भारती की जवानी: Antarvasna Sex Stories
दोस्तों मेरा नाम हैरी है और मेरी उम्र 24 वर्ष की है। मेरी ये कहानी मेरे साथ ऑफिस में काम करने वाली लड़की भारती के साथ हुए प्रेम और सेक्स की दास्ताँ है। भारती के बारे में लिखू तो उसकी उम्र 29 वर्ष कद पांच फ़ीट सात इंच रंग सावला, बड़ी बड़ी आँखे, मोटे मोटे होठ, भरा हुआ बदन। उसके जिसम को देखने मात्रा से ही पता चल गया था की पूरा कामरस से भरा हुआ है।
भारती के फिगर के बारे में लिखू तो 34 इंच के मोटे मोटे मम्मे, 25 इंच की कमर और 34 इंच की गांड। दिखने में बेहद खूबसूरत क्योकि रंग सावला होने के साथ साथ एक दम साफ।
अपने बारे में मैं लिखू तो उम्र 24 वर्ष, कद पांच फ़ीट दस इंच, रंग थोड़ा गोरा, शरीर पूरा सुडोल और ताकतवर क्योकि पिछले दस साल से हर रोज़ जिम कर रहा हु और इस वजह से मेरी शारीरिक ताकत बहुत बढ़ चुकी है। सेक्सुअली पूरी तरह से चुस्त दुरुस्त और मेरा आठ इंच लम्बा लंड हर लड़की की बिना रुके तीन घंटे तक चुदाई करने में सक्षम है और तब तक मैंने कोई दो सौ से ज्यादा अलग अलग लड़किया भाभियाँ और मेरे रिश्ते में लगती मेरी मामी को चोद चूका हु।
मेरी कहानी इस तरह से शुरू होती है की मैंने बीसीए के पेपर दिए थे और नतीजा आने में अभी समय था। मैं आगे की पढाई नौकरी के साथ करना चाहता था तो यही सोच कर मैंने नौकरी ढूंढनी शुरू करदी।
मुझे एक अखबार में दिए हुए इश्तिहार से पता चला कि एक वकील के पास काम करने के लिए कुछ लोगो कि जरुरत है। मैंने इश्तिहार में दिए नंबर पर फोन किया और अगले दिन मिलने का समय रख लिया । अगले दिन मैं सुबह सुबह घर से निकल गया और कोई चालीस मिंट लग गए मुझे आफिस पहुंचने में और आफिस पहुंच कर देखा तो वो दो मंज़िला आलिशान ईमारत है।
मैं अंदर दाखिल हुआ तो एक औरत झाड़ू लगा रही थी। वो वकील सर कि बीवी थी और उसने मुझसे मेरे आने का कारण पूछा और मुझे ऊपर वाली मंज़िल पर भेज दिया । ऊपर दो बड़े कैबिन, एक बड़ा सा हाल जहा पर दो कंप्यूटर, टेबल और कुर्सियां पड़ी हुई थी तो मैं केबिन के अंदर जाने के बजाये वही हाल में बैठ गया ।
थोड़ी देर बाद वकील सर आये और मुझे कैबिन में ले गया और मेरा इंटरव्यू शुरू हो गया । वकील सर ने मेरे से कंप्यूटर पर काम करवा कर देखा तो उन्हें मेरा काम पसंद आया और अच्छी सेलरी पर मुझे काम पर रख लिया। थोड़ी देर बाद वह और दूसरे काम करने वाले कर्मचारी भी आ गए । वो दो लड़के और थे जिनके नाम पवन और संदीप हैं। वकील सर ने मुझे उनसे मिलवाया और आफिस का काम समझने लगे । काम थोड़ा बहुत मेरी समझ मई आया और अगले दिन से काम शुरू करने का बोल कर मैं अपने घर आ गया।
आफिस का समय सुबह दस से शाम छह बजे तक का था तो अगले दिन मैं सुबह दस से थोड़ा पहले आफिस पहुंच गया । आफिस मेरे घर से कोई पंद्रह किलोमीटर दूर था तो आने जाने में चालीस मिंट के करीब समय लगने वाला था। मैं आफिस में पहुँच कैबिन में बैठ गया और कोई पांच मिंट बाद वह पर के और लड़की आई और वो भी सीधे कैबिन में आ गयी तो मेरी नज़र उस पर पड़ी और जैसे ही मैंने उसे देखा तो मेरी नज़र रुक सी गयी ।
उस लड़की ने भी मेरी और देखा और फिर बाहर हाल में जाकर बैठ गयी। थोड़ी देर में वकील सर भी आ गए और उन्होंने उस लड़की को भारती नाम से अंदर बुलाया और मीटिंग शुरू की। फिर पवन और संदीप भी आ गए और काम के बारे में बात करने लगे । भारती ने कुछ एक बार जैसे मेरी और देख पर मैंने उसकी और ध्यान नहीं दिया।
