कॉलेज की सीनियर मैम को चोदा - 3 : Antarvasna Sex Stories
- Golu Yadav
- 5 days ago
- 11 min read
हेलो दोस्तो, आप लोग कैसे है।
जैसा की आप लोगो को पता ही है ये कहानी मेरी नही है, ये कहानी ये मेरे पहले कहानी की पठिका रुची जी का है। अब मैं आप लोगो को "कॉलेज की सीनियर मैम को चोदा -2" के आगे की कहानी सुनता हु।
अब मै पूरी कहानी रुची के शब्दो मे ही सुनता हु क्योकि पिछले दो भागो को रुची ने कामवासना पर पढ़ा और लोगो के मेल देखा, अब आगे की कहानी उस के शब्दो मे बताऊ आप लोगो को।
उस रात के अगले दिन हम दोनों जॉब पर नही गये थे। हम दोनों का सेक्स वाला रिश्ता चल रहा था। आरव मेरे साथ इतना खुल गया था की वो सेक्स के दौरान मुझे गाली देता, मरता और मैंने भी उस को गाली देती ,मारती।
जब कही घूमने या मार्केट जाते थे तो हम दोनों एक दूसरे के साथ कपल की तरह रहते थे पर जब कोई पहचान वाला दिखता तो सीनियर जूनियर की तरह एक दूसरे के साथ बिहैव करते थे।
आरव कई कई दिनों तक मेरे फ्लैट पर रहता और मेरी चुदाई करता और मैं भी आरव के फ्लैट पर जाती दिन रात चुदती। हम दोनों जिस दिन छुट्टी पर होते थे उस पूरे दिन रात बिना कपड़ो के रहते थे और एक दुसरे को खुश करते थे।
हम दोनों एक बार गोवा और एक बार मनाली का ट्रिप भी किया और वहा जा कर भी बस एक दूसरे मे खोये रहे। हम दोनों के फ्लैट का एक भी कोना ऐसा नही था जहा पर हम ने चुदाई ना की हो, बाथरूम,हाल, बेड रूम,दरवाजा,सोफा,किचन,बालकनी हर जगह पर हम दोनों का वीर्य गिरा था दोनों के फ्लैट मे।
अब तो ऐसा हो गया था मेरे पास हमेशा मॉर्निंग आफ्टर पिल की दवा रहती थी।
मेरी सगाई का दिन भी आ गया और मेरी सगाई 26 सितम्बर को थी उस के बाद जब मैं वापस नोएडा आयी तो फिर से हम दोनों सेक्स करने लगे।
फिर एक दिन ऐसा आया जब ऑफिस मे ही चुद गयी आरव से और वो चुदाई आज तक की सबसे यादगार चुदाई है मेरी।
शादी लगभग एक महीने पहले, एक दिन ऑफिस मे बॉस ने मीटिंग रखा था। पर उस मीटिंग मे कुछ लोगो को ही बुलाया गया था और बाकी लोगो को छुट्टी दे दिया गया था।
हम दोनों को भी छुट्टी मिली थी पर हम दोनों ही अपने कुछ काम करने के लिए रुके रह गये।आरव का काम खतम हुआ तो वो मेरे पास आ कर मुझे परेशान करने लगा।
वो मुझे किस करता बूब्स दबाता या फिर और भी हरकते कर के मुझे गर्म कर दिया। अब मै भी उस के साथ मिल गयी। आरव ने मुझे लास्ट फ्लोर के टायलेट रूम मे लेकर गया क्योकि लास्ट फ्लोर पर कन्सट्रक्सन का काम चल रहा था पर उस दिन कोई भी काम करने वाला नही आया था। तो वहा पर किसी भी के आने का कोई चांश नही था।
उस दिन मै ब्लू जींस और टॉप पहन रखा था और नीचे हाई हिल्स की सेंडल्स, कानों में लम्बे झुमके, आंखों में काजल था इस रूप में वो बिल्कुल किसी पोर्न फिल्म की हीरोइन जैसी दिख रही थी। वहा पहुँचते ही दोनों आरव ने मेरे कपड़े निकाल कर मुझे केवल पिंक ब्रा और काले पैन्टि मे कर दिया।
मैंने अपने एक हाथ से आरव के बाल पकड़ा और दूसरे हाथ से खुद की पैन्टि नीचे कर दिया। मैंने ने उसका मुँह अपनी जांघों में दबा कर दांत पीसते हुए कहा- चल, निकाल अपनी जीभ और चाट मेरी भोसड़ी …। आरव मेरी चूत चाटने लगा वो अपनी जीभ चारों तरफ घुमाकर मजा लेने लगा।
आरव मेरी गोरी गुलाबी चुत को बहुत देर तक चाटी। जब मुझे को मजा आना बंद हुआ तो मैंने अपनी आंखें खोलीं और उस को देखा। आरव बड़े मन से नाजुक गीली फुद्दी देखने में मग्न था।
तभी मैंने उसके गाल पर जोर से एक थप्पड़ रसीद कर दिया और कहा- बहनचोद, देखता ही रहेगा या कुछ और भी कुछ करेगा चूतिये?
