top of page

पूनम की तड़पती जवानी - Antarvasna Sex Stories

दोस्तों मेरा नाम हैरी है और मेरी उम्र 24 वर्ष की है। मेरी ये कहानी मेरी प्रेमिका पूनम के साथ हुए मेरे प्रेम और फिर उसकी चुदाई की दास्ताँ है।


पूनम के बारे में लिखु तो वो मेरे आफिस में काम करती है । उसका राग सावला पर एक दम साफ़ किसी कांच की तरह, उम्र 27 वर्ष कद पांच फ़ीट आठ इंच और फिगर की बात करू तो 35 - 25 - 36 का जबरदस्त फिगर।


पूनम के सबसे अच्छी बात ये है की वो दिखने में इतनी हसीं है की नज़र नहीं हटती उससे। उसके घर में उसके माँ और पापा बस तीन लोग ही है। पापा एक स्कूल में चपड़ासी और माँ घर संभालती है । घर की आर्थिक हालत ठीक ठाक ही है पर बहुत ज्यादा अच्छी नहीं।


अपने बारे में मैं लिखू तो मेरी उम्र 24 वर्ष की है। रंग गोरा, शरीर से तंदरुस्त और हर रोज़ जिम करने के कारन सेहत बहुत अच्छी है और सेक्सुअली लिखू तो लंड आठ इंच लम्बा और तीन घंटे तक बिना रुके काफी औरतो की ठुकाई कर चूका है।


मैं अपनी कहानी शुरू करता हु। बात ऐसे है की मैंने एमये की और नौकरी की तलाश करने लगा। मुझे अखबारमें दिए हुए इस्तिहार से पता चला की एक वकील के पास कंप्यूटर पर काम करने के लिए कुछ लोग चाहिए तो मैंने उस दिए हुए नंबर पर फोन किया और इंटरव्यू के समय बुक कर लिया ।


अगले दिन इंटरव्यू देने के लिए मैंने बताये हुए पते पर आफिस पहुंच गया। आफिस दो मंज़िला ईमारत थी और नीचे वकील सर अपनी पत्नी और बेटे के साथ रहते थे और ऊपर आफिस बना हुआ था।


मैंने नीचे घर के अंदर गया तो वकील सर की बीवी ने मुझे ऊपर पहेली मंज़िल पर जाने को कहा तो मैं ऊपर पहली मंज़िल परचला गया और वह पर एक बड़ा सा हाल, दो कैबिन और वकीलों वाली ढेर इ किताबे थी।


मैं हाल में बैठ गया और कुछ देर में वकील सर आ गए और वो मुझे कैबिन में ले गए और मेरा इंटरव्यू शुरू हुआ । वकील सर की उम्र 50 के ऊपर थी और उन्होंने मेरे से कंप्यूटर पर काम करवा कर देखा की मुझे कंप्यूटर कितना आता है ।


आखिर में उनको लगा की मैं का मैं उनके लिए सही हु तो मुझे पंद्रह हज़ार तन्खा पर रख लिया और मैं थोड़ी देर वह पर बैठा काम के बारे में बात करने लगा । थोड़ी देर में आफिस के दूसरे स्टाफ वाले भी आ गए। वकील सर ने मुझे उन सब से मिलवाया और वो तीन लड़के थे जो मार्किट में जाकर काम लेकर ऑफिस आते थे और काम निकल जाने के बाद फिर से मार्किट में चले जाते।


आफिस में मेरा काम उनके लाये हुए काम को करना, फाइल्स को पूरा करना था और जब कभी वकील सर कोर्ट में हो तो आफिस का काम देखना था । वकील सर ने कहा की वो एक और लड़का या लड़की को देख रहे है और उन्हें एक और की जरुरत है आफिस में जो पीछे से काम का ध्यान रख सके।



