अब पहली समस्या यह थी कि शुरूआत कैसे की जाए क्योंकि सब कुछ इसी बात पर निर्भर करता है कि अगर सबसे पहले गलत औरत को चोदने की कोशिश की और उसने सबको बता दिया, तो मेरी जिंदगी के लौड़े लग जाएंगे!


इसलिए बहुत सोच-विचार करने के बाद मैंने अपनी मम्मी से चुदाई की शुरूआत करने की सोची.

मम्मी को चुनने के कुछ कारण थे.

पहला, मम्मी के नजदीक आना सबसे आसान होता है. अगर कुछ गलत भी हो, तो बचने के तरीके हैं, कई सारे बहाने होते हैं.


दूसरी सबसे जरूरी बात, अगर कुछ उल्टा-सीधा हो भी जाए, तो मम्मी तुम्हारी बात कभी किसी को नहीं बताएगी!


मैं आप सभी को थोड़ा अपनी मम्मी के बारे में बता देता हूँ.


मेरी मम्मी का नाम आशा है, उनकी उम्र 41 साल है. मेरी मम्मी की चूचियां 36D की हैं, कमर 32 की और गांड 38 की.

उनकी गांड थोड़ी कम चौड़ी है.


जब मैंने यह नोटिस किया, तो मुझे लगा कि शायद पापा उनकी गांड कम मारते होंगे!


मेरी मम्मी थोड़ी मॉडर्न टाइप की है, लेकिन बहुत ज्यादा मॉडर्न भी नहीं.


वे घर में जीन्स-टॉप नहीं पहनती हैं, बल्कि वे सूट या मैक्सी में रहती हैं.

जबकि बाहर किसी कार्यक्रम में साड़ी पहनती हैं.


मेरे पापा की मेडिकल की दुकान है.

मम्मी और पापा के अलावा हमारे घर में दो बहनें हैं.


एक बहन बड़ी है, उसकी उम्र उस समय 23 साल थी.


मेरी बड़ी बहन की शादी हो चुकी थी.

दूसरी बहन मुझसे 2 साल छोटी है, उसे पढ़ने के लिए बाहर हॉस्टल में रखा हुआ था.


मेरा कॉलेज का फर्स्ट ईयर था.

उस समय घर में केवल 3 लोग हुआ करते थे; मम्मी, पापा और मैं.


पापा सुबह दुकान चले जाते थे, मैं कॉलेज चला जाता था, फिर मम्मी घर पर अकेली होती थीं.


जब कभी मैं कॉलेज नहीं जाता था, तो घर पर मम्मी और मैं होते थे.

अब सबसे पहली समस्या यह थी कि मम्मी को चुदाई के लिए तैयार कैसे करूं!


इसके लिए पहले यह जानना जरूरी था कि मम्मी की ढंग से चुदाई होती है या नहीं.

मैंने मम्मी और पापा को रात को नोटिस करना शुरू किया.


लगभग 15 दिन में मुझे समझ आ गया कि ये दोनों चुदाई तो लगभग हर तीसरे दिन करते हैं.

लेकिन मम्मी को ठंडी करने से पहले ही पापा झड़ जाते हैं!


इसका मतलब साफ था कि मम्मी के अन्दर आग अभी भी बाकी थी!


इसका एक कारण यह भी था कि पापा की उम्र 50 साल थी, जबकि मम्मी की 43 साल थी.


लगभग दो महीने हो चुके थे और मैं अभी तक कोई तरीका नहीं ढूंढ पाया था कि अपनी मम्मी को चुदाई के लिए कैसे तैयार करूँ.


एक दिन मेरी मम्मी की कुछ सहेलियां घर पर आई हुई थीं.

मम्मी और उसकी चार-पांच सहेलियों का एक ग्रुप है. ये लेडीज हर कुछ दिन में एक-दूसरे के घर पर मिलती थीं, खासकर तब, जब उनके पति घर पर नहीं होते, ताकि वे आपस में खुलकर बात कर सकें.


