खेत में रुकसाना कों चुदाई के लिए तैयार किया: Antarvasana
अब तक आपने पढ़ा कि कैसे मैंने शबनम की चुत और गांड़ चोदी और फिर रुकसाना ने हमें नंगा देखा और फिर मैंने उसे भी नंगा किया और देखा कि उसकी चुत झांटों से ढकी हुई है और उसने मुझे कहा कि झांट कैसे साफ करते हैं तो मैंने उसे मैं सिखाउंगा और अब आगे क्या हुआ वो बताता हूं।
फिर मैं और रुकसाना वापस से मकान के पास आ गये और अब सुबह हों चुकी थी सुरज की हल्की हल्की रोशनी हो रही थी। जैसे हम मकान के पास आए तो कालों उठ गई थी। उसने कहा कि बाजी अम्मी की तबीयत खराब है और उन्होंने कहा कि मुझे ठीक नहीं लग रहा है। तो रुकसाना ने कहा कि मुझे मालूम है और अम्मी को आराम कि जरूरत है तो उन्हें परेशान मत कर।
तभी मैंने कहा कि मैंने थोड़ी देर में शहर से तुम्हारी मां के लिए दवाई ला दुंगा तभी रुकसाना ने कालों से कहा कि तुम यहां बाहर सफाई करलो में अम्मी को देखकर आतीं हुं मेने कहा कि मैं भी आता हूं तभी में और रुकसाना शबनम के पास आए।
तो मैंने कहा कि अब कैसा लग रहा है तो शबनम ने कहा कि अभी थोड़ा दर्द कम हैं लेकिन मैं हिल नहीं पा रही हुं तो मैंने शबनम से कहा कि थोड़ी देर बाद में रुकसाना कों लेकर शहर से तुम्हारे लिए दवाई और गोलियां ला दुंगा जिससे तुम जल्दी ठीक हो जाओगी।
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तो शबनम ने कहा कि रुकसाना कों क्यों तो मैंने कहा कि मैं उसे मेंन सड़क तक छोड़ दुंगा वो वहां से पैदल आ जाएगी। मुझे जरूरी काम से घर जाना है और फिर मैं ४-५ दिन बाद वापस आऊंगा और साथ में मैंरे पिताजी भी आएंगे तो मकान और मकान के बाहर साफ सफाई रखना जिससे पिताजी खुश हो जाए और तुम्हें यहां रहने दे।
तो रुकसाना ने कहा कि आप चिंता मत करिए मालिक में पुरी साफ सफाई रखुंगी तो मैंने कहा कि ठीक है अब तुम तैयार हो जाओ मैं तुम्हें दवाई लेकर वापस छोड़ दुंगा।
तभी मैंने शबनम से कहा कि जल्दी से ठीक हो जाना फिर मैं और तुम दोनों अच्छे से चुदाई करेंगे। जिसमें मजा आएगा तो शबनम शरमा गई और मैंने कहा कि मैं रुकसाना के पास बाल साफ़ करने वाली क्रिम दुंगा और उसे तुम अपने बाल साफ़ करते रहना और चुत को चिकनी रखना।
तो शबनम ने कहा रूकसाना अभी नादान है कुछ समझती नहीं तो मैंने कहा कि उसने हमारी चुदाई देखी है और उसे अब पता है कि हम चुदाई करते रहेंगे तो तुम चिंता मत करो और अपना खयाल रखना में ४-५ दिन बाद आऊंगा तब बात करते हैं। और हां जावेद से कहना कि मालिक ने गन्ने के फसल के बीच में जगह बनाने के लिए कहीं है।
फिर मैंने रुकसाना कों गाड़ी में बिठाकर शहर की तरफ ले ली। रुकसाना चुप बैठी हुई थी तो मैंने कहा कि देखो रूकसाना अपनी अम्मी का अच्छी तरह से खयाल रखना। जब मैं अगली बार तुम्हारी मां को चोदु तो उसे दर्द ना हो और मैं जो सामान तुम्हें खरीद कर दुंगा उसे अपनी मां को देना।
तो रुकसाना ने कहा कि ठीक है मालिक तभी मैंने कहा कि तुम्हें चुत के बाल कैसे साफ करने हे ये जानना था ना?
