बीवी की छोटी चुत में शेरखान का मोटा लंड - Hindi Sex Stories
- Kamvasna
- 13 hours ago
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हैलो दोस्तों, मैं कोलकाता का रहने वाला हूं और आगरा में रेलवे में बुकिंग क्लर्क हूं, एक साल पहले नीलू से मेरा विवाह हुआ था और उसे अपने साथ ही रखता था, नीलू बहुत ही सुंदर लड़की है, उसकी हाइट लगभग 5 फुट है, वो गोरे-गोरे भरे बदन की मालकिन है, उसके बूब्स 34 के हैं और कूल्हे तो गजब के हैं 38 से किसी कीमत पर कम नहीं होंगे, वो सेक्स की बहुत भूखी है।
यह कहानी उस समय शुरू हुई जब मेरा ट्रांसफर दिल्ली हो गया था, तब कोई रेलवे क्वार्टर खाली नहीं था तो मजबूरी में कारोल बाग में हाउसिंग कॉलोनी में एक दो कमरे का घर रेंट पर लेकर रहने लगा, मेरी ड्यूटी दिन में ही रहती थी और रात को घर आता तो थककर सो जाता था, फिर नीलू मुझे जगाती और सेक्स करने को कहती, तब मैं सेक्स कर तो लेता मगर महसूस करता था कि वो प्यासी रह जाती है, वैसे वो कुछ कहती तो नहीं थी, सभी जानते हैं कि बंगाली लड़कियां बहुत शर्मीली होती हैं, मैं भी ठीक ठाक था, मेरा लंड औसत आकार का था 5 इंच लंबा और 2 इंच मोटा, बस एक कमी थी चूत में लंड डालने के बाद बहुत जल्दी झड़ जाता हूं जिस कारण नीलू को संतुष्टि नहीं मिलती थी।
दोस्तों यह तो मेरी और नीलू की बात हुई, लेकिन हम दोनों की जिंदगी में उस समय मोड़ आया जब एक पठान से मेरी दोस्ती हुई, जो उसी ब्लॉक की ऊपर वाली मंजिल में अपनी पत्नी के साथ रहता था, उसका नाम शेरखान था और उसकी पत्नी का नाम जमीला था, अब बहुत जल्द हम लोगों में बहुत गहरी दोस्ती हो गई थी, शेरखान रंगीला मिजाज का आदमी था, वो एक बैंक में वाचमैन था, उसकी भी ड्यूटी दिन में ही रहती थी।
फिर एक दिन बातों-बातों में सेक्स पर बहस हो गई, अब मेरे पास तो बताने को कुछ था नहीं, बस शेरखान ही बोलता रहा, अब उसकी बातों से पता चल गया था कि वो सेक्स का पुराना खिलाड़ी है, फिर उसने मुझसे मेरी सेक्स लाइफ के बारे में पूछा तो पहले तो मैं चुप रहा, फिर उसने मुझे हौसला बढ़ाते हुए बोला कि अरे यार दोस्तों से शरमाना कैसा, बोलो नीलू भाभी पूरा मजा देती है कि नहीं, वो देखने में बहुत मस्त लगती है, एक चुदाई में 2-3 बार पानी तो जरूर निकालती होगी, जानते हो मर्द को अपना झड़ने से ज्यादा औरत को झड़ाने में मजा आता है, मैं तो जमीला को जब तक 3-4 बार झड़ा नहीं लेता मेरा तो पानी निकलता ही नहीं, चुप क्यों हो, बोलो ना यार कितनी बार पानी निकालती है नीलू भाभी।