थोड़ी देर बाद मैं आफिस से घर आ गया। आफिस का काम मैंने अगले दिन से षुरूक करना था। अगले दिन सुबह दस से पहले मैं ऑफिस पहुँच गया और कैबिन में बैठ गया। मेरा काम वकील सर के साथ अंदर कबीन में था तो मैं कुर्सी पर बैठ गया और कंप्यूटर को शुरू किया। तभी एक लड़की आई और वो कैबिन में अंदर चली आई।


मैंने उसे देखा तो उस दिन उसने गुलाबी रंग का सूट पहना हुआ था। खुले बाल और गले में दुपट्टा। उसने मेरी और देखा और मैंने उसकी और और वो बाहर हाल में बैठ गयी। कुछ देर में वकील सर आये और उन्होंने हम दोनों को एक दूसरे से मिलवाया।


सर ने हमें कहा की आज हम दोनों का पहला दिन है और इस नए आफिस में हम दोनों पहले कर्मचारी हैं। असल में वो आफिस वाली ईमारत अभी नयी बानी थी कुछ महीने पहले। इससे पहले वकील सर अपने पुराने घर में से काम करते थे । हम दोनों एक दूसरे को देखा। वकील सर उस लड़की को पूनम नाम से बुला रहे थे तो मुझे उसका नाम पता चला और फिर दूसरे तीन लड़के भी आ गए जो मार्किट में से काम लेकर आते थे।


बात चीत हुई और वकील सर ने हम दोनों को अपना अपना काम समझा दिया और हम दोनों अपने अपने काम पर लग गए । वो पहला दिन था।



अगले दिन फिर से सुबह दस से थोड़ा पहले मैं आफिस पहुँच गया और उसके थोड़ी देर बाद पूनम आई। मैं कैबिन में बैठा हुआ था तो पूनम भी अंदर कैबिन में ही आ गयी और मेरी और देखकर मुस्कुराई और कुर्सी पर बैठ गयी और कुछ इधर उधर की हम बातें करने लगे।


हम दोनों अपने अपने काम पर लग गए और मार्केटिंग वाले फिर से मार्किट में और काम लेने चले गए। आज आफिस में दूसरा दिन था और मैं तो कल वाला काम ही करने लगा और पूनम बहार फाइल्स ठीक करने लगी और फिर पूनम ने फाइल्स उठाई और अंदर कैबिन में लेकर आ गयी । मैंने उसकी और देखा तो पूनम बोली मैं यहाँ पर काम करलु मैंने कहा हां करलो पूनम, इसमें पूछने वाली क्या बात है भला। पूनम बातो में मेरे घर परिवार माँ पापा सब के बारे में बात करने लगी और बातो बातो में उसने कहा की उसका घर आफिस से काफी दूर है। सो उसे आने जाने में ही काफी पैसे लग रहे हैं।


मैं जनता था की पूनम की मम्मे इतने मोठे और बड़े होंगे की छाती बहुत ऊपर को उठी हुई है पर कितने बड़े हैं ये देखना थ। हम दोनों में काफी बात चीत होने लग गयी थी और यहाँ तक की पूनम मेरे से मेरी पसंद नापसंद भी जान चुकी थी।

पूनम अपने घर को चल दी और मैं अपने घर को निकल गया। रात के कोई नौ बजे मुझे पूनम का मेसेज आया और उस समय मैं जिम से घर आया ही था तो मैं उससे चैट करने लगा । चैट करते करते पूनम ने लिखा हैरी आप ने कहा था की आप अकेले होते हो तभी आप कही घूमने या फिल्म देखने नहीं जा पाते।


मैंने कहा हां। मैंने आज कहा था। पूनम ने लिखा आप अगर चाहो तो मैंने आपके साथ चल सकती हु मैंने कहा सच में पूनम ने कहा हां हैरी मैंने कहा आपकी इस दरया दिली की कोई वजह जो आप मुझ पर ये एहसान कर रहे हो पूनम ने कहा एहसान कुछ नहीं हैरी बस हम दोस्त हैं तो साथ में चल सकते हैं। मैंने कहा हां पूनम हम दोस्त हैं।


