मुंबई की सर्दी में गांड मरवाई: Sex Stories
- Kamvasna
- 6 days ago
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हाय दोस्तों, सभी आंटियों और अंकल्स को मेरा नमस्कार। मेरा नाम रोहन है (बदला हुआ नाम), मेरी उम्र 19 साल है। यह मेरी देसी Sex Stories है, जो मेरी सच्ची जिंदगी की Sex Stories है जिसे मैंने हमेशा अपने दिल में दबाकर रखा और कभी किसी से शेयर नहीं किया। यह मेरी पहली कहानी है, इसमें कुछ बातें काल्पनिक नहीं हैं, अगर कोई गलती हो तो माफ करना।
मुझे बचपन से ही क्रॉसड्रेसिंग बहुत पसंद है। जब मैं छोटा था, यानी 8 साल का, तब मेरे पड़ोस के एक अंकल ने मुझे छेड़ना शुरू किया। वे मेरे साथ तरह-तरह की हरकतें करते, मुझे किस करते, तब मुझे इन सब चीजों के बारे में कुछ पता भी नहीं था। फिर वे मुझसे अपना लंड चुसवाते, तब मुझे यह सब बिल्कुल पसंद नहीं था। जब मैं 10 साल का हुआ, तो उन्होंने मुझे चोदना शुरू किया। तब से लेकर आज तक वे मुझे चोदते आ रहे हैं। अब मुझे यह सब बहुत पसंद है। वे मुझे हमेशा अलग-अलग फीमेल ड्रेस देते हैं पहनने के लिए, और मैं खुशी-खुशी पहनता हूं। मुझे लगता है कि यह मेरी जिंदगी का एक हिस्सा बन गया है, जो मुझे excitement देता है। कभी-कभी मैं खुद सोचता हूं कि यह सब कैसे शुरू हुआ, लेकिन अब तो आदत पड़ गई है।
यह कहानी अभी कुछ दिनों पहले की है। मैं मुंबई में एक शादी की पार्टी में आया हुआ था। मैं पुणे में रहता हूं। पार्टी से लौटने में मुझे काफी देर हो गई, रात के 1 बज चुके थे। कोई बस नहीं मिल रही थी, न ही ऑटो। काफी देर बाद एक ऑटो मिला। उसने कहा कि वह पुणे तक तो नहीं जा सकता, लेकिन मुझे छत्रपति शिवाजी टर्मिनस तक छोड़ देगा, वहां से बस मिल जाएगी। मैंने कहा ठीक है। उसने मुझे वहां उतार दिया। अब रात के 2 बज चुके थे। ठंड बहुत ज्यादा थी, हवा ऐसी चल रही थी जैसे सुइयां चुभ रही हों। मैं वहां बस का इंतजार करने लगा। पास में एक होटल था, जहां कपल आ-जा रहे थे। मैं वहीं खड़ा था। वहां दो-तीन लोग और थे। थोड़ी देर बाद एक कपल आया, वे भी चले गए। अब मैं अकेला था स्टैंड पर। ठंड बढ़ती जा रही थी, मैं कहीं और जा भी नहीं सकता था। मेरे मन में तरह-तरह के विचार आ रहे थे, कि काश कोई मदद मिल जाए। मैंने अपने कोट को कसकर लपेटा, लेकिन ठंड कम नहीं हो रही थी। चारों तरफ सन्नाटा था, सिर्फ दूर से ट्रेनों की आवाजें आ रही थीं। मैं सोच रहा था कि सुबह तक कैसे काटूंगा यह रात।
कुछ देर बाद वहां एक अंकल आए, वे होटल की तरफ जा रहे थे। उन्होंने मुझे देखकर एक अजीब सा इशारा किया, जैसे पूछ रहे हों ‘चलता है क्या’। मैं कुछ नहीं बोला, बस चुपचाप खड़ा रहा। मेरे मन में थोड़ा डर था, लेकिन ठंड इतनी थी कि कुछ सोच नहीं पा रहा था। अंकल ने फिर से कहा, ‘चलेगा क्या?’ मैंने पूछा, ‘कहां?’ उन्होंने कहा, ‘होटल में।’ मैंने कहा, ‘पर मुझे पुणे अपने घर जाना है।’ अंकल बोले, ‘इस टाइम यहां से कोई साधन नहीं मिलेगा, सुबह तक रुकना पड़ेगा।’ मैंने कहा, ‘पर मेरे पास होटल के पैसे नहीं हैं।’ अंकल ने कहा, ‘पैसे मैं दे दूंगा।’ मैंने थोड़ी देर सोचा। ठंड बहुत हो रही थी, और मैंने सोचा कि अंकल कुछ करेंगे भी तो क्या, मुझे तो यह सब पसंद ही है। यह बिल्कुल सच्ची बात है, मैं स्टैंड पर खड़ा था तभी उन्होंने मुझे बुलाया था। मेरे मन में excitement और डर दोनों थे। आखिरकार मैंने हां कह दी, ‘ठीक है।’ अंकल खुश हो गए और बोले, ‘चलो फिर।’ हम होटल की तरफ चले।
