कॉलेज के सीनियर मैम को चोदा: १ - Hindi Sex Stories
- Golu Yadav
- 11 जन॰
- 7 मिनट पठन
अपडेट करने की तारीख: 3 दिन पहले
हेलो दोस्तो, आप लोग कैसे है।
मैं यहाँ पर एक कहानी लेकर आया हु। उम्मीद है की आप लोगो को पसंद जरूर आयेगा।
ये कहानी मेरी नही है, ये कहानी मेरी पहली कहानी "कोचिंग टीचर से दोस्ती और चुदाई -1" पढ़ने वाली पठिका रुची बरनवाल और आरव पटेल की है।
उन दोनों के बीच ये सेक्स अभी कुछ महीने पहले हुआ था। ये कहानी रुची ने मुझे भेजा है और बोला है की उस की कहानी आरव के शब्दो मे लिख कर पब्लिश करू और लोगो तक पहुचाऊँ। अब मैं रुची के आदेशानुशार उस की कहानी आरव के शब्दो मे सुनता हु।
तो कहानी की शुरुआत होती है 2021 मे मेरे कॉलेज के दिनों से, जब मैंने इंजीनियरिंग कॉलेज मे एडमिशन लिया था तो शुरू के दिनों मे कॉलेज मे 21 दिन का इंडक्शन प्रोग्राम हुआ था। उसी समय मुझे एक सीनियर मैम दिखी जो कमाल की फिगर वाली थी।
उन के बारे मे जो बोला जाए सब कम था। मैं फस्ट ईयर मे था और वो 3rd ईयर मे थी. मैं जूनियर था तो उन से बात नहीं कर पाता था। हम दोनो ही एक ही ब्रांच के थे. वो अपने बॉयफ्रेंड और बाकी दोस्तो के साथ रहती थी। शुरूआत मे मैम को मै छुप छुप कर देखता था। पर पहले सेमेस्टर के बाद देखना बंद कर दिया. वो कभी कभी दिख जाती थी.
अब मैं मैम के फिगर के बारे मे बता दु की वो लगभग 5 फीट की थी रंग गोरा और बूब्स के साइज ज्यादा तो नही था पर गांड बड़ी थी और पुरे कॉलेज मे उन के गांड के सेफ जैसा किसी का नही था. गांड का कोई मुकाबला नही था पुरे कॉलेज मे. जब टाइट जीन्स पहनती थी तो पूरा गांड एक नागिन के जैसा लहरते हुए लगता था.
मैम कॉलेज से पास आउट होने के बाद नोएडा मे जॉब करने लगी. कॉलेज पास आउट के बाद उन का मुझे कोई अता पता नही था. मेरा भी कॉलेज खतम हुआ 2025 के मई मे मेरा भी जॉब लग गया. मेरा किस्मत बहुत अच्छा था जो एक ऐसी जगह जॉब लगा जहा पर रुची मैम पहले से जॉब करती थी।
मैंने उन को देख कर ये तय कर लिया की अब तो चोदे बिना नही छोडूंगा. रुची मैम के फिगर मे कोई कमी नही आया था अब तो बूब्स के साइज भी बढ़ गए थे. जब मैं कंपनी मे मैम के पास पहली बार गया तो वो मुझे नही पहचान पायी.
मैंने उन को अपने बारे मे बताया और कॉलेज के कुछ फोटो भी दिखाया जो इंडक्शन प्रोग्राम के समय का था. ये सब बताने पर मैम मान गयी की मैं उन का जूनियर हु पर वो फिर भी पहचान नही पायी. रोज जॉब पर जाने लगा.
रुची मैम से जान पहचान बढ़ने लगी उन का नम्बर भी मिल गया. लगभग एक महीने बाद उन को घर जाना हुआ तो मै भी साथ मे चल दिया क्योंकि जिस ट्रेन से वो जाती वही ट्रेन मेरे घर भी जाती. ट्रेन घर जाती का मतलब है जिस स्टेशन के पास मेरा घर है वहा जाती है.
मैम ने 1st एसी बुक किया. उस केबिन मे मैं और मैम थे केवल. 8 घंटे का रास्ता था तो मैम ने कंफेर्टेबल के लिए सौर्ट्स और स्लीव लेस टी शर्ट पहन लिया। उस मे मैम का पूरा गोरा टांग और मोटी जांघ दिखा रहा था. टी शर्ट की वजह से पूरा नाभि( ढोडी) , गोरा पेट, पतली सुराहीनुमा कमर दिखा रहा था. ये सब देख कर मेरा लण्ड खड़ा हो गया.