मैंने सोचा चलो आज इनकी बातें सुनते हैं, देखते हैं ये सब क्या बातें करती हैं.


शुरूआत में ये सब फालतू की बातें कर रही थीं.

घर-परिवार की, जो सभी औरतें करती हैं.


लेकिन धीरे-धीरे उनकी बातों में खुलापन आने लगा, वे अपनी पर्सनल बातें करने लगीं.


इन सभी औरतों की बातों में एक चीज कॉमन थी, ये अपने पतियों से खुश नहीं थीं.


इसका एक कारण था कि इनके पतियों की उम्र इनसे 5-6 साल ज्यादा थी.


इनकी बातचीत में उन्होंने इस बात पर भी चर्चा की कि अगर वे बाहर चुदाई करा लें, तो खुद को ठंडा तो कर सकती हैं.


लेकिन इन लोगों ने इस विचार को तुरंत खारिज कर दिया क्योंकि ये सब बदनामी से डरती थीं.


इसी बातचीत में मेरी मम्मी ने एक ऐसी बात बोली जिसे सुनकर मुझे लगा कि मेरा काम बन जाएगा.


दोस्तो, अगर तुम में से कोई ये सोच रहा है कि चलो, अपनी बेटों से चुदवा लेते हैं, तो उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा था!


मम्मी ने जो कहा, वह ये था- आजकल तो लड़के लड़कियां 18 की उम्र में चोदने लगे हैं.


मम्मी की इस बात के बाद सभी औरतों ने एक ही बात कही- अगर हम भी आज के ज़माने में पैदा हुई होतीं, तो चुदाई का पूरा मज़ा लेतीं!


अपनी मम्मी की इस बात ने मुझे एक प्लान बनाने की प्रेरणा दी.


मैंने सोचा कि एक रंडी को पैसे देकर घर लाऊंगा और ऐसा इंतज़ाम करूँगा कि मम्मी मुझे उसे चोदते हुए पकड़ लें.


बस मैंने प्लान बना लिया.


एक दिन जब मेरी मम्मी बाहर गई थीं, तो मैंने उस रंडी को फोन करके बुलाया और हम दोनों मस्त चुदाई करने लगे.


मैंने जानबूझ कर दरवाजे पर ताला नहीं लगाया था, ताकि जब मैं चुदाई कर रहा हूँ, मम्मी मुझे उस रंडी के साथ पकड़ लें.


ठीक ऐसा ही हुआ.


कुछ समय बाद मम्मी आईं और उन्होंने हम दोनों को चुदाई करते हुए पकड़ लिया.

वे बहुत गुस्सा हो गईं.


सबसे पहले उन्होंने उस रंडी को गालियां देकर बाहर निकाल दिया.


ये मेरी ज़िंदगी में पहली बार था जब मैंने मम्मी के मुँह से इतनी गालियां सुनी थीं!


सच में, बहुत मज़ा आया क्योंकि किसी को चोदने में और गालियां देने में अलग ही मज़ा है!


इसके बाद बारी थी मेरे प्लान के दूसरे हिस्से को आजमाने की.


रंडी के जाने के बाद मम्मी ने मुझे गालियां दीं, थोड़ा मारा और धमकी दी- तेरे पापा को बताऊंगी!


लेकिन दोस्तो मुझे पता था कि मम्मी ऐसा कुछ नहीं करेंगी.


वह दिन ऐसे ही निकल गया.


अगले दिन सुबह जब पापा चले गए, मैंने मम्मी से पूछा- आपने पापा को बताया क्यों नहीं?


पहले तो मम्मी कुछ नहीं बोलीं, लेकिन मेरे दो-तीन बार पूछने पर वे गुस्से में चिल्लाईं- तुझे अपनी गांड तुड़वाने का बहुत शौक है ना? बता दूँगी तेरे बाप को, तो बाहर निकाल देगा, मादरचोद!


मैंने कहा- बाहर क्यों निकाल देगा? मैंने गलत क्या किया? मैं तो वही कर रहा था, जो आपने बोला था!


