बच्चे की चाह में तांत्रिक बाबा से चुद गई-४: Sex Stories
- Riya 💋💋

- 5 days ago
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अभी तक आपने पढ़ा ,,,,
अब मैं रोज पति के आफिस जानें पर बाबा से चुदाने आने लगी और रात को पति से भी जरुर चुदाई करवाती थी ,,,,
अगले सप्ताह पति टूर पर गए तों मैं अपने 4-5 जोड़ी कपड़े ओर शादी का लहंगा चोली , मेकअप किट बैग में डाल कर बाबा के पास पहुंच गई ,,,
अब आगे ,,,
मैंने हर बार की तरह से आज भी अपने मुंह को दुपट्टा से ढक रखा था,,, वहां कुछ औरतें और भी थी ,,,, उनके जाने के बाद मैं बैग लेकर बाबा की कुटिया पहुंची तो बाबा मेरे ही इंतजार में थे ,,,, कुटिया फूलों से सजी हुई थीं ,,,, मोगरा के फूलों के गजरे और फूल भी रखें थें ,,,,
आगे बढ़ कर बाबा ने मुझे अपने आगोश में समा लिया,,, और मेरे गुलाबी होंठों पर अपने होंठ रख कर लम्बा चुम्बन लिया,,,,
बाबा ने अपने सभी शिष्यों को बुला कर आदेश दिया कि मैं 15 दिनों तक पूजा में घ्यान मग्न रहूंगा,,, कोई अवरोध उत्पन्न ना हो,,,,
बाबा ने अपने प्रिय शिष्य को इशारा किया वह फल आहार और भोजन का प्रबन्ध कुटिया में कर गया ,,,,
बाबा मैंने भोजन किया और बाबा ने मुझे अपनी बांहों में भर कर गोद में बैठा लिया ,,, मैंने अंगुर का गुच्छा उठाया और अपने मुंह में अंगुर लेकर अपने मुंह से बाबा के मुंह में मुंह डाल कर अंगुर खिलाने लगी ,,
धीरे-धीरे बाबा ने मुझे उपर से नंगी कर अंगुर मेरी चूचियों के निप्पल पर रख कर अपने मुंह में भर लिया करते,,,, मैं उछल पड़ती ओर बाबा के मुंह को अपनी चुचियों पर दबा दिया करतीं,,,,, दबा दिया ऊऊऊऊईईईईईई मममममम,,,, ममममम ससससससस,,,,,
ऐसे ही हम दोनों एक-दूसरे में समानें लगें और नीचे से भी नंगी कर दिया था आइइइइईईईईई मम्मी हहहहहहह,,,,,
बाबा ने अपने लन्ड को मेरी चुत में हर तरह से पेलते हुए भरपूर तरीके से मुझे काफी देर तक चोदा ,,,,,
फिर हम दोनों एक-दूसरे की बाहों में कम्बल में सो गए ,,, क्योंकि रात की तैयारी करनी थी ,,, दुल्हन बनकर सुहागरात सारी रात जागकर,,, तो एकबार चुदाई करते हुए सो गए ,,,,
काफी देर तक सोने के नाम को 5 बजे तक नींद खुली तो कम्बल में दोनों नंगे ही सो गए थे ,,, चाय वगेरह पी फिर नहाएं,,, कुछ खा पी कर मैं दुल्हन बनकर तैयार होते हुए मुझे रात्रि में 9 बज गए,,,,
लहंगे चोली में बालों के जुड़े में गजरे की लटाए,,, पूरे-पूरे मेकअप में मैं दुल्हन सज गई ,,, गद्दे पर गुलाब चमेली मोगरा के फूल बिखरे हुए थे ,,,,
