top of page

सहेली के ससुर से पेलवाया : Antervasna

नमस्ते दोस्तों मै चुदाई की दीवानी चुद्दकड शिप्रा फिर एक बार अपनी चुदाई की कहानी लेकर आई हूँ।आपको मालूम है कि मैं हमेशा चुदने के लिए तैयार रहती हिन् क्योकि मेरा पति नितिन मेरी वासना को पूर्ण संतुष्ट नही कर पाता है.उसका लंड 5 इंच का है और उसे चोदना भी नही आता.मैं अपनी सहेली सविता के घर मेहमानी में गई थी.उसके घर शादी थी.


सवित्ता भी मेरे सामान चुदक्कड औरत है और उसने मुझे कई बार उसके और उसके ससुर जी कि चुदाई कि कहानी बताई थी.सविता ने मुझसे वडा किया था कि वो मुझे ससुर जी का बिस्तर गर्म करने का मौका देगी.सो मैं भी उसके ससुर से चुदने का ख्याल लेकर उसके घर आ गई.नितिन टूर पे निकल गए थे सो मुझे अकेला आना पड़ा.मैं भी नितिन के बिना ही आना चाहती थी ताकि मेरी चुदाई में कोई विघ्न न आये.


मेरे पहुचने पर सविता खुश हुई और बोली”मेरी जान,अच्छा हुआ तू आ गई”.मैंने कहा”साली आ गई हूँ,पर तुझे तेरा वादा याद है”,वो बोली”अरे मेरी बन्नो,जबसे बाबु जी ने तेरी नंगी फोटो देखि है,तेरा नाम लेकर मुझे चोद रहे थे,अब तू आ गई है तो तू बाबूजी को खुश कर और मैं काम करती हूँ”.हम दोनों हसने लगे .हमारी हंसी सुनकर एक 60 साल का पहलवान टाइप बंदा आया और बोला”तो ये तेरी सहेली शिप्रा है सविता,जिसकी फोटो तूने दी थी,ये तो फोटो से ज्यादा गर्म और सेक्सी माल है”.मैं उनके पास गई और बोली”जी बाबु जी मैं ही शिप्रा हूँ और आप तो जवानों से भी ज्यादा जवान दिख रहे है”


वो मेरे गालो को सहलाते हुए बोले”ये जवानी तो तेरे जेसे गरमागरम औरतो कि वजह से है”.सविता बोली”बाबु जी अब शिप्रा के साथ मजे करो,मुझे काफी काम करने है,शिप्रा तुम और बाबु जी शोपिंग के बहाने चले जाओ इधर मैं संभल लुंगी”.बस फिर क्या था बाबु जी और मैं खरीदी के बहाने आ गए.बाबु जी कार चला रहे थे और मैं उनके पास की सीट में बैठी थी.थोड़ी देर बाद हम दोनों बातें करने लगे और कुछ देर मैं ही सेक्सी बातें शुरू हो गई.वो बोले”क्यों शिप्रा आज तक कितने मर्दों से चुदी है”.मैं हँसते हुए बोली”बाब जी अब तो गिनती भी भूल गई हूँ”.बाबु जी हंसने लगे और मेरे मम्मो को सहलाते हुए बोले”बड़े कड़क संतरे हैं जानेमन.सविता के संतरों से भी कड़क”.मैं बोली”आप जैसे प्यार करने वालों की मेहनत है बाबु जी”


उन्होंने मेरे ब्लाउज के अन्दर हाथ डाल दिया और मेरे मम्मे दबाते हुए बोले”वह मेरी जान ब्रा नही पहनी है.एसी ही औरतें मुझे पसंद है”।मम्मो के मसले जाने पर मैं सिसयाने लगी"अह्ह्ह इस्सस बाबु जी आप तो कार में ही शुरू हो गयेःह्ह अह्ह्ह "।वे बोले"रसीली,अब रहा नहीं जा रहा,इन संतरों को थोड़ा दबा लेने दो।वो बलाउज मे हाथ डालकर जोरों से मेरे मम्मों को दबाने लगे,मैं ‘उम्म्ह… अहह… हय… हाय धीरे दर्द हो रहा है आहहहहहह …’ करने लगी।उन्होंने 10 15 मिनट तक बेरहमी से मेरे थन मसले और फिर छोड़ दिया।