फिर सर की बीवी सुबह की पहली चाय ले आई और चाय पीने के बाद संदीप और पवन काम लेने के लिए फील्ड में चले गए। उन दोनों का काम फैक्ट्री से फैक्ट्री घूम घूम कर आफिस में काम लेकर आने का है और मेरा और भारती का उस काम को पूरा करवाना । इसलिए आफिस में हम सिर्फ पांच लोग ही थे और अगर वकील सर कोर्ट में हो तो हम दोनों को ही आफिस का सारा काम देखना था।
उस दिन दोपहर तक काम और कोई एक बजे वकील सर मुझे और भारती को खाना खाने का बोल कर खुद नीचे चले गए और मैंने अपना लंच बॉक्स उठाया और साथ वाले कैबिन में जाकर देखा तो वह पर कुछ कुर्सियां और टेबल और कबाड़ का सामान पड़ा हुआ था तो मैंने वही टेबल पर खाना खोलकर बैठ गया और खाना खाने लगा। तभी भारती भी वह आ गयी और उसने मेरी और देखा और उसकी आँखों में जैसे थोड़ी हंसी थी तो वो भी वही बैठ कर खाना खाने लगी। भारती ने लाल रंग का सूट पहना हुआ था और गले में दुपट्टा और ऐसा लग रहा था जैसे दुपट्टा ऊपर को उठा हुआ हो क्योकि नीचे से कोई जैसे उसे ऊपर को धकेल रहा हो । खाना कहते कहते भारती ने काफी बार मेरी और देखा पर कुछ बोलै नहीं और मैंने भी अपना खाना खाने में मस्त था ।
मैं चाहता था की वो पहले बात शुरू करे । वही हुआ। खाना खाने के बाद भारती ने मेरे से खीर खाने का पूछा तो मैंने मन कर दिया तो उसने फिर से पूछा तो मैंने थोड़ी खीर लेली और खाना खाकर वही बैठ गया और फिर भारती ने मेरे से थोड़ी बात शुरू की। जैसे घर कहा है आपका, कब से काम कर रहे हो यहाँ पर। यही सब। पर जब मैंने उसे कहा की मेरा भी आज पहला दिन है तो वो हसने लगी। एक घंटा बीत गया था तो फिर से मैं कैबिन में काम करने के लिए चल दिया और मेरे पीछे पीछे भारती भी हाल में पड़े कंप्यूटर पर बैठ काम करने लगी। कैबिन में पीछे की तरफ एक बड़ा सा कांच का शीशा था जिससे कैबिन का अगर दरवाजा बंद भी हो तो भी हाल में काफी देखा जा सकता था ।
इसलिए मैंने वैसे ही मुद कर देखा तो भारती मेरी और देखते हुए मुझे दिखी और थोड़ी देर बाद फिर से वकील सर आ गए और मेरे से कंप्यूटर पर काम करवाने लगे और इस तरह से छह बज गए थे तो वकील सर ने हम दोनों को घर जाने का बोल दिया और वो खुद नीचे चले गए। भारती ने मेरी और देखा और धीरे से सर हिलाया जैसे वो बाये बोल रही हो और वो पैदल बाहर ऑटो लेने केलिए चल दी और मैं बाइक से अपने घर को निकल गया।
अगले दिन फिर से मैं आफिस मई पहुंच गया तो जाते जाते मैंने एक चॉकलेट खरीद ली रस्ते से और आफिस पहुंच गया और वकील सर उस दिन आफिस में नहीं थे और वो कोर्ट गए हुए थे। थोड़ी देर में भारती भी आ गयी और वो सीधे कैबिन में आ गयी। मैं कंप्यूटर पर बैठ था तो भारती ने मुस्कुराते हुए मेरी और देख धीरे से सर हिलाया और जैसे वो हाय कह रही हो तो मैंने उसे कहा हेलो भारती जी।
भारती बोली हेलो सर और भारती वही कैबिन में बैठ गयी।
मैंने कहा आज सर कोर्ट गए हुए हैं।
भारती बोली अच्छा सर।
मैंने कहा मेरा नाम सर नहीं है भारती जी।
भारती हसने लगी और बोली हां हैरी।
भारती बाहर हाल में बैठ गयी और मैंने कैबिन में बैठ काम करने लगा और काफी बार मैंने नोटिस किया की भारती उस शीशे में से मेरी तरह देखती है। मैं पानी पीने जाता तो भी वो जैसे मेरी और देखने लगती। दोपहर को खाने के बाद मैंने चॉकलेट निकली और भारती ने मन नहीं किया और लेकर खाने लगी। भारती ज्यादा बातें नहीं करती। इसलिए मैं ही उससे बात करता तो जितना मैं पूछता वो उतना ही बताती।