मुझे दुल्हन देख कर बाबा मंत्र मुग्ध हो गया ,,,, बाबा मदिरा सेवन करते हुए मुझे ही देख रहा था ,,,, फिर मैंने अपने हाथ से भी पैग बना कर अपने होंठों से लगा कर बाबा को पिलाया ,,,, फिर मैं घुंघट निकाल कर बिस्तर पर बैठ गई ,,,
बाबा ओर पैग लगा कर मेरे पास आकर बैठ गए और अपने हाथों से मेरे घुंघट को उठा कर मेरे सुर्ख़ लबों पे अपने होंठ रख कर लम्बा चुम्बन लिया ,,,,
फिर अचानक उठ कर वो लकड़ी की संदूकची लेकर मेरे पास आए और उसमें से जैवलरी भारी सोने के हार , हाथों के कंगन, अगुंठीया, पाजेब बिच्छुओं के सैट, बाजूबंद, टीका, मंगलसूत्र, 501 चांदी के सिक्के, वह सब मुझे मेरी मुंह दिखाई स्वरुप मुझे उपहार में दिए ,,,
वह सब जैवलरी मुझे पहना दी ,,, अब मैं पूरी दुल्हन लग रही थी ,,,
उन्होंने बताया यह सब उनकी बीवी के है और जबसे उन्होंने मुझे देखा तो मेरे अन्दर उन्होंने अपनी बीवी की खूबसूरती को देखा है ,,,, उनकी बीवी भी मेरी तरह से ही बहुत सुंदर थी ,,, वह बोलें बाकी कहानी कल बताऊंगा आज अपनी सुहागरात अच्छी तरह से मनाना चाहते हैं ,,,
उन्होंने मेरे से एक आज्ञा मांगी ओर कहा ये राज हम दोनों के बीच ही रहेगा ,,, उन्होंने उसी संदूकची से सिंदूर की डब्बी निकाल कर मुझे कहा कि अगर तुम इजाजत दो तो क्या मैं तुम्हारी मांग में सिंदूर भरकर अपनी दुल्हन बनाकर सुहागरात मनाना चाहता हूं ,,,,
मैंने उनकी आंखों में देखते हुए उन्हें अपनी पलकों को झुका कर रजामंदी दे दी ,,,, उन्होंने मेरी मांग में सिंदूर भरकर मुझे अपनी बांहों में भर कर मेरे सुर्ख़ होंठों पर अपने होंठ से लम्बा चुम्बन लिया ,,,,,
मैंने अपने चूड़ियां खनकती हुई बाहों को उनके गले में हार बना कर डाल दिया ,,,,,
काफी देर तक हम दोनों एक-दूसरे को चुम्बन करते रहे ,,, वो मेरी चोली के उपर से ही मेरे दोनों चूचियों को सहला रहे थे ,,,,, हम दोनों की गर्म गर्म सांसें तेज़ हो कर दोनों के चेहरे पर टकराने लगी ,,,,
मुझे धीरे धीरे अपनी बाहों में भर कर गद्दे पर लिटा कर मेरे ऊपर आ कर मुझे हर तरह से चुम्बन करने लगे ,,,,, सारी कुटिया फूलों से गजरे की खुशबू से महक रही थी ,,,,
आज वो एक पति की तरह से मुझे प्यार करते हुए मेरे उपर छाते चलें गये ,,,,, मेरी दोनों चूचियों को चुमते हुए ,,, मेरे पेट पर अपने होंठ से चुम्बन की बारिश कर दी ,,,, बीच-बीच में अपनी जीभ से मेरी नाभि की गहराई में चाटने लगते ,,,, मैं तड़प सी जाती ,,, उनके चेहरे को अपने नाभि पर दबा दिया करतीं ,,, दबा दिया ऊऊऊऊईईईईईई मममममम,,, ममममम ससससससस,,,, इइइइइगिग ममममममम ईईईईईईईई,,,,,