ये सुनकर मम्मी चकित रह गईं.

फिर उसने बात संभालते हुए कहा- मैंने कब कहा रंडी की चुदाई करने को?


मैंने उन्हें याद दिलाया- आपने ही तो अपनी सहेलियों के सामने कहा था कि आजकल के लड़के लड़कियां 18 साल की उम्र में चुदाई करने लग जाते हैं!


इसके बाद मम्मी कुछ नहीं बोलीं और मैं नहाने चला गया.


जब मैं और मम्मी साथ में लंच कर रहे थे, मम्मी धीरे से मेरे पास आईं और बोलीं- देख अक्षय, मैं समझती हूँ कि तेरी उम्र में सेक्स करने का मन करता है. लेकिन किसी रंडी के साथ मत किया कर! एक तो इनसे बीमारी होने का खतरा रहता है, दूसरा अगर पुलिस ने पकड़ लिया, तो पूरे घर की इज्जत चली जाएगी. तू गर्लफ्रेंड बना और उसके साथ ये सब कर!

मैंने तपाक से जवाब दिया- मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है और मुझसे बनेगी भी नहीं! अब बताओ, मैं क्या करूँ?


मम्मी कुछ बोलतीं, उससे पहले मैंने बोल दिया- मम्मी, आप मेरी गर्लफ्रेंड बन जाओ ना!

ये सुनकर मम्मी फिर गुस्सा हो गईं और बोलीं- तेरा दिमाग खराब हो गया है क्या! कैसी बातें कर रहा है! अब तो तेरे पापा को बताना ही पड़ेगा!


मैंने कहा- फिर मैं भी पापा को बता दूँगा कि वे आपको ढंग से चोद नहीं पाते … और ये बात आप अपनी सहेलियों के सामने ढिंढोरा पीट-पीटकर बताती हो!


ये सुनकर मम्मी कुछ नहीं बोलीं और चुपचाप रसोई में चली गईं.

मैं मम्मी के पीछे-पीछे चला गया.


मम्मी बर्तन धोने के लिए खड़ी थीं.

उस समय मैंने पीछे से मम्मी को पकड़ लिया.


मैं कुछ कर नहीं रहा था, बस मम्मी को गर्म करने की कोशिश कर रहा था.


मम्मी बोलीं- छोड़ दे मुझे!

मैंने मम्मी से कहा- चलो न मम्मी, कमरे में … बात करनी है!


मम्मी बोलीं- मुझे कोई बात नहीं करनी, तू मुझे अकेला छोड़ दे!

मैंने उनसे कई बार बोला, पर फिर भी मम्मी नहीं मानीं.


मैंने गुस्से से कहा- ठीक है, मत करो बात! अब मैं भी आपसे कोई बात नहीं करूँगा और रोज रंडी से चुदाई करूँगा … और शादी भी किसी रंडी से ही करूँगा!


उसके बाद मैं अपने कमरे में आ गया.


थोड़ी देर बाद मम्मी मेरे कमरे में आईं और मेरे पास बैठकर बोलीं- तू समझता क्यों नहीं है! मैं तेरी मम्मी हूँ, हम दोनों ये सब नहीं कर सकते!

मैंने कहा- क्यों नहीं कर सकते?


तो वे बोलीं- कभी देखा है मम्मी बेटे को चुदाई करते हुए!

मैंने कहा- हां! देखना है मां बेटे की चुदाई?

वे बोलीं- ला, दिखा मुझे!


फिर मैंने तुरंत मम्मी को ऑनलाइन मां-बेटा पोर्न चुदाई की वीडियोज दिखाना शुरू कर दिया.


उन वीडियोज को देखकर मम्मी भी गर्म होने लगीं.

लेकिन उन्होंने खुद पर कंट्रोल किया और मुझसे बोलीं- फिर भी मुझे ये बेकार लगता है!