रुकसाना ने कहा कि हां मालिक।
तो मैंने कहा कि जैसा में कहुंगा वैसा करना होगा।
रुकसाना ने कहा आप जैसा कहेंगे वैसा ही करुंगी मालिक।
तो मैंने कहा कि ठीक है।
फिर हम दोनों शहर पहुँच गये, तो मैंने रुकसाना से कहा कि तुम गाडी में बैठो मैं दवाई और कुछ सामान लेकर आता हूं। और फिर मैं एक बड़ी मेडिकल में गया और कुछ दवाई और गोलियां ली। और उससे पुछा कि हेअर रिमुवल क्रिम है? तो उसने कहा क्रिम तो नहीं है लेकिन स्प्रे है।
तो मैंने कहा उससे प्रायव्हेट पार्ट पर युज कर सकते हैं? तो उसने कहा कि हां।
तो मैंने उसे दो स्प्रे और टिशु पेपर के बाॅक्स लिए और फिर मैंने मेडिकल वाले से पूछा कि कोई सेक्स टॉयज है क्या? तो उसने कहा कि सर हमारे यहां ये सेक्स टॉयज कोई खरीदता नहीं है। लेकिन मेरे पास दो बट प्लग है। अगर आपको चाहिए तो दे सकता हूं।
तो मैंने कहा कि ठीक है दोनों दे दो। और फिर मैंने सभी सामान लेकर गाड़ी में आ गया और फिर हम वापस खेत कि तरफ निकल पड़े। फिर मैंने सुनसान जगह पर गाड़ी रोकी तो रुकसाना ने कहा कि क्या हुआ मालिक?
तो मैंने कहा कि तुम्हें अपनी चुत के बाल साफ़ करने हैं ना ।तो उसने कहा कि हां। तो मैंने कहा कि ठीक है अपनी सलवार कमीज़ उतारों।
तो उसने कहा कि मालिक यहां कोई देख लेगा।
तो मैंने कहा कि यहां कोई नहीं आता तो वो सोचने लगी। मैंने कहा कि जल्दी करो इतना क्या सोच रहीं हों?
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तो उसने कहा कि किसी ने देख लिया तो? मैंने कहा कि कोई नहीं देखेगा। अभी सुबह तो तुम मेरे सामने नंगी हुई थी, चलो जल्दी करो।
तो रुकसाना ने कपड़े उतार दिए। फिर मैंने उसे देखा तो वह बड़ी सुंदर दिख रही थी। लेकिन उसकी बगलों में और चुत पर बालों का जंगल उग आया था, जिसमें से बदबु भी आ रही थी।
तो मैंने हेअर रिमुवल स्प्रे लिया और उसके चुत और बगलों में अच्छी तरह से स्प्रे कर दिया और कहा कि इसका इस्तेमाल ऐसे करते हैं। ध्यान रखना और अपनी अम्मी को भी समझा देना।
तो उसने कहा कि ठीक है और फिर इसे ५ मिनट ऐसे ही रहने देना। और फिर मैंने टिशु से उसकी बगलों को और चुत को साफ़ किया और फिर जब रुकसाना कों देखा तो मैरा लंड झट से खड़ा हो गया। क्योंकि वो बिल्कुल हिरोइन जैसी लग रही थी।
मेंने कहा कि अब तुम्हें चोदने में बहुत मज़ा आएगा। तो रूकसाना शरमाने लगी। तो मैंने उसे बट प्लग दिखाया ।तो उसने कहा कि ये क्या हैं ?
मेंने कहा कि अब से ५-६ दिनों तक इसका इस्तेमाल करना है। तो रुकसाना ने कहा कि कैसे और क्यों?
तो मैंने उसे मेरे तरफ खिंच लिया। तो रुकसाना शरमाने लगी और कहने लगी कि कोई देख लेगा। तो मैंने कहा कि कोई नहीं देखेगा और फिर मैंने उसे कहा कि इन्हें तुम्हें चुत और गांड़ में रखना है। जिससे तुम्हें चुदाई करते वक्त दर्द नहीं होगा और मजा आएगा।
तो रूकसाना ने कहा कि कैसे? तो मैंने उसे चुमना चालु किया और उसे गर्म करने लगा। ताकि जब मैं बट प्लग कों उसकी चुत और गांड़ में डालु तो उसे दर्द ना हो।
तो रुकसाना धीरे धीरे गर्म हो गई और वो भी मुझे चुमने लगी तो मैंने उसकी चुत में ऊंगली घुसाने लगा तो रुकसाना ईशशश आआआआआहह दर्द हो रहा है।
तो मैंने कहा पहली बार में दर्द होता है, लेकिन बाद में मज़ा आता है।
मैंने कहा कि एक काम करो इस उंगली को मुंह में लो और इसको को अच्छी तरह चुसो और थुक से अच्छी तरह से गिली करो और फिर रुकसाना ने उंगली को अच्छी तरह चुसकर थुक से गिली की और फिर मैंने उसकी चुत में ऊंगली घुसानी शूरु की और रुकसाना ईशशश आहह आआआ ओओ करने लगीं।