मेरी सांसें तेज़ होने लगी मेरी दोनों चूचियों चोली को फाड़ने को तैयार हों रही थी ,,,,,,, तभी उन्होंने मेरे लहंगे को उपर उठा कर मेरी गुलाबी चुत को अपने मुंह में भरकर चूसने लगे आआआआइ ममममममम ईईईईईईईई ममममममम हहहहहहह इइइइइगिग ममममममम ईईईईईईईई,,,,,
फिर अपने लन्ड को मेरी जांघों से चुत में भिड़ाते हुए मेरे उपर लेटते हुए मेरे होंठो को चूसने लगे ,,,,, मैंने अपनी दोनों टांगों को चौड़ा कर उपर उठा लिया ,,,, जिससे लन्ड चुत में लग गया ,,,,
उन्होंने मेरे गालों होंठों को चूसते हुए लन्ड को धक्का लगा दिया ,,,, मेरी लंबी हिचकी सिसकारियां निकल गई ,,, आआआ मररररर गईईईईई,,,,, मम्मी मररररर,,,,,, गई,,,,,,,
उनका लन्ड सुपाड़ा सहित मेरी चुत को चीरते हुए अन्दर तक घुस गया आइइइइईईईईई,,,,,, मम्मी हहहहहहह इइइइइगिग ममममममम ईईईईईईईई ममममममम हहहहहहह,,,,,,,
उन्होंने ऐसे ही 4-5 धक्के लगा कर मेरी चुत में पूरा-पूरा लन्ड बच्चेदानी में जड़ तक घुसा दिया ,,,, उनके बड़े-बड़े मोटे-मोटे आंड मेरी गान्ड के छेद पर जोर से लगें ,,,,,,,
कुछ देर रुक कर उन्होंने मुझे ताबड़तोड़ धक्कों से चोदने लगे उईईईईई मम्मी मररररर ममममममम ईईईईईईईई ममममममम हहहहहहह इइइइइगिग,,,,,
कुटिया में मेरी सिसकारियां गूंजने लगी ,,,,, मेरी दोनों टांगें हवा में झूल रही थी और हाथों में चूड़ियां पैरों में पायल की झंकार गूंज रही थी ,,,,,, मैंने उन्हें अपनी दोनों बाहों में जोर से भींच कर अपने सीने से लगा रखा था ,,,,
उनकी जांघ मेरी जांघों से जोरों से टकरा रही थी ,,,,,, फफफटटटट षचफच आआइआ ईईईईईईईई फफफफचचच फफफफफफ फफफफफफचचछछ,,,,,

काफी देर ऐसे ही मुझे चोदते हुए मेरी दोनों टांगों को उठाकर अपने कंधे पर रख कर पूरे लन्ड को चुत की गहराई तक लबालब धक्के लगा कर चोदने लगे उईईईईई ,, ममममम ससससससस इइइइइगिग,,,, ममममममम ईईईईईईईई,,,, ममममममम ईईईईईईईई,,,,,
मेरी चुत ने ढेर सारा पानी छोड़ दिया मैं झड़ गई ,,,,, लेकिन वो चोदते ही जा रहें थे ,,,, मेरी चुत में चारों तरफ से खिंचाव पड़ रहा था ,,,,,, मैं उन्हें पत्नी की तरह प्यार से सहयोग कर रही थी ,,,,,,
मेरी चुत ने फिर से ढेर सारा पानी छोड़ दिया मैं फिर झड़ गई,,,,,, मैंने अपने होंठ से उनके होंठों को चूम लिया ,,,,,
कुछ देर बाद हम दोनों एक-दूसरे को जकड़ते हुए झड़ने लगें ,,,, उन्होंने ढेर सारा वीर्य मेरी चुत में भर दिया ,,,,, हम दोनों एक-दूसरे को बाहों में भर लिया ,,,
मैं उनके चेहरे, गालों, होंठों पर अपने रसीले होंठों से चुम्बन करने लगी ,,,,,,,,
