कॉलेज के सीनियर मैम को चोदा:२ - Indian Sex Stories
- Golu Yadav
- 2 दिन पहले
- 8 मिनट पठन
हेलो दोस्तो आप लोग कैसे है?
जैसा की आप लोगो को पता ही है ये कहानी मेरी नही है, ये कहानी ये मेरे पहले कहानी की पठिका रुची जी का है। अब आगे की कहानी मैं आप लोगो को सुनता हु। इस कहानी को पढ़ने से पहले पहले भाग " कॉलेज के सीनियर मैम को चोदा -1" जरूर पढ़े।
तो अब कहानी शुरू करता हु आरव के शब्दो मे।
मैं एक सप्ताह बाद वापस नोएडा आ गया और कुछ दिनों बाद रुची मैम भी आ गयी। उस दिन ट्रेन मे सेक्स के बाद हम दोनों मे एक भी बार बात नही हुआ था। हम दोनों जॉब पर रोज जाने लगे पर अब हम दोनों एक दूसरे से दूर ही रहने लगे पता नही क्यो?
एक दिन लंच के टाइम पर मैं खुद मैम के पास गया।
मैं- Hi मैम।
रुची- Hi
मैं- मैम आप आज कल मुझे इग्नोर क्यो कर रही हो।
रुची- इग्नोर नही कर रही हु बस आज कल ज्यादा काम है तो तुम से बात करने नही पा रही हु।
मैं- ऐसी बात है तो आज डिनर साथ मे करते है।
रुची- नहीं , मैं खाली नहीं हु आज रात।
मैं- मुझे पता था आप मना कर देंगी क्योकि आप मुझे इग्नोर कर रही है।
रुची- ठीक है मैं तैयार हु डिनर के लिए।
मैं- तो आज रात 8 बजे मैं आप को लेने के लिए आऊंगा आप तैयार रहना।
रुची- ठीक है।
ऑफिस का टाइम खतम हुआ सब लोग अपने अपने घर चले गए। मैं ऑफिस मे ही एक रेस्टोरेंट का एक प्राइवेट रूम का टेबल बुक कर दिया था। उस रूम मे केवल एक टेबल था। 8 बजे से पहले ही मैं रुची मैम के फ्लैट पर पहुँच गया। मैम तैयार हो रही थी। मैम ने जींस और शर्ट पहन रखा था।
मैम का जींस मे जंघा का सेफ एक दम जानलेवा था। मैम को अपने साथ लेकर मैम के स्कूटी से रेस्टोरेंट पहुँचे। वेटर ने हमे हमारे टेबल पर पहुँचाया।
मैम टेबल देख कर बोली, तुम ने ये वाला टेबल क्यों बुक किया बाहर वाला करते।
मैं- मैम, बाहर कोई खाली नही था तो यही वाला बुक कर लिया।
रुची- पर यहाँ हम दोनों अकेले।
मैं- अरे मैम अकेले है तभी तो बात कर पाएंगे।
हमारा ऑर्डर आया और हम दोनों खाते खाते बाते करने लगे।
रुची- जब मैं घर गयी थी एक लड़का मुझे पसंद आया।
मैं- ये तो अच्छी बात है, और आप तो उस को गारंटी है की पसंद आयी होंगी।
रुची- हाँ, हम दोनों एक दूसरे को पसंद आ गए।
मैं- वैसे वो करता क्या है?