मेरे लण्ड को देख कर मैम हँसने लगी।
मैम- अगर तुम अनकमफार्टेबल हो तो अपने दूसरे कपड़े पहन लू.
मैं - ऐसा क्यो बोल रही है मैम.
मैम -तुम्हारा खड़ा हो गया है और ये साफ साफ दिख रहा है. मैं
ने उसे छुपाना चाहा तो मैम ने बोला की रहने दो उसे ऐसे ही सही हो जायेगा। फिर हम दोनो बाते करने लगे.
मैम -तुम ने आज तक इतने कपड़ो मे किसी को देखा नही है क्या.
मैं -देखा है पर आप के पुरे फिगर को देख कर मन मचल गया आप हो ही ऐसी.
मैम -कैसी हु.
मैं- अगर मैंने बता दिया तो आप बुरा मान जाओगी.
मैम- तुम बोलो मैं बुरा नहीं मानूँगी.
मैं- आप की ये गोरी टांगे जैसे किसी हिरनी की मचलती कमर हो, जांघ रुई के गद्दे के जैसे वटवृक्ष की डाली हो, पेट के बीचो बीच नाभी मानो ताज महल पर काले टिके की तरह बुरी नजरो से बचा रहा हो, गला एक दम सुराही के जैसा, और आप का चेहरा एक यैवन से लबालब हंसनी का चेहरा हो. मतलब आप पूरी तरह एक ऐसी रस से भरी फुल है जिसका रस और खुशबु निचोड़ाने का मन कर रहा हैं.
ये सब सुन कर रुची मैम अनकमफर्टेबल हो गयी शर्माने लगी.
मैं- मैम क्या हुआ.
मैम - कुछ नहीं.
मैं- मैंने पहले ही बोला था अगर आपके बारे मे बोलूँगा तो आप को बुरा लगेगा.
मैम- ऐसी बात नहीं है पर क्या सच मे मैं इतनी खुबशूरत लग रही हु.
मैं- मैंने जो भी बोला सब सच बोला है, अभी तक आप के गांड के बारे मे बोला भी नही हु.
मैम- इतना बोल दिये हो तो उस के बारे मे भी बोल दो.
मैं- आपकी गांड का जितना भी तारीफ किया जाए सब कम है. आपकी गांड इतनी बड़ी है की मानो दो लड़कियों का गांड मिला कर बना हो, गांड का सेफ एक दम कतीलाना है, मन तो कर रहा है आप की गांड का तकिया बनाकर सो जाउ. गांड के छेद मे मुह डाल लू और पूरा चाट चाट कर लाल कर दु.
मैम- तुम मेरे बारे मे इतना गंदा सोचते हो.
मैं- इसलिए मैं सच बोलने के लिए मना कर रहा था पर आप मानी नहीं.
मैम- चलो ठीक है , अब बताओ की तुम को सच मे मेरी गांड इतनी अच्छी लगी।
मैं- अगर आप एक बार अपनी गांड खोल कर दिखा दो तो आप को पता चल जायेगा की मैं सच बोल रहा हु की गांड चाट चाट कर लाल कर दूंगा। मैम ने गांड को खोल कर दिखाने से मना कर दिया और तुरंत टॉयलेट के तरफ चली गयी। वापस लौटी तो पूरा पसीना से पूरी तरह भीग गयी थी मैं देख कर समझ गया की अंदर उंगली कर के आ रही है।
मैं- मैम आप अंदर उंगली कर के आ रही है ना।
मैम- तुम क्या बक रहे हो।
मैं- मुझे पता है आप क्या कर रही थी। आप का तो हो गया है अब मुझे एक बार आप अपना गांड दिखा दो ना। रुची मैम मना करने लगी पर मैं नही माना, और उन से बोलता रहा की एक बार दिखा दो। मैम मना करते करते आखिर अंत मे मान गयी और बोली की एक बार दिखाऊंगी बस पर गांड को छूना मत।
मैंने भी हाँ बोल दिया। मैम ने अपनी गांड को नंगी कर के खड़ी हो गयी और बोली जल्दी से अपना हिला कर काम खत्म करो। मुझसे रहा नही गया और मैंने मैम के गांड को पकड़ किया और गांड पर हाथ फेरने लगा।
मैम ने मुझे मना किया पर मैं नही माना और गांड को हाथ से सहलता रहा और फिर गांड पर किस किया जिस से मैम काप उठी और अपनी दोनो एडी उपर कर लिया। मैंने गांड को अच्छी तरह से चाट चाट को रुची मैम को गरम कर दिया।