मैंने कहा- आपने कभी तो ट्राय नहीं किया, तो फिर कैसे पता आपको कि ये बुरा है! एक बार ट्राय करो, फिर बुरा लगे तो बताना!


वे कुछ देर सोचकर बोलीं- ठीक है!

मैंने कहा- ठीक है, तो फिर कल पापा के दुकान जाने के बाद हम दोनों सेक्स करेंगे!

वे बोलीं- ठीक है!


जब उन्होंने ‘ठीक है’ कहा, तो मुझे तो मानो अपने कानों पर भरोसा ही न हुआ कि मम्मी इतनी जल्दी मेरे साथ चुदाई करवाने को मान भी जाएंगी.

मैंने उनको अपनी बांहों में भरते हुए चूमा तो मम्मी बोलीं- बेटा अभी रहने दे न … कल करेंगे.


मैंने कहा- बस एक बात बता दो?

वे हंस कर बोलीं- क्या?


मैंने कहा- आपका भी मेरे साथ मन है न सेक्स करने का?

वे पहले तो चुप रहीं और फिर अचानक से अपनी एक सहेली को गाली देती हुई बोलीं- जब वह साली मंजू अपने बेटे से चुद सकती है तो मेरे बेटे के लंड में क्या कांटे लगे हैं? मेरे बेटे का लंड तो जबरदस्त है!


मैं समझ गया कि मेरा मम्मी के सामने एक रंडी की चुत में लंड पेलते हुए दिखा देना कितना कारगर प्रयोग रहा है.

उस दिन रात को जब मम्मी सोने जाने लगीं तो मैंने उनसे कहा- मुझे चाय पीनी है, चाय बना दो!

जब वे मेरे लिए चाय बनाकर लाईं, तो मैंने उनको पकड़कर दीवार के सहारे लगाया और उनके बूब्स दबाने लगा.


ऐसा मज़ा आ रहा था कि क्या बताऊं! बिल्कुल आम जैसे मस्त बूब्स थे मेरी मम्मी के!


थोड़ी देर बाद वे भी अपने दूध मसलवाने में मज़ा लेने लगीं, मेरे बाल पकड़ कर मुझे अपने मम्मों पर खींचने लगीं.


फिर मैं रुका और मैंने उसको एक लंबा किस देते हुए कहा- अब जाओ!


तो वे बोलीं- साले मादरचोद, अपने बाप की तरह गर्म करके ठंडा ही छोड़ेगा क्या!

मैंने कहा- अब बहुत लंड चाहिए तुझको साली रंडी! कल सुबह आना, ऐसा मस्त चोदूँगा कि याद रखेगी!


उसके अगले दिन मम्मी ने नौकरानी को फोन करके उसे काम पर आने से मना कर दिया.


जब मैं सुबह उठा, तो पहले मैंने देखा कि पापा घर पर हैं या नहीं.


उसके बाद मैं रसोई में गया, तो पीछे से मम्मी को पकड़ कर बोला- कैसी हो मेरी जान! लंड की याद आई या नहीं?

वे इठला कर बोलीं- उसी के लिए तो तड़पी जा रही हूँ पूरी रात से मेरे राजा!


फिर मैंने मम्मी को रसोई की पट्टी पर बैठाया और उन्हें किस करने लगा.

वे भी मस्त होकर मेरे होंठ में अपने होंठ मिलाकर चुम्मा-चाटी करने लगीं.


हम दोनों मस्त पूछ-पूच की आवाज़ कर रहे थे.


मैं मम्मी की गर्दन पर किस करने लगा और वे मेरे सर पर अपना हाथ फेरने लगीं.


फिर मैंने उनको उठाया और बेडरूम में ले गया.

वहां मैंने उनको पलंग पर लेटा दिया; उन्होंने साड़ी पहनी हुई थी.


जब मैंने मम्मी को पलंग पर लेटाया, तो उन्होंने अपना पल्लू साइड में गिरा दिया,


जिससे उनके कसे हुए चूचे दिखने लगे, क्योंकि उन्होंने ब्रा और टाइट सा ब्लाउज़ पहना हुआ था.


