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बच्चे की चाह में तांत्रिक बाबा से चुद गई-१ : Hindi Sex Story

हैलो दोस्तो, आपकी रिया फिर से हाजिर है नई सच्ची कहानी लेकर। आप सभी के लंडों को मेरे गुलाबी होंठों से चुम्बन ।

मेरी शादी को 3 साल हो गए लेकिन अभी मैं प्रेग्नेंट नहीं हो पाई । ऐसा नहीं है कि पति ठीक से चोदते नहीं है वो हर तरह से मुझे भरपूर तरीके से मेरी चुदाई करते हैं। लेकिन अभी बच्चे के सुख से वंचित हूं ।

मैं जवानी से लबालब रसभरी हूं 36D-30-40 मेरा फिगर साइज़ है। दोनों स्तनों का अद्भुत सुडौल उभरे हुए थे और चूतड़ों गांड़ भी चलतें हुए हिचकोले खाते हैं बलखाती कमर । उम्र 24 साल कद 5'6"

पति आफिस चलें जातें हैं शाम को 8 बजे आते हैं मैं सारा दिन अकेले ही रह जाती हूं । अपनी खास सहेली से फ़ोन पर बात कर लेती हूं कभी-कभी वो आ जाती है । मस्ती भरी दास्तां बयां करती रहती हैं।

सहेली - यार अभी तक तूं प्रेगनेंट नहीं हुई। बच्चा प्लान कब कर रहे हों

मैं - यार कोशिश करते रहते हैं। लेकिन रुक नहीं रहा है

सहेली - भाई साहब में कोई कसर बाकी तो नहीं।

मैं - तूं जैसे भी बोलतीं है हम वैसे ही भरपूर तरीके से कोशिश करते हैं।

सहेली - अच्छा सुन मेरी एक जानकार मेरी फ्रेंड अनीता हैं उसके भी बच्चा नहीं हो रहा था।

उसको भी किसी ने बताया तो वो एक बाबा के पास जाने लगी। वो झाड़ फूंक कर काला धागा औरत की कमर पर बांध देता है। ओर कुछ उपाय करता है।

मैं - अच्छा कौन है वो मिलवा दें उससे मुझे।

सहेली - ठीक मैं अभी फ़ोन पर तेरी बात करवा देती हूं। मेरी अनीता से फोन पर बात हुई ओर हमने एक-दूसरे से फ़ोन नं सेव कर लिए ।

अगले दिन अनीता मेरे पास आ गई। चाय पीते हुए बातें बताई कि कैसे उसकी सास ओर ससुराल वालों ने उसका जीना बेहाल कर दिया था। बच्चा ना होने से । बताते हुए अनीता की आंखों में आसूं आ गये।

मैंने अनीता को चुप कराया ओर वह बाबा के बारे में बताने लगी । कि जिन औरतों की कमर में काला धागा बांधा जाता है धागे में 3 चांदी के घुंघरु बंधे होते हैं वो सभी बाबा की कुटिया से बच्चे की मां बनीं है ।

मैंने ज्यादा पूछा तो वो बातें घुमा गई। बस इतना बोली कि अगर मां बनना चाहती हों तो बाबा जैसे बोलें वैसे ही करतीं जाना । बस राज राज ही रहने दो । अगर अपनी खुशी चाहिए तो।

मैं सोच में पड़ गई । अनीता ने ऐसा क्यों बोला।

अगले दिन का प्रोग्राम तय किया ओर अगले दिन सुबह 10 बजे अनीता मुझे लेकर बाबा के पास ले गई।

बाबा की बड़ी सी कुटिया हरे भरे लहलहाते खेतों में में थी। वहां काफी औरतें आईं हुई थी। सबकी कमर पर 3 चांदी के घुंघरु वाले काला डोरा बंधा हुआ था। उनकी गोद में बच्चे थे। वहां सभी अपने बच्चों के साथ बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु आई थी।

बाबा के सर पर बालों की लम्बी जटाएं थी। उनकी कुटिया में नरमुंड रखें थें जिनको देख कर डर भी लग रहा था। कुटिया में गुलाब अगरबत्ती की सुगंध से महक रही थी।

एक तरफ बड़ा सा मोटा गद्दा बिछा हुआ था उस पर कुछ तकिया रखे हुए थे। और फलों से लदे हुए थाल थें। कुटिया में अन्दर चारों तरफ पर्दे लगें हुए थे ।

बाबा ने बस पतली सी धोती बांध रखी थी। उसमें से बाबा के लन्ड का काला उभार लम्बा और मोटा झलक रहा था। चोड़े सीने पर घुंगराले बालों के गुच्छे ओर बाहों में मसल उभरे हुए थे। जांध में भी मसल उभार सुडौल शरीर था।

