मौसी के लड़की को घोड़ी बनाया: Indian Sex Stories
- Baba Bharadwaj
- Jul 16
- 6 min read
हैलो दोस्तों और सहेलियों..
आप सब को मेरा नमस्कार, आप ने मेरी पहली कहानी को जो प्यार दिया उसके लिए धन्यवाद..
अब आज मे अपनी लाइफ का दूसरा कहानी लाया हू.
मेरा नाम बाबा उम्र 26 साल और हाइट 5'10".
मेरे घर मे पापा मैं और मम्मी रहेते है.. मम्मी की तबीयत ठीक नहीं रहती है और पापा काम के चक्कर मे बाहर आते जाते रहते हैं. मुझे भी कॉलेज जाना होता है तो ममी अकेली हो जाती थी.
एक दिन मैं और मम्मी बैठ कर बात कर रहे थे, तभी मेरी मौसी घर आ गई. मम्मी की ओर मेरी बाते हसी मज़ाक चलता रहा मौसी भी अपनी बचपन की बाते बताने लगी. फिर मौसी को मम्मी के तबीयत का पता चला..
मौसी - मैं एक काम करती हू कुछ दिनों के लिए रानी को तुम्हारे यहा भेज देती हू, ऐसे भी उसे स्कूल जाने मे इंट्रेस्ट नहीं रेहता है.
मम्मी - हाँ ये ठीक रहेगा, उसके साथ थोड़ा हमरा टाइम भी बीत जाएगा. और उसे देख भी लेंगे.
मौसी - अरे हाँ अब वो 18 साल की घोड़ी हो गई है.. हाँ हाँ!!
मौसी की बात सुन कर मैं मन ही मन बोला और मे उस घोड़ी की घुड़सवारी करूंगा..
रानी और मेरी बहोत बनतीं थी. हम बचपन मे घर घर खेलते थे. मैं उसका पति और वो मेरी पत्नी बनती थी.
रानी जब 16 की हुई तो उसकी जवानी उभर रही थी उसके दोनों चूची बड़ी हो रही थी. और खेलते समय वो मेरे साथ सोने के टाइम यहा वहा हाथ लगाती. मैं भी उसके चूची को कभी कभी दबा देता. पर वो कुछ नहीं बोलती. अब 2 साल बाद उससे मिलना होगा..
फिर 2 दिन के बाद रानी हमारे घर आयी. मैं शाम को कालेज से घर आया. और सीधे फ्रेश होके अपने बेडरूम मे जाके सो गया. रानी हमारे घर बचपन मे भी आती थी तब वो छोटी थी. अब वो बड़ी हो गई थी पर अभी भी उसमे बचपना था. और वो बड़ो वाली सब हरकतों से वाकिफ थी.
रानी को पता चला कि मे बेडरूम मे सोया हू, तो तुरंत मस्ती करने मेरे बेडरूम मे आ गयी. और मुझे जगाने लगी.
मैं - यार रानी सोने दे थक गया हू.
रानी - ऐसा क्या करके आए हों भाई जो थक गए... ही ही ही वो हसने लगी.
मैं - रानी मे उठ गया तो तेरी खैर नहीं....
रानी - उठा के तो दिखाओ....
मैं - अरे पागल क्या बोला तूने...
रानी - आप ने क्या सुना भाई..
मैं - उसे मारने के लिए मैं उठा, ओ भाग के ममी के पास चली गई.
ममी बोली तुम दोनों आते ही लड़ने लगे.. अब तुम बचे नहीं रहे.
रानी हवस भारी आँखों से मुझे देख कर बोली हाँ अब बच्चे नहीं रहे हम....
रात मे हम खाना खा के रूम मे जाके गपशप करने लगे.
ममी बोली ज्यादा रात तक तुम दोनों बाते करते बैठ जाना.
मैंने पुछा रानी तुमने स्कूल क्यों छोड़ दिया...
रानी - अरे भाई क्या बताऊ
मैं - यार भाई मत बोल अब.
रानी - तो क्या बोलू... पति देव जी बोलू. (हस्ते हुए)
मैं - अरे दोस्त बोल अछा लगेगा. (सब के सामने भाई बोल पर अकेले मे हम दोस्त रहेंगे)
रानी - ओके दोस्त. यार स्कूल के लड़के मुझे हमेशा घूरते रहेते है...
मैं - हस्ते हुए तुझे या तेरे इन 2 संतरों को..
रानी - साले कुत्ते, सॉरी भाई.. गुस्से से निकल गया.
मैं - अरे कोई ना. इतना चलता है. और तू कामिनी वापस भाई बोली तो तुझे उठा के फेंक दूँगा.
रानी-अछा!! फेंक के दिखाओ.....
मैं इसी बहाने उसे पकडने वाला था कि मम्मी ने आवाज दिया बेटा रानी चलो अब सोने का टाइम हो गया है, बाकी बाते बाद में कर लेना तुम दोनों...
रानी जाते समय मुझे गाल पे मार के चली गई. और चिढ़ा के भाग गई.. बोली उठा नहीं पाएगा मुझे कुत्ते 😁.