फिर से उसके बाल खींच कर मैंने उसका मुँह अपनी फुद्दी में दबा दिया और अपने पैर थोड़े फैला दिया ताकि आरव अपनी ख़ुरदुरी जीभ मेरी चुत की अच्छे से मालिश कर सके।
आरव उस दिन मेरे बार बार गली देने को देख कर अचम्भे मे था पर कुछ बोला नही और अपना काम करता रहा।उस दिन तक हम दोनों जब भी सेक्स करते थे तो आरव अक्सर मुझे गाली देता पर इस बार मैंने ये सब किया।
आरव ने मेरी की गांड पर हाथ रख दिए और खुद अपना मुँह मेरी जांघों में घुसा कर किसी भूखे कुत्ते की तरफ लप-लप करके अपनी रईस जवान सीनियर मैडम की चुत पीने लगा। मेरी गीली फुद्दी का रस अब आरव के मुँह का स्वाद बढ़ा रहा था और इधर मै अपने आंखें बंद करके स्वर्ग सुख ले रही थी।
खड़े खड़े चुत चूसने में और चुसवाने में हम दोनों को थोड़ी परेशानी हुई, तो आरव ने मुझे पकड़ कर उठाया और वॉशबेसिन की स्लैब पर बिठा दिया अब हम दोनों ने एक दूसरे को देखा और दोनों एक साथ मुस्कुरा दिए आरव ने बिना कुछ बोले मेरे गुलाबी होंठों पर अपने होंठ चिपका दिए और दूसरे ही पल दोनों किसी हवस भरे जानवर की तरह एक दूसरे के होंठ पीने लगे।
मेरे हाथ आरव के बालों में घुस चुके थे। बड़ी देर तक हम दोनों ने एक दूसरे की जीभ चूस चूस कर एक दूसरे की थूक को भी चाट लिया। आरव ने मेरे दोनों पैर अपने कंधे पर रखवा दिए और मेरी चिकनी जांघें सहलाते हुए चुत का रसपान करने लगा।
मैं ऐसे हमले मे ख़ुद की सिसकारियां रोक ना सकी और आरव का सर जोर से अपनी चुत पर दबा कर कहा- चूस मेरे राजा, पूरा घुस जा मेरी इस मादरचोद रंडी फुद्दी में, झाड़ दे मुझे … आह बड़े मजे से मेरी इस निगोड़ी चुत को चूस रहा है तु … अह्हह आआह ह्ह ह्म्म्म चूस्स कुत्ते चूस और ना जाने क्या क्या बोले जा रही थी।
आरव की जीभ से चल रही चुत की मालिश की मस्ती में डूबी मेरी अचानक लम्बी चीख निकल गयी क्योंकि आरव ने अपनी तीन उंगलियां मेरी भोसड़ी में घुसा दी थीं। वो जोर जोर से उनको अन्दर बाहर करने लगा था। आरव ने आव देखा ना ताव … मेरी की चुत के मटर जैसे दाने अपने दाँतों से हल्के से चबा दिया।
बस यही इस पल की आखिरी घड़ी साबित हुई थी जब मैं चीख पड़ी। ऐसे आक्रामक तरीके से आरव ने पहली बार मेरी फुद्दी चूसी और काटी थी जो वो बर्दाश्त नहीं कर सकी थी। आरव के मुँह को अपनी जांघों से दबाए रखते हुए मैंने लगभग अपना सारा मूत और अपनी फुद्दी का चिपचिपा पानी उस के मुँह पर फेंक दिया आरव का पूरा मुँह मेरे पानी से भीग कर चमक रहा था।
अब तो मुझे ऐसे लग रहा था जैसे किसी ने मेरे शरीर से सब कुछ खींच कर बाहर निकाल लिया है। मेरा का पूरा बदन बड़ी जोर से कांप रहा था, मेरी आंखें और मुँह तो खुल गया था … पर मैं मुँह से चूं भी नहीं निकाल पा रही थी।