उस दिन खाना खाने के बाद दो घंटे तक मैं वही बैठा रहा और भारती ने भी जाने को नहीं कहा और तीन बजे के करीब मैं और भारती अपने अपने काम पर लग गए। शाम हुई तो भारती बाये बोल अपने घर को चल दी और मैं अपने घर को आ गया।
अगला दिन शनिवार का था तो सुबह मैं थोड़ा लेट आफिस पंहुचा तो पूनम ने मेरी और देखा और मुस्कुराने लगी और मैं अंदर कैबिन में चला गया। वकील सर ने हमेशा की तरह दोपहर तक काम करवाया और फिर लंच करने के लिए मैं साथ वाले कैबिन में चला गया और भारती भी आ गयी और मेरे से पूछने लगी की मैं लेट क्यों आया।
तो मैंने कहा थोड़ा काम पद गया था मुझे।
भारती बोली ठीक है मुझे लगा की आप शायद छूती पर हो आज।
मैंने कहा नहीं भारती जी।
भारती ने कहा मेरा नाम भारती है भारती जी नहीं।
खाना खाकर फिर से चोकेट खाई और भारती और मैं बातें करने लगे । और भारती ने सामने पड़ा मेरा फोन उठा लिया और उसे देखने लगी तो वो मेरी और देखकर मुस्कुराई पर कुछ बोली नहीं और ऐसा लगा की जैसे वो उसमें कुछ नंबर मिला रही हो। तभी भारती के फोन की घंटी बजी और उसने कुछ नहीं कहा बस बैठी मुस्कुराये जा रही थी और मेरी और देख रही थी। काफी देर तक हम दोनों बातें करते रहे और फिर से अपने अपने काम पर लग गए।
शाम को छह बजे हम दोनों अपने अपने घर जाने के लिए निकल गए और शाम को हर रोज़ मैं जिम जाता हु तो जिम से वापिस आया तो देखा की मेरे फोन पर काफी सारे मेसेज आया हुए हैं और वो नंबर भारती के नाम से सेव है और मैंने सोचा की भारती ने मेरा नंबर सेव कर लिया होगा आफिस में जब उसने मेरा फोन उठाया था और मैंने उससे चैट शुरू की। भारती मेरे से मेरे बारे में जैसे सब जान लेना चाहती हो वो ऐसे पूछ रही थी
मैंने लिखा वैसे आप आफिस में बहुत काम बोलते हो पैर मेस्ज़ पर चैट अच्छी कर लेते हो।
भारती ने लिखा हां हैरी सामने कम बोलती हु मैं।
भारती मेरे से मेरी पसंद ना पसंद सब कुछ पूछने लगी और मैं उसे बताता गया और वही सब मैं उससे पूछता तो वो लगभग मेरे जैसा ही जवाब देती।
मैंने उसे थोड़ा सच बोलता तो थोड़ा झूठ। जैसे भारती ने पूछा की आपको बाहर घूमने जाना पसंद है तो मैंने उसे झूठ कहा की हां पर अकेले होने की वजह से मैं नहीं जाता।
भारती ने कहा आप अपने दोस्तों के साथ जा आया करो।
तो मैंने कहा मेरा कोई दोस्त नहीं है भारती। अकेले अकेले रहता हु इसलिए कहि आता जाता नहीं।
भारती ने लिखा अच्छा वैसे आप कहा जाना चाहते हो अगर जाते हो।
मैंने लिखा मैं हरिद्वार जाकर गंगा स्नान करना चाहता हु। फिल्म देखने जाता। यहाँ क्लब है जहा रात को पार्टीज होती है वह जाता। पार्क में और दूर पहाड़ो में वादियों में। मुझे ये सब पसंद है।
भारती ने लिखा क्लब में क्या होता है
मैंने लिखा वह पार्टी होती है लोग कहते हैं पीते हैं नाचते हैं
भर्ती ने लिखा अच्छा मुझे नहीं पता था इसका।
चैट करते करते सुबह के पांच बज चुके थे और भर्ती अभी भी सोने का नाम नहीं ले रही थी तो मैंने उसे सोने के लिए कहा तो वो सोने चली गयी और मैंने भी सो गया। अगला दिन इतवार का था तो सुबह मुझे फोन पर भर्ती का मेसेज आया जिसमें लिखा था गुड मॉर्निंग हैरी तो मैंने उसका जवाब दिया और उसके बाद से ही हम दोनों चैट करने लगे ।