मैंने उनके पेंट के अन्दर हाथ डाला और उनका लंड पकड लिया.बापरे कितना मोटा लंड था मेरी पकड में नही आ रहा था,.थोड़ी कोशिश करके मैंने उनका लंड पेंट से बाहर निकाला.मस्त मुसल जेसा लंड था,मेरी चूद गीली हो गई.बाबु जी बोले”देखती रहेगी मादरचोद,मुह में ले”उन्होंने मेरे बल पकडे और मेरा मुह अपने लंड अपर दबा दिया.लंड की मदमस्त खुशबू से मैं कामुक हो गई और मेरा मुह अपने आप ही खुल गया


बाबु जी में मेरा सर को लंड पर दबाया और उनका मोटा लंड मेरे होटों को फैलाकर मुह में समा गया.बाबु जी इतने में नही रुके.उन्होंने थोडा दबाव और दिया और उनका लंड मेरे गले के अन्दर तक घुस गया.मैं गोंगों गों गों अक्क्क अक्क्क उम्म्म्म अम्म्म करने लगी.मैंने उठा चाहा पर बाबु जी ने मुझे कसकर दबोचा हुआ था.मेरी साँस रुकने लगी और मैं फड़फड़ा उठी.बाबूजी ने मेरी हालत देखकर मुझे छोड़ दिया.मैं उठी और तेज तेज हांफते हुए बोली”आह्ह्ह अहह बाबूजी जान से मरोगे क्या अहह अहह दम घुट जाता मेरा”.


कुछ देर बाद कार खेत में बनी बड़ी सी झोपडी नुमा मकान के पास रुकी.वो मेरा हाथ पकड़कर झोपडी के अन्दर ले गए.वो बहुत ही अधीर हो रहे थे.उनकी हालत देखकर मुझे मजा आ रहा था.मर्दों की ये अधीरता मुझे काफी पसंद है.अन्दर जाकेर उन्होंने झट से दरवाजा बंद किया और मुझे अपनी ओर खींचते हुए बोले-“मेरी रानी मैं तो कब से इस पल इंतज़ार कर रहा था”।मैंने अपने पुरे कपडे उतारकर बोली”बाबु जी लो,ये रही मेरी जवानी,भोग लो जितना भोग सकते हो”.मेरी नंगी मदमस्त जवानी बाबूजी के सामने अंगड़ाई लेने लगी थी.उन्होंने मुझे धक्का दिया और मैं खटिया पर गिर गई।


वे भी नंगे होकर मेरे उपर चढ़ गए और मेरे मम्मो को दबाने लगे।मैं उन्हे रोक रही थी पर वे नहीं माने और उन्होंने मेरे हाथों को पकड़ कर फैला दिया।वे बोले"वाह हरामजादी वाह क्या बात है क्या मस्त मम्मे है"।उन्होंने मेरे मम्मो को चूमना शुरू कर दिया और मैं गरम होने लगी।उन्होंने मेरी चूद सहलाना शुरू कर दिया और मैं सिसयाने लगी आहहहहहह इसससस आह प्लीज़ नही करो बाबु जी छोड़ दो"।


वे तेजी से चूद में उंगली करने लगे और मैं गरम हो गई और अपनी गांड उचका कर सिसकारी लेने लगी आहहहहहह इसससस आह आह औह।वे तजुर्बेकार थे तो समझ गए कि मैं चुदने के लिए तैयार हो गई हूँ।वे मेरे उपर चढ़ गए।उनका लंङ मेरी चूद पर रगङने खाने लगा।मैं बोली"बाबु जी पहले मुझे आपके लंङ को चूसना है,फिर आप चुदाई करना"।


वे बोले"तो ठीक है छिनाल जल्दी से लंङ चूस बहनचोद"।वे मेरे ऊपर से उठे और खड़े हो गए और मैंने कुतिया बनकर उनके मूसल लंड को सहला कर अपने मुँह में भर लिया।वे मेरे मम्मो को निचोड़ते हुए बोले-हाँ मेरी रानी बहुत अच्छे,बड़ी संस्कारी बहू हो, चूसो लंड”।मैं धीरे धीरे उनका लंङ चाटने लगी।


मुझे लंङ बहुत टेस्टी लगने लगा था,चुदाई के पहले चुसाई का असीम आनन्द मिलने लगा था।मैंने हंसते हुए उनका लंङ अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगी।वे बोले"वाह,जानेमन हय बहुत अच्छा चूसती हो,आह्ह…आह।’वे लंङ मेरे मुँह में घिसने लगे।मैं औककककक औकककक आकककक अममममम उममममममम अममममम करने लगी।मेरा मुँह फटा जा रहा था परंतु वे मेरे मुँह में लंङ रगङ रहे थे।वे बोले"वाह हरामजादी वाह क्या बात है क्या लंङ चूसती है मादरचोद मजा आ गया चूस बहनचोद चूस"।