बाबा ने हाथों ओर पैरों में चांदी के मोटे-मोटे कड़े पहने हुए थे ।

बाबा सुल्फा गांजा पीते हुए धुआं धुआं छोड़ते हुए मुझे देख रहें थे।

मैंने साड़ी ओर डीप गले का ब्लाऊज पहना हुआ था जिसमें से मेरी दोनों सुडौल स्तन तन कर बाहर निकलने को तैयार हो रहें थे।

मेरे शरीर का फिगर साइज़ 36D 30 40 बहुत ही सैक्सी है।

अनीता ने बाबा के पैर छुए तो मैंने भी छु लिए। बाबा ने मेरे डीप गले ब्लाऊज कमर पर हाथ फेरते हुए आशिर्वाद दिया।

बाबा - देवी अनीता बहुत दिनों बाद दर्शन करने आई हों। सब कुशल मंगल से हों।

अनीता - हां बाबा सब आपकी कृपा से ही अच्छा हुआ है । अनीता ने बाबा से मेरा परिचय करवाया। मेरे बारे में बताया कि ये भी बहुत परेशान हैं बाबा उसका भी उद्धार कर दो।

तभी बाबा ने अपने शिष्य को इशारा किया तो वो काला धागा लेकर आया धागे में 3 चांदी के घुंघरु भी थें।

फिर बाबा ने मुझे अपने पास बुलाया और धागे को मंत्र से अभिमंत्रित करके। अपने दोनों हाथों से मेरी कमर को पकड़ कर धागा बांध दिया। धागे में घुंघरु के खनकने की आवाज आ रही थी ।

मंत्र बोल कर मेरी नाभि पर फूंक मारकर मेरी नाभि पर चुम्बन करने के साथ ही मंत्र बोलें जा रहा था । मेरे पेट पर हाथ फेरने लगा ।

मुझे छटपटाता देख बाबा ने मुझे मेरी कमर से पकड़ रखा था। मैं ना चाहते हुए भी मंत्र मुग्ध होकर खड़ी थी । बाबा की किसी भी बात का विरोध करने की हालत मे नही थी मैं।

बाबा ने शिष्य को फिर से इशारा किया तो वो पानी का जग ओर बड़ा सा बर्तन रखकर। वो अनीता को लेकर बाहर दुसरी कुटिया में चला गया।

अनीता जातें हुए मुझे आंखों में इशारा करते हुए चलीं गईं। अब कुटिया में बाबा ओर मैं अकेली ही थी।

बाबा - देवी आपको निर्वस्त्र होकर रति कामदेव पूजा करनी पड़ेगी। सैकड़ों देवीयो ने इस पूजा से हमारे आशिर्वाद प्राप्त कर मां बनने का सौभाग्य प्राप्त किया है ।

मैं - बाबा मैं भी बड़ी उम्मीद से आपके पास आई हूं।

बाबा - देवी अगर आप निर्वस्त्र होकर रति कामदेव पूजा पूर्ण समर्पण भाव से करेगी तो आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होगी। हमारी आज्ञाकारी शिष्य की तरह से निःसंकोच हमारी सभी बातों का पालन करना पड़ेगा। अन्यथा ये पूजा सफल नहीं होगी ।

मैं - बाबा मैं हर पूजा सम्पूर्ण समर्पण भाव से करुंगी ।

बाबा - सबसे पहले आपको जल से लिंग अभिशैक करके उस जल को ग्रहण करना पड़ेगा ।

मैं - बाबा क्या ये उचित होगा ?

बाबा - देवी ये प्रक्रिया रति कामदेव पूजा का ही हिस्सा है। अगर तुम मां बनना चाहती है तो आगे बढ़ो। अन्यथा तुम जा सकती हों।

मैं ना चाहते हुए भी बाबा की बात मानने को तैयार हों गई।

और बाबा अपनी धोती को उतार कर मेरे सामने खड़े हो गए । ना चाहते हुए भी मुझे पानी के जग से बाबा के लिंग को अपने मुलायम हाथों में लेकर जल से स्नान कराने लगी । मेरे हाथ से बाबा का लन्ड काफी लम्बा और मोटा हो कर हिचकोले खाने लगा ।

बाबा का लन्ड से मेरी चुत बुरी तरह से मचलने लगी। मेरी हालत खस्ता होने लगी।

बाबा का लन्ड तकरीबन 9.5 इंच लम्बा और 5 इंच गोलाई में मोटा होगा। लन्ड बहुत कड़क होकर फुंफकारने लगा। मेरे शरीर में चींटियां सी रैगने लगीं । मेरी चूत फड़कने लगी ।

मुझे अपने हाथो से बाबा के लन्ड को स्नान के बाद । बाबा मंत्रों से उस जल को अभिमंत्रित करने लगा। फिर वह सारा जल मुझे पीना पड़ा। जल से लन्ड की वीर्य जैसी महक आ रही थी।

बाबा - देवी अब आप को निर्वस्त्र आगे की पूजा शुरू करनी होगी। बाबा ने मेरी साड़ी का किनारा पकड़ कर झटके से खींच कर अपनी बाहों में भर लिया। मैं लहराते हुए बाबा के चोड़े सीने से जाकर लगी।