यहां पर आरव अपना एक हाथ से लौड़ा हिला हिला कर उसे और गर्म कर रहा था मानों जैसे किसी लड़ाई पर जाने से पहले अपनी तलवार को धार लगा रहा हो। मेरी तरफ देख के उसने झट से मेरे मुँह में अपना लंड पेल दिया और जोर जोर मेरा मुँह चोदने लगा।
मेरे मुँह की लार अब उस काले लंड को चमका रही थी। मेरी मुँह से अब बस घॉक घॉक और छौक-छौक जैसी आवाजें बाहर आ रही थी। झड़ने की वजह से मेरी शरीर में कमजोरी आ गयी थी ,मगर मैं आरव का कोई प्रतिकार किए बिना उसका काला लंड किसी बाजारू रंडी की तरह चूस रही थी।
अब तो मुझे भी उसके लौड़े की खुशबू ने पागल कर दिया और मै खुद एक हाथ से उसे सहलाने लगी थी। कभी मैं उसके बड़े बड़े गोटे सहलाती, तो कभी लंड पर अपने कोमल हाथ की उंगलियां चलाने लगती। करीब पाँच मिनट तक आरव ने जमकर मेरे के मुँह को चोदा।
कब से मैं गली दे रही थी पर अब आरव गली देने लगा ‘चूस मादरचोद रंडी, आज तेरी मां चोद दूंगा बहनचोदी.. साली बाजारू रांड … आज देख इस लौड़े का कमाल। मेरे के मुँह से निकलता थूक अब आरव के गोटे और उसकी जांघों को भिगो रहा था, पर हम दोनों को किसी बात की फ़िक्र जैसे थी ही नहीं।
आरव मुझे रंडी बना चुका था, मुझे पूरी नंगी करके टॉयलेट में अपना लौड़ा चुसवा रहा था। अब तो मैं खुद उसके लौड़े को अपनी हलक तक ले कर चूस रही थी। उसके बड़े बड़े टट्टे चूस रही थी।
लंड की चमड़ी हटा कर के लौड़े की टोपी ऐसे चूसी कि आरव की भी आह्ह निकल गयी। आरव भी उस मेरी के नंगे चूचे मसल मसल कर लाल कर रहा था। मेरी चूचियों के निप्पलों को मरोड़ मरोड़ के आरव ने चुत की आग और बढ़ा दी थी ताकि चुदने के समय मैं और भी मस्त रंडी बनकर अपनी चुत और गांड बिना किसी चीख-चिल्लाहट से उसके काले लौड़े से चुदवा सकु।
टॉयलेट में पूरी नंगी बैठी मेरी चुत से अभी भी बूंद बूंद पानी निकल कर जमी पर गिर रहा था। पर अब ज्यादा देर करना गलत साबित हो सकता था क्योंकि मीटिंग खत्म होने का टाइम होने वाला था।
यही सोच कर मैंने आरव का लंड अपने मुँह से बाहर निकाला और उसके टट्टे दबाकर कहा- भोसड़ी के, आगे भी कुछ करेगा या बस मुँह ही चोदेगा … डाल दे अब ये मादरचोद लौड़ा मेरी भोसड़ी में हरामी … चोद मुझे और बना ले अपनी रंडी।
आरव का लौड़ा पकड़ कर मैं खड़ी हुई और लौड़ा खींचते हुए आरव को वॉशबेसिन के पास लाकर खड़ा कर दिया।
फिर खुद अपनी बड़ी गांड उस वाशबेसिन पर रखकर अपनी टांगें फैलाते हुए बोली- आ जा मेरे सांड … आज कल्याण कर दे मेरे इस जवानी का … चोद-चोद के निहाल कर दे मुझे अपने इस फौलादी लंड से।
मेरा आर्डर मिलते ही आरव ने अपनी पैंट, जो उसके पैरों में अटकी थी उसे और अपना अंडरवियर को उतार कर बाजू में रख दिया। तभी मैं उसका अंडरवियर लिया और उसे सूंघने लगी। मेरी की चुत देख कर आरव का लौड़ा फ़नफ़ना कर आग उगलने लगा।