अब उसकी बात सुनकर मैं सन रह गया था, फिर मैं धीरे से बोला कि पता नहीं यार, तो वो हैरत से बोला कि क्या कहते हो, वो झड़ती है और तुमको पता नहीं होता, तो तब वो कुछ सोचकर बोला कि अच्छा ये बताओ चूत में कितनी देर तक धक्के मारते हो, फिर तब मैं ना चाहते हुए बोला कि यही कोई 2-3 मिनट तक, तब शेरखान अपना मुंह फाड़कर बोला कि क्या 2-3 मिनट तक बस, तब मैंने उसे देखा, तो वो बोला कि तब तो वो यह भी नहीं जानती होगी कि झड़ना क्या होता है, तो तब मैं उदास होकर बोला कि मेरा पहले हो जाता है तो इसमें मेरा क्या कसूर है, तो तब वो बोला कि कोई बात नहीं ऐसा अक्सर लोगों को होता है, फिर भी सब लोग अपनी पत्नियों को चुदाई का भरपूर मजा देते हैं।
अब उसकी बात सुनकर मुझे भी उम्मीद जगी थी, अब मैं भी नीलू को पूरा मजा देना चाहता था लेकिन बेबस था, फिर वो मुझे चुप देखकर बोला कि चिंता की कोई बात नहीं है, तुम चाहो तो नीलू भाभी भी एक चुदाई में 3-4 बार झड़ने का मजा ले सकती हैं, तब मैंने हैरत से शेरखान की तरफ देखकर पूछा कि वो कैसे, तो तब वो बोला कि देखो यार शायद तुमको मालूम नहीं आजकल होम पार्टी का रिवाज चलता है, असल में यह खाने-पीने की पार्टी नहीं होती है बल्कि उसमें लोग अपनी-अपनी पत्नी को एक दूसरे की पत्नी से बदलकर सारी रात चुदाई का खेल खेलते हैं और इतना ही नहीं जब कोई औरत एक लंड से संतुष्ट नहीं होती तो उसे 2-3 मर्द मिलकर चुदाई करते हैं।
अब उसकी बात सुनकर मैं तो दंग रह गया था, फिर मैं बोला कि किसी को पता चल गया तो, तो तब शेरखान हंसकर बोला कि तुम भी बिल्कुल भोले हो, इस ब्लॉक में 10 क्वार्टर हैं जिसमें तुम नए हो बाकी हम सब 9 एक दूसरे की पत्नी की चुदाई कर चुके हैं, अब उसकी बात सुनकर मुझे मस्ती आ गई थी और मेरा लंड तनकर अकड़ गया था जिसे मैंने अपने एक हाथ से दबाया, तब शेरखान की नजर मेरी इस हरकत पर गई तो तब वो बोला कि लगता है तुमको सुनकर ही मस्ती आ रही है, तो जब तुम दूसरे की पत्नी को उसके पति के सामने चुदाई करोगे और उसका पति तेरे सामने तेरी पत्नी को अपने तगड़े लंड से चुदाई करेगा तो सोचो कितनी मस्ती आएगी, तो तभी उसे कुछ याद आया और बोला कि अरे यार मैं तो पूछना भूल ही गया, अच्छा यह बताओ तेरे लंड का साइज क्या है, तो अचानक इस सवाल पर मैं शर्मा गया।
फिर तब वो बोला कि अरे यार दोस्तों से शरमाना कैसा, अच्छा लो पहले मेरा देखो और इतना कहकर उसने अपना पजामा खोलकर अपने लंड को नंगा कर दिया, मैंने अपनी चोर निगाहों से उसके लंड को देखा तो मैं देखता ही रह गया था, उसके लंड में हल्का सा तनाव आया हुआ था, उस कम तनाव में ही उसका लंड गजब का लग रहा था और तने होने के कारण उसका सुपाड़ा पूरा खुला था, अब मैंने अंदाजा लगा लिया था कि उसका लंड पूरा टाइट होने पर कम से कम 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा तो जरूर होता होगा और उसके सुपाड़े की गोलाई लगभग 3 इंच के आसपास होगी जिसका किनारा कुछ ज्यादा ही उभरा हुआ था, फिर वो मुझे अपना लंड दिखाकर बोला कि देखो कैसा है, तो तब मैं सूखे हलक से बोला कि यार तेरा तो गजब का तगड़ा है।