मेरा सर पकड़ जोर जोर से मेरे मुँह में धक्के देने लगे और मेरे मुँह में ही झड़ गए।उनके लंड ने इतना अधिक वीर्य निकाला था कि मेरा पूरा मुँह भर गया और मुँह से निकलकर मम्मो पे गिरने लगा.मैंने उनके स्वादिष्ट नमकीन शहद की एक बूंद भी बर्बाद नहीं होने दी और पूरा रस अपनी उंगलियों से उठा उठा कर चाट लिया।मै बोलीे"वाह बाबु जी मजा आ गया,क्या गरमा गरम वीर्य था"।वे बोले"अरे कुतिया अभी तो शुरूआत है मादरचोद"।मैं अपनी जीभ से सुपारा चाटने लगी।फिर मैंने उनके अंडे भी खूब चूसे।उन्होंने मुझे खटिया पर गिराकर कहा"अब तेरी चूद की प्यास बुझाता हूँ हरामजादी रंङी"।


मैंने टांगें फैलाकर बोली"प्लीज बाबु जी जल्दी से मेरी चूद में लंङ डाल दें,प्यार से डालना मैं आपकी बहू हूँ बाबु जी"।उन्होंने अपना लंङ मेरी चूद पर घिसना शुरू कर दिया और मैं सिसयाने लगी"प्लीज आहहहहहह ओहहहहह इसससस जल्दी डालो बाबु जी"।उन्होंने लंङ मेरी चूद पर रखा और दबाने लगे।मेरी चूद फैलने लगी और मैं कराहते हुए बोली"आहहहहहहह आह आह औहधीरे धीरे डालो बाबु जी"।वे बोले"तू चिंता मत कर बहनचोद कुछ नहीं होगा रंडी"।उन्होंने मेरे मम्मो को निचोड़ते हुए कहा"वाह नितिन तेरी लुगाई की क्या मस्त चूद है"।उन्होंने झटके से अपना सुपारा मेरी चूद में घुसा दिया।मैं चिल्लाई‘आह्ह उईईइमाआआआ बाबु जी जान निकल गई,काफी दिनो बाद इतना मोटा लंड घुसा है आह्ह मजा आ गया बाबु जी”


उन्होंने कहा"बड़ी मख्हन जेसी बुर है मादरचोद,सविता कि चूद से ज्यादा मस्त है”"।उन्होंने मेरे मम्मो को निचोड़ते हुए जोर से झटका मारा और पूरा लंङ मेरी चूद में घुस गया और मैं चिल्लाई आईईईईईईईई मर गयी मम्मीईईईईईईईई”


वे बोले"अरे मादरचोद रांड अभी दर्द दूर हो जाएगा"।उन्होंने मेरे मम्मो को निचोड़ते हुए जोर से चुदाई शुरू कर दी।झोपड़ी में फच फच की आवाज होने लगी।


वे चोदने में मेरे पति से दो कदम आगे ही थे।दर्द से मैं कराहते हुए बोली"आहहहहहहह आह आह औह बाबु जी दर्द हो रहा है आईइइइइ आआआआ ईईई बस,प्यार से चोदिये न अपनी बहू को,अब तो यह आपकी अपनी चूत है"।उनका पूरा लंड बच्चेदानी तक अन्दर-बाहर होने लगा और धमाकेदार धक्कों से मेरी चूत का बाजा बज उठा।वे देर तक मुझे रौंदते रहे फिर उन्होंने लंङ निकाल कर मेरे मुँह में डाला और घिसने लगे और बोले"शिप्रा चूस बहनचोद चूस साली"।मैं अपने सर को आगे पीछे करते हुए लंङ चूसती रही और फिर उन्होंने लंङ निकाल लिया और बोले"चूद का स्वाद कैसा लगा रंडी"।