रात भर मे रानी के संतरों और चौदने के बारे में सोचने लगा. रानी के अंदर भी आग लगी थी. वो किसी ना किसी बहाने मुझे अपने बॉडी टच करवाती...
कुछ दिन ऐसे ही चल रहा था. हम दोनों ममी के साथ बैठते और बाते करते. फिर अपने अपने कमरे मे सोने चले जाते.
फिर एक शाम मम्मी अपनी सहेली के घर गई और बोली वो रात तक आ जाएगी. तुम दोनों लड़ाई मत करना.
हम दोनों मन ही मन खुश हो गए.
शाम को रानी ने चाय बनाया और हम गपशप करने लगे... बात करते करते हम दोनों नजदीक आने लगे.
हिम्मत करके मैंने मस्ती मे अपना हाथ रानी के कंधे पे रख कर कहा... अब तो उठा सकता हू ना तुम्हें...
वो कुछ नहीं बोली...फिर उसने मजाकिया अंदाज मे कहा उठा के क्या करोगे....
मैं बोला उठा के तुझे सोफ़े पर फेंक दूँगा..
वो बोली फिर क्या करोगे.....
मैं समझ गया था... बचपन का खेल आज पूरा होगा...
मैंने भी मज़ाक मे बोला.. मेरी बीवी है तू.. मैं कुछ भी कर सकता हू....
रानी - अछा जी......
मौसम भी धीरे धीरे बारिश का होने लगा... और हल्की हल्की बारिश होने लगी...
तभी घर का फोन बजा.. फोन मम्मी का था,, वो बोली यहा बारिश बहोत तेज है... तुम दोनों दरवाजा बंद करके सो जाना मैं कल सुबह आऊंगी...
ये सुनते ही मैंने खुसी मे रानी को पकडा और उठा लिया...
रानी - अरे क्या हुआ इतने खुश क्यों हो गए..
मैं - ममी आज रात नहीं आएगी..
और फिर मैंने रानी को पकड़ लिया. रानी ने खुद को मुझ से दूर किया पहले. फिर मेरे जबरदस्ती करने पे उसने खुद को मेरे हवाले कर दिया..
मैंने उसके नर्म होंठो को लीप लॉक किया और उसके चूची को एक हाथ से मसलने लगा..
उसकी साँस बढ़ने लगी थी... और उसने भी मेरे बालों को कस के पकड़ के मेरे होंठों को चूसने लगी...
बाहर तेज बारिस और अंदर हम दोनों की जिस्म की गर्मी. कुछ देर लीप लॉक करने के बाद मैंने अपने लँड को उसके हाथ मे पकडा दिया...
रानी - अरे बाप रे इतना गर्म और मोटा!!
मैं - रानी तेरे लिए ही तो इस राजा को सम्भाल के रखा था.
रानी - अछा जी... तो लाओ मे अपने राजा को अपने चुत का पानी पिला दु... और उसने घुटने के बल बैठ कर मेरे लँड को अपने मुह मे ले लिया...
वो उसे चुस्ती रही. और मज़ाक मे वो उन्हें दातों से काट लेती.
उसके बाद मैंने उसके पूरे कपड़े उतार दिए. अब हम दोनों बिल्कुल नंगे हो गए थे...
मैंने रानी को बेड पर सुलाया और उसके टांगों को फैला कर उसके चु द को जीभ से चाटने लगा.
रानी - अरे ये क्या कर रहे हों.... हाय,,
रानी - हम्म,, और चाटो..... पी जा मेरे पानी को कुत्ते...
और मेरा सर अपने चु द मे दबाने लगी... आह हा हा ""
रानी झड चुकी थी...
मैंने अपना लँड उसके चु द पे रखा और धीरे धीरे डालने लगा..
रानी - आह ह्य... आराम से साले. बेहन चौड..... ममी..... आह आह....
मैं - रानी अभी तो राजा दरवाजे पे ही खाड़ा है. अभी तो ये अंदर जाएगा.... मैंने रानी के होंटों को लीप लॉक किया और. दूसरे झटके मे लँड अंदर ढकेल दिया....
रानी - तड़प उठी उसके अंदर मनो कोई जलता रोड घुस गया हो...दर्द मे चिल्लाने लगी.. ममी रे..... मर जाऊँगी मैं कुत्ते... निकाल मादरचौद ... अब उसके गाली देने से मैं और उत्साहित होने लगा..
तो मैंने और एक जोरदार झटका दिया... हम्म्म... आह आह.. नहीं...... साले.... आह आह..
मैंने रानी को कहा अब घोड़ी बन साली.....
वो बोली घोड़ी क्या साले तेरे लिए तो मैं गधी भी बन जाऊ.... आज रानी की प्यास बुझा दे तू मादर चौद....
उसको घोड़ी बना कर मैंने उसके दोनों चूची पकडी और उसके पीछे से मजे से चोदता रहा...
उसकी दर्द भरी आवाज मे मिठास था.... आह ह्म्म्म्म..... राजा और करो ह्म्म्म्म ओह्ह ओह्ह,,, फाड़ दो आज मेरे बूर को...... आह आह...
थोड़ी देर बाद मे भी झड़ गया.. और उसके ऊपर ही लिपट कर सो गया....
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