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बच्चे की चाह में तांत्रिक बाबा से चुद गई-३: Sex Stories

Aug 16
5 min read

अभी तक आपने पढ़ा ,,,,


मैं बुरी तरह से टांगें चौड़ी करके चल रही थी ,,,, चुत सूज कर कूपा हों गई थी ,,,


मैं किसी भी तरह से घर पहुंचना चाहती थी ताकि घर पहुंच कर कोलगेट करके ओर माउथ फ्रेशनर से अपने मुंह से सुल्फा गांजा की महक को दूर करु ,,,,


ओर गर्म पानी से नहा धोकर फ्रेश होकर पति संग चुदाई की तैयारी करु ,,,,, ताकि प्रेगनेंट होने पर पति को ये लगें ,,, मैं उनसे ही प्रेगनेंट हुई थी ,,,,


घर जैसे-तैसे पहुंच गई और सब-कुछ अच्छी तरह से करके पति का इंतजार करने लगी,,,,


अब आगे ,,,,,,


पति के आने पर कैंडल लाइट जला कर डिनर किया ,,, बैडरूम में छोटा बल्ब पहले ही जला दिया गया था मैंने ,,,,,


फिर बल्ब आफ़ करके अंधेरे में ताकि पति को मेरे शरीर पर पड़े निशान ना दिखाई दे ,,, पति ने मेरी कमर पर काले धागे में घुंघरु देखा तो मैंने उन्हें समझाया कि प्रेगनेंट होने के लिए पूजा पाठ से उपाय है ताकि नजर नहीं लगें ,,,,,


पति ने रम के 4 पैग लेकर 2 बार मेरी चुदाई करते हुए मुझे अपनी बांहों में भर कर सो गए ,,,,


सुबह मैंने जानबूझ वो सभी निशान पति को दिखाते हुए कहा कि जानूं देखो आपने रात को मेरा क्या हाल बना बनाया निशान डाल दिए आपने ,,,,



पति ने और जोश में आकर मुझे सुबह फिर से चोदने लगे उईईईईई मम्मी,,,,, ममममममम ईईईईईईईई,,,,, ममममममम ईईईईईईईई,,,,,,,


चुदाई के बाद मैं किचन में नाश्ता तैयार किया ओर पति के आफिस जाने पर मैं तैयार होकर ,,, मैंने आज प्लाजो कुर्ती पहनी,,, ताकि मेरी कमर पर धागा बांधा किसी को नहीं दिखे और बाबा की कुटिया जा पहुंची ,,, तो बाबा के शिष्य की कुटिया से औरत की सिसकारियां निकलने की आवाज आ रही थी ,,,


मैंने थोड़ा सा दरवाजा खिसका दिया और देखा कि वो औरत अनीता थी, बाबा का शिष्य अनीता को नंगी करके चोद रहा था ,,, और अनीता अपने चूतड़ों को ऊपर उठा कर चुद रही थी ,,,,


थोड़ी देर तक मैं उनकी चुदाई देखती रही ,,, शिष्य का लन्ड भी ठीक ठाक ही था बाबा जैसा तो नहीं था लेकिन मेरे पति से लम्बा और मोटा था,,,


मैं बाबा की कुटिया में पहुंची तो बाबा सुल्फा गांजा के लम्बे कश लगा रहे थे,,, मुझे देख कर बाबा ने आगे बढ़कर मुझे अपनी बाहों में भरते हुए मेरे होंठो को चूमने लगे,,,


मैंने भी अपनी बाहों का हार बना कर बाबा के गले में डाल दिया,,,,


बाबा - देवी सारी रात तुम्हारी याद आती रही,,,

मैं - मुझे भी आपकी बहुत याद आई ओर अब भागी चली आई,,,,


आज बाबा के गद्दे पर गुलाब फूल और पंखुड़ियां बिछीं हुई थी,,,, बाबा मुझे अपनी बाहों में भर कर अपनी गोद में बैठा कर,,, सुल्फा से लम्बे कश लेते हुए मेरे होंठो गालों को चूम रहें थे,,,,,