तो तब वो बोला कि क्यों तेरा ऐसा नहीं है क्या, लाओ देखूं जरा और अब मैं कुछ बोल पाता कि उसने मेरी चेन खोलकर मेरा लंड बाहर निकालकर देखा और हैरत से बोला कि बस इतना बड़ा, मेरा लंड उसके लंड के सामने बच्चा सा लग रहा था, फिर वो मेरे लंड को अपनी दो उंगलियों में लेकर बोला कि भला इतने छोटे लंड से भी कोई औरत संतुष्टि पा सकती है, तब मैं बोला कि अगर भगवान ने ऐसा ही बनाया है तो इसमें मेरा क्या कसूर है, तो तब शेरखान बोला कि देखो यार बुरा मत मानना अगर औरत को भरपूर चुदाई नहीं मिली तो वो इधर-उधर मुंह मारने लगती है और फिर बदनामी होती है, तब मैं उदास होकर बोला कि तो क्या करूं यार तुम्हीं बोलो, तब शेरखान बोला कि इसमें बोलना क्या है, बस अपनी पत्नी को होम पार्टी में शामिल कर दो और फिर शेरखान अफसोस करते हुए बोला कि बेचारी 1 साल से तुमसे चुदवा रही है लेकिन शायद एक बार भी अपनी चूत की गर्मी नहीं निकाल पाई होगी।
अब शेरखान बिल्कुल ठीक कह रहा था, तो तब मैं झिझककर बोला कि लेकिन यार नीलू इतने अंजान मर्दों के सामने कैसे जाएगी, तो तब वो मेरी उलझन देखकर बोला कि तो ऐसा करते हैं नीलू भाभी को पहले मैं ही चोद डालता हूं और फिर उसके बाद उसकी झिझक दूर हो जाएगी, तो मैं सनसना गया, अब मैं सोच में पड़ गया था कि नीलू की चूत बहुत छोटी है वो तो अभी भी मेरा हल्का लंड लेने में कसमसाती है तो वो शेरखान का मुझसे दुगुना बड़ा लंड कैसे ले पाएगी, फिर भी मैं बोला कि लेकिन वो मानेगी तब ना, तो तब शेरखान बोला कि तुम इसकी चिंता मत करो नीलू भाभी को मेरी जमीला तैयार कर लेगी और जमीला को तो तुमसे चुदवाने में कोई परेशानी नहीं होगी, बस 2-4 दिन इंतजार करो।
फिर उसके बाद मैंने देखा कि जमीला दिन में 5-6 बार मेरे घर आती और नीलू से देर तक बातें करती और नीलू भी शेरखान के घर जाकर जमीला से घंटों तक बातें करती थी, फिर एक दिन जब मैं रात को घर आया तो तब मैंने नीलू के चेहरे पर रंगत देखी, फिर वो जल्दी से खाना-पीना खत्म करके बेडरूम में आई और आते ही मुझसे लिपटकर मुझे प्यार करने लगी, तब मैं समझ गया कि वो चुदवाना चाह रही है, अब मैं भी कई दिनों से भूखा था लेकिन जिसका डर था वही हुआ, अब 10-12 धक्कों में ही मेरा पानी निकल गया था, तब नीलू झुंझला गई और बोल पड़ी कि ओह आपका तो रुकता ही नहीं है।