मैं बोली"वाह मजा आ गया"।उन्होंने लंङ चूद में डाला और घिसने लगे।थोड़ी देर चोदने के बाद वे बोले"शिप्रा आआहा..हहहह.. हहाह मैं आ.. आ गया.. अह..’उन्होंने अपने मूसल का पानी मेरी चूत में छोड़ दिया सब माल मेरे गर्भ में चला गया।वे मुझसे चिपक गये और मुझे चूमने लगे।फिर वे बोले"मादरचोद अब तेरी गांड मारूंगा"।मैं उलट कर लेट गई और अपनी उँगलियों से अपनी गांड फैलाई और बोली"प्लीज बाबु जी जल्दी से मेरी गांड की प्यास बुझा दो"।वे लंङ मेरी गांड पर फेरते हुए बोले"शिप्रा साली कुतिया क्या चिकनी गांड है वाह"।


उन्होंने मेरी गांड पे थूका और लंङ टिका दिया।मैंने कहा"प्लीज़ बाबु जी धीरे धीरे घुसाना,अपनी बहू की गांड पे रहम करना"।वे बोले"तू चिंता मत कर बहनचोद कुछ नहीं हाेगा रंडी"।मैंने अपनी साँसे रोक ली और लंङ के घुसने का इंतजार करने लगी।उन्होंने दबाव दिया और लंङ मेरी गांड को फैलाकर अंदर समाने लगा।मुझे दर्द होने लगा और मैं बोली"बाबुजी प्लीज धीरे धीरे करिए,यह बहुत लंबा और मोटा है,प्लीज धीरे डालना"।बाबु जी ने कहा- बहू, तुझे मुझ पर भरोसा होना चाहिए,ऐसा कुछ नहीं होगा और ये सब मैं तुझे मज़े देने के लिए ही कर रहा हूँ।


वे नहीं माने और उन्होंने जोर देकर सुपारा मेरी गांड में घुसा दिया।मैं दर्द से रोने लगी और बोली"प्लीज बाबु जी दर्द हो रहा है लंङ निकालो न"।उन्होंने कहा"रो मत साली कुतिया बहनचोद"।बाबु जी लंड धीरे-धीरे और अन्दर किए जा रहे थे।मैं कराहने लगी"उफफफ्फ़ ओह माँ अह्ह्ह ओह !बहुत दर्द हो रहा था,मुझे लगा कि आज मेरी गांड फट जाएगी।वे बोले"वाह बहू तू मेरी कुतिया है और आज तेरी गांड फाड़ दूँगा मैं,बड़ा मज़ा आ रहा है ना और अंदर ले।


थोड़ी हिम्मत और रख,अब उन्होंने एक तेज़ झटका मारा और लंङ करीब 7 इंच मेरे अंदर समा गया।मेरी आँखों के सामने अँधेरा छाने लगा,गांड में इतना दर्द हो रहा था कि ऐसा लगता था जैसे किसी ने उसमें लोहे की मोटी रॉड घुसा दी।मैं जोर से चीखी आईईईईईईईई मर गयी मम्मीईईईईईईईई आहहहहहह ओहहहहह अब नहीं बचूंगी आऊऊऊऊऊ आईईईईईईईई बाबु जी छोङ दो प्लीज”


उन्होंने मेरे कंधों को पकडा और तेजी से मेरी गांड मारने लगे और मैं तड़पने लगी ।झोपड़ी में मेरी चीखें गूंजने लगी।वे बोले"वाह हरामजादी वाह क्या बात है नितिन क्या गांड है तेरी बीबी की,वाह मादरचोद साली कुतिया तेरी गांड मारने में मजा आ गया"।वे काफी देर तक मेरी गांड मारते रहे और मैं चीखती रही।


फिर उन्होंने अपनी स्पीड कम कर दी और धीरे धीरे मेरी गांड मारने लगे।मैं सिसकी लेने लगी आह आह औह ओह प्लीज छोङ दो ना।उन्होंने पूरा लंङ मेरी गांड में घुसा दिया और मेरे गालों को चुसने चाटने लगे।मैं धीरे धीरे सिसयाने लगी"प्लीज़ मेरी गांड दुख रही है छोङ दो ना दर्द हो रहा है बाबु जी"।उन्होंने मेरे होठों को चूमते हुए बोले"शिप्रा तू चिंता मत कर बहनचोद दर्द कम हो जायेगा"।उन्होंने मेरे बदन को करवट लेकर लिटा लिया और मेरे मम्मे पकड़ कर गांड मारने लगे।


