चचेरी बहन की खेत में चुदाई : Antarvasna Sex Stories
- Aman
- Jul 15
- 13 min read
हैलो दोस्तो मेरी पिछली कहानी में आपने पढ़ा कि कैसे मैंने और मेरी चचेरी बहन ने चुत चटाई और लंड चुसाई की अब मैं बताऊंगा कि कैसे हम दोनों ने चुदाई करना स्टार्ट की।
तो गौरी और मे रोज रात को गौरी मेरा लंड चुसती और मे उसकी चुत चाटता।
करीब आठ दिनो तक हमने ऐसा आठ नो दिनो तक किया जब तक उसकी जो जख्म थी वो पुरी तरह से ठीक नही हो गयी।
फिर हमारे एक्मैंजाम स्टार्ट हुए और करीब हमें १५ दिनों तक कुछ करने का मोका ही नहीं मिला। एक दिन हम सुकी लकड़ियां लेने नाले के तरफ गये, तो मैंने गौरी से कहा कि मैं अभी आता हूं तुम यहीं ठहरो। तो गौरी को समझ गया कि मैं हगने जा रहा हूं, तो उसने कहा कि भैय्या मुझे भी आना है।
मैंने कहा कि मैं तो टाॅयलेट करने जा रहा हूं, तो गौरी ने कहा कि मुझे पता है और मुझे भी टॉयलेट जाना है।
मैंने उसे कहा कि भुल गयी पिछली बार तुम्हारे साथ क्या हुआ था? तो गौरी ने कहा कि मुझे अच्छी तरह याद है भैय्या इसलिए तो तुम्हारे साथ आने के लिए कह रहीं हुं।
मैंने उसे कहा कि हम दोनों ऐसे एक साथ?
तो गौरी ने कहा भैय्या हम दोनों एक दूसरे को नंगा देख चुके हैं और रात में कमरें में भी बहुत कुछ कर चुके हैं। तो मैंने कहा कि ठीक है और फिर हम दोनों एक जगह पर जहां पर गड्ढे में पानी था वहां पर आ गए और फिर मैंने गौरी से कहा कि देखो पहले पैर से यहां ऐसे साफ करो और फिर टॉयलेट के लिए बेठो।
गौरी ने मेरे सामने ही पैरों से जगह को साफ किया और अपनी प्लाजो कों निचे किया और मेरे सामने ही हगने बैठ गई और मैं उसे देख रहा था।
गौरी ने कहा कि भैय्या मुझे मत देखो, जो करने आए थे वो करो, नहीं तो हमें घर जाने में देरी हो जाएगी। मैं भी बिल्कुल उसके सामने ही हगने बैठ गया।
फिर गौरी ने मुझसे कहा कि भैय्या हमारे एक्जाम खत्म होने वाले हैं और मुझे आपने कहां था कि मज़ा करेंगे।
तो मैंने जानबूझ कर उसे कहा- कि कब? मैंने तो ऐसा कुछ नहीं कहा।
गौरी ने चुत को दिखाते हुए कहा कि आपने जब इसे चाटा था, तब कहा था और कहा था कि तुम्हारी जख्म ठीक होने के बाद में करेंगे। तो गौरी ने उसकी चुत और गांड़ को दिखाते हुए कहा कि देखो अब मेरी जख्म पुरी तरह ठीक हो गयी है देखो तो।
मैंने उसे कहा कि ठीक है लेकिन तो गौरी ने कहा कि लेकिन क्या भैय्या और गौरी हगते हुए आगे की और सरक कर बैठ गई। फिर मैंने गौरी से कहा - कि देखो गौरी इसे चुदाई कहते हैं।
पिछली बार जो हुआ वो तो गलती से हुआ क्योंकि की तुम्हें अचानक लग गई और फिर वो सब हों गया तो गौरी ने कहा कि मुझे पता है भैय्या। तो मैंने चोकते हुए कहा कि क्या और ये सब तुम्हें कैसे पता?