लेकिन जैसे ही उंगली अंदर बाहर करने लगा तो रुकसाना कों थोड़ा मजा आने लगा, तो रुकसाना आहह ओहहह ईईईई ऊऊऊऊ उममम ओओओममम करने लगीं।
तो मैंने उंगली कर कर रुकसाना का पानी निकाल दिया और झट से छोटी बट प्लग उठाई और धीरे धीरे से उसकी चुत में डाल दी और रुकसाना को कहा कि इसे ऐसे ही चुत में रहने देना, और जब भी टाईम मिलें ईसे धीरे धीरे आगे पीछे करते रहना।
तभी मुझे पिताजी का फोन आया कि कहा हों जल्दी घर आओ, हमें कुछ काम है।
तो मैंने कहा कि ठीक है है एक घंटे में आता हूं। तभी मेंने फोन में टाईम देखा तो सुबह के ९:३० बज गए थे। जिससे मेरा खड़ा लन्ड मुरझा गया। फिर मैंने गाड़ी के सामने के सिट पर रुकसाना कों घोड़ी बनने को कहा, तो रुकसाना घोड़ी बन गई।
फिर मैंने रूकसाना से कहा कि तुम्हें थोडा दर्द होगा, तो सह लेना। तो उसने कहा कि ठीक है। फिर मैंने उसकी गांड़ के छेद पर थुका और बट प्लग कों उसकी गांड़ की छेद में सेट किया और पुरी ताकत से बट प्लग कों उसकी गांड़ में घुसा दिया।
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जिससे रूकसाना की चींख निकल गई ईईईईईईई आआईश आआ लेकिन गाड़ी के शीसे बंद थे तो आवाज गाड़ी के बाहर नहीं गयी।
तभी मैंने कहा कि बस हो गया और उसकी गांड़ को सहलाने लगा जिससे उसका दर्द कम हो गया।
फिर मैंने कहा कि अपने कपड़े पहनो में तुम्हें खेत में छोड़ देता हूं। तो रुकसाना सलवार पहने लगीं। तो उसे थोड़ा दर्द हो रहा था, जिससे वो ईशश उउउउ आआहहहह करते हुए उसने कपड़े पहन लिए।
मैंने उसे कहा कि तुम मुझे अकेले में राज कह सकतीं हों, तो उसने ठीक है। और बोली कि अगर मुझे हगना और पेशाब आई तो?
मैंने कहा कि हगते और मुतते वक्त इन्हें निकाल लेना और बाद में फिर से अपनी चुत और गांड़ में घुसा लेना। तो उसने कहा कि ठीक है।
फिर मैंने गाड़ी स्टार्ट कि और हम चल पड़े। फिर मैंने उसे कहा कि देखो रूकसाना, इन का इस्तेमाल अच्छे से करना ताकि जब मैं तुम्हारी चुदाई करूं तो तुम्हें ज्यादा दर्द ना हो और मुझे भी मजा आए।
अगली बार जब आऊंगा तो तुम्हें शहर में पिक्चर दिखाने ले जाऊंगा। तो रुकसाना खुश हो गई। फिर मैंने उसे मेन सडक से जो कच्चा रास्ता हमारे खेतों में जाता है, वहां गाड़ी रोकी और रुकसाना कों कहा कि रुकसाना तुम यहां से पैदल चले जाओ। अगर तुम यहां से पैदल गई तो तुम्हारी चुत और गांड़ में जो बट है, वो अच्छी तरह से घुस जाएगी और तुम्हें इनकी आदत हो जायेगी।
तो रुकसाना गाडी से उतरी तो मैं भी उतर गया फिर मैंने उसे जो दवाई और गोलियां है, वो उसकी मां को कैसे खिलानी है वो बताया और कहा कि तुम्हारी अम्मी से कहना कि मुझे रात को सोते वक्त फोन करे और जावेद से कहना कि फसल का ध्यान रखें और गन्ने के खेत के बीच में अच्छी जगह बनाये।
तो रुकसाना ने ठीक है कहा और वो जाने लगी इलाका थोड़ा सुनसान था तो यहां पर लोग कम ही दिखाई देते थे मैं रुकसाना कों जाते हुए देखने लगा तो रुकसाना पैर फैलाकर चल रही थी।
तभी में भी घर पर आ गया, फिर पिताजी ने कहा कि यहां पर खेतों कि जो फसल है उसका हिसाब करो, तो मैं हिसाब करने में लग गया और मैंने अलग-अलग फसलों के नाम के साथ उनका खर्च और आमदनी का हिसाब किया और फाईल बना ली जिससे पिताजी को समझाने में आसानी हो सके।
फिर मैंने पिताजी को सारा हिसाब समझाया। फिर हमें मां ने आवाज दी और कहा कि खाना खालो तो मैं और पिताजी खाना खाने बैठ गये। तभी पिताजी ने कहा कि वो अपनी गन्ने कि फसल का खेत है ना, वहां पर कुछ १८-१९ एकड जमीन है।
बिल्कुल अपने खेत के बगल में तो वो खेत वाले उसे बेचना चाहते हैं, सुबह उनका फोन आया था। तभी मां ने कहा कि वहां खेत खरीद कर वहां खेती करेगा कोन?
