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गांव में बकरीवाली को जमकर चोदा - Hindi Sex Stories

हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम समीर पाठक है और मैं गोटेगांव का रहने वाला हूँ।


मेरी उम्र 26 साल है और मैं अभी तक बेरोजगार हूँ। मेरे लंड का साइज़ 8 इंच है।


वैसे तो मैंने ग्रेजुएट हूँ और अच्छे कॉलेज और स्कूल से मैंने पढाई किया हूँ। दोस्तों, मैं सेक्स स्टोरीज का बहुत बड़ा दीवाना हूँ। खासतौर पर भाभी वाली स्टोरीज मुझे बहुत पसंद है। जो कहानी मैं आज आप लोगों को बताने जा रहा हूँ ये मेरी जीवन में घटित एक सच्ची घटना है। चलिए ज्यादा टाइम ना लेते हुए सीधा आप लोगो को कहानी में बताता हूँ कि कैसे मैंने एक बकरी चराने वाली और गाय चराने वाली को चोदा।


ये घटना अभी कुछ महीने पहले की है। मैं अपने दोस्त से नरसिगपुर जिला मिलने गया था।


वो वहां पर जॉब करता है और मेरा बचपन का बहुत अच्छा दोस्त है। हम दोनों खूब दारुखोरी करते हैं और हमारी आदत है कि हम पीने के बाद चुदाई करते है चाहे सेटिंग हो या कोई रंडी। चाहे चूत मिले या भोसड़ा। वैसे मुझे चूत से ज्यादा गांड मारने में आता है। तो मैंने उसे बता दिया कि मैं ट्रेन में हूँ और गोटेगांव से निकल चुका हूँ।


तो उसने कहा कि ठीक है तू वहां से जब यहाँ आयगा तो मेरे ऑफिस ही आ जाना मैं तुझे घर की चाभी दे दूंगा। तो मैंने कहा ठीक है मैं आ रहा हूँ। खर्चा कर लेना मेरे पास ज्यादा पैसे नहीं है।


तो उसने कहा ओके। ट्रेन का सफ़र हो चुका था मैं ट्रेन में यही सोच रहा था कि कहीं ऐसा ना हो बहनचोद की पीने के बाद कोई चूत ना मिले नहीं तो हसरतो के लौड़े लग जायेंगे।


यही सब सोचते सोचते मैं नरसिंगपुर पंहुच गया। तो मैंने अपने दोस्त सत्यम को फ़ोन लगाया और कहा कि अबे मैं यहाँ आ गया हूँ आ रहा हूँ तेरे ऑफिस।


फिर मैं ऑटो कर के उसके ऑफिस पंहुचा। उसके बाद मैं उसके केबिन गया और हम दोनों गले मिले और बहुत खुश थे कि हम ही ऐसे दोस्त बचे हैं जो अभी भी कांटेक्ट में हैं। फिर उसने मुझे चाभी दी और कहा कि तू मेरा इंतज़ार करना मैं शाम को 6 बजे आऊंगा घर ।


उसके बाद मैं वहां से ऑटो कर के उसके रूम पर गया और थकान की वजह से मैं सो गया। शाम को 6 बजे वो आया तो हम दोनों यहाँ वहां की बाते करने लगे।


फिर वो भी फ्रेश हुआ और मैं भी। उसके बाद हम दोनों बार में गये और मस्त चिकेन के साथ रम की दारू मंगाए। पीते पीते हम दोनों को नशा चढ़ गया और जैसा कि मैंने आप लोगो को बताया कि पीने के बाद हम लोगो को चुदाई करने का चस्का है।


तो मैंने उससे पूछा अबे मादरचोद मुझे चूत चाहिए है कहाँ मिलेगी ? तो उसने कहा कि लंड के बाल मैं जेब में ले कर घूमता हूँ क्या ? मुझे क्या पता कि कहाँ अभी जुगाड़ मिलेगा। तो मैंने कहा कि अबे तो क्या बिना चुदाई किये बिना ही रह जायेंगे।


तो उसने कहा कि नहीं बे लौड़े अभी मैं हूँ ना तू टेंशन क्यूँ लेता है।


उसके बाद हम बार से निकले तब रस्ते में एक बकरी चराने वाली दिखी। तो उसने देख के कहा कि अबे मादरचोद ये तो जुगाड़ है।


मैंने कहा सही है क्या सही में ये जुगाड़ है?