उसने मेरी की दोनों टांगें अपने कंधे पर रख कर लंड का सुपारा गीली चुत पर रख दिया। मैं उसके अंडरवियर को सूंघने में इतनी व्यस्त थी कि मुझे आरव का गर्म लौड़ा अपनी चुत पर महसूस नहीं हुआ।
मैं उस समय वाकयी में एक सुन्दर अप्सरा जैसे दिख रही थी।मेरे गोरा बदन, बड़े और भरे हुए चूचे, गदराया हुआ जिस्म … और गीली टपकती चुत देख कर आरव ने पहले तो प्यार से देखा और अगले ही पल एक दमदार शॉट मार दिया। आरव ने एक ही झटके मे अपना काम पूरा कर दिया। आरव का वो लम्बा काला लौड़ा अब मेरी बच्चेदानी चूम रहा था और उसके टट्टे मेरी गोरी गांड चूम रहे थे जिस की वजह से एक भयानक चीख निकालकर मैं पीछे लगे शीशे से जा टकराई।
मेरा पैर पहले से ही आरव के कंधे पर थे, जो आसानी से छूटने नहीं दे रहे थे। मेरी अगली चीख दबाने के लिए आरव ने अपनी अंडरवियर मेरे मुँह में घुसा दी। शीशे पर अपनी पीठ टिकाए मैं अपने दोनों हाथों से खुद को संभालने की भरसक कोशिश कर ही रही थ।
मगर उसी समय आरव ने हवसी तरीके से चुदाई शुरू कर दी। आरव अपना पूरा लंड मेरी चुत के द्वार तक बाहर निकालता और फिर उसी तेजी से उसे अन्दर धकेल रहा था ताकि मेरी चुत अपने आप खुल जाए और आरव का लंड बिना किसी अड़चन हुए अपना काम करता रहे।
आरव के टट्टे मेरी गांड को छूकर वापिस जा रहे थे। मेरी 36 इंच की बड़ी बड़ी चूचियां ऊपर-नीचे, आगे-पीछे हिल रही थीं। मेरा चेहरा और चुत दोनों उस भयंकर चुदाई से लाल हो चुके थे। पर आरव अपने काम में पूरा फोकस करके अपनी जंगली किस्म की चुदाई कर रहा था। उसका एक हाथ मेरे के मुँह पर था तो दूसरा हाथ मेरे सर के पीछे रखा था।मेरी की आंखों से इस गांड फाड़ चुदाई से आंसू निकल रहे थे।
मुझको सांस लेना मुश्किल हो रहा था। आरव बोला ‘ले मेरी रंडी … चुदवा ले अपनी इस मादरचोद भोसड़े को मेरे लौड़े से … साली छिनाल … देख कैसे ख़ुशी ख़ुशी तेरी चुत मेरे लौड़े का स्वागत कर रही है'। ये कह कर उसने मेरे बाल खींचे और चुदाई की रफ़्तार और तेज कर दी।
भले ही मेरी मुँह में अंडरवियर दबी थी, पर फिर भी मुँह से दबी दबी सिसकारियां बाहर निकल रही थीं। मेरी आंखों से निकलता पानी अब रुक चुका था और मैं अपनी गांड हिलाना चालू कर चुकी थी।
जैसे ही मैंने अपनी गांड उठा कर आरव को लौड़ा अन्दर लिया, तो आरव ने अपना हाथ मेरे मुँह से हटा दिया और चुदाई रोक दी। मैंने ने अपनी मुँह से उसकी अंडरवियर को निकला और एक जोर का थप्पड़ आरव के गाल पर रसीद कर दिया। और बोली- तेरी मां का भोसड़ा साले … इस तरह से कौन चोदता है भोसड़ी के … तूने तो सच में मां चोद दी मेरी चुत की हरामी … अब देख क्या रहा है कुत्ते, चोद मुझे … और जोर से चोद … दिखा कितना दम है तेरे में?