सुबह से दोपहर और फिर शाम और फिर रात और फिर देर रात तक हम दोनों चैट करते रहे। चैट करते करते मैं बीच बीच में भर्ती को खूबसूरत पारी, अप्सरा जैसे बुलाता तो वो खुश हो जाती। उस रात भी देर तक हम चैट करते रहे और फिर सो गए और अगले दिन सुबह सुबह मैं ऑफिस के लिए निकल गया और उसके थोड़ी देर बाद भर्ती भी आ गयी और कैबिन में हम दोनों साथ में बैठ बातें करने लगे और थोड़ी देर में वकील सर भी आ गए और उसके बाद दोपहर तक काम और फिर लंच करने के लिए मैं और भारती साथ वाले कैबिन में चले गए। उस दिन भारती मेरे काफी करीब सोफे पर बैठ खाना खाने लगी।
भारती हमेशा सूट पहनती थी और साइड से उसके मोटे मोटे मम्मे का उभर साफ दिखाई दे रहा था क़ि कोई बहुत मोटी चीज़े ऊपर को उठी हुई है। साइड से उसके मोटे मम्मे का उभर साफ दिख रहा था । खाना खाकर भारती घर से जो खीर ले थी वो अपने हाथो से मुझे खिलने लगी और मैं इधर फोन पर उसकी कल क़ि चैट पढ़ रहा था और ये सुन कर भारती है रही थी और मुझे खीर खिलाये जा रही थी। काफी देर तक बातें करने के बाद फिर से हम काम पर लग गए और शाम को अपने अपने घर को चल दिए।
रात को फिर से हम दोनों चैट करने लगे और तब मुझे भारती ने कहा क़ि उसके आने जाने का खर्च काफी ज्यादा हो रहा है और उसकी सेलरी काफी काम है तो कमाई से ज्यादा खर्च हो रहा है। मैंने भारती से कहा क़ि अगर उसे इतराज़ न हो तो क्या मैं उसे आफिस से घर और घर से आफिस छोड़ दिया करू तो वो झट से मान गयी और उसने हां कर दी। भारती ने लिखा हैरी आप कह रहे थे न क़ि आप अकेले होते तो कभी कहीं आते जाते नहीं।
मैंने लिखा हां कहा था।
भारती ने लिखा मैं आपके साथ चल सकती हु वैसे घूमने के लिए।
मैंने लिखा सच में भारती।
भारती ने लिखा हां हैरी।
मैंने लिखा अच्छा ठीक है इस इतवार को चलें एक फिल्ल्म लगी है वो देखते हैं।
भारती ने लिखा ठीक है।
हम दोनों देर रात तक चैट करते रहे और अगले दिन सुबह भारती को उसके घर से लेने मैंने उसके घर क़ि और चल दिया । उसने मुझे पता बता रखा था तो उसके घर के काफी पास आकर मैंने उसे फोन किया और भारती आने लगी और पास आई और मैंने उसे बाइक पर बैठने को कहा तो वो मुस्कुराती हुई बाइक पर बैठ गयी । भारती के बैठते ही वो जैसे मेरी पीठ के साथ चिपक गयी और उसके मोटे मोटे मम्मे मुझे मेरी पीठ पर महसूस होने लगे। मेरे पास स्पोर्ट्स बाइक है जो पीछे से ऊँची है तो भारती पीछे होने क़ि कोशिश कर रही थी पर मुमकिन नहीं था । भारती बोली हैरी कैसी बाइक है ये आपकी।
मैंने कहा कैसी है।
भारती बोली मैं कैसे बैठूंगी इस पर।
मैंने कहा पकड़ पर बैठना गिर मत जाना तो भारती जैसे तैसे कर बैठ गयी पर वो मेरी पीठ के साथ पूरी चिपकी हुई थी और मैंने बाइक दौड़ा ली और आफिस पहुंच गए। ऑफिस में उस दिन वकील सर नहीं थे और पवन और संदीप के जाने के बाद भारती कैबिन में बैठी बातें करती रही और शाम को मैंने भारती को बहार कुछ खाने के लिए पूछा तो वो मान गयी और मैं उसे कुछ खिलने के लिए एक जगह ले गया और फिर उसके घर उसे छोड़ मैंने अपने घर आ गया और फिर से देर रात तक चैट चलती रही और बातों बातों में भारती ने मुझे कहा क़ि वो मुझे पसंद करने लगी है।
मैंने पूछा पसंद करने लगी है क्या मतलब।
भारती ने कहा क़ि मैं उसे पसंद हु और वो मेरे साथ शादी करना चाहती है।