हम दोनों अपनी बातें करते रहे और देर रात के बाद हम दोनों सो गए। अगले दिन मैं सुबह मैं उठा तो मुझे पूनम का गुड़ मॉर्निंग का मेसेज आया हुआ था। मैंने उसका जवाब दिया और आफिस के लिए निकल गया। आफिस पंहुचा और फिर पूनम और उस दिन सर आफिस में थे तो सर मेरे से अंदर काम करवाने लगे और पूनम बहार कंप्यूटर पर काम करने लगी ।


पूनम बीच बीच में मुझे मेसेज करती तो मेरा फोन बजने लगता। उस पर मैं देखता तो पूनम का नाम होता । सर जब बीच में फाइल्स को पढ़ रहे होते तो मैं उसके मेसेज का जवाब देता। इसी तरह से दोपहर हो गयी और हम दोनों खाना खाने के लिए साथ वाले कमरे में चले गए। पूनम उस दिन खीर लेकर आई थी। मैंने उसे कहा था की मुझे खीर पसंद है तो वो खीर ले आई।


खाना खाकर हम वही पर बैठे बातें करतेरहे और बातो बातो में पूनम ने कहा की उसे घर पहुंचने में काफी समय लग रहा है और काफी पैसे खर्च हो रहे हैं। मैंने पूनम से कहा की अगर वो बुरा न माने तो मैं उसे घर छोड दिया करू क्या तो पूनम ने हां कर दी।


खाना खाने के बाद वकील सर फिर से काम करवाने के लिए आ गए और शाम के छह बजे सर ने हमें घर जाने के लिए कहा तो पहले पूनम ऑफिस से निकली और फिर मैं। पूनम रस्ते में मेरा इंतज़ार करने लगी और मैं बाइक लेकर उसकेपास गया। तो पूनम बोली ये आपकी बाइक है? मैंने कहा हां।


मैने पूनम से कहा की मैं कल सुबह उसे उसके घर से पिक कर लूंगा। तो पूनम मान गयी पूनम बोली कल शनिवार है और परसो इतवार आपका बहार जाने का कोई प्रोग्राम है क्या?


मैंने कहा अकेले कहा जाऊंगा मैं पूनम। पूनम ने लिखा आप अकेले नहीं हो, आप मुझे कहो तो मैं आपके साथ चलूंगी आपको कहा तो था मैंने।


एक दिन चैट करते करते पूनम ने मुझे प्रोपोस कर दिया और कहा की वो मुझे प्रेम करती है '


मैंने भी उसे हां दी मैंने लिखा पूनम प्यार का इज़हार सामने से करना चाहिए आपको।


एक दिन हमने फ़िल्म देखने का प्रोग्राम बनाया। इतवार का दिन था तो बहुत से लोग आये हुए थे फिल्म देखने। काफी लड़के लड़किया आई हुई थी और कुछ लड़किया शॉर्ट्स में थी जैसे मिनी जीन्स फ्रॉक और पूनम उन्हें देख रही थी।


मैंने कहा क्या देख रही हो पूनम?


पूनम ने कहा यार ये कैसे कपडे पहने हुए हैं मैंने कहा ये शॉर्ट्स हैं। पूनम ने कहा हां पता है पर अजीब नहीं लगता आइए कहा आपने कभी नहीं पहने इसलिए अजीब लगता है आपको। इनके लिए ये आम है।


पूनम ने फिर मेरा हाथ पकड़ वही मुझे प्रोपोस किया और मैंने फिर से उसे हां कर दी।


मैंने कहा आधा काम हो गया और आधा चुम्बन होने के बाद। पूनम हसने लगी।


पूनम बोली हैरी आप मेरे प्रेमी नहीं पति हो मैं आपको अपना प्रेमी नहीं बल्कि पति मानती हु। मुझे आप मेरे प्रेमी की तरह नहीं पति की तरह चाहिए हो।


मैंने कहा हां मेरी पत्नी पूनम।


हम दोनों और बातें करने लगे और फिल्म शुरू होने से पहले अंदर चले गए। फिल्म शुरू हुई तो गुप् अँधेरा हो गया।


पूनम का हाथ मेरे हाथो में था तो में पूनम से कहा होठो पर चुम्बन कब करोगी तुम?