रुची- न्यू डेल्ही स्टेशन पर वो असिस्टेंट स्टेशन मास्टर है।
मैं- सही है, फिर तो आप शादी के बाद दिल्ली मे भी जॉब कर सकती हो।
रुची- हाँ।
मैं- तब अभी तक शादी का डेट फिक्स हुआ की नहीं।
रुची- अभी नही, नवरात्रि मे एंगेजमेंट फिक्स हुआ उसी टाइम शादी का डेट दिसंबर मे रखा जायेगा।
मैं- अच्छा इस का मतलब मेरे पास आप के साथ रहने का दिसंबर तक का टाइम है।
रुची- मेरे साथ रहने का क्या मतलब है तुम्हारा।
मैं- आप ट्रेन वाली बात भूल गयी क्या।
रुची- मुझे सब याद है पर मैं वो सब अब नही कर सकती।
ये सब बात खतम करते करते हमारा खाना खत्म हो गया। पेमेंट के बाद हम दोनों बाहर आ गए। रात के लगभग 10 बजे मैम के बिल्डिंग के पास के एक गार्डन मे बैठे गये। वहा पर मैम से बात करते करते मैंने उनको इस चीज के लिए राजी कर लिया की शादी के पहले वो खुल के मजा कर ले जहाँ उन को घूमना हो वहा घूम ले जो भी उन की फैण्टसी है सब पूरा कर ले।
यानी मैंने उन को अपने साथ घूमने के लिए, सेक्स के लिए कन्वेंश कर लिया। गार्डन मे ही मैम के चूची को दबाने लगा। पहले तो मैम ने इस का विरोध किया पर मैंने ज्यादा जोर दिया तो वो मेरा साथ देने लगी। मैंने मैम के शर्ट का उपर का दो बटन खोल के एक चूची निकल कर पीने लगा । मैम भी मेरे सर को अपने हाथो से सहला रही थी मानो वो अपने बच्चे को दुध पिला रही थी।
मैंने एक हाथ उन के जींस के अंदर डाल दिया था और उन के चूत मे ऊँगली करने लगा। मैम इन सब से एक दम गरम हो गयी और आहे भरने लगी।
मैम का एक चूची पूरा बाहर था शर्ट से। चूत मे ऊँगली पेल रहा था जिस से मैम का पानी निकल गया और उन का जींस भीग गया।
हम दोनों ये सब कर रहे थे तभी वहा एक आंटी आयी जो की मैम के फ्लैट के नीचे वाले फ्लैट मे रहती थी।
आंटी- रुची बेटा तुम ये क्या कर रही हो।
रुची मैम की डर से गांड फट गयी और वो अपने कपड़े सही करने लगी मैंने भी उनके जींस के बटन को बंद किया ।
रुची- आंटी सौरी, किसी को बताना मत नही तो मेरी बहुत बदनामी होगी।
आंटी- मैंने ऐसा नही सोचा था की तुम ये सब करोगी।
रुची- सौरी आंटी। पर ये किसी को बताना मत।
आंटी - तुम्हारी तो शादी तय हो गयी है ना।
रुची- हा आंटी, पर मैं बहक गयी पर अब से ऐसा नही करूँगी।
आंटी- ये लड़का कौन है तुम्हारे साथ।
रुची- मेरा जूनियर है।
आंटी- बताओ तुम जूनियर के साथ कर रही।
रुची- प्लीज आंटी किसी को बताना मत इस के बारे मे।
आंटी- ठीक है नही बताऊंगी। पर इस को यहाँ से अपने फ्लैट पर ले जाओ और वहा जो भी करना हो करो।
रुची- ठीक है आंटी।
मैं और रुची मैम तुरंत भाग कर रुची मैम के फ्लैट पर पहुँच जब घडी देखा तो रात के 11 बज रहे थे । वहा पहुँचते ही मैम मुझे पर भड़क गयी।
रुची- मैंने तुम को मना किया था वो सब गार्डन मे करने के लिए पर तुम नही माने आज तुम्हारे वजह से मेरी इज्जत की माँ चुदने वाली थी वो शुक्र मनाओ की आंटी थी नही तो कोई और होता तो वो मुझे चोदे बिना नही छोड़ता।