मुझे भी कश लगवा रहे थे,,,, बाबा ने मुझे कश लगाने सिखाया,,,, सुल्फा खत्म होने पर बाबा मुझे गोद में लेकर गद्दे पर आ गए,,,,


मैंने भी बिना देर किए अपने कपड़े उतार दिए पूरी तरह से नंगी हो गई थी और बाबा की धोती की गांठ खोल कर उतार दी,,,,


बाबा का लन्ड उछल कर बाहर आ गया,,, मैंने मुंह में लेकर चूसने लगी,,,

बाबा ने मुझे खड़े होकर ही मेरी कमर से पकड़ कर ऊपर हवा में उठा लिया और 69 में ले लिया,,,,


मेरी चुत बाबा के मुंह पर आ गई,,, मैं उल्टी हवा लटक के उनके लन्ड को मुंह में चूसने लगी,,,,,


काफी देर बाद बाबा ने मुझे गद्दे पर पटक दिया और मेरे उपर चढकर लन्ड चुत में लगा तगड़े 2 धक्के में पूरा जड़ तक लन्ड मेरी चुत में फंसा दिया,,,


उनके बड़े-बड़े आंड जोर से मेरी गांड़ के छेद पर लगें,,,, मेरी लम्बी हिचकी सहित सिसकारियां निकल पड़ी,,,,, आआआआइ ममममममम,,,, ईईईईईईईई ममममममम ईईईईईईईई,,,,,,,


बाबा मुझे जकड़ कर जोर जोर से चोदने लगे उईईईईई मम्मी मररररर गई आआआआइ ममममममम ईईईईईईईई ममममममम ईईईईईईईई ममममममम हहहहहहह इइइइइगिग,,,,,


फिर मेरी दोनों टांगों को उठाकर अपने कंधे पर रख कर लगातार धक्के की बरसात कर दी ,,, ममममममम ईईईईईईईई ममममममम,,,, ईईईईईईईई ममममममम,,,,, ईईईईईईईई ममममममम,,,, ईईईईईईईई


मैंने झड़ते हुए मेरी चुत ने ढेर सारा पानी छोड़ दिया,,,, लेकिन बाबा चोदते जा रहा था,,,, कुछ देर बाद मैं फिर से झड़ गई,,,, बाबा मुझे इसी तरह से चोदने में बहुत समय तक चोदते रहे,,,,, मैं फिर से झड़ गई ,,,,


लेकिन बाबा मेरी टांगों को नीचे नहीं उतार रहे थे,,,,, मेरी चुत बुरी तरह मसलीं जा रही थी ,,,,, मैंने अपनी अंगुली से बाबा के निप्पलों को सहलाने लगी तो बाबा ने मेरे दोनों हाथों को इधर-उधर अपने हाथों से दबा लिए ,,,,,


बाबा अपने लन्ड को तेज़ धक्कों की रफ्तार से मेरी चुत में अन्दर बाहर कर रहा था ,,,,, मेरी हालत खस्ता होने लगी थी,,,, मेरी दर्द भरी सिसकारियां जोर जोर से निकलने लगी थी,,,,,


लेकिन बाबा लगातार चोदते जा रहा था,,, बाबा को 50 मिनट हो गए थे मुझे चोदते हुए ,,, मैं रोने लगी,,,, मम्मी ममममममम ईईईईईईईई ममममममम ईईईईईईईई,,,,


मैं - मेरे हाथ छोड़ दो ,,, प्लीज़ चुत फट जायेगी,,, बस बस छोड़ दो,,,,, मर गई,,,,, बस अब और नहीं,,,,, बस मिर्ची ही लग रही है,,चुत में,,,,, छोड़ दो,,,,,,


मेरी हालत देखकर बाबा ने मेरे हाथ छोड़ दिया लेकिन मुझे चोदते ही जा रहा था,,,,, मैंने अपने मुंह से बाबा के निप्पलों को चूसने लगी,,,,, जीभ से चाटने लगी,,,,