गरम होने के बाद मैम बोली अच्छे कर और चूत को भी कुछ करो ताकि वो शांत हो जाए कब से रो रही है। मैंने मौके का फायदा उठाया और मैम को खिड़की के सहारे झुका दिया और पीछे से चूत मे लण्ड को सेट करने लगा।
चूत पर लण्ड को सेट करने के बाद एक हल्का सा धक्का किया जिस से लण्ड का टोपा चूत के अंदर चला गया। टोपे के अंदर जाते ही रुची मैम के मुह से आह की आवाज आयी और बोली जरा धीरे करो।
लण्ड को पूरा अंदर डाल दिया और धीरे धरे लगभग 10-15 झटके दिये और उस के बाद अपनी रफ़्तर बढ़ा दिया जिस का जवाब मैम गांड को साथ मे हिला कर दे रही थी। मैंने इसी बीच मैम को पूरा नँगा कर दिया। 10 मिनट के चुदाई के बाद दोनो झड़ गये।
मैंने अपना पुरा माल मैम की गांड पर गिरा दिया। चुदने मे बाद मैम नंगी ही सीट पर लेट गयी और उन के पास खड़ा हो गया। मैम बहुत तेज हाफ रही थी। मैंने उन को धीरे धीरे किस करना शुरू कर दिया जिस से मैम को आराम मिला और 10 मिनट के बाद वो नार्मल हो गयी।
मैं- अब आप तैयार हो जाओ आपकी गांड मारनी है मुझे।
मैम ( हाथ जोड़ कर) - अब कुछ नही करने दूँगी मैं, जो भी मारना है जब नोएडा वापस आऊँगी तब मार लेना।
मैं- अच्छा ठीक है मेरा लण्ड तो साफ कर सकती है आप।
मैम ने अपनी कच्छी से लण्ड को साफ किया और उसी को पहन लिया। मैम ने उपर कुछ भी नही पहना और नंगी ही खिड़के के पास बैठे गयी।फिर हम दोनो बात करने लगे तो मैम ने बताया की घर पर उनकी शादी की बात चल रही है तो इस लिए घर जा रही है क्योंकि दो तीन लड़के है जिन को देखना है।
मैम के स्टेशन आने मे अभी एक घंटा था तो मैंने एक और राउंड के लिए बोला तो मैम ने मना कर दिया।
मैंने बोला की मेरा खड़ा हो गया है तो रुची मैम ने बोला ठीक है मैं अपने हाथ से हिला दे रही हु। मैं खिड़की के पास बैठ गया मेरे घुटनों के पास बैठ कर मेरा लण्ड हाथ मे ले कर हिलाने लगी।
मैंने मुह मे लेने के लिए बोला ना नुकूर करने के बाद मुह से लण्ड को चूसने लगी। मैंने मैम के बालों को उपर कर के पड़क लिया। ये सब सामने से जाने वाली ट्रेन मे बैठे लोग देख रहे थे क्योंकि खिड़की खुली थी।
10 मिनट के बाद मेरा निकलने वाला हुआ तो मैंने सारा माल मैम के बूब्स पर गिरा दिया। फिर हम दोनो ने अपने कपड़े पहन लिए और बाते करने लगे। कुछ देर बाद मैम का स्टेशन आया मैं उन को कोच के दरवाजे तक छोड़ने गया। दरवाजे पर ही सब के सामने ही एक गुड बाय किस किया और बूब्स को दबा दिया और जब वो मुड़ी तो गांड भी दबा दिया जिस का जबाव मैम ने मूस्कुरा के दिया।
अब आगे की कहानी रुची ने जो भेजा है उसे अगले भाग मे सुनाता हु।
पढ़े दूसरा भाग:कॉलेज के सीनियर मैम को चोदा: २
तो आप लोगो को रुची की कहानी कैसी लगी इस बात को जरूर मेल पर बताये। और हाँ जो लोग मेल करेंगे उन के मेल को रुची तक जरूर पहुचाऊँगा मैं। आप लोगो को Hindi Sex Stories कैसी लगी इस का फीड बैक jfxitdiyfit@gmail.com पर जरूर करना।

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