मैंने लिखा सच में।
भारती ने लिखा हां हैरी।
मैंने भी भारती को हां करदी और वो बहुत खुश हो गयी।
मैंने लिखा प्रोपोस तो हमेशा सामने से करना चाहिए आप फोन पर क्र रहे हो।
भारती ने लिखा मुझे शर्म आ रही थी सामने से कहने में।
मैंने लिखा अच्छा ठीक है कल फिर सामने से करना और एक बात जब तक होठो पर किश नहीं होता प्रेम अधूरा होता है और आप मेरे से शादी करना चाहते हो तो आपको तो होठो पर किस तो करना ही होगा।
भारती ने लिखा होठो पर किस, वो कैसे करते हैं।
मैंने लिखा आप बस मेरे होठो को अपने होठो में लेकर चूसना और हो गया हमारे प्रेम का पहला किस।
भारती ने लिखा मुझे शर्म आ रही है।
मैंने लिखा लिप किस टोकरना ही पड़ेगा आपको।
भारती ने लिखा ठीक है मैं करुँगी आपको लिप किस।
हम दोनों और बातें करने लगे और अगले दिन आफिस में काम और दोपहर का खाना खाने के समय हम हमेशा क़ि तरह दूसरे कैबिन में चले गए और वह पर भारती मेरे साथ चिपक कर बैठ गयी और मेरी और देखे जा रही थी तो मैंने कहा पहले खाना या लिप किस तो भारती हसने लगी।
मैंने अपनी आँखें बंद क़ि और फिर मुझे गरमा गर्म सांसें मेरे चेहरे क़ि और महसूस हुई और भारती के लिप्स मेरे लिप्स में लॉक हो गए। भारती इसी तरह से मेरे होठो को अपने होठो में भर बैठी रही और मैंने धीरे से अपना हाथ भारती के गले के दुपट्टे के नीचे से उसकी ब्रैस्ट पर रखा और जोर से दबाया तो भारती को जैसे झटका लगा पर वो मेरे होठो को अपने होठो में लेकर बैठी रही और अब तक उसकी लिपस्टिक का स्वाद मेरे पुरे मुँह में भर गया था । कोई दो मिंट तक इसी तरह से लिप लॉक के बाद मैंने भारती के होठो को छोड़ा पर मेरे हाथ अभी भी भारती क़ि ब्रैस्ट के ऊपर थे तो भारती मेरे और देख हसने लगी ।
खैर खाना पीना खाया और मैंने भारती से पूछा क़ि उसे लिप लॉक के समय कैसा लगा तो वो बस मुस्कुरा रही थी तो मैंने कहा चलो तुम फिर मेसेज पर बता देना क़ि कैसा लगा पर ये बहुत जल्दी हो गया। काम से काम एक घंटा तो लिप लॉक करना चाहिए था हमें।
भारती काम बोलती थी तो खाना पीना खाकर काम और शाम को भारती को उसके घर छोड़ मैं अपने घर आ गया और फिर से चैट करने लगा। भारती ने लिखा क़ि उसे लिप किस के समय बहुत मज़ा आ रहा था और उसका मन और था लिप किस करने का।
मैंने लिखा हां हम हर रोज़ लिप किस किया करेंगे
मैंने लिखा लिप किस के समय मैंने उसके मम्मे दबाये तो बुरा तो नहीं लगा न उसे।
भारती ने लिखा मम्मे मतलब
मैंने लिखा ब्रैस्ट। मेरा मन किया ब्रैस्ट को छूने का तो मैंने उसे पकड़ कर दबाया। काफी मोटे मोटे मम्मे है तुम्हारे।
मैंने लिखा हम दोनों जब शादी करेंगे।
भारती ने लिखा हां।
मैंने लिखा पर जो सुहागरात होती है उसे सुहागरात क्यों कहते हैं।
भारती ने लिखा पता नहीं हैरी इसका मुझे वो तो हमारी शादी जब होती तब ही पता चलेगा।
मैंने लिखा आपको पता है वैसे कुछ इसके बारे में।
भारती ने लिखा नहीं हैरी।
मैंने लिखा मुझे थोड़ा सा पता है क़ि जैसे आज हम लिप किस कर रहे थे और मैंने अपने मम्मे दबाये वही सब होता है फिर सेक्स होता है
इसमें दोनों बिन कपड़ो के होते हैं लड़का लड़की के होठ चूसता है मम्मे चूसता है और लड़का लड़की का लंड चूसती है।
भारती ने लिखा लंड मतलब।
मैंने लिखा लड़के का नीचे का अंग उसे लंड कहते हैं लड़की उसे सुहागरात पर चूसती है।