इस सुहागरात चुदाई में उन्होंने मेरे शरीर पर से कोई भी वस्त्र उतार कर मुझे नंगी नहीं किया ,,,,, बस लहंगे को उपर उठाया और दुल्हन लिबास में भरपूर तरीके से चुदाई कर मुझे पत्नी की तरह अपने आगोश में समा गए ,,,,
कुछ देर बाद फल खाने के बाद अगले राउंड की तैयारी में उन्होंने एक एक करके मेरे लहंगे चोली को उतार कर मुझे नंगी करके मेरे उपर चढकर मेरी चुदाई करते हुए मुझे अब हर तरह से चोद रहे थे ,,,,
मेरे बालों का जूड़ा खुल कर मेरे लम्बे घने बाल बिखराए गद्दे पर बादलों की तरह से फैले हुए थे ,,,,, मेरी चुत देर तक चुदने के बाद कई बार पानी छोड़ झड़ जाती थी ,,,
वे फिर मुझे देर तक चोदते हुए मेरे साथ ही झड़ कर अपने वीर्य से लबालब हर बार मेरी चुत को भर दिया करते थे ,,,,,
पूरी रात भर मुझे 4 बार चोदते हुए सुहागरात मनाई ,,,, उसके बाद हम दोनों एक-दूसरे को अपनी बाहों में भर कर सो गए ,,,,
सुबह देर से चिड़ियों की चिंहुक आवाज से मेरी आंख खुली तो दिन निकल गया था ,,,, मैंने उनको देखा तो उन्होंने मुझे अपनी बाहों भरा हुआ था ,,,
उन्हें देखकर मेरे दिल में प्यार उमड़ पड़ा मैंने अपने बिखरे हुए बालों को बादलों की काली घटा की तरह से उनके मुंह पर बिखरा कर उनके होंठों को चूमते हुए बोली ,,,, सुनो काफी सुबह हो गई ,,, उठों ना ,,,
उन्होंने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और पलटी देकर मुझे अपने नीचे दबा लिया ,,,
मैं - क्या बात है पूरी रात मेरी हालत खस्ता करके चैन नहीं पड़ा ,,,, अब फिर मुझे अपने नीचे दबा दिया ,,,,, ऊऊऊऊईईईईईई,,,
बाबा - मेरी अप्सरा मेरी अर्धांगिनी तुमसे तो जन्मों तक चोदने से चैन नहीं पड़ेगा ,,, युगों तक तुम्हारे रसीले अंगों से रसपान करता रहूंगा ,,,,,
मैं - अच्छा जी पति परमेश्वर अब फ्रेश हो लो और नाश्ता के प्रबंध करें ,,,,
मैं भी सारी जैवलरी को उतार कर ओर गद्दे पर बिखरे हुए लहंगे चोली को संभाल कर बैग में रखा ,,,,
अपने शरीर पर पड़े निशानों को देख शरमाते हुए प्लाजो कुर्ती पहने लगी ,,,,
फिर उनके प्रिय शिष्य नाश्ता लेकर आया ,,,, वो चोरी चुपके से मुझे निहारता रहा ,,,,, नाश्ता करके मैं कम्बल ओढ़ कर सो गई ,,,,
देर दोपहर तक अच्छी नींद सो कर उठी तो खाना खाया ,,, फिर नहाने के समय चुत को हाथ लगाते ही दर्द से दुःख रही थी , बुरी तरह से सुजा दी बाबा ने चोदते हुए ,,,
बाद में बाहर फल खाते हुए हम दोनों बातें करते हुए घूमने लगें ,,,, उन्होंने बताया कि उनकी बीवी भी मेरी तरह से बहुत सुंदर खूबसूरत थी ,,, गांव के जमींदार ने उनकी बीवी को उठवा लिया ,,, अपनी हवेली में क़ैद कर उससे मुंह काला करता रहा ,,, उसकी बीवी ने मोका मिलते ही फांसी खा कर अपनी जान दे दी थी ,,,