फिर मैं उसके दिल को टटोलने के लिए बोला कि मेरा क्या रानी सब मर्दों का ऐसा ही होता है, तो तब वो मुंह बनाकर बोली कि तुमको तो सब मर्द अपने जैसे ही लगते हैं, तब मैं बोला कि तो क्या हर मर्द का अलग-अलग होता है क्या, तो तब नीलू तुनककर बोली कि तो क्या सब आपके जैसे नहीं होते हैं, तो तब मैं बोला कि तुमको कैसे मालूम, तो इस बार वो थोड़ी रुककर धीरे से बोली कि जमीला कह रही थी, तब मैं बोला कि क्या कह रही थी, तो तब नीलू वो-वो-वो रुक-रुककर बोली कि वो बोल रही थी कि उसका आदमी तो 1-1 घंटे तक करता है, फिर तब मैं चुप हो गया और सोचने लगा कि जमीला नीलू को पटरी पर ले आई है।
फिर दूसरे दिन शेरखान बोला कि आज की सेटिंग हो गई है, आज रात जमीला नीलू भाभी को अपने घर लाने जाएगी, वो कहेगी कि नीलू आज रात मेरे घर पर रहेगी क्योंकि खान साहब बाहर जा रहे हैं इसलिए अकेले में डर लगता है और फिर जब नीलू मेरे पास आ जाएगी तो कुछ देर के बाद तुम भी आ जाना दरवाजा खुला रहेगा, तो तब मैं गुदगुदाते मन से बोला कि वो मेरे सामने चुदवाने को कैसे राजी होगी, तो तब वो बोला कि वो मैं सब ठीक कर लूंगा, फिर जब मैं घर आया तो मैंने नीलू को बहुत खुश देखा उसके चेहरे पर लाली साफ झलक रही थी, अब मैं समझ गया था कि नीलू शेरखान के तगड़े लंड से चुदवाने को उतावली हो रही है।
तभी जमीला आई और बोली कि अजीत भाई आज नीलू को अपने घर ले जा रही हूं, तब मैं अंजान बनते हुए बोला कि क्यों भाभी, तो तब वो बोली कि आज खान साहब बाहर चले गए हैं इसलिए अकेले डर लगता है, फिर मैंने सब कुछ जानते हुए भी अंजान बनकर नीलू को देखा और बोला कि लेकिन फिर यहां मैं अकेला पड़ जाऊंगा, तभी नीलू तुरंत बोल पड़ी कि एक रात ही की तो बात है जमीला अकेली कैसे रहेगी, फिर नीलू की बेताबी देखकर मैं खुश होकर बोला कि ठीक है अगर तुमको कोई एतराज नहीं हो तो जाओ, तब नीलू मेरी बात सुनकर खुश होकर बोली कि खाना निकालकर खा लेना और जमीला से बोली कि चलिए भाभी, अब ऐसा लग रहा था जैसे नीलू खुद शेरखान के पास जाना चाह रही हो।
फिर नीलू के जाने के बाद मैं रंगीन ख्यालों में खो गया, अब बार-बार शेरखान का भारी लंड मेरी नजरों के सामने घूम जाता था और यह सोच-सोचकर सिहर उठता कि जब शेरखान अपना मोटा लंड मेरी पत्नी की टाइट चूत में डालेगा तो नीलू कैसे कसमसाकर पूरा लंड ले पाएगी, फिर आने वाला एक-एक पल मेरी नजरों के सामने से गुजरता रहा, फिर लगभग आधे घंटे के बाद मेरे मोबाइल की घंटी बजी तो मैंने फोन उठाया, मुझे जमीला की आवाज सुनाई दी आ जाओ अपनी पत्नी की चुदाई अपनी आंखों के सामने देखो, तब मैंने पूछा कि नीलू राजी हो गई, तो तब वो बोली कि राजा आकर तो देखो पूरी नंगी होकर मेरे पति के लंड पर अपनी चूत रखकर उनकी गोद में शेरखान से छिपकली की तरह चिपककर बैठी है।