मैंने मैम से माफी मांगी और उन को किस करना चाहा तो वो मना करने लगी पर मैं नही मना अब वो भी साथ देने लगी। मैम ने खुद ही अपना शर्ट निकाल दिया और अपने बूब्स को दिखा कर बोली अब पिलो जितना भी पीना है तुम को।
मैम को सोफे पर बैठा कर उन के गोद मे सर रख कर उन का दुध पीने लगा। मैम अपना हाथ मेरे लौड़े पर फेरने लगी। मैम ने मुझे उठा कर मेरा पूरा कपड़ा निकाल दिया। मैम जींस पहनी थी पर मैं उन के सामने एक दम नँगा खड़ा था।
मैंने भी मैम के जींस को खोल कर उन का पीले रंग का पेंटी निकाल दिया। अब मैम भी एक दम नँगी थी। मैंने रुची मैम को पैरो के नाखून से लेकर माथे तक चूमा। उस के बाद मैम को सोफा पर लिटा दिया और उन चूत मे दो उँगलियों को डाल कर चूत के होठो को अलग किया।
चूत के दरार मे जुबान डाल कर चोदना शुरू कर दिया। उन चूत के दाने को जुबान से खीचने लगा जिस से वो एक दम से आउट ऑफ कंट्रोल हो गयी और उन के चूत से झरने की तरह पानी निकले लगा।
मैम ने मेरे कंधे को अपने दोनों पैरो पकड़ रखा था जिस से मैं उन पानी निकने के समय सर नही हटा पाया और उन का पूरा पानी मेरे मुह पर आ गया और कुछ तो उन का पानी भी पी गया।
उन का पानी नमकीन स्वाद वाला था। उन के पानी की वजह से सोफा गिला हो गया था। इस के बाद रुची मैम को बेड रूम मे लेकर गया। वहा मैम ने चुदाई की बाग डोर सम्भाली। मैम ने मुझे बेड पर लिटा कर मेरे पूरे बदन को किस करना शुरू कर दिया। मैम ने मुझे बेड के किनारे बैठा दिया और खुद बेड के नीचे घुटनों पर बैठ गयी और मेरा लौडा चूसने लगी।
रुची एक दम बजरू रन्डी की तरह लौडा चूस रही थी। लगभग 5 मिनट की चुसायी के बाद, मैम बोली अब तुम जल्दी से मुझे चोदो नही तो मैं मर जाऊंगी। मैम झट से उठ कर दोनों टांगें फैला कर बेड पर लेट गयी।
मैंने अपनी पोजिसन लिया और चूत के उपर लौडा फेरने लगा। मैम मेरे इस हरकत की वजह से खुद ही अपने चूत को उठा कर लौडा लेना चाहा।
मैं- आप तो बोल रही थी अब आप को नही चुदना।
रुची- मैं अपने शब्द वापस लेती हु अब मुझे तड़पाओ मत।
मैं- मैं एक शर्त पर चोदूंगा।
रुची- जो भी शर्त है मुझे मंजूर है पर अब तुम लौडा दो मुझे बस।
मैं- आप को शादी तक चुदना पड़ेगा।
रुची- शादी तक क्या उस के बाद भी चुदूँगी तुम से, अब तुम चोद दो मुझे।
इन सब बातो के बाद रुची ने खुद ही लौडा चूत पर सेट किया और अपनी गांड उपर नीचे कर के चुदने लगी। मैंने भी ज्यादा देर नही किया और उन के दोनों टांगों को उपर कर के चोदने लगा। मैंने अपनी रफ्तार तेज कर दिया जिस को रुची झेल नही पायी और झड़ गयी। मैम के दोनों टांगों को पकड़ कर खिचा और उन को बेड के किनारे लाया।