भारती ने लिखा नीचे के अंग को चूसते हैं क्या।
मैंने लिखा हां आपने लंड देखा है।
भारती ने लिखा क्या बात कर रहे हो मैंने आज सुना ये शब्द।
मैंने कहा तुम मेरे लंड देख लेना फिर तुम्हे पता चल जायेगा।
भारती ने लिखा अच्छा ठीक है वैसे कैसा दीखता है लंड।
मैंने लिखा जैसे आठ इंच लम्बा सीधा किसी खम्बे क़ि तरह ऊपर को उठा हुआ।
भारती ने कहा आठ इंच लम्बा। फिर तो कल देखती हु मैं ये क्या है।
मैंने कहा हां देख लेना अच्छे से और मुँह में दाल कर देखना हो तो वो भी कर लेना क्या पता तुम्हे पसंद आ जाये।
भारती ने लिखा अच्छा ठीक है।
मैंने लिखा सुहागरात और बहुत कुछ होता है।
भारती ने लिखा बताओ न हैरी क्या होता है और।
तो मैं भारती को सेक्स क़ि अलग अलग पोसिशन्स के बारे में बताने लगा और भारती जैसे और ज्यादा जानने को उत्सुक थी ।
खैर देर रात तक बातें चलती रही और फिर हम दोनों सो गए । अगले दिन आफिस गए तो वकील सर कोर्ट गए हुए थे और पवन और संदीप भी दोपहर तक आफिस से चले गए और हम दोनों ही आफिस में थे और उस समय भारती आकर कैबिन में मेरे पास बैठ गयी। अस्स पास कोई नहीं था तो मैंने धीरे से भारती के होठो को अपने होठो में लिया और चूसने लगा और दोनों हाथो से उसके सूट के ऊपर से उसके दोनों मम्मे पकड़ लिए और दबाने शुरू किये ।
बिना किसी दर के में लगा रहा। एक मिंट में भारती गर्म हो गयी और मेरे होठो जोर जोर से चूसने लगी और मैंने जोर जोर से उसके मम्मे दबाने शुरू कर दिए। आधा घंटा इसी तरह से चलता रहा और फिर मैंने भारती को छोड़ा तो वो मेरी और देखने लगी। मैंने कहा इधर आओ और लंड देखलो तो भारती आकर मेरे साथ कुर्सी रखकर बैठ गयी ।
मैंने जीन्स क़ि ज़िप खोल अपना आठ इंच लम्बा लंड बहार निकला तो भारती जो पहले से नशे में भरी हुई थी उसे गौर से देखने लगी और फिर अपने हाथ में पकड़ लिया और अपने सर को लंड क़ि और लेकर गयी और लंड को अपने मुँह में भर लिया। मैंने भारती का सर पकड़ा और उसे धीरे से ऊपर नीचे करना शुरू कर दिया इससे लंड उसके मुँह के अंदर बहार जाने लगा ।
पंद्रह मिंट तक इसी तरह से भारती लगी रही तो मुझे एक तरीका सूझा और मैं पीछे बने कांच के शीशे के पास खड़ा हो गया और भारती को नीचे बैठकर उसे लंड चूसने को कहा और वो चूसने लगी । इससे मैं बहार हाल में देख सकता था अगर कोई नीचे से या बाहर से आये तो। भारती एक मिंट के लिए भी नहीं रुकी और वो लगातार लंड को मुँह के आगे पीछे करती रही। एक घंटा बीत गया और फिर दो घंटे बीत गए पर भारती इसी तरह से लगी रही और इधर मैंने अपने हाथ उसके गले से ब्रा के अंदर डाल भारती के मम्मे के दोनों मम्मे अपने हाथ में पकड़ रखे थे और मैं उन्हें कभी कभी जोर से ऊपर को खींचता तो कभी आगे को तो कभी मसलने लगता।
लंच का समय इसी में निकल गया और चार बजने को थे और इस समय वकील सर क़ि बीवी चाय लेकर आती है तो उससे पहले मैं कुर्सी पर बैठ गया और भारती बाहर जाकर कंप्यूटर पर काम करने लगी और उसके कुछ मिंट बाद सर क़ि बीवी आई और चाय देकर चली गयी। भारती चाय के कप लेकर अंदर आ गयी और मेरे पास बैठगयी और कभी मेरे होठो को चूसने लगती तो कभी मेरे शरीर पर हाथ फेरने लगती।
खैर शाम को भारती कोउसके घर छोड़ में अपने घर आ गया और देर रात तक उसके साथ चैट करने लगा। भारती का मन तिलमिला रहा था और सेक्स के लिए वो तड़पने लगी थी और मैंने भारती से उसे पूरा नंगा कर उसके बदन को चूमने और चाटने क़ि बात कर रहा था और भारती भी पूरा साथ दे रही थी। खैर कुछ दिन ऐसे तरह से चलता रहा।