तभी पिताजी ने कहा कि अरे हां मैं तो तुम्हें बताता ही भुल गया, वहां खेत में राजेश ने कोई परिवार को रखा है काम पर। तो मां ने कहा कोंन है और कब रखा?
तो मैंने कहा कि मां कल ही रखा है। तो मां ने कहा कोन है कहा के है तो मैंने कहा कि मां मुस्लिम परिवार है और ५ लोग हैं एक आदमी है जावेद नाम है उसका और उसकी बीवी और तिन बेटियां हैं जिसमें से एक की शादी हो गई है।
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तो मां ने कहा कि मुस्लिम?
तो मैंने कहा कि मां मैंने उनके बारे में जांच पड़ताल की है बिचारे गरीब है और अच्छे लोग हैं और दुसरा वहां पर कोई रहने को भी तैयार नहीं हैं।
तभी पिताजी ने कहा कि एक काम करते हैं कल हम सब वहां जाकर खेत भी देख लेंगे और उनसे मिल भी लेंगे और वो जो खेती बिकाऊ है उसे भी देख लेंगे। तो मां ने कहा कि ठीक है और फिर हमने खाना खाया और फिर मैं मैरे कमरे में आ गया और कुछ देर बाद मुझे शबनम ने फोन किया तो मैंने शबनम से कहा कि कैसी हो? अब तुम्हें कैसा लग रहा है ?
तो शबनम ने कहा कि ठीक हुं लेकिन गांड़ थोड़ी सुज गई है, तो मैंने कहा कि तुम अकेली हो क्या जो गांड़ बोल रही हों? तो उसने कहा कि रुकसाना और कालों यहीं है सो रही है। और जावेद तो शराब पीकर बाहर पडा हुआ है।
तो मैंने कहा कि ठीक है जो दवाई और गोलियां हैं उन्हें खां लेना और हां कल मां और पिताजी वहां आने वाले हैं तो वहां साफ सफाई रखना ताकि मां और पिताजी तुम्हारे काम से खुश हो जाए।
तो शबनम ने कहा कि तुम नहीं आओगे?
तो मैंने कहा कि मैं भी आऊंगा और जावेद को कल शराब मत पिने देना। नहीं तो पिताजी तुम्हें काम से निकाल भी सकते हैं।
तो शबनम ने कहा कि तुम चिंता मत करो मैं सबको अच्छी तरह समझा दुंगी।
फिर मैं मां और पिताजी दुसरे दिन खेत में पहुंचे जहां मकान के पास साफ सफाई देख कर मां और पिताजी दोनों खुश हुए। जावेद ने पिताजी के साथ खेतों में घुम रहा था।
मां भी शबनम से बातचीत कर रही थी रुकसाना मेरी तरफ देख कर मंद मंद मुस्कुरा रही थी। तभी पिताजी खेत से आ गये और फिर मैंने और मां ने जो जमीन बिकाऊ है, उसे देखने लगे।
तो पिताजी ने कहा कि ये जमीन की अच्छी जुताई करनी होगी तभी इसमें फसल अच्छी आएगी।
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तभी मां ने कहा कि इसे ले लेते हैं।
तभी पिताजी ने कहा कि देखते हैं और फिर हम वापस अपने घर आ गए।
फिर पिताजी को कोई फोन आया और उन्होंने कहा कि हम वो जमीन खरीद रहे हैं, तो तुम एक काम करो अपना टैक्टर ट्राली और जो भी सामान लगे वो सामान यहां से लैकर उस खेत कि अच्छी तरह जुताई करलो।
तो मैंने कहा कि पिताजी इसके लिए तो ३-४ दिन मुझे वहीं रहना होगा। तो अपनी मां से पुछो मुझे तो पंचायत के चुनाव की तैयारी करनी है।
में आपको बताना ही भुल गया कि मेरे पिताजी गांव के प्रधान है, तो वो फ़िर से प्रधान बनने कि तैयारी करने लगे।
तो फिर मैंने मां से कहा कि हमने वो जमीन खरीद ली है और उसकी जुताई करनी है तो मुझे ३-४ दिन वही रहना होगा तो मां ने कहा कि ठीक है अब तों वहां काम करने के लिए आदमी भी है तो तुम जाओ फिर मैं अपना टैक्टर और सामान लेकर खेत के लिए निकल गया।
आगे क्या हुआ वो भी बताता हूं उससे पहले ये कहानी अच्छी लगी तो लाइक कर देना।
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