वे मुझे होटल में ले गए। वहां सिर्फ कपल ही कपल थे, जो आ-जा रहे थे। अंकल मुझे रूम में ले गए। मैं रूम में गया, चारों तरफ देखा, कमरा साफ-सुथरा था, लेकिन थोड़ा छोटा। बेड पर सफेद चादर बिछी थी, और एयर हीटर चल रहा था, जो थोड़ी गर्माहट दे रहा था। मैंने कहा, ‘अंकल धन्यवाद।’ अंकल बोले, ‘क्या?’ मैंने कहा, ‘मुझे यहां लाने के लिए। मैं आपको इस रूम के पैसे भेज दूंगा।’ अंकल ने कहा, ‘कोई बात नहीं डियर, मैंने तुम्हारी मदद की, तुम मेरी मदद कर देना।’ मैंने कहा, ‘ओके अंकल।’ फिर अंकल ने खाना मंगवाया। हम दोनों ने साथ में खाया। खाना गर्म-गर्म था, दाल, रोटी, सब्जी, जो ठंड में बहुत अच्छा लगा। खाते-खाते हमने बातें कीं। अंकल ने कहा, ‘तुम बहुत सुंदर हो।’ मैंने कहा, ‘धन्यवाद अंकल।’ अंकल बोले, ‘क्या तुम मेरी एक इच्छा पूरी कर सकते हो?’ मैंने कहा, ‘हां अंकल, बोलो।’ उन्होंने अपने बैग से कुछ कपड़े निकाले और कहा, ‘मेरे लिए तुम यह पहनो।’ मैंने देखा, वे लेडीज कपड़े थे।
मैंने कहा, ‘अंकल, यह तो लेडीज कपड़े हैं।’ अंकल बोले, ‘प्लीज, मैंने भी तो तुम्हारी मदद की है।’ मुझे मन ही मन अच्छा लग रहा था, लेकिन मैं मना कर रहा था। आखिर मैंने कहा, ‘ठीक है, आपने मेरी मदद की है ना, इसलिए।’ अंकल बोले, ‘लो, बाथरूम में चेंज करके आओ।’ मैं बाथरूम में गया। मुझे बहुत अच्छा फील हो रहा था, और थोड़ा डर भी लग रहा था। उन कपड़ों में 1 ब्रा, 1 पैंटी, और 1 वन पीस ड्रेस थी, बहुत सेक्सी थी। मुझे तो यह सब पहनने की आदत थी ही पहले से। मैंने नहाया, ब्रा पहनी। ब्रा मेरे फिट आती है क्योंकि मेरे हल्के-हल्के छोटे-छोटे बूब्स हैं। फिर पैंटी और ड्रेस पहनकर बाहर आया। अंकल मुझे देख रहे थे। मुझे बहुत अजीब सा और मजा आ रहा था। अंकल मेरे पास आए, बोले, ‘तुम बहुत प्यारे लग रहे हो मेरी जान।’ अंकल ने मुझे यहां-वहां टच किया, फिर गाल पर किस किया। मैंने कहा, ‘अंकल प्लीज, यह मत करो, मुझे अजीब लग रहा है।’ लेकिन मन से मैं enjoy कर रहा था।
अंकल बोले, ‘बेबी वेट करो, अभी और भी अजीब लगेगा।’ अंकल मेरे बूब्स दबाने लगे। बोले, ‘तुम्हारे बूब्स तो बिल्कुल लड़कियों के जैसे हैं।’ मैंने कहा, ‘हम्म्म अहहा, प्लीज मत करो।’ अंकल और तेज-तेज दबाने लग गए। मुझे मजा आने लग गया। अंकल मेरे पीछे थे और मेरे बूब्स बहुत तेज दबा रहे थे। मुझे थोड़ा दर्द भी हो रहा था और मजा भी आ रहा था। अंकल मुझे बेड पर ले गए, मुझे किस करने लग गए। मैं भी अब मना नहीं कर रहा था। 5 मिनट के बाद अंकल हटे और अपने कपड़े उतारने लग गए। मैं अपने लेडीज कपड़ों में ही था। अंकल ने अपना अंडरवियर भी उतारा और अपना लंड मेरे हाथ में दिया। बोले, ‘बेबी चूसो इसे।’ मेरा भी मन हो रहा था चूसने का, फिर भी मैंने मना किया। फिर अंकल ने मेरा फेस पकड़ के खुद ही मेरे मुंह में डाल दिया और चूसने को कहा। फिर मैं भी मजे से चूसने लगा।