मैंने कहा तुम तो मेरे होठ खा जाती।


पूनम ने कहा आपने ही कहा था जितना लम्बा चुम्बन उतना लम्बा प्रेम।


पूनम हसने लगी मैंने कहा मज़ाक नहीं, देखलो जितना जी चाहे तो।


पूनम बोली ठीक है बहार निकालो लंड।


मैंने कहा खुद निकाल लो ज़िप खोल कर तो पूनम ने मुस्कुराते हुए मेरी जीन्स की ज़िप खोली और नीचे से लडन को पकड़ बहार निकला और देखते ही देखते लंड खम्बे जितना लम्बा हो गया।


पूनम बोली यार ये तो कितना ज्यादा लम्बा और मोटा है। ये मैंने कहा हां पूनम पहले तो मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ कर देखती रही और फिर वो नीचे झुकी और लंड को अपने मुँह में ले लिए।


हम दोनों देर शाम तक पार्क में बैठे रहे और फिर पूनम को उसके घर पर छोड़ मैं अपने घर आ गया । जिम से वापिस घर आने के बाद मैंने पूनम से चैट करने लगा। मैंने पूनम से सेक्स केबारे में बात करने लगा और सेक्स करने के लिए मन लिया।


मैंने कहा ठीक है कल ऑफिस से छुट्टी ले लेते हैं और हमरे पास एक और घर है वह चलते है। वह पर करेंगे पूनम बोली ठीक है पूनम बोली यार माँ कह रही थी की ये क्या पहने है तुम्हारी टाँगे दिख रही है। मैंने कहा तुमने कहा नहीं की तुम्हारे प्रेमी ने लेकर दी है पूनम बोली क्या यार तुम समझ नहीं रहे हो, मुझे दांत पड़ी घर पर मैंने कहा कोई बात नहीं पहले पहले अजीब लगता है बाद में वो नहीं कहेंगे।


मैं पूनम को अपने दोस्त के घर पर ले गया । घर खुला था तो अंदर कमरे में गए और पूनम ने कास कर मुझे अपने गले से लगा लिया और फिर मेरे होठ चूसने लगी।


मैंने सोचा यार ये तो बहुत जल्दी में है पूनम मेरे होठ चूस रही थी तो मैंने फ्रॉक के नीचे से अपने दोनों हाथ दाल पीछे से ब्रा के हुक खोल दिया और दोनों हाथो मैं पूनम के मम्मे पकड़ जोर जोर सेदबाने शुरू किया तो पूनम तिलमिलाने लगी।


पूनम लगातार मेरे होठ चूस रही थी और मैं उसके मम्मे दबाये जा रहा था। फिर मैंने पूनम की फ्रॉक पकड़ ऊपर को करते हुए फ्रॉक उतार दी और फिर पूनम की ब्रा और पेंटी उतर उसे पूरा नंगा कर दिया और फिर मैंने अपनी जीन्स टीशर्ट उतरी और पूनम को लंड चूसने के लिए कहा तो पूनम झट से शुरू हो गयी।


मैं बेड पर लेता हुआ था और पूनम मेरे लंड को चूसे जा रही थ। थोड़ी देर बाद मैंने पूनम को बेड पर बिठाया और उसकी गोद में अपना सर रख उसके मम्मे के निप्पल को चूसने लगा तो पूनम बोली आह हैरी। मैंने इसी तरह से लगा रहा और पूनम सेक्स से तिलमिला रही थी। बारी बारी से मैंने पूनम के दोनों मम्मे के निप्पल्स अपने मुँह में लेकर चूसता रहा।