झोपड़ी में मेरी चीखें गूंजने लगी आईईईई ऊईईईई आआआआ छोङ दो प्लीज उईइइइइ आहहहहहह ओहहहहह धीरे धीरे आहहहहह उईइइइइ आहहहहहह आह आह औह। वे देर तक मेरी गांड मारते रहे और फिर वे रुक गए।वे बोले"क्यों साली कुतिया लंङ चूसेगी।मैंने तुरंत हां कर दी और उन्होंने लंङ निकाल लिया।वे लेट गये और मैं उनके लंङ को चुसने चाटने लगी।वह मेरे मम्मो को सहलाते हुए बोले"शिप्रा कैसा लगा मादरचोद"।


मैं लंङ को चाटते हुए बोली"बाबु जी मजा आ गया"।मैंने लंङ मुँह में भर लिया और वे लंङ को मेरे मुँह में रगङने लगे।मैं औककककक औकककक आकककक उममममममम अममममम उममममममम औकककक आकककक करने लगी।फिर मैंने उनके अंडो को भी खूब चूसा और उनकी गांड भी खूब चाटी।फिर मैंने लंङ अपनी चूद में डाल कर बैठ गई और उनसे चिपक गई।उन्होंने मेरे बदन को पकडा और तेजी से चुदाई करने लगे।


मैं मस्ती में सिसयाने लगी आहहहहहह ओहहहहह और तेज तेज रगडो वाह वाह मजा आ रहा है आईइइइइ आईईईई ऊईईईई क्या लंङ है मजाहहहहहह ही आहहह रहाहहहह है।वे मेरे पुट्ठो पे चांटे मारने लगे और बोले"शिप्रा क्या मस्त चूद है मादरचोद मजा आ गया हरामजादी वाह"।मैंने उनके होंठों को चूमना शुरू कर दिया और वे मेरे पुट्ठो को दबाने लगे


उन्होंने मेरे मम्मो को निचोड़ना शुरू कर दिया और मैं कराहते हुए बोली"आहहहहहहह आह आह औह छोड़ दो नाअअअअअ प्लीज उईइइइइ आहहहहहह ओहहहहह"।वे बोले"कुतिया क्या मस्त मम्मे है मादरचोद रांड"।उन्होंने मेरी कमर पकङी और मेरे बदन को उछालने लगे।वे बोले"शिप्रा कैसा लगा मादरचोद कुतिया"मैं सिसकी लेने लगी और अपने मम्मो को निचोड़ते हुए बोली"आहहहहहह आह आह वाहहहह बाबु जी आपने तो मेरी जान निकाल दी वाहहहह क्या लंड है मजाहहहहहह आ रहा है आईइइइइ आआआआ और तेज तेज रगडो बाबु जी"।


वे बोले"तुझे तो बड़ा मजा आ रहा है मादरचोद रांड"।वे एकदम से उठ गए और मैं पीछे गिर गई।उनका लंङ मेरी चूद में ही था और उन्होंने मेरी टांगें फैलाई और चोदने लगे।मैने अपनी टांगें पकड़ कर और फैला ली।उन्होंने मेरे मम्मो को निचोड़ते हुए तेजी से चुदाई शुरू कर दी।मेरी चूद ने पानी छोड़ दिया और कमरे में फच फच की आवाज होने लगी।


उन्होंने लंङ निकालकर बोले"शिप्रा मादरचोद चूस बहनचोद चूस साली"।मैं कुतिया बन गई और उनके लंङ को चुसने चाटने लगी और बोली"वाह बाबु जी आपने तो मुझे जन्नत दिखा दी,मजा आ गया"।उन्होंने मुझे खडा किया और मेरे मम्मे दबाने लगे और मेरे गालों को चुसने चाटने लगे।मैं लंङ को हाथ से रगड़ते हुए बोली"अरे बाबु जी जल्दी से मेरी गांड मारो ना"।उन्होंने मुझे पलटा।मैंने लंङ को अपनी गांड में टिका दिया और धीरे धीरे पीछे होने लगी।


लंङ मेरी गांड में घुसने लगा और थोड़ी देर बाद पूरा लंङ मेरी गांड में घुस गया।वे बोले"वाह हरामजादी छिनाल पूरे गांव में तेरी मस्त गांड है।"मैंने दिवाल पर हाथ टिकाये और धीरे धीरे अपनी कमर हिलाने लगी और लंङ मेरे अंदर बाहर होने लगा और मैं आहहहहहह ओहहहहह इसससस आईईईई ऊईईईई आआआआ ईईई आह ओह करने लगी।वे मेरे पुट्ठो को दबाने लगे और बोले"कैसा लग रहा है हरामजादी रंङी"।मैंने अपनी कमर चलाते हुए कहा"वाह बाबु जी मस्त लंङ है मेरी गांड इसी लंङ की प्यासी है"।