फिर मैं शेरखान के घर गया तो जमीला मुझे दरवाजे पर मिली, फिर जमीला मुझे अंदर करके दरवाजा लॉक करके बोली कि जूते उतारकर धीरे-धीरे आओ, फिर जब मैं बेडरूम के दरवाजे पर गया तो नजारा देखकर मैं लहरा गया, उस रूम में पूरी रोशनी थी और रूम के बीच में जमीन पर मोटा कारपेट बिछा था जिस पर दो-चार गोल तकिए रखे थे और बगल में एक स्टूल पर शेरखान अपने पैरों को लटकाकर बैठा था और मेरी पत्नी उसकी गोद में अपने पैरों को शेरखान की कमर में लपेटकर उसके लंड पर बैठी लंबी-लंबी सांसें ले रही थी, अब शेरखान का लंड नीलू की गांड की दरार पर था ओह इतना बड़ा लंड अब मैं साफ देख रहा था, शेरखान का लंड नीलू की गांड से बाहर तक निकला था।
फिर जमीला नीलू के पास जाकर नीलू की गांड को सहलाकर शेरखान से बोली क्यों जी अंदर डाल दिया क्या, तो तब शेरखान ने मुझे देखा और बोला कि नहीं भई अभी तो मालिश ही हो रही थी, फिर जमीला नीलू की गांड सहलाकर बोली कि तो रानी रुक क्यों गई जरा लंड की ठीक से मालिश करो ना, तब नीलू कांपते स्वर में अपनी आंखें बंद किए हुए बोली कि ओह भाभी अब मैं नहीं कर पाऊंगी, तब जमीला बोली कि पगली जितनी लंड की मालिश करोगी लंड उतना खड़ा होगा और देर तक चूत पर धक्के मारेगा, तो जमीला की बात सुनकर नीलू की गांड हरकत में आई और अपनी गांड उसके लंड पर सरकाते हुए पीछे आई जिससे उसका लंड पूरा छुप गया था, तब नीलू ने अपने चूतड़ को आगे सरकाना शुरू किया, वो अपनी गांड को ऊपर-नीचे करके शेरखान के लंड को अपनी चूत की फांक पर रगड़ रही थी आह्ह ह्ह्ह इह्ह नीलू की मादक सिसकारियां गूंजने लगीं।
फिर वो ऐसा 10 बार ही कर पाई और शेरखान से चिपककर मादक आवाज निकाली ओह्ह्ह ऊउइई और अपनी गांड जोर से सिकोड़ ली, तब मैंने देखा कि शेरखान के लटकते हुए लंड से टप-टप करके पानी की बूंदें टपकने लगी थीं, नीलू पहली बार झड़ चुकी थी, फिर जमीला बोली कि तुम दोनों तो मजा लूट रहे हो मैं क्या करूं, तो तब शेरखान बोला कि तुम भी अजीत से चुदवाकर मजा ले लो, तब जमीला बोली कि वो तो ठीक है लेकिन नीलू बुरा मान गई तो, तो तब शेरखान बोला कि बुरा क्यों मानेगी जब यह तेरे पति से चुदवा रही है तो तुम भी इसके पति का लंड अपनी चूत में डलवा लो, तब जमीला नीलू के कान में बोली कि क्यों रानी मैं अजीत से चुदवाऊंगी तो बुरा तो नहीं मानोगी, तो तब नीलू धीरे से बोली कि नहीं।
फिर जमीला शेरखान से बोली कि तो मैं जाती हूं, तो तब शेरखान बोला कि जाने की क्या जरूरत है अजीत को यहीं बुला लो, तभी नीलू बोल पड़ी कि नहीं-नहीं यहां मत बुलाओ हाए राम वो क्या सोचेंगे, तब जमीला बोली कि तुम उल्टा सोचती हो अभी तुम चुपके-चुपके चुदवा रही हो तो इतना मजा आ रहा है और फिर जब अपने पति के सामने उसकी रजामंदी से खुलकर चुदवाओगी तो कितना मजा पाओगी, तो तब शेरखान भी बोल पड़ा हां मेरी बुलबुल जमीला ठीक कह रही है पहली बार सब डरती हैं कि उसके पति को मालूम होगा तो क्या होगा लेकिन तुमको मालूम नहीं कि पति को सबसे ज्यादा मजा अपनी पत्नी को दूसरे से चुदवाते हुए देखने में आता है और वैसे भी अजीत मुझसे कह रहा था कि वो तुमको चुदाई का मजा नहीं दे पाता है वो तो खुद ही कह रहा था कि अगर नीलू मजा लेना चाहती है तो ले सकती है।