कुछ देर तो वो ऐसे ही मुझे को देखता रहा, पर जब मैंने आंखें खोलकर उसे देखा और पूछा- अब क्या आरती उतारूं तेरी भड़वे? चल फाड़ दे मेरी चुत। आरव एक हाथ से मेरी चूचे मसल कर बिना कुछ बोले अपने लौड़े की प्यास मिटाने की कोशिश कर रहा था।
मैं भी अब पूरे जोश में नीचे से अपनी गांड उठाते हुए उसके लौड़े का स्वागत अपनी चुत में कर रही थी। आरव के लम्बे लम्बे धक्कों से मेरी चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी, इसी के वजह से मेरी चुत ने जवाब दे दिया। बस दस मिनट की चुसाई और पन्द्रह मिनट के चुदाई में मैंने ने अपने हाथ टेक दिए। पर इसका मतलब ये नहीं था कि मेरी आग ठंडी हो चुकी थी।
मैं झड़ने के बाद भी किसी बाजारू रंडी की तरह गांड उठा उठा कर चुद रही थी।
इस चुदाई के बाद हम दोनों ने अपने अपने कपड़े पहने और बाहर जाने के लिए तैयार हुए पर मुझे से चला नही जा रहा था तो आरव ने मुझे अपनी गोद मे उठाया और लिफ्ट से नीचे आ गए।
नीचे गार्ड ने हम दोनों को देखा तो मैं बोली की फिसल कर गिर गयी थी। आरव मुझे गार्ड के चेयर पर बैठा कर अंदर गया वाह से अपना और मेरा समान लाया। गार्ड को मुझे से वीर्य की महक आ रही तो वो बोला आप सच मे फिसल गयी थी की कुछ और हुआ है। मैं बोली हा फिसल गयी थी। आरव आया और मुझे स्कूटी पर बैठा कर मेरे फ्लैट पर ले गया।
गार्ड हम दोनों को देख कर समझ गया था की कुछ तो गड़बड़ है पर कुछ कर नही पाया। मुझे स्कूटी पर बैठने मे प्रॉब्लम हो रही थी पर किसी तरीके से फ्लैट पहुची। आरव ने मुझे गरम पानी से नहलाया और एक पेनकिलर दिया और उस के बाद मुझे सुला दिया और खुद भी मेरे पास सो गया। सुबह उठी तो मुझे बुखार हो गया था और मेरी चूत, गांड दोनों ही फूल गए थे।
मैंने ऑफिस से तीन दिनों की छुट्टी ली। उस दिन के बाद जब मेरी शादी हुई तो आरव भी आया था शादी मे। शादी के बाद मैं अपने पति से सुहागरात मे चुदी पर पति आरव के जैसा वो चोद नही पाया।
सुहागरात मे मैं जानबुझ कर चिल्ला रही थी ताकि मेरे पति को लगे की मैं पहली बार चुद रही हु। मैंने अपने पति को पता नही चले दिया की मेरी चूत की शील पहले से टूट चुकी है। मुझे पता है की मैं अपने पति के साथ गलत कर रही हु पर क्या करू मेरे जिस्म की मजबूरी है मैं चाह के भी आरव के लौड़े की ताकत भूल नही सकती हु पर मैंने खुद को ये कसम दिया है की कुछ महीनों के अंदर आरव से अपना रिस्ता खमत कर दूँगी और बस अपने पति की बन जाऊंगी।
मैं कॉलजे के टाइम से ही बहुत सेक्स स्टोरी पढ़ती थी और अपने बॉयफ्रेंड से चुदती भी थी। पर शादी के बाद एक रात अपने पति से चुदने के बाद लगभग 1 बजे के आस