फिर मैं मम्मी के ऊपर चढ़ गया और दोबारा उनको किस करने लगा, अपने हाथ से उनके दोनों बोबे दबाने लगा.


दस मिनट तक हम दोनों एक-दूसरे को चूमते रहे.


उसके बाद मैंने ब्लाउज़ के ऊपर से उनके चूचे चूसना शुरू किए.


बोबे चूसने में इतना मज़ा मुझे पहले कभी नहीं आया था.

मैंने रंडी के बोबे भी चूसे थे, पर पता नहीं क्यों मम्मी के मम्मों में एक मस्ती थी.


फिर मैं उन्हें चूमता हुआ नीचे तक गया और पैंटी के ऊपर से उनकी चूत को चाटना शुरू कर दिया.


तो मम्मी बोलीं- आह साले चोद दे न अब मुझे! अब मुझसे रहा नहीं जाता!


मैं इसी बात का इंतज़ार कर रहा था.

मैंने कहा- चोदूंगा तो सही तुझे, लेकिन मेरी तीन शर्तें हैं!


वे बोलीं- क्या चाहिए तुझे मादरचोद! अब चूत दे रही हूँ, तो नाटक कर रहा है भड़वे!

मैंने कहा- शर्त मानेगी या नहीं, ये बता!


वे बोली- सब मानूँगी, लेकिन अभी तो चुदाई कर!

मैंने कहा- ठीक है!


उसके बाद मैंने मम्मी के ब्लाउज़ के बटन खोल दिए और उन्होंने खुद से अपनी ब्रा खोल दी.


मैंने कहा- लेटी क्या है रंडी! खड़ी होकर मेरे कपड़े खोल! इनको खोलने तेरी बहन आएगी क्या?


वे हंस कर बोलीं- खोल रही हूँ भड़वे! मेरी बहन को क्यों रंडी बना रहा है?

मैंने कहा- तेरा साला पूरा खानदान ही रंडवा है कुतिया!


उसके बाद मम्मी खड़ी हुईं और उन्होंने मुझे चूमते हुए, बहुत सेक्सी तरीके से मेरे सारे कपड़े खोल दिए.


फिर मैंने उनको लेटाया और उसके बोबों को चूसने लगा.


वे गालियां देती हुई चिल्लाने लगीं- चोद मुझे, अक्षय … आह अब चोद भी दे मुझे बहन के लौड़े … मैं तेरी रंडी हूँ! रगड़-रगड़ कर चोद मुझे! मेरी चूत का भोसड़ा बना दे, इतना चोद मुझे! साले मादरचोद, पहले क्यों नहीं आई तुझे तेरी मम्मी की याद? मेरी चूत तेरे लंड के लिए तड़प रही थी! मेरी गांड तेरे लिए फड़क रही थी! अब जाकर मुझे तू मिला है, चोद मुझे! मुझे रंडी बना कर चोद!


मम्मी अनाप शनाप बक रही थीं और मैं इधर उनके दूध मस्ती से चूस रहा था.


मेरी मम्मी के 36 इंच के दूध मस्त भरे हुए थे, उन्हें चूसने का मज़ा ही कुछ था.


मुझे मम्मी के निप्पल बहुत कड़क लग रहे थे. ऐसा लग रहा था जैसे पापा ने कभी सही से चूसे ही न हों.


उनके चूचे चूसने के बाद मैंने कहा- चल रंडी! अब 69 की पोज़ीशन में आ!


फिर हम दोनों 69 की पोज़ीशन में आ गए.


उसके बाद मैं मम्मी की चूत चाटने लगा और मम्मी मेरा लौड़ा मुँह में लेने लगी.


मैं मस्ती से मम्मी की चूत के होंठ खोल-खोल कर चाट रहा था.

उधर वे मेरा लंड अपने होंठों में दबा कर अन्दर-बाहर कर रही थीं.


इतने में मैंने उनसे कहा- तू अब मेरा लौड़ा चूस साली … मैं थक गया हूँ!