तो गौरी ने कहा आंचल (हमारे गांव की लड़की जो कि गौरी के साथ ही पढ़ती है) नहीं हैं? तो मैंने हां वो जो पहाड़ी के पास रहते हैं।
तो उसने कहा हां वही तो उसने कहा आंचल और उसका चचेरा भाई दोनों चुदाई करते हैं पहाड़ी पर झाड़ी में।
फिर मैंने गौरी से कहा कि ये सब तुम्हें कैसे पता? तो गौरी ने कहा कि उसने ही मुझे बताया। और फिर गौरी ने कहा कि मुझे भी करनी है चुदाई और फिर गौरी ने कहा कि आपने मेरी चुत चाटी है और मेंने भी तो आपके लंड को चुसा है। तो मैंने कहा कि गौरी हम दोनों भाई बहन हैं और हमारे बिच चुदाई नहीं हो सकती।
तो गौरी ने कहा कि भैय्या हम इस बारे में किसी को भी नहीं बतायेंगे और ये बात हमारे बिच ही रहेंगी और फिर हमारे २ दिनों के बाद पेपर खत्म होने वाले हैं। तो वैसे भी छुट्टीयों में हम घर पर ही रहने वाले हैं। तों दो दिन बाद हम दोनों चुदाई करेंगे।
और फिर गौरी हगते हुए आगे सरक कर गड्ढे में के पानी से गांड़ धोते हुए बोली, कि जल्दी करो हमें देर हो रही है। फिर मैंने जल्दी से अपनी गांड़ को धोकर खडा हो गया और अपनी पैंट को पहन लिया और फिर गौरी खड़ी हो गई और घुम कर घोड़ी बन गई और चुत और गांड़ के छेद को फैला कर बोली- कि देखो भैय्या अब मेरी जख्म पुरी तरह से ठीक हो गयी है।
मेंने देखा कि जख्म पुरी तरह से ठीक हो गयी है। और फिर गौरी ने भी अपनी प्लाजो कों अच्छी तरह से पहन लिया और फिर हम दोनों घर आ गए।
मैंने सोचा कि गौरी सामने से चुदाने को तैयार हैं तो मुझे क्या और ये सोचते हुए मैंरा लंड खड़ा हो गया। मैंने बाथरूम में जाकर गौरी की चुदाई को सोचते हुए मुठ्ठी मारी। और फिर 12th के एक्झाम खत्म होने को थे और गौरी के भी 10th के एकझाम खत्म हो चुके थे । फिर मैंने लास्ट वाले पेपर के दिन घर वापस आते हुए मेडिकल में से पांच पेन किलर की गोलियां खरीद ली और फिर घर आ गया।
हर बार की तरह लकड़ियां लेने गए और लकड़ियां लाकर हम रात के खाने के लिए सभी परीवार वाले इकट्ठा बैठे थे। तो पापा ने कहा कि अमन एक्जाम खत्म हो गई है तो तुम्हें कल से गन्ने के खेत कि और अमरूद के खेत कि रखवाली करनी है।
तो मैंने पापा से पूछा क्यों? तो पापा ने कहा कि मजदूर लोग बहुत नुक्सान करने लगे हैं तो तुम्हें मचान पर रहना होगा। तभी चाची ने कहा कि गौरी भी तुम्हारे साथ रखवाली करने आएगी और हम सभी ने खाना खाया और अपने अपने कमरों में सोने चले गए।
करीब रात के ११ बजे के करीब गौरी मेरे कमरे में आई और फिर मुझे जगा दिया और जब मेरी नींद पुरी तरह से खुल गई तों उसने कहा कि भैय्या मेंने कहा था ना कि हम दो दिन बाद चुदाई करेंगे। मेंने गौरी को फिर से समझाया कि हम दोनों भाई बहन हैं और ये तो उसने फिर आंचल वाली बात बताई। तो मैंने कहा कि ठीक है लेकिन पहली चुदाई में दर्द होता है। तो मैंने कहा कि तो गौरी ने कहा कि आंचल ने बताया और फिर गौरी ने अपने कपड़े उतार दिए और फिर मेरे कपड़े भी उतारने लगी।