बाबा ने जमींदार से बदला ले लिया ,,,, अब कैसे बदला लिया वो मैं यहां नहीं बता सकतीं ,,,, और ना ही बताऊंगी ,,,, फिर बाबा साधुओं की संगत में आ गए ,,,, वहां ही उन्हें सुल्फा गांजा की लत लग गई ,,,,
हम दोनों एक-दूसरे की कमर में हाथ डालकर लिपट कर घुमते हुए शाम होने लगी थी ,,,, घुमते हुए भी मैं टांगें चौड़ी करके चल रही थी ,,,, मेरी चुत सूजन के कारण बहुत भारी लग रही थी जैसे अभी भी चुत में ही लन्ड महसूस हो रहा था ,,,,
फिर रात को भोजन के बाद मैंने खुद ही अपने हाथ से उनको सुल्फा में गांजा भरकर दिया,,,, वे सुलगाते हुए लम्बे कश लगाने लगे ,,,
उन्होंने मुझे अपनी गोद में आमने-सामने मेरी एक टांग इधर उधर करके अपने लन्ड पर बैठा लिया ,,,, सुल्फा का धुआं धुआं मेरे मुंह पर छोड़ते ,,, कभी मेरे होंठों को अपने मुंह में भरकर छोड़ते ,,,,,
सुल्फा खत्म होने पर मुझे पलटी देकर अपने नीचे लिटा लिया ,,, अपने होंठों को मेरे होंठों से लगा कर चूसने लगे ,,,,, मेरे प्लाजो का नाड़ा खींच कर उतार कर फेंक दिया ,,, मैं नीचे से नंगी कर दी ,,,,
मेरे गुलाबी होंठों को चूसते हुए मेरी चुत को सहलाने लगे उईईईईई,,, ममममममम हहहहहहह इइइइइगिग,,,,
जैसे ही मेरी कुर्ती निकाल कर फैंकी ,,, मेरी दोनों चूचियों उछल कर बाहर आ गई ,,,, उन्होंने एक चुची को मुंह में भर लिया ,, दुसरी को मसलने लगे उईईईईई मम्मी मररररर ,,,,
फिर उन्होंने अपनी धोती कुर्ता उतार कर फेंक दिया ,,, अब हम दोनों एक-दूसरे में नंगे गुत्थमगुत्था होने लगें ,,,,, 69 होकर वह मेरी चुत को चूसने लगें,,, मैं उनके लन्ड को चूसने लगी ,,,,
उन्होंने मेरे उपर चढकर मेरी टांगें फैला कर लन्ड को चुत में लगा तगड़ा धक्के से आधा लन्ड मेरी चुत में अन्दर तक घुस गया आइइइइईईईईई मम्मी हहहहहहह इइइइइगिग ममममममम ईईईईईईईई,,,,
एक और तगड़ा धक्का लगाया तो पूरा लन्ड जड़ तक मेरी चुत में अन्दर बच्चेदानी में जोर से लगा ,, ईईईईईईईई मम्मी मररररर गई आआआआइ ममममममम ईईईईईईईई ममममममम,,,,, हहहहहहह इइइइइगिग,,,,,
उन्होंने बिना रुके धक्के लगाने शुरु कर दिए ,,,, फफफटटटट षचफच आआइआ ईईईईईईईई फफषषचचचचचफफफफ,,,,,
फिर मुझे अपनी बाहों में भर कर उठा कर खड़े हो कर अपने लन्ड पर उछाल उछाल कर चोदने लगे उईईईईई आआआआइ ममममममम ईईईईईईईई ममममममम,,,,
फिर मुझे घोड़ी बना कर लन्ड एक बार में ही पूरा पेल दिया ,,, सीधे लन्ड बच्चेदानी में जा धंसा ,,, आआआहहहह,,, ससससससस,,,,,
मेरे दोनों चूतड़ों को पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए ,,,, फफफटटटट षचफच,,,, मेरा मुंह गद्दे में धंस गया ,,,,,