तो मम्मी बोलीं- नामर्द है क्या साले … जो अभी से थक गया तू? अभी तो कुछ शुरू भी नहीं हुआ?


उनकी नामर्द वाली बात से मुझे भी गुस्सा आ गया.


मैंने मम्मी को बाल पकड़ कर खींचा और बोला- साली छिनाल, बहुत गर्मी चढ़ी है तुझे! आज तेरी सारी गर्मी निकाल दूँगा! इतना चोदूंगा आज तुझे कि तू रहम की भीख मांगेगी! उठ, साली कुतिया और मेरा लौड़ा चूस!


इसके बाद वे आईं और एक परफेक्ट रंडी की तरह मेरा लौड़ा चूसने लगीं.


मैंने मम्मी के बाल पकड़ कर उनको गालियां देना शुरू कर दिया- वाह रंडी आशा! तू तो एक नंबर की रांड है रे! क्या मस्त लौड़ा चूसती है! अब तो रोज सुबह तेरे मुँह में आकर ही मूतूँगा, साली हराम की जनी, मादरचोदी रांड! आ ले, मेरा लौड़ा चूस!


मैं अपना लौड़ा मम्मी के मुँह में अन्दर-बाहर करने लगा.


कुछ देर के बाद मैं उनके मुँह में ही झड़ गया.

उन्होंने एक बाजारू रंडी की तरह मेरा सारा माल पी लिया.


अब मैंने उनको चित लिटाया और उनकी चूत चाटने लगा.


वे बोलीं- इसी चूत से निकला है तू, साले भड़वे! आज इसी चूत को चोदने चला है, साला मादरचोद, रंडी का बेटा! ढंग से चाट अपनी मम्मी की चूत को, साले कुत्ते, भोसड़ी के … कुत्ते की तरह से चाट!


मैं मम्मी की चूत को पूरी शिद्दत से चाट रहा था. उनकी चूत के होंठों से अपने होंठ मिलाकर अपने मुँह से चूत की मस्त चुदाई कर रहा था.


थोड़ी देर मुँह से चुत चुदाई करने के बाद वे भी झड़ गईं.


कुछ देर बाद मम्मी बोलीं- अब तो चोद दे मुझे साले मादरचोद! कब तक तड़पाएगा!


मैंने कहा- साली रंडी चल आ जा! तुझे अब चोद देता हूँ, आ जा! चल साली मेरी कुतिया बन! आज तेरी डॉगी स्टाइल में चुदाई करूँगा!

मम्मी तुरंत कुतिया बन गईं.


मैंने अपने लंड में थोड़ा थूक लगाया और मम्मी की चूत पर भी थोड़ा थूक लगाया.


फिर अपना लंड उनकी चूत पर सैट कर दिया और एक जोरदार धक्का मारकर लंड उनकी चूत में घुसा दिया.


इससे मम्मी की चीख निकल गई, क्योंकि मेरा लौड़ा बड़ा था और उनको पापा के छोटे लंड की आदत थी.

वे कराह कर बोलीं- आह साले मादरचोद भड़वे … भोसड़ी के मारेगा क्या, भेनचोद … चूत फट जाएगी मेरी, मादरचोद!


मैं बोला- आ, साली कुतिया तुझे बताता हूँ कि असली मर्द क्या होता है, भेन की टकी कुतिया! आज तेरी ऐसी चुदाई करूँगा कि तुझे तेरी मम्मी याद आ जाएगी, साली छिनाल!


उसके बाद मैं अपना लंड पोर्न मम्मी की चूत में अन्दर-बाहर करने लगा.

वे चिल्लाने लगी- आअह्ह आह्ह मार दिया मुझे साले कुत्ते ने! बहुत तेज चोदता है तू तो!


मैं बोला- अब बोल साली रांड … तेरा असली मर्द कौन है?

वे बोलीं- मेरा असली पति अक्षय है! आशा का असली पति अक्षय है! आशा का असली पति अक्षय है! चोद मुझे, चोद मुझे, चोद मुझे! इतना चोद कि मेरी चूत का भोसड़ा बन जाए!