तो उसने कहा कि हाँ बे एक बार मेरे दोस्त ने इसे चोदा था।


तो मैंने कहा कि चल बात करते हैं। फिर उसने उसके पास गाड़ी रोका।


उसकी उम्र कोई 19 साल की लग रही थी। हमने उसे पूछा कि क्यूँ कितना ? तो उसने कही ए भैया हम 200 रूपए लेते हैं चुदाई के। तो हमने कहा कि अरे ये तो बहुत ज्यादा है 150 के हिसाब से पैसे देंगे ।


तो उसने कही कि अरे भैया चोदना है चोद दो न और पैसे दे दो। इतने पेसो की तो पी लेते हो वहां क्यूँ नहीं बोलते कि कि कम करो।


फिर हमने कहा की ठीक है। उसके बाद उसने हमे अपने घर में ले गयी। फिर उसने अपने कपडे उतारे और उसके बाद हम दोनों ने भी अपने कपडे उतार दिए और नंगे हो गये ।


नंगे होने के बाद हमने उसे 100-100 रूपए अलग से दिये तो उसने कहा कि ये क्यूँ ?


तो हमने कहा कि हम दोनों खड़े हैं और लंड चूसो। तो हम दोनों के बीच में आ गयी और हम दोनों के लंड साथ में हिलाने लगी।


जब हम दोनों का लंड तन के खड़ा हो गया था तो उसने हमारे लंड को बारी बारी से चूसना चालू कर दी।


वो हमारे लंड चूसे जा रही थी और हम दोनों आआहाआ आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारिया ले रहे थे।


वो हम दोनों के लंड को बहुत अच्छे चाट और चूस रही थी और हम दोनों आआहाआ ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए उसके दूध मसल रहे थे।


कुछ देर के बाद हमने उसे लेटा दिया। अब मैं उसके मुंह के पास आ गया और सत्यम उसकी चूत में अपना लंड रगड़ते हुए सीधा उसकी चूत में घुसेड दिया। अब मैं अपने लंड को हाँथ में ले कर मुठ मारने लगा ।


सत्यम उसकी चूत में लंड डाल कर चोदने लगा और वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए अपने दूध को मसलने लगी।


सत्यम बहुत जोर जोर से उसकी चूत को चोद रहा था और वो आआहाआ हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह करते हुए जोर जोर से सिस्कारिया ले रही थी।


उसके बाद मैंने उसके मुंह में अपना लंड डाल दिया। वो सत्यम से चुदवाते हुए आआहाआ कर रही थी और मेरे लंड को चूस रही थी तो मेरे मुंह से भी आआहाआ ऊऊन्न्ह आअहाआअ की सिस्कारिया निकल रही थी ।


फिर सत्यम झड़ गया। उसके बाद मेरी बारी थी। अब सत्यम थक के वहीँ लेट गया। मैंने अपना लंड हिलाते हिलाते उसकी चूत में डाल दिया और चुदाई करने लगा।


उसकी चूत गीली हो चुकी थी बहुत ज्यादा। मैं उसकी चूत को जोर जोर से धक्के मार मार के चोदने लगा और वो आआहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारिया भर रही थी।


फिर मैंने उसके दूध को पकड़ा और जोर जोर से दबाते हुए चोदने लगा तो वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए बोल रही थी कि और चोदो और चोदो और चोदो।


मैं समझ गया था कि झड़ने वाली है। तो मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दिया और जोर जोर से चोदने लगा तो वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह उई मा मर गयी.. आह्ह उईइ आह आह्ह्ह्ह उई ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए झड़ गयी। फिर थोड़ी देर की चुदाई के बाद मैं भी झड़ गया ।


उसके बाद हम दोनों ने अपने अपने कपड़े पहने और वहां से निकल गये। तब तक हमारा नशा फट चुका था। तो हम पीने जाने लगे। फिर रस्ते में ही एक बार पड़ा वहां देसी दारू मिलती है। तो हमने अपनी गाड़ी वही रोके और बार में जा कर पीने लगे।


उसके बाद हम दोनों वह से निकले एक एक क्वार्टर पी कर। फिर रास्ते में एक मस्त सी आंटी दिखी। हमे लगा कि इतनी रात में कोई जुगाड़ ही घूमता है तो शायद ये जुगाड़ ही होगी। और वो सच में जुगाड़ ही निकली।


फिर उसके बाद हम दोनों ने उससे बात किये तो उसने 400 रूपए रेट लगाईं तो हम भी मान गये। उसके बाद हम दोनों ने उसकी खूब चुदाई कर के उसे संतुष्ट किया और खुद भी संतुष्ट हो चुके थे। उसके बाद हम दोनों घर गये और जाते ही साथ नशे की हालत में सो गये थे ।


तो दोस्तों, ये थी मेरे जीवन की घटना जो मैंने आप लोगो को बताया। मैं उमीद करता हूँ कि आप सभी को मेरी कहानी पसंद आयगी और मैं आप लोगो के लिए ऐसी मजेदार कहानिया लिखता रहूँगा ।


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