उनका लन्ड मेरी चुत को तहस-नहस करते हुए तेज़ी से अंदर बाहर हो रहा था ,,,,, बीच-बीच में वो अपने अंगुठे से मेरी गांड़ को सहलाते हुए छेद को छेड़ने लगें ,,,, मेरी गांड़ में मीठी मीठी खुजली होने लगी ,,,,,
मेरी चुत से पानी के फौवारे छुटने लगें ,,,, मैं झड़ गई ,,,, फिर मुझे अपने नीचे लिटा कर मेरे ऊपर चढ़ कर मेरी दोनों टांगें अपने कंधों पर रख कर जोर जोर से चोदने लगे उईईईईई,,,,, आआआआइ ममममममम,,,, ईईईईईईईई
कुछ देर बाद हम दोनों एक साथ झड़ गए ,,,, उनके लन्ड ने ढेर सारी वीर्य की पिचकारियां छोड़ दी ,,,,, काफी देर तक हम दोनों ऐसे ही लेटे रहे ,,,,,
कुछ देर बाद वे सुल्फा में गांजा भरकर कश लगाने लगें ,,,, मैंने अपने उपर कम्बल खींच लिया ,,,,
काफी देर तक कश लेने के बाद उन्होंने मेरे उपर से कम्बल हटा कर मेरे ऊपर आ गए ,,,, हम फिर से गुत्थम-गुत्था हो गये ,,,, फिर से मेरी जमकर चुदाई शुरू कर दी ,,,,
काफी देर से मेरी चुदाई कर रहे थे ,,,, आआआआइ ममममममम ईईईईईईईई ममममममम,,,,, फिर मुझे चोदते हुए मुझे घोड़ी बनाया और अपने लन्ड को मेरी गांड़ के छेद पर लगा कर धक्का दिया ,,, मैं आगे को उछल पड़ी ,,,,
उन्होंने मुझे मेरे चूतड़ों से पकड़ कर खींच कर फिर से लन्ड मेरी गान्ड में धक्का दिया ,,, लन्ड फिसल गया ,,,,
उन्होंने तेल की शीशी उठाकर मेरी गान्ड पर उड़ेल दी ,,,, हाथ से मेरे चूतड़ों पर छेद में ढेर सारा तेल भर दिया ,, अपने लन्ड पर भी तेल लगा कर लन्ड गांड़ में तगड़ा धक्के से पेल दिया ,,,,
मेरी जोर से चीख निकल पड़ी ,,,, ऊऊऊऊईईईईईई मां,,,, मररररर ,, गगईईईईईई ,,,,,,, मैंने आगे को खिसकने लगी तो उन्होंने मुझे कसकर मेरे चूतड़ों से पकड़ लिया ,,,,,
अभी उनका लन्ड आधे से आधा ही अंदर गया था ,,, मेरे दोनों चूतड़ों समेत गांड़ फटने लगी थी ,,,, फिर एक ओर जोर से धक्का लगा दिया,,, लन्ड आधे से ज्यादा मेरी गान्ड को फाड़ता हुआ अन्दर घुस गया आइइइइईईईईई मम्मी हहहहहहह इइइइइगिग ममममममम ईईईईईईईई,,,,
मेरी आंखों में आंसू निकलने लगे उईईईईई मम्मी मररररर गई आआआआइ ममममममम,,,, मेरी रोने लगी ,,,, उन्होंने तुरंत ओर जोर से धक्का लगाया और पूरे लन्ड को मेरी गान्ड में घुसेड़ दिया ,,,,
मेरी छल्ले दार गांड़ की सील टूटती चलीं गईं ,,,,, फिर वो लन्ड को धक्के लगाने शुरू कर दिए ,,,, मैं रोती रही ,,,, कुटिया में मेरी रोने की ओर दर्द भरी आवाजें गूंजने लगी ,,,,, ईईईईईईईई मम्मी मररररर ममममममम हहहहहहह इइइइइगिग,,,,
उनके लन्ड ने मेरी चुत की तरह ही मेरी गांड़ के चिथड़े उड़ा दिये ,,,, उन्होंने जोर जोर से गांड़ चोदने लगे ,,,,