मैं लंड एकदम लॉलीपॉप की तरह चूस रहा था। अंकल को बहुत मजा आ रहा था। अंकल आहा आहा आहहा बेबी, आवाज निकाल रहे थे। मैं भी चूसता रहा। फिर मैं बिल्कुल फॉर्म में था। अंकल लेट गए, और मैं उनका लंड चूसता रहा। 10 मिनट के बाद मैं हटा। मैंने कहा, ‘अंकल, मैं ये कपड़े उतार दूं?’ अंकल बोले, ‘नहीं।’ और मुझे बेड पर पटक कर मेरे ऊपर आ गए। मेरा वन पीस टॉप ऊपर करके मेरी गांड को दबाने लगे। अपना लंड मेरी गांड पर रगड़ने लगे। मैं नीचे था। अंकल मेरे बूब्स दबाते रहे और गांड को सहलाते रहे। मुझे मजा आ रहा था। मैं अपनी आंखें बंद करके महसूस कर रहा था हर स्पर्श को। अंकल की सांसें तेज थीं, उनका बदन गर्म था। कमरे में सिर्फ हमारी सांसों की आवाज थी। मैं सोच रहा था कि यह रात कितनी unexpected हो गई।
अंकल ने मुझे फिर डॉगी स्टाइल में किया और अपना लंड मेरे मुंह में डाल कर पूरा गीला करवा कर मेरी गांड में डालने लग गए। मैंने कहा, ‘अंकल प्लीज धीरे से करना।’ अंकल बोले, ‘हां बेबी, आराम से करूंगा।’ मैंने कहा, ‘हम्म्म।’ अंकल ने जोर लगाया और धीरे से पूरा का पूरा लंड अंदर डाला। फिर तेज-तेज धक्के मारने लग गए। मैं आहाहहा की आवाजें निकाल रहा था। मैं भी आगे-पीछे होकर मजे ले रहा था। अंकल ने मुझे 10 मिनट डॉगी स्टाइल में मेरी गांड मारी। हर धक्के के साथ मैं कांप जाता, दर्द और प्लेजर का मिक्स फील हो रहा था। अंकल के हाथ मेरी कमर पर थे, वे मुझे कसकर पकड़े हुए थे। मैंने अपनी गांड को और ऊपर उठाया ताकि और गहराई तक जाए। अंकल की सांसें और तेज हो गईं, वे मुझसे कह रहे थे, ‘बेबी, कितनी टाइट है तेरी।’
फिर मुझे सीधा करके मेरी टांगें ऊपर करके मेरे अंदर अपना लंड डाला। उस टाइम मैं आंखें बंद करके बिल्कुल ही अलग दुनिया में था और मजे ले रहा था। अंकल तेज-तेज धक्के मार रहे थे और अहा आहहाहा की आवाजें निकाल रहे थे। हर धक्का मुझे अंदर महसूस हो रहा था और अलग ही फीलिंग आ रही थी। उनका लंड मुझे अंदर महसूस हो रहा था। मैं अपनी उंगलियां बेडशीट में गड़ा रहा था, प्लेजर इतना ज्यादा था। अंकल ने मुझे 15 मिनट तक मेरी गांड मारी। मैं बार-बार आहें भर रहा था, मेरे बूब्स ऊपर-नीचे हो रहे थे। कमरे की लाइट डिम थी, जो माहौल को और रोमांटिक बना रही थी। आखिर में अंकल आआआआआआआआआआा करके मेरे अंदर ही डिसचार्ज हो गए और मुझे गले लगाते हुए मेरे ऊपर ही लेट गए। मैंने उन्हें जोर से गले लगा लिया और वही सो गए। उस पल मैं बहुत संतुष्ट महसूस कर रहा था, जैसे सारी ठंड बाहर रह गई हो।
सुबह उठे तो अंकल ने मुझे धन्यवाद कहा। हमने अपने मोबाइल नंबर एक्सचेंज किए और मुझे 500 रुपये भी दिए। मैंने उन्हें थैंक यू कहा और सोचा कि यह रात मेरी जिंदगी की यादगार रातों में से एक थी। अब कभी-कभी मैं उस होटल के बारे में सोचता हूं और मुस्कुराता हूं। धन्यवाद।
यह मेरी असली कहानी है। क्या आपको लगता है मैंने सही किया? कृपया अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। अगर आपकी भी ऐसी कोई अनोखी अनुभव है तो शेयर करें।
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