फिर शेरखान की बात सुनकर नीलू फिर से अपनी गांड सिकोड़कर बोली कि हाए राम वो ऐसा बोले, तब जमीला उसके चूतड़ पर थपकी मारकर बोली कि तो बुला लूं अजीत को, तब नीलू फिर भी चुप रही, तब जमीला बोली कि तू डरती क्यों है अजीत को मैं समझा दूंगी देखना जब अजीत के सामने अपनी चूत में इनका लंड डलवाएगी तो कितनी मस्ती आएगी, मैं तो उस वक्त हवा में उड़ने लगती हूं जब ये अपने हाथों से अपने दोस्त का लंड पकड़कर मेरी चूत में सेंटर करते हैं ऊफ मैं तो सोचकर ही पानी-पानी हो जाती हूं देखना जब तेरा पति इनका लंड अपने हाथों से तेरी चूत में सेंटर करके बोलेगा कि लो शेरखान घुसाओ अंदर, तो तब नीलू इस बार अपनी गांड को जोर से सिकोड़कर मस्ती में लहराई हाए लंड डालो ना अंदर आह्ह्ह ऊईईई शेरखान।
तब शेरखान नीलू के चेहरे को सामने करके उसके होंठों को चूमकर बोला कि तो बुला लूं अजीत को, अब नीलू उन दोनों की बातें सुनकर इतनी मस्त हो गई थी कि मेरे सामने चुदवाने को राजी हो गई थी और बिना आंखें खोले फुसफुसाकर बोली कि बुलाओ ना जल्दी बहुत खुजली हो रही है डालो ना अंदर ओह्ह्ह इह्ह्ह, तब जमीला खुश होकर बोली कि बस रानी 2 मिनट में आ जाएगा और मुझे इशारा करके शेरखान के पीछे आने को बोली, मैं शेरखान की पीठ के पीछे खड़ा हो गया, अब शेरखान ने नीलू का चेहरा अपने दोनों हाथों में लेकर सामने किया हुआ था, अब नीलू का पूरा चेहरा मस्ती में लाल हो गया था।
फिर शेरखान बोला बुलबुल अपनी आंखें खोलो रानी, तब नीलू ने धीरे-धीरे अपनी आंखें खोली तो सामने मुझे देखकर थोड़ी दुखी हुई, फिर हम दोनों की नजरें एक हुई उफ्फ उसकी आंखों में जैसे खून उतर आया था उसका एकदम लाल-लाल चेहरा पूरा तमतमाया हुआ था और फिर दूसरे पल नीलू ने शेरखान से लिपटकर अपना चेहरा उसके सीने में छुपा लिया, तब शेरखान अपने एक हाथ से उसकी पीठ और अपने दूसरे हाथ से उसके चूतड़ को सहलाते हुए बोला कि क्या हुआ रानी इधर देखो ना, तब नीलू सूखे स्वर में धीरे से बोली कि हाए राम मुझे शर्म आती है।
फिर इस बार मैं नीलू के साइड में आकर शेरखान से अलग करके उसकी आंखों में अपनी आंखें डालकर बोला कि मैं जानता हूं तुमको मुझसे संतुष्टि नहीं मिलती है शेरखान हम लोगों का खास दोस्त है इनको भी अपना ही समझो और दिल खोलकर जवानी का मजा लूटो, तब नीलू मेरे सीने पर अपना सर रखकर सिसक पड़ी और बोली कि आप इंसान नहीं देवता हैं, तब मैं नीलू के आंसू पोंछते हुए बोला कि अरे पगली अभी रोने का समय नहीं है अभी तो मेरे दोस्त के तगड़े लंड का मजा लेने का समय है, तो तभी जमीला ने नीलू को शेरखान के ऊपर से उठाकर खड़ा किया।