मेरी गांड़ से पाद निकलते हुए मेरी पोटी भी निकल गई ,,,,, लेकिन वो चोदते जा रहें थे ,,,,
मैं अपने सिर को गद्दे पर पटकने लगी थी दर्द से ,,,,,
कुछ देर बाद मेरी गांड़ में लन्ड ने जगह बनाई और मेरी गांड़ में मीठी मीठी खुजली के साथ दर्द कम होने लगा ,,,,, मैं भी अपनी गांड़ कों पीछे धकेलते हुए धक्के लगाने लगी ,,,,,
फिर उन्होंने लन्ड को मेरी गान्ड में सीधे , तिरछे , दाएं बाएं लन्ड को धक्के से मेरी गान्ड को फ़ाड़ कर रख दिया ,,,,, काफी देर तक मेरी गान्ड चुदाई करते हुए मेरी गान्ड में लन्ड से वीर्य भर दिया ,,,,
मैं संभल नहीं पा रही थी ,,, मैं आगे को पेट के बल गिरतीं चलीं गईं ,,, साथ-साथ वो भी लन्ड गांड़ में फंसाये हुए मेरे ऊपर लेट गये ,,,,
ऐसे ही लेटे हुए हमें नींद आ गई ,,,
सुबह देर से आंख खुली तो मेरी गांड़ में ही लन्ड अन्दर फंसा हुआ था ,,, और वो मेरे ऊपर ही सोये हुए थे ,,,,,
मैंने उन्हें जगाया और उठने को कहा तो उन्होंने लन्ड खींच कर निकाला ,,,
उनका पूरा लन्ड मेरी गान्ड की पोटी में सना हुआ था ,,,, मेरी गान्ड ओर चूतड भी पोटी से सने हुए थे,,,, अपनी ऐसी हालत देखकर मैं शर्म से आंखें झुका ली ,,, उन्होंने शैतानी मुस्कुराहट से मुझे अपनी बाहों में भर लिया ,,,,
मैं - देख रहे हो मेरी क्या हालत कर दी ,,, कितना रोई थी मैं ,,, फिर आपने मेरी हालत बिगाड़ दी ,,,,,
बाबा - मेरी प्रिय तुम चीज़ ही ऐसी हो,,, मैं तो आपका गुलाम हो गया हूं ,,,,
फिर मैंने पानी से उनके मेरी गान्ड की पोटी से सने लन्ड को अपने हाथों से साफ करने लगी तो उनका लन्ड ओर हिचकोले लेने लगा ,,,, और अपने चूतड़ों गांड़ को भी पानी से धोने लगी ,,, फिर गर्म पानी से हम दोनों ने एक-दूसरे को नहलाया ,,,,
एक तो चुत सूजन से दर्द कर रही थी और अब गांड़ भी छिल फट कर दर्द से टांगें बुरी तरह से चोड़ी करके चल रही थी ,,,,
मैंने उनको कहा कि शिष्य को भेज कर पेन किलर टेबलेट मंगा लीजिए ,,,
फिर नाश्ता करके टेबलेट लेकर मैं कम्बल ओढ़ कर सो गई ,,,,,
पूरा दिन सोने के बाद शाम को नींद से जागी टेबलेट से कुछ आराम मिला ,,,, लेकिन गांड़ में दर्द के साथ ही मीठी मीठी खुजली हो रही थी ,,,,
रात को भोजन करने के बाद बाबा ओर मैं कुछ देर टहलते रहे ,,, फिर कुटिया में आ कर बाबा ने 2 बार मुझे नंगी करके चुत ओर 1 बार गांड़ जमकर अपने लन्ड से मुझे चोदा ,,,,
अब रोज दिन रात बाबा मुझे नंगी करके मेरी चुत ओर गांड़ में अपने लन्ड को पेलते रहे ,,,, मेरी चुत गांड़ भी चौड़ी हो गई थी ,,,,