मैं शॉट मारने लगा. मम्मी चिल्लाने लगीं- आह, मैं तेरी रंडी हूँ, अक्षय! आशा तेरी रंडी है, अक्षय! आशा तेरी रंडी है, चोद मुझे चोद बेटा! अपनी मम्मी को चोद दे बेटा!

मैंने बोला- हां ले साली रांड, छिनाल! तेरा एक पति से काम नहीं चल रहा था, कुतिया! ले मेरा लंड, साली कोठे की पैदाइश, छिनाल रांड! तुझे मैं अपनी रखैल बनाकर रखूँगा, साली रांड! ले मेरा लंड!


मम्मी की चीखें अब और तेज हो गई थीं- आह्ह आह्ह्ह साले … धीरे चोद … तेरी मम्मी मर गई. आह मेरी चूत फट गई … मम्मी चुद गई! आह मम्मी चुद गई रे! कोई मुझे बचा लो! मेरे बेटे ने मेरी मां चोद दी!

मैं भी घोड़े की तरह पेले जा रहा था.


‘आह चोद बेटा! मुझे और तेज चोद और तेज चोद! और तेज!’


मैंने कहा- पापा के लंड से चुदती है तब इतनी आवाजें नहीं करती है साली रंडी!

‘उसकी बात न कर साले तू चोद ना, साले हिजड़े! दम लगा कर चोद रंडवे! इतना ही दम है क्या तेरे लंड में? और तेज चोद मुझे! चूत फाड़ मेरी, साले मादरचोद!’


मैं बोला- ले, साली रंडी! ले मेरा फौलादी लंड आह ले, कुतिया! आज तेरी चूत का भोसड़ा बना दूँगा! ले, साली छिनाल, रंडी, मादरचोदी रांड! ले मेरा लंड! तू मेरी लुगाई है, साली!’


अब मैं भी झड़ने वाला था- आअ ह्ह्ह आह्ह्ह … ले मेरा माल आ रहा है … ले, साली ले तेरी चूत में मेरा माल!’


ये बोलते हुए मैं मम्मी की चूत में झड़ गया और वे भी झड़ गईं.

हम दोनों थक कर वहीं लेट गए और बातें करने लगे.


कुछ देर बाद मैंने दोबारा से मम्मी की चुदाई की.


वे पूरी तरह से संतुष्ट हो गई थीं और कहने लगी थीं कि आज तो मंजू को थैंक्स कहने का मन हो रहा है!

मैंने कहा- क्यों?


वे बोलीं- यदि मंजू ने मुझसे अपने बेटे से चुदवाने की बात न कही होती, तो शायद मैं अपने बेटे के साथ चुदने की हिम्मत न कर पाती.

मैंने कहा- हां यह बात तो सही है मम्मी … फिर मालूम एक बात और गलत हो जाती!


वे बोलीं- क्या?

मैंने कहा- आप पक्के में किसी बाहरी मर्द से चुदने जातीं और कहीं वह आदमी आपको परेशान करते हुए आपसे पैसे ऐंठने लगता तो परेशानी की बात हो जाती कि नहीं?

वे बोलीं- हां यह बात भी सही है.


अब मैंने धीरे से कहा- तो अपनी सहेली को थैंक्स कर दो और उन्हें एक गिफ्ट भी दे दो.

वे मेरी तरफ सवालिया नजरों से देखने लगीं- तेरा क्या मतलब है?


मैंने आंख दबाई और कहा- अपनी सहेली को गिफ्ट में मेरा लंड दे दो!

वे हंसने लगीं और बोलीं- उस स्थिति में उसका बेटा भी मेरे ऊपर चढ़ सकता है!


मैंने भी हंस कर हामी भर दी.


इस तरह से मैं अपनी मम्मी की चुदाई करने लगा और वे खुश रहने लगीं.


आप मेरे साथ बने रहें.

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