रुची के दोनों टांगों को उन के छाती पर सटा दिया जिस से रुची का चूत पूरा सामने आ गया था। चूत पर लौडा सेट किया और चोदना शुरू कर दिया। मैम को इस पोजिसन मे दर्द हो रहा था। रुची दर्द के वजह से चिल्लाने लगी थी वो बहुत तेजी तेजी चिल्ला रही थी पर उन का आवाज फ्लैट के बाहर जा नही रहा था। रुची बहुत आवाज कर रही तो मैंने उन को थप्पड़ मारा जिस से वो और भी चीखने लगी।
मैंने एक हाथ से रुची का मुह दबा दिया अब आवाज नही निकल रहा था। इस पोजिसन मे लगभग 10 मिनट की चुदाई के बाद मैम दोबारा झड़ने लगी और मुझे से बोली तुम्हारा कब होगा तो मैंने बोला बस होने वाला है। 10-15 झटको के बाद मैं भी उन के चूत मे झड़ गया।
मेरे झड़ते समय मैम ने अपनी चूत से मेरे लौड़े को जोर से दबा लिया था जिस से मेरा पूरा वीर्य उन की चूत पी गयी। इस चुदाई के बाद मैम के बगल मे लेट गया। ये चुदाई का दौर 12 बजे तक चला। मैम के चेहरे पर एक नयी चमक थी इस चुदाई के बाद उन के आँखों से आशु निकल रहा था पर वो मुस्कुरा रही थी और मेरी तरफ देख रही।
मैम का छाती बहुत फूल और पिचक रहा था जिस के वजह से दोनों चूची दाएँ बाये लटक रहे थे।
कुछ देर बाद जब मैम को आराम आया तो बोली, रुची- तुम ने मुझे जो तबियत से बजाया है ना उस का कोई जवाब नही है। आज तक मुझे इतना खुशी नही मिला जितना तुम्हारे चोदने के बाद मिला है।
मैं- अगर इतना ही खुश हो तो अपनी गांड दो मरने के लिए।
रुची- तुम को गांड चाहिए ना तो लेलो मेरी गांड पर अभी नही बाद मे लेना।
मैं- ठीक है बाद मे मारूँगा।
रुची- पर आराम से मेरी गांड मारना क्योकि बहुत दर्द होता है गांड मरवाने पर।
उस रात हम दोनों ने सुबह 6 बजे तक काई राउंड की चुदाई किया।उन राउंड मे कभी मैम मेरे नीचे तो कभी मैं मैम के नीचे होता था। हम दोनों को जितना भी सेक्स पोजिसन पता था सब मे चुदाई किया। रुची मैम को बेड पर ,दीवार के सहारे खड़ा कर के, घोड़ी बना कर, काउ पोजिसन, लोटस पोजिसन, बटरफ्लाई, 69,जमीन पर लिटा कर अब क्या क्या बताऊ की कौन कौन पोजिसन मे किया था।
चुदाई के जब दोनों थक तक जाते तो थोड़ा आराम करने के बाद फिर चालू हो जाते थे।
अब कहानी रुची के जुबान मे, अब मैं खुद (रुची) अपनी जुबान मे बताती हु। उस रात का एक्सपिरिएन्स के बारे मे बताने के लिए मेरे पास कोई शब्द नही है। उस रात के अगले दिन आरव और मै दोनों जॉब पर नही गए थे।
उस रात के बाद मैं पूरी तरह से आरव की ही चुकी थी वो जैसे बोलता मैं वैसा करती।
मैंने अपनी गांड मराने की भी कहानी गोलु जी को भेज दिया है वो उस को भी आप लोगो तक पहुँचा देंगे।
ये कहानी मेरे जीवन का हकीकत है जिस को मैं कभी भी भूलना नही चाहूँगी और आरव के लौडा भी पूरी जीवन अपनी चूत मे लेना चाहूँगी।
तो आप लोगो को रुची की Indian Sex Stories कैसी लगी इस बात को जरूर मेल पर बताये। और हाँ जो लोग मेल करेंगे उन के मेल को रुची तक जरूर पहुचाऊँगा।
मेरा मेल आईडी है jfxitdiyfit@gmail.com