इससे पूनम सेक्स से पूरी भर चुकी थी । फिर मैं बेड पर लेट गया और पूनम को अपने ऊपर लंड के ऊपर बैठने को कहा और जैसे ही पूनम बैठने लगी तो मैंने लंड को पूनम की चूत के मुँह पर रखा और जैसे जैसे पूनम नीचे होती गयी लंड उसकी चूत में घुसने लगा तो पूनम को दर्द होने लगा।


लंड अभी चूत के मुँह पर ही था तो मैंने पूनम की टांगो को अपने ऊपर फैलाया और पूनम को धीरे धीरे नीचे होने को कहा तो पूनम धीरे धीरे नीचे होने लगी और लंड चूत के मुँह पर जाकर कस गया और धीरे से चूत में घुसने लगा।


लंड थोड़ा सा चूत में घुसा था तो पूनम को मैंने ऊपर नीचे होने को कहा तो वो धीरे धीरे करके लंड के ऊपर ऊपर नीचे होने लगी जिससे लंड चूत में अंदर बाहर हो सके। पूनम काफी देर तक इसी तरह से लगी रही और फिर मैंने जोर से कमर को ऊपर को धक्का दिया तो लंड चूत में और घुस गया तो पूनम दर्द से तड़प उठी।


पूनम लंड के ऊपर बैठी ऊपर नीचे हो रही थी और आह आह किये जा रही थी। मैंने कहा कैसा लग रहा है पूनम?


पूनम बोली आह आह दर्द हो रहा है हैरी आह आह मैंने कहा मज़ा नहीं आ रहा क्या?


पूनम बोली आह जब लंड अंदर जाता, आह आह तब मज़ा आता आह।


मैंने कहा बस लगे रो इसी तरह से। काफी देर तक पूनम को लंड के ऊपर उछालने के बाद मैंने पूनम को बेड पर लिटाया और उसकी दोनों टांगें अपने कंधे पर रख लंड को चूत के अंदर डाल जोर जोर से चुदाई शुरू करदी।


तभी मैंने देखा की लंड के ऊपर खून लगने लगा है। पूनम की चूत की सील टूट चुकी थी और उसमें से खून निकलने लगा था पर मैं रुका नहीं। मैं जोर जोर से लगा रहा और फिर दोनों टांगो को हाथो से फैलाया और लंड को चूत में घुसा कर फिर से ठुकाई शुरू करदी।


एक घंटा बीत चूका था पर मैं लगा रहा और मैंने फिर पूनम को घोड़ी बनने को कहा और उसके पीछे से जाकर लंड को गांड के अंदर डालने लगा और काफी जोर लगाने के बाद लंड थोड़ा सा गांड में घुस पाया तो मैंने जोर जोर से धक्के देने शुर किये।


मैं साथ में पूनम से बातें कर रहा था जैसे पूनम कैसा लग रहा है जब लंड गांड के अंदर जाता है। पूनम बोली यार जैसे कोई मोटा डंडा पीछे घुसा हुआ हो मैंने कहा ये हर रोज़ करेंगे हम अब ये डंडा हर रोज़ गांड और चूत में घुसेगा।


पूनम बोली हां हैरी, हर रोज़ हम प्रेम करेंगे।


मैं फिर बेड पर लेट गया और पूनम को अपने ऊपर पीठ करके बैठने को कहा तो पूनम मेरे ऊपर आ गयी तो मैंने लंड को गांड के मुँह पर रखा और पूनम को धीरे धीरे से नीचे करने लगा और लंड गांड में घुसने लगा।


फिर मैंने जोर से धक्का दिया तो पूनम बोली, आह हैरी धीरे से करो। मैंने पूनम को फिर से ऊपर नीचे होने को कहा और वो शुरू हो गयी और लंड गांड के अंदर बहार होने लगा।


पूनम काफी देर तक इसी तरह से लगी रही और फिर मैंने पूनम से कहा की लंड के ऊपर बैठ से जाओ तो वो वही पर रुक गयी और पूनम का पूरा वजन मेरे लंड पर था और इससे लंड गांड के अंदर जोर से घुसा हुआ था और इससे गांड का साइज बड़ा हो जाना था जो मैं चाहता था।