तभी बाबा ने अपनी बाहों में जकड़ कर अपने होंठों को मेरे गुलाबी होंठों से रसपान करने लगे। आआहहह।ममममम।

मेरे दोनों सुडौल स्तन बाबा के चोड़े सीने में दबे हुए थे। बाबा के मुंह से सुल्फा गांजा की महक मेरे मुंह में जा रहीं थीं ।

बाबा ने मेरी साड़ी उतार फैंकी । मेरे ब्लाऊज की डोरी खींच कर ब्लाऊज़ एक ही झटके में उतार कर उछल कर फैंक दिया। मेरी दोनों सुडौल चूचियों उछल कर इधर उधर उछल पड़ी।

बाबा ने तुरंत मेरी चूचियों को पकड़ कर एक अपने मुंह में लेकर चूसने लगा दुसरी को अपने फौलादी पंजे से मसलने लगा।

मेरे मुंह से दर्द भरी सिसकारियां निकलने लगी। आआआआहहहहहह। हहहहह। ममममम। चुचियों को मसलते हुए बाबा ने मेरे पेटीकोट का नाड़ा खींच कर नीचे गिरा दिया।

अब मैं पूरी नंगी बाबा की बाहों में थी । बाबा मुझे नंगी देख अपने होशोहवास खो दिया।

बाबा - देवी इतनी रुप योवन रसभरी अप्सरा पहले नहीं मिलीं । तुम तो अप्सराओं जैसी खुबसूरती से भरपूर हो। बाबा की बातें सुनकर खुशी से झूम रही थी मैं ।

बाबा मुझे अपनी बाहों में उठा कर मेरे मुंह को चूमते हुए कुटिया में इधर-उधर घूमते हुए मेरी चूचियों ओर गुलाबी होंठों को चूसते हुए। मुझे फिर मोटे गद्देदार गद्दे पर पर लिटा कर मेरे ऊपर चढ़ गया। बाबा की बालों की जटाओं से मेरा मुंह ढक कर अपने मुंह में मेरे मुंह को भरकर चूसने लगा।

बाबा का भयंकर लन्ड मेरी जांघों में तहलका मचा रहा था। कुटिया में मेरी सिसकारियां गूंजने लगी थी। ईईईईई।आआआआइ। ममममममम। ऊऊऊऊईईईईईई।। मममममम।।

बाबा ने मेरे सुडौल स्तन को चूसते हुए दांतों से काटने के निशान डाल दिए थे । बाबा ने मेरे जिस्म को चुस कर मेरे अन्दर लावा सा भर दिया। बाबा कभी मेरे उपर तों कभी मैं बाबा के उपर।।

बाबा मुझे चूमते हुए नीचे मेरी चुत की तरफ मुंह से चूमते हुए जाकर अपने मुंह में मेरी चुत को भर लिया। जीभ से चुत को चाटने लगा।

मैं अपने होशोहवास खो कर अपने चूतड़ों को ऊपर उठा कर उछालने लगी। और मेरे मुंह से जोर जोर से सिसकारियां निकलने लगी। ईईईईईईईई ममममममम। हहहहहहह। इइइइइगिग।। ममममममम। ईईईईईईईई।। ममममममम ईईईईईईईई।

इसी तरह काफी देर तक बाबा ने मेरी चुत को चूस चूस कर मुझे बेहाल कर दिया ।

तभी मैं और जोर जोर से अपनी गांड़ उछाल उछाल कर बाबा के सिर को पकड़ कर अपनी चुत पर दबा कर झड़ने लगी। मेरी चुत ने ढेर सारा पानी बाबा के मुंह में छोड़ दिया। बाबा मेरी चुत का सारा पानी पी लिया । और मेरी चूत को अपने मुंह में भरकर निचोड़कर चूसने लगा।

फिर बाबा मेरे उपर चढकर मुझे 69 पोज़ में ले लिया। बाबा मेरे उपर चढकर मेरी चुत को चूसने लगा। मैं उनके नीचे दबी हुई बाबा का लन्ड मेरे मुंह के सामने आ गया। मैं बाबा के लन्ड को मुंह में लेकर चूसने लगी । लन्ड इतना विकराल रूप धारण किया हुआ था मेरे मुंह में नहीं आ रहा था ।

बाबा अपने लन्ड को मेरे मुंह में धक्के लगाने लगा । मेरे गुलाबी होंठों में लन्ड अन्दर बाहर होने लगा । काफी देर तक मेरे मुंह में धक्के लगाने बाद बाबा ने पूरे लन्ड को दबा कर मेरे गले तक पहुंचा कर अपना गर्म गर्म गाढ़े वीर्य को मेरे पेट में उतार दिया ।

शेष अगले भाग में।

अगले भाग में पढ़ें कैसे बाबा ने अपने भयंकर लन्ड से अलग-अलग पोजिशन में मेरी चुत की धज्जियां उड़ाई।।

आपकी रिया ।


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