मैं जितने दिन उनके साथ रहीं ,, उन्होंने जबरदस्त तरीके से मुझे चुत गांड़ से चोदा ,,,,
पति के टूर से आने से एक दिन पहले मैं बाबा से अपनी भरपूर चुदाई करवा कर घर वापस आ गई ,,,,, वो जैवलरी मैंने बाबा को वापस करने की बहुत कोशिश की ,,,, लेकिन बाबा नहीं मानें और सारी जैवलरी मुझे उपहार में दे कर मुझे चुम्बन करते हुए विदा किया ,,,,,
घर आकर मैं कई कई बार नहाते हुए शैम्पू करती थी और कोलगेट करके माऊथ फ्रेशनर करती थी ,,, ताकि सब कुटिया की निशानी मिट जाए ,,,,,
पार्लर वाली को घर पर ही बुला कर फुल बॉडी वैक्स , मसाज , फेशियल करवाया ,,,,
पति के आने पर अच्छे से उनका , स्वागत किया और रोज रात को उनसे चुदाई करवाती ,,,,
एक महीने बाद मेरी महावारी नहीं आई ,, मैंने 4-5 दिन ओर इंतजार किया लेकिन महावारी नहीं आई ,,,,
मैंने पति को आफिस में फोन करके बताया कि प्रेगनेंट किट लेते आना चैक करने के लिए ,,,,
पति से फोन पर बात करते हुए ही मेरा जी मिचलाने लगा ओर उल्टी होने को ऊबकाई आने लगी ,,,,, मैं भागकर वाश-बेसिन में उल्टी करने लगीं ,,,,
मुझे विश्वास हो गया मैं बाबा से प्रेगनेंट हो गई हूं उनका बच्चा मेरे पेट में पनपने लगा है ,,,, फिर भी मैं प्रेग्नेंट किट से चैक करना चाहतीं थीं ,,,,
शाम को पति के आने पर किट लेकर मैं सीधे बाथरूम में घुस गई ,,,, युरिन से चैक किया तो खुश हो गई ,,, मैं प्रेग्नेंट निकली ,,,
मैंने पति को होंठों से चूमते हुए उनके कान में कहा कि आप पापा बनने वाले हैं ,,,, पति ने खुशी से मेरे होंठो को चूम लिया ,,,
अब पति घ्यान से मेरी चुदाई करते थे ताकि बच्चे पर दबाव ना पड़े ,,,
मैंने ये खुशखबरी बाबा को भी दी कि आपके बच्चे की मां बनने वाली हूं ,,, उन्होंने खुशी से आशीर्वाद दिया ,,,,
समय पर मैंने एक लड़के को जन्म दिया ,,,, सब जगह खुशियां मनाई गई ,,,,
फिर मैं कुटिया भी जातीं तो बच्चे को उनका प्रिय शिष्य संभाल लिया करता था ,,, बाबा मुझे चोदते चोदते मेरी गोद भर दिया करते थे ,,,,
मैं इस तरह से बाबा के 4 बच्चों की मां बनीं ,,,, चारों बच्चे लड़के थे ,,, बाबा ने कभी भी अपने शिष्यों की नजर मेरे ऊपर नहीं पड़ने दी ,,,,
मुझे अपनी बीवी की तरह से अपने आगोश में रखा ,,,,
फिर अचानक से बाबा अपने शिष्यों को लेकर कहां चले गए कुछ पता नहीं ,,,,
मैंने उनका दिया कमर पर बंधा हुआ धागे को उतार कर उनकी निशानी के तौर पर संभाल कर रख लिया ,,,,
ये सच्ची कहानी हरियाणा की है बाकी मैं कुछ नहीं बताऊंगी ,,,,
आपकी रिया ,,,,
आपकी रिया ,,,
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