अब मैं पहली बार शेरखान का फुल टाइट लंड देख रहा था जो नीलू की चूत के पानी से भीगकर चमक रहा था, अब नीलू की चूत भी चारों तरफ पानी से भीगी थी उसने क्लीन शेव कर रखा था, फिर जमीला नीलू को नीचे जमीन पर लाकर बोली कि तुम लोग वहीं खड़े रहोगे या यहां भी आओगे, अब शेरखान ने नीलू को कारपेट पर लिटाया और उसके पैरों को फैलाकर अपनी जीभ से उसकी चूत चाटने लगा गी गी गों गोग नीलू की चूत से आवाजें आने लगीं आह्ह ह्ह्ह ओह्ह्ह नीलू जोर से सिसक रही थी शेरखान की जीभ उसकी क्लिट पर घूम रही थी ऊईईई ह्हीईई आअह्ह्ह्ह नीलू का बदन कांप उठा।
फिर शेरखान ने अपना मोटा सुपाड़ा नीलू की चूत पर रखा और धीरे से दबाया नीलू की टाइट चूत फैलने लगी ओह्ह्ह कितना मोटा है ह्ह्ह इह्ह्ह नीलू कसमसाई लेकिन शेरखान ने कमर आगे की और आधा लंड अंदर घुसा दिया आह्ह्ह्ह ह ह ह ह्हीईईई नीलू चीख पड़ी उसकी चूत से रस बहने लगा, शेरखान ने धीरे-धीरे धक्के शुरू किए हर धक्के के साथ नीलू की सिसकारियां तेज होती गईं आह इह्ह ओह्ह ओह आह्ह ह्ह्ह इह्ह ऊऊ ऊउइ ऊई उईईई शेरखान अब पूरी स्पीड से पेल रहा था नीलू की चूत से फच फच आवाजें आ रही थीं।
मैं पास खड़ा देख रहा था मेरा लंड खड़ा हो गया जमीला मेरे पास आई और मेरे लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी ग्ग्ग्ग ग्ग्ग्ग गी गी गों गोग जमीला डीपथ्रोट कर रही थी मैं जमीला की गांड सहला रहा था, इधर शेरखान ने नीलू को घोड़ी बनाया और पीछे से लंड पेलना शुरू किया नीलू के बूब्स झूल रहे थे आह्ह्ह्ह ऊईईई शेरखान के हाथ नीलू के कूल्हों पर थे जोर-जोर से थप्पड़ मारते हुए पेल रहा था, नीलू दूसरी बार झड़ी ओह्ह्ह्ह मैं मर गई ऊउइईई उसकी चूत से रस की बौछार निकली।
फिर शेरखान ने नीलू को गोद में उठाया और खड़े-खड़े चोदने लगा नीलू के पैर शेरखान की कमर पर लिपटे थे आह ह ह ह ह्हीईई आअह्ह्ह्ह नीलू की आंखें बंद थीं मस्ती में लहरा रही थी, शेरखान ने मुझे इशारा किया मैंने अपना लंड जमीला की चूत में डाला और उसे पेलने लगा जमीला की सिसकारियां गूंजीं ओह्ह अजीत तेजी से, इधर शेरखान ने नीलू को फिर लिटाया और मिशनरी पोजीशन में जोर-जोर से धक्के मारे नीलू तीसरी बार झड़ी ऊईईई ह्ह्ह्ह आह्ह्ह शेरखान का लंड नीलू की चूत को रगड़ रगड़ कर चौड़ा कर रहा था।
अंत में शेरखान ने अपना पानी नीलू की चूत में छोड़ा ओह्ह्ह भर दो शेरखान नीलू चिल्लाई, मैंने भी जमीला में झड़ दिया, सब थककर लेट गए नीलू शेरखान से लिपटकर बोली धन्यवाद आपको इतना मजा दिया, मैं मुस्कुराया और बोला अब से होम पार्टी जारी रहेगी। धन्यवाद।
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