पूनम इसी तरह से बैठी रही और लंड गांड में घुसा रहा। फिर से मैंने पूनम को लंड के ऊपर नीचे होने को कहा और वो शुरू हो गयी। पूनम की हालत ख़राब हो चुकी थी पर वो लगी रही।


मैंने फिर से पूनम को लंड के ऊपर आकर चूत में लंड डालने को कहा, तो वो मेरी तरफ मुँह करके लंड के ऊपर आई और लंड को चूत में लेकर उछालें लगी।


मैंने पूनम से कहा की लंड के ऊपर बैठ जाये और लंड को चूत में ही घुसा रहने दे तो पूनम ने वैसा ही किया। इससे चूत खुल जाती तो अच्छा था मेरे लिए। इसलिए बीस मिंट बाद फिर से पूनम को मैंने लंड के ऊपर उछलने को कहा और वो शुरू हो गयी।


दो घंटे बीत चुके थे और लंड अभी भी तना हुआ था। मैंने दोनों हाथो में पूनम के मम्मे पकड़ खींचने शुरू किये। तीन घंटे होने को थे तो मैंने पूनम को बेड पर लिटाया और उसे कहा की मेरे लंड को अपने हाथ से हिलाये। तो पूनम वैसे ही करने लगी और थोड़ी देर में लंड में से माल निकला और सारा बेड पर गिरने लगा।


मैंने कहा और करना है पूनम?


पूनम बोली नहीं हैरी बस हो गई मेरी। मैंने कहा ठीक है तो मैं और पूनम कमरे में सारा दिन बैठे रहे। उसे एक दर्द की गोली ला कर दी जिससे उसका पेट दर्द काम हो सके और रात को पूनम को उसके घर छोड़ कर मैं अपने घर आ गया।


पूनम उसके चार पांच दिन आफिस नहीं आई क्योकि उसके पेट में दर्द था और फिर जब वो आफिस आई तो आफिस में समय मिलने वो मेरे लंड को चूसने लगती और मैं उसके मम्मे दबाने लगता। उसके बाद मैंने काफी बार पूनम को अपने दोस्त के घर लेजाकर चुदाई करी है और पूनम मेरे साथ सेक्स करके बहुत बहुत खुश है।

Antarvasna Sex Stories


Recent Posts

See All
छोड़ी नौकरी दोबारा पाने के लिए मैं चुद गई - Antarvasna Sex Stories

मुजे पैसों की ज़रूरत थी तो मैंने पहले जहाँ जॉब करती थी वह डॉक्टर पटेल का संपर्क किया। शादी से पहले जब मैं कुंवारी थी, तो उन्होंने मेरे पीछे बहुत पड़े रहते थे, लेकिन मैंने कभी नहीं दिया, अब मजबूरी आ पड़ी

 
 
 
मेरी दीदी की चुदासी ननद - Free Sex Kahani

उस वक्त मेरी दीदी की शादी नई नई ही हुई थी. मैं काफी दिनों तक दीदी के घर आता-जाता रहता था. उसी दौरान दीदी की छोटी ननद से मेरी अच्छी जान-पहचान हो गई. उसके चूचे 30 इंच के थे कमर एकदम स्लिम थी और सेक्सी म

 
 
 

1 Comment


Koi girl ya bhai chudai krvanachati ho to call yamgskre

Like

Hindi Sex Stories, Indian Sex Stories, Desi Stories, Antarvasna, Free Sex Kahani, Kamvasna Stories 

कामवासना एक नोट फॉर प्रॉफिट, सम्पूर्ण मुफ्त और ऐड फ्री वेबसाइट है।​हमारा उद्देश्य सिर्फ़ फ्री में मनोरंजन देना और बेहतर कम्युनिटी बनाना है।  

Kamvasna is the best and only ad free website for Desi Entertainment. Our aim is to provide free entertainment and make better Kamvasna Community

bottom of page