आफिस में जब समय मिलता और अस्स पास कोई नहीं होता तो मैंने भारती के मम्मे दबाने लगता और वो कुर्सी पर बैठ जाती और मैंने उसके पीछे खड़ा होकर दोनों हाथ उसके गले से ब्रा के अंदर डाल मम्मे पकड़ दबाने लगता और उसके होठो को चूसने लगता और भारती मेरे लंड को मज़े से चूसती। इतवार का दिन आ गया और भारती मेरे साथ बाहर जाना चाहती थी तो मैंने भारती से मेरे साथ कमरे में चलने के लिए पूछा तो वो झट से मान गयी। मैंने अपने एक दोस्त से उसके पास एक कमरा है उसे एक दिन के लिए उधर ले लिया जहा पर अक्सर मैंने अपनी प्रेमिकाओं को लेकर जाता रहता हु।
इतवार को भारती को उसके घर से पिक किया और उसे अपने दोस्त के कमरे में ले गया। भारती ने मेरे से पूछा तो मैंने उसे कहा क़ि ये हमारा ही दूसरा घर है। खैर घर में जाते ही भारती मेरे से लिपट गयी और मैं उसके पीठ पर हाथ फेरने लगा और फिर उसके होठ चूसने लगा । होठ चूसते चूसते मैंने दोनों हाथो में उसके सूट के ऊपर से मम्मे पकड़ दबाने शुरू किया और भारती इससे गर्म होने लगी । मैंने उसका दुपट्टा एक तरफ फेंक दिया और मैंने अपनी जीन्स और टीशर्ट उतरी और फिर भारती का सूट उतरा और उसकी ब्रा को उतर दिया और भारती ऊपर से नंगी मेरे सामने खड़ी थी और मैंने भारती के नीचे के कपडे उतरे और पेंटी उतर उसे पूरा नंगा कर बीएड पर लिटाया और मैं पूरा नंगा होकर उसके ऊपर चढ़ गया और भारती के पुरे बदन को चूमने लगा ।
भारती सेक्स से तड़प रही थी और मैंने भारती को बेड पर बिठाया और उसकी गॉड में सर रख उसके मम्मे चूसने लगा और भारती आह हैरी कर रही थी। एक घंटा पूरा मैंने उसके मम्मे चूसने पर लगाया और भारती को अपनी गॉड में बिठा कर उसके दोनों मम्मे अपने हाथ में लिए और जोर जोर से दबाने शुरू कर दिया। भारती का एक एक मम्मा मेरे हाथ से बड़ा था तो मैंने उसके मम्मे दबाता रहा और फिर भारती को मैंने अपना लंड चूसने के लिए कहा तो वो झट से शुरू हो गयी और तेज़ी से लंड को मुँह के आगे पीछे करने लगी। काफी देर बाद मैंने भारती को अपने ऊपर 69 क़ि पोजीशन में लेटने को कहा तो वो लेट हुई और जैसे ही मैंने उसकी चूत में अपनी जीभ घुमानी शुरू क़ि भारती आह आह हैरी आह करने लगी । उसे बहुत बहुत ही ज्यादा मज़ा आ रहा था ।
भारती ने एक मिंट के लिए भी लंड को मुँह से बाहर नहीं निकला और कोई पंद्रह मिंट बाद भारती क़ि चूत से पानी निकला और वो मेरे मुँह पर गिरने लगा तो मैंने उसकी चूत साफ़ क़ि और फिर से उसमें अपनी जीभ डाल चाटने लगा। हम दोनों ऐसे ही लगे रहे। मेरा उस दिन का प्लान भारती क़ि चुदाई करने का नहीं था बस उसे नंगा कर ओरल सेक्स करना था। भारती क़ि चूत में मैंने उंगली डाली तो वो एक दम टाइट थी पर मैं उसमें लगातार अपनी जीभ घूमता रहा और फिर मेरे लंड में से पानी निकलना शुरू हुआ और भारती के मुँह में गिरने लगा। भारती ने लंड को मुँह से निकला और हाथ से हिलाने लगी और सारा माल बेड पर गिर गया और भारती पूरी नंगी मेरे ऊपर चढ़ कर लेट गयी और हम दोनों नंगे बेड पर पड़े रहे। एक बज चूका था तो बाहर जाकर खाना खाया और फिर से कमरे में आ गया और भारती और मैं दोनों फिर से नंगा होकर ओरल सेक्स करने लगे और रात आठ बजे भारती को उसके घर छोड़ में अपने घर आ गया ।