काफी देर बाद बाबा जोरों से सिसकारियां भरते हुए झड़ने लगें,,,,,, उनके साथ ही मैं भी फिर से झड़ गई ,,,,, गर्म गर्म वीर्य की पिचकारियां छोड़ कर मेरी चुत लबालब भर गई,,,,,,


बाबा मेरे उपर ही लेटे मैं उनके नीचे दबी हुई,,,, दोनों जोर जोर से सांसें ले रहे थे,,,,, कुछ देर बाद सांसें शांत हुई तो बाबा मुझे प्यार से चूमने लगे उईईईईई,,,


मैं - आपने तो मुझे मार डाला था,,,,,


बाबा - आपके हुस्न को देखकर मैं अपने होशोहवास खो कर पागल हो जाता हूं,,,,


काफी देर तक हम दोनों एक-दूसरे की बाहों में लेटे हुए प्यार की बातें करते रहे,,,,,


बाबा - आप मेरे साथ रहो,,,, दिन रात खूब प्यार करुंगा आपको,,,,


मैं - नहीं बाबा ये मुश्किल है मेरे पति हैं समाज में उनकी इज्जत है,,,,


बाबा - अच्छा आज़ रात को रुक जाओ,,, मैं तुम्हें पूरी उम्र चोदते हुए अपनी जिंदगी बिताना चाहता हूं,,,,


मैं - मैं आती रहूंगी आप जैसे चाहे मुझे चोदते रहना ,,,

लेकिन आज मैं नहीं रुक सकती,,,,


बाबा - आज रात कैसे भी रुक जाओ,,, मैं आपको दुल्हन बनाकर सुहागरात मनाना चाहता हूं,,,,


मैं - दुल्हन तो मैं आपकी बन ही गई हूं ,,,, मैंने अपना सबकुछ तों आपको निछावर कर दिया है ,,,,,


बाबा - मैं आपको दुल्हन जोड़े में अपनी दुल्हन बनाकर सुहागरात मनाना चाहता हूं ,,,,


मैं - आज तो नहीं ,,,, हां अगले सप्ताह मेरे पति आफिस काम से 15 दिनों के लिए टूर पर जा रहें हैं ,,,, तब 15 दिनों के लिए मैं आपके पास आ जाऊंगी,,,, अपना दुल्हन लहंगा चोली भी ले आऊंगी ,,,,,


मेरी बात सुनकर बाबा खुशी से मुझे अपनी बाहों में भर लिया ,,,,,


फिर से मुझे काफी देर तक अलग-अलग आसनों से रगड़ कर चोद डाला ,,,, आज बाबा ने दारू पीकर भी मुझे चोदते हुए खुब रौंदा,,,,,


बाबा ने आज भी मेरी छल्ले दार गांड़ की सील तोड़ने की बहुत जिद करी ,,, लेकिन मैंने जैसे-तैसे उन्हें मना कर दिया ,,,


उनका लन्ड मेरी चुत की हालत खराब कर दिया करता है तो मेरी गान्ड के तो चिथड़े-चिथड़े कर देगा ,,, मुझे घर जाने में भी बहुत परेशानी हो सकती थी ,,,,


बाबा की चुदाई से मैं भी उनकी दीवानगी के हद तक दीवानी हो गई थी ,,,,


आज़ मैं 2 राऊंड में चुदाई से समय से घर लौट आई ,,,


अब मैं रोज पति के आफिस जानें पर बाबा से चुदाने आने लगी और रात को पति से भी जरुर चुदाई करवाती थी ,,,,


अगले सप्ताह पति टूर पर गए तों मैं अपने 4-5 जोड़ी कपड़े ओर शादी का लहंगा चोली , मेकअप किट बैग में डाल कर बाबा के पास पहुंच गई


शेष अगले भाग में पढ़ें ,,,,


कैसे बाबा ने 15 दिनों तक मुझे अपनी दुल्हन बनाकर कैसे मेरे साथ सुहागरात मनाई और मेरी छल्लेदार गांड़ की सील कैसे तोड़ी ,,,,


आपकी रिया ,,,,


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