मैंने सोचा कि गौरी सामने से चुदाने को तैयार हैं तो मुझे क्या? वैसे भी मुझे भी चुत चोदने को मिल रही है। फिर मेरे कपड़े उतारते ही ग़ौरी ने मेरे लंड को चूसने लगी और जब मेरा लन्ड खड़ा हो गया तो मैंने गौरी को बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी चुत को चाटने लगा।
अब हम दोनों ही पहली बार चुदाई कर रहे थे लेकिन मुझे पता था कि चुदाई करना है तो कंडोम से करो नहीं तो लड़की प्रेगनेंट हो जाती है। तो मैंने पेन किलर की गोलियों के साथ एक ५ कंडोम वाला पैकेट भी ले लिया था।
मैंने बैग में से एक कंडोम निकाला और फिर पहन लिया तो गौरी ने कहा कि भैय्या ये क्या हैं तो मैंने कहा कि गौरी ये कंडोम है। इसे चुदाई करते हुए पहनके।
तो गौरी ने कहा कि भैय्या सच सच बताना आपने पहले भी किसी के साथ चुदाई की है? क्योंकि ये सब आपको कैसे पता? तो गौरी को मेंने कहा कि मेंने सुना है कि कंडोम पहनना चाहिए। इसलिए ही तो आज ही लाया हुं और मेरी भी तुम्हारे साथ ही पहली चुदाई हैं तो गौरी खुश हो गई।
फिर मैंने गौरी से कहा कि ठीक है अब चुदाई करते हैं। तो गौरी ने कहा कि भैय्या चुदाई करते वक्त मैं आपसे कहुं की दर्द हो रहा है तो भी रुकना मत। मेरी चुदाई करते रहना।
मेंने कहा क्यों तो गौरी ने कहा कि बाद में बताऊंगी। तो मैंने कहा कि ठीक है और में और गौरी बिस्तर पर मिशनरी पोजीशन में आ गए और फिर मैंने लन्ड को गौरी की चुत पर सेट किया और घुसाने लगा।
गौरी ईशश ईशश आआ करने लगीं। मैंने गौरी से कहा कि तुम ये तकिये का कोना मुंह में दबा लो। तुम्हारी आवाज़ बाहर नहीं जानी चाहिए।
तों गौरी ने वैसा ही किया और फिर मैंने गौरी की चुत में ऐसा घुसाया की एक बार ताकत लगानें पर पुरा लंड चुत में घुस जाए। मैंने बिस्तर पर हाथ रख कर एक झटका ईतनी ज़ोर से मारा कि मेरा पुरा लंड गौरी की चुत में घुस गया और गौरी ने अपने हाथ से मुझे पिछे ढकेला लेकिन वक्त रहते ही मेंने उसके हाथ पकड़ लिए और देखा तो मेरा लन्ड उसकी चुत से बस बाहर निकलते निकलते रह गया।
फिर पता नहीं मुझे क्या हुआ मैंने गौरी के दोनों हाथो को कसकर पकड़ लिया और उसकी चुदाई शुरू कर दी और मैं सिर्फ चुत कि तरफ देख रहा था। जब से मैंने गौरी की चुत में लंड को डाला तब से मैं गौरी की तरह देखा ही नहीं। बस में चुदाई करता रहा।
करीब १३-१४ मिनट तक मैंने गौरी की चुदाई की लेकिन चुदाई करते वक्त मेंने उसकी और देखा ही नहीं। जब मेरा वीर्य निकल गया तब मैंने वैसा ही गौरी के उपर लेट गया और गौरी से कहा कि मजा आया? मुझे तो बहुत मजा आया।
लेकिन जब गौरी ने कुछ नहीं कहा। तो मैंने उसकी तरफ़ देखा तो मैरी तो गांड ही फट गई गौरी बिल्कुल बेहोशी की हालत में पड़ी थी और उसके मुंह में तकिया वैसा ही था।
मैंने तकिया उसके मुंह से खींचा और गौरी को हिलाकर होश में लाने लगा लेकिन उसे कुछ फर्क नहीं पडा। मुझे समझ में नहीं आ रहा था क्या करूं।
तभी मुझे याद आया कि मुव्हीज में बेहोश हुए इन्सान को पानी मारकर होश में लाते हैं। तो मैंने उसी हालत में कपड़े पहने और निचे जाकर एक लोटे और गिलास में पानी भर कर लें आया और फिर पानी के छिटे मारकर गौरी को होश में लाने लगा। गौरी धीरे धीरे होश में आने लगी।