भारती का मन बार बार सेक्स का कर रहा था और चैट के समय वो मेरे से सेक्स के बारे में बात कर रही थी और अगले दिन फिर से उसने मेरे साथ उसकी कमरे में जाने के लिए पूछा तो मैंने हां कर दी। मैंने उसे कहा कल हम फिर सेक्स करेंगे लंड से चूत और गांड चुदाई। भारती पहले से ही त्यार थी तो मैंने अगले दिन के लिए आफिस से छूती लेली और अपने दोस्त से कमरे उधार ले लिया और भारती जो फिर से उसी घर में ले गया।
भारती को पूरी तरह से नंगा कर पहले मैंने उसके लिप्स चूसने शुरू किये और फिर उसकी गॉड में सर रख उसके दोनों मम्मे चूसे तांजो भारती पूरी तरह से गर्म हो जाये और फिर भारती को बेड पर लिट्या और उसकी दोनों टांगें फैलाई और लंड को चूत के मुँह पर रख जोर से धकेलने लगा तो भारती को दर्द होने लगा पर मैं धीरे धीरे करके जोर लगता गया और लंड थोड़ा सा चूत के अंदर घुस गया और मैंने धीरे धीरे करके धक्के देने शुरू किये और लंड चूत के अंदर बाहर होने लगा और पहले धीरे धीरे और फिर जोर जोर से मैंने लंड को चूत में धकेलना शुरू कर दिया और जोर जोर से धक्के देने लगा । भारती आह आह आह आह हैरी आह कर रही थी पर मैंने रुका नहीं ।
आधा घंटा मैंने इसी तरह से लगा रहा और फिर मैंने बेड पर लेट गया और भारती को मैंने लंड के ऊपर आने को कहा और भारती जैसे ही लंड के ऊपर आई तो मैंने उसे धीरे धीरे कर नीचे होने को कहा और इससे लंड चूत में घुसने लगा और फिर भारती ऊपर नीचे होने लगी। काफी देर तकभारती इसी तरह से लगी रही और मुझे मेरे लंड पर खून दिखने लगा तो भारती क़ि चूत से निकल रहा था। भारती को बहुत दर्द हो रहा था पर वो लगी रही और फिर मैंने भारती को लंड के ऊपर रुकने को कहा तो भारती लंड को चूत में लिए इसी तरह से बैठी रही और आह आह कर रही थी और कोई एक मिंट बाद फिर से भारती शुरू हो गयी।
काफी देर बाद मैंने भारती को घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी गांड में लंड रख जोर लगाना शुरू कर दिया और लंड धीरे से गांड में घुसने लगा और फिर मैंने जोर जोर से लंड को धक्के देने शुरू कर दिए और भारती आह आह लगातार किये जा रही थी। उसके बाद कोई एक घंटा मैं लगातार लंड से गांड चुदाई करता रहा और फिर से मैंने बेड पर लेट भारती को अपने ऊपर आकर बैठने को कहा और लंड को गांड में घुसा दिया और भारती ऊपर नीचे होने लगी। काफी देर बाद भारती को मैंने वही रोका और भारती लंड को गांड में लिए ऊपर रुक गयी और थोड़ी देर बाद फिर से शुरू हो गयी। मेरा ऐसा ही चलता रहा और तीन घंटे हो चुके थे और फिर से मैंने भारती को घोड़ी बना उसकी गांड चुदाई शुरू कर दिया और कुछ देर में माल निकलने लगा और मेरा सारा माल मैंने बेड पर गिरा दिया और भारती नंगी बेड पर लेट गयी ।
मैंने कपडे पहने और बाजार से दर्द क़ि गोली लेकर भारती को दी और भारती आराम करने लगी। शाम को मैंने भारती को उसके घर छोड़ मैं अपने घर आ गया और उसके अगले कुछ दिन भारती आफिस नहीं आई क्योकि उसकी चूत में दर्द होने लगा था। कोई पंद्रह दिन बाद भारती आफिस आई और उसके बाद आफिस में और कभी कमरे में लेजाकर मैं भारती क़ि चुदाई करता रहा हु।
दोस्तों आप सब लोगो को मेरी कहानी कैसी लगी मुझे इस ईमेल पर अपनी राये जरूर भेजिए।
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