उन्होंने मेरी कमर पकङी और जोर जोर से मेरी गांड मारने लगे।मैंने मुड़कर देखा वे बेदर्दी से मेरी गांड का फालूदा बना रहे थे।मैं सिसकी लेने लगी "आह आह तेज तेज रगडो वाह वाह मजा आ गया बाबु जी"।उन्होंने लंङ निकाला और मैं अपनी उँगलियों से अपनी गांड को छूकर देखा।


मेरी गांड पोली हो गई थी और मैं अपनी उँगलियों से अपनी गांड का रस निकाल कर चूसने लगी।मैं बोली"बाबु जी आपने तो मेरी गांड को पोला कर दिया।"।वे बोले"शिप्रा चिंता मत कर बहनचोद तेरी गांड ठीक हो जाएगी"।


उन्होंने मुझे खटिया पर पटका दिया और लंङ मेरी चूद में घुसा दिया।उन्होंने मेरी टांगें अपने कंधों पर फंसा ली और चुदाई करने लगे।वे पूरी ताकत से मुझे चोद रहे थे और मेरा बदन दुखने लगा था लेकिन वह नही माने।करीब 25 मिनट तक मेरे बाबु जी मुझे चोदते रहे और मेरी चुत में ही झड़ गए.हम दोनों एक दूसरे से लिपट गये और हम वैसे ही नंगे चिपक कर लेट गए.


कुछ देर सुस्ताने के बाद वो फिर मेरे उपर चढ़ गए।झोपड़ी में मेरी चीखें गूंजने लगी।मैंने दिन भर बाबु जी लंड के खूब मजे लिए.इस तरह 6 दिन तक मैं उनके तूफानी लंड से खूब चुदी और अपनी चूद का भोसङा और गांड का फालूदा बनवाकर लौटी।बाबु जी मेरे आशिक बन गए है.महीने में 3 ४ बार वो मेरी जवानी भोगने आते है.कभी कभी मैं गाव चली जाती हूँ तो सविता के साथ थ्री सम सेक्स का मजा करते है.बाबु जी मेरे पति नितिन से ज़्यादा अच्छे तरीके से चोदते हैं और मुझे पूरी संतुष्टी देते है।,मैं 2-3 बार गर्भवती भी हुई पर उन्होंने ने मेरा अबॉर्शन करवा दिया।

Antervasna

Recent Posts

See All
अंशिका का डाउट क्लियर किया: Sex Stories

कुछ देर बाद मैंने उसे किस करते हुए उसके पैरों को कंधे पर रख लिया. अपने लंड को उसकी खुली चुत में डालना शुरू कर दिया. इस पोजीशन की चुदाई काफी देर तक चली. इसमें वो दो बार झड़ चुकी थी और बहुत रोई भी थी. ल

 
 
 
मारिया और आरव - एक अनोखा रिश्ता: Antarvasana Sex Story

उन्होंने एक रील बनाई जिसमें आरव मारिया को थप्पड़ मारता, किस करता, फिर उसकी जैकेट खोलता। कैप्शन था: "किस स्लैप कपल - जब दर्द और प्यार मिल जाएं।" अगले दिन उनके डीएम में हजारों मैसेज थे। लोग कह रहे थे:

 
 
 
बच्चे की चाह में तांत्रिक बाबा से चुद गई-४: Sex Stories

सुबह देर से आंख खुली तो मेरी गांड़ में ही लन्ड अन्दर फंसा हुआ था ,,, और वो मेरे ऊपर ही सोये हुए थे ,,,,, मैंने उन्हें जगाया और उठने को कहा तो उन्होंने लन्ड खींच कर निकाला ,,, उनका पूरा लन्ड मेरी गान्ड

 
 
 

Comments


Hindi Sex Stories, Indian Sex Stories, Desi Stories, Antarvasna, Free Sex Kahani, Kamvasna Stories 

कामवासना एक नोट फॉर प्रॉफिट, सम्पूर्ण मुफ्त और ऐड फ्री वेबसाइट है।​हमारा उद्देश्य सिर्फ़ फ्री में मनोरंजन देना और बेहतर कम्युनिटी बनाना है।  

Kamvasna is the best and only ad free website for Desi Entertainment. Our aim is to provide free entertainment and make better Kamvasna Community

bottom of page