इससे थोड़ा मेरी जान में जान आई। गौरी होश में आते ही रोने लगी। तो मैंने उसका मुंह हाथ से दबा दिया और उसे चुप करा ने लगा। वो मुझे मुक्के मारने लगी और बोली कि मैं आपको रोका तो आपने मेरे ही हाथों को पकड़ लिया और देखा भी नहीं की मुझे दर्द हो रहा है।
मैंने कहा कि तुम ने ही तो कहा था कि अगर मैं रोकु तो रुकना मत तो गौरी ने कुछ नहीं कहा और फिर अपनी चुत को देखते हुए कहा कि मुझे इसमें जलन हो रही है। तो मैंने बैग से एक पेन किलर की गोली निकाली और गौरी को दी और कहा कि इसे खालो जलन कम हो जाएगी।
उसने खा ली और कहा कि आपने कपड़े क्यों पहन लिए। अपने कपड़े उतार कर मेरी चुत को चाटो इससे मुझे अच्छा लगेगा। तो मैंने अपने कपड़े उतार दिए और गौरी ने मेरी तरफ देखा और कहा आपने कंडोम भी नहीं उतारा है तो मैंने कहा कि तुम बेहोश हो गई थी तो गौरी ने कहा कि ऐसे गधे जैसे चुदाई करोंगे तो बेहोश ही होउंगी। और फिर मैंने गौरी की चुत को फैलाकर देखा तो चुत पुरी लाल हो गई थी। चुत से कोई खुन नहीं निकला लेकिन चुत थोड़ी सुज गई थी।
गौरी ने कहा कि भैय्या इसे चाटो मुझे जलन हो रही है। तो मैंने उसकी चुत को चाटने लगा और फिर ५ मिनट बाद गौरी सिसकारियां निकालने लगी आआआ आआउं ममम लगता है पेन किलर से उसका दर्द बंद हो चुका था।
उसने कहा कि भैय्या अब मेरी चुत चोदो अब मुझे बिल्कुल दर्द नहीं हो रहा। तों मेंने अपने लंड को थोड़ा हिलाया तो वह भी खड़ा हो गया। कंडोम तो मैंने उतारा ही नहीं था जिसमें मेरा वीर्य भी वैसा ही था। तो गौरी ने टांगें फैला दी और फिर मैंने भी लंड को उसकी चुत पर सेट किया और धीरे धीरे अंदर घुसाने लगा।
लंड अंदर घुस रहा शायद पहली चुदाई की वजह से तो मैंने अब धीरे धीरे धक्के लगाने लगा और गौरी की तरफ़ देखा तो उसकी आंखें बंद थी लेकिन अब वो आवाज़ कर रही थी। आआंह ओओं हुंममम ऊऊऊऊ आ अ और फिर करीब हमने २०-२२ मिनट चुदाई की ओर दोनों एक साथ ही झड़ गये।
मैं गौरी के उपर ही गिर गया और हांफने लगा फिर गौरी ने कहा कि मुझे बहुत मजा आ और फिर मैं गौरी के साइड में लेट गया और गौरी की चुत से जो उसका पानी निकल रहा था तो उसने बिस्तर पर लेटे लेटे ही अपनी टांगें ऊपर की और उसकी निक्कर पहन ली और मेरे पास ही लेट गई और कहा कि भैय्या मुझे आंचल ने कहा था कि पहली चुदाई में दर्द होता है और बाद में फिर मजा ही मजा आता है।
इसलिए मैंने आपको कहा था कि रूकना मत और फिर गौरी ने कहा कि भैय्या मुझे मज़ा तो बहुत आया लेकिन अब जलन और दर्द हो रहा है। तो मैंने गौरी को बैंग में से ४ पेन किलर की गोलियां दी और कहा कि ये गोलियां एक एक करके दिन में हर ६ घंटे में खा लेना इससे राहत मिलेगी।
फिर गौरी बिस्तर पर से उठी और अपने कमरे में जाने लगी तो उसे चलते वक्त दर्द होने लगा तो वो बिस्तर पर ही बैठ गई। मैंने कहा कि क्या हुआ? तो उसने कहा कि मुझे चलने पर दर्द हो रहा है। तो मैंने कहा कि रूको।
फिर मैं बिस्तर पर से उठा और अपने कपड़े पहने और गौरी से कहा कि तुम भी अपने कपड़े पहनो। तो गौरी ने भी जैसे तैसे करके अपने कपड़े पहन लिए और फिर मैंने गौरी को को कहा कि अपने पैरों को थोड़ा फैला कर चलों और फिर मैंने गौरी को मेरे और उसके रूम के बिच बने कॉमन दरवाजे से गौरी के रुम मे बिस्तर पर लिटा दिया।
फिर गौरी को बिस्तर पर लिटा कर मे मेरे रूम में वापस आ गया और फिर मे भी सो गया ।और फिर मे सुबह उठा तो चाची ने कहा कि तुम्हे भाईसाब ने जल्दी से मचान पर रखवाली करने को जाने कहा हैं। चाची मेरे पापा को भाईसाब कहती हैं। तो मे ने चाची को कहा कि अभी अभी उठा हुं चाय पीकर जाता हूं।
तो चाची ने कहा कि ठीक है मे चाय बना देती हूं। तु मुंह धोकर आ। तो मेने मुंह धोकर चाय पी और फिर जाने लगा। तो चाची ने कहा कि ये मेरा मोबाईल लेजा। अब हमारे घर में चाची ही ज्यादा पढ़ी लिखी थी तो चाची के पास एक सैमसंग का टच स्क्रीन वाला फ़ोन था और चाची ने कहा कि जैसी ही गौरी उठेगी तो मैं तुम दोनों का खाना उसके हाथो से भिजवा दुंगी।
दोस्तो हमारे घर में मम्मी पापा और चाचा चाची के पास स्मार्ट फोन है और चाची ने कहा कि मेरा फोन लेकर जा तो मेंने चाची का फोन लिया और में मचान पर जाने लगा तो चाची ने कहा कि हम सब लोग दूसरे वाले खेत में जाने वाले हे तो तुम्हें और गौरी को ही खेतो की रखवाली करनी है ।
तो में खेत मे बने हुए मचान पर आ गया हमन जो मचान बनाई है वह लोहे की है और उस पर 5-6 लोग आराम से बेठ सकते हैं और उसे ऐसे बनाया गया है कि उस कोई भी बेठे हुए लोगो को देख नही सकता है और उस पर से चारो तरफ नजर रखी जा सकती है । और उस पर आराम करने के लिए गद्दे बिछाकर रखे हुए है और उपर से भी वह पुरी तरहसे ढकी हुई है ।
फिर मैं मचान पर बेठ कर फोन चलाने लगा तभी मेरे दिमाग में आया कि क्यों न में फोन में चुदाई वाली व्हिडीओ देखु तो मेंन क्रोम ब्राउजर को खोला और उसमे कामवासना वेबसाइट पे सेक्स वीडियो सर्च किया और मेरे सामने बहुत सारी चुदाई वाली व्हिडिओ आ गई और फिर मेने उन्हें देखा और फिर थोडी देर फोन रख कर मचान पर इधर-उधर देखने लगा।
अभी टाईम सुबह के 9:30 बजे होंग तभी मुझे दुर से गौरी आती हुई दिखाई दी उसने पिंक कलर का टी-शर्ट और घागरा टाईपस्कर्ट पहनी थी । उसके हाथ में टिफिन दिख रहा था। और पाच मिनट में गौरी मचान की सिडीओ के पास आ गई और उसने मुझे आवाज दी भैय्या। और फिर मेने जैसे ही निचे देखा, तो गौरी ने कहा कि माँ ने हम दोनों को लिए खाना दिया है तो आप निचे आकर टिफीन को उपर ले जाईए।
फिर गौरी धीरे धीरे उपर चढ़ गई और कहा कि भैय्या चलो अब खाना खाते हैं। तो मैंने कहा तुम घर से खाकर नहीं आई हों? तो गौरी ने कहा कि मैं खाकर ही आने वाली थी, लेकिन मम्मी ने कहा कि भैय्या के साथ खाना।
फिर मैंने कहा कि ठीक है और मेंने हाथ धोये और खाने का टिफिन खोल कर बैठ गया और गौरी को कहा कि चल बैठ। तो गौरी धीरे से नीचे बैठने लगी तो मैंने कहा कि क्या हुआ?
तो गौरी ने कहा कि भैय्या रात की चुदाई भारी पड़ गई बहुत दर्द हो रहा है और रात से मुत भी नहीं आ रहा है। तो मैंने कहा कि गोली खाई थी तो उसने कहा कि अभी खाना खाकर खाती हुं। और गौरी W कि तरह बैठ गई तो उसकी स्कर्ट में उसकी चुत साफ दिखाई दे रही थी जिससे मेरा लन्ड खड़ा हो गया।
मैंने गौरी से कहा कि तुमने चढ्ढी नहीं पहनी? तो उसने कहा कि खेत में ही तो आना था और यहां हम दोनों ही रहने वाले हैं तो मैंने नहीं पहनी। क्योंकि चढ्ढी चुत पर घिसने से और भी दर्द हो रहा था तो मैंने उतार दी। इससे अच्छा महसूस हो रहा है और अभी चुत को हवा भी लग रही है जिससे मस्त ठंडा ठंडा लग रहा है और दर्द भी कम हो रहा है।
लेकिन उसकी चुत को देखकर मेरे लंड का बुरा हाल हो रहा था। फिर हम खाना खाते खाते बातें करने लगे। मैंने गौरी से कहा कि तुम ने चढ्ढी नहीं पहनी और यहां पर अगर मम्मी पापा आ गए तो? उसने कहा कि मम्मी ने कहा था कि अच्छे से रखवाली करना और हा ये भी कहा था कि ताऊजी ने गांव में बता दिया है कि अब वो खेतों कि रखवाली खुद करने वाले हैं, तो यहां उनके डर से कोई भी नहीं आएगा।
देखना भैय्या हमें भी कुछ दिनों के लिए रखवाली करनी होगी। फिर हमने खाना खाया और फिर गौरी गद्दी पर टांगें फैला कर लेट गई और ईईईई करने लगीं।
तो मैंने कहा कि क्या हुआ? तो उसने कहा कि चुत में एकदम से दर्द हुआ। तो मैंने उसे कहा कि गोली खा लो तो उसने गोली खाली और उसकी स्कर्ट को पेट पर खींच कर लेट गई। जिससे उसकी चुत पुरी तरह से दिखाई दे रही थी और मेरा लन्ड पुरी तरह से टाईट हो गया था।
मैंने पेंट का बटन खोल कर चैन को निचे कर दिया जिससे मुझे थोड़ी राहत मिली और फिर मैंने चारों ओर नज़र घुमाई और गौरी के बगल में लेट गया। फिर मेरे मन में एक आईडिया आया और मैंने गौरी से कहा कि गौरी गोरे लोग कैसे चुदाई करते हैं देखना चाहोगी?
तो उसने हां कहा और फिर मैंने फ़ोन पर चुदाई वाली व्हिडिओ चला दी। चुदाई देखते हुए हमें आधा घंटा हो गया था और फिर गौरी और में दोनों गरम हो गये थे। फिर मैंने जैसे व्हिडिओ में देखा था वैसे ही गौरी के होंठों को चूसने लगा। तो गौरी ने भी मौबाइल साइड में रख दिया और मेरा साथ देने लगी।
मुम्ममम ह हम मुम्मममह और फिर मैंने गौरी के टी-शर्ट कों उतार दिया और व्हिडिओ में जैसे देखा था फिर से वैसा ही उसके बुब्स चुसने लगा दबाने लगा। इससे गौरी और भी उत्तेजित हो गई थी और उसने पेन किलर खा रखी थी तो उसको दर्द भी नहीं हो रहा था।
फिर मैं धीरे-धीरे चुमते हुए उसकी नाभि से होते हुए चुत चाटने लगा तो गौरी ने जोर जोर से आह ओह उउउमम आआआआ उउउहहमममम करने लगीं और फिर मेरा लन्ड भी खड़ा हो गया तो मैंने गौरी की टांगों को फैला कर मेरे कंधे पर रख दिया और फिर धीरे धीरे से लंड को चुत में घुसाने लगा।
गौरी की चुत रात को चुदी हुई थी तो लंड आराम से अन्दर बाहर हो रहा था। फिर मैंने गौरी की चुदाई शुरू कर दी जिससे गौरी आआआआ हहमममम ओओओहहह आआआ उउउऊ मम्मी ईशशश करने लगीं। करीब १६-१७ मिनट कि चुदाई के बाद मेरा वीर्य निकलने वाला था तो मैंने लंड को गौरी की चुत से बाहर निकाला और जैसा व्हिडिओ में देखा था वैसे ही गौरी के बुब्स पर वीर्य गिरा दिया और वहीं गद्दे पर लेट गया।
मैंने गौरी के बुब्स पर वीर्य निकालने की वज़ह से गौरी को मुझ-पर गुस्सा आया क्योंकि की उसे ये अच्छा नहीं लगा तो उसने मुझे क्या यार भैय्या गई आप कितने गंदे हो अब इसे कैसे साफ करू?
तो मैंने गौरी से कहा कि अगली बार ऐसा नहीं करूंगा तो उसने कहा कि भैय्या अगली बार आपको मौका नहीं मिलेगा और ये हम दोनों की आखरी चुदाई थी।
गौरी ने ऐसा क्यों कहा में में आपको अगली कहानी में बताऊंगा कहानी कैसी लगी जरूर बताना और कहानी में आगे और भी मज़ा आने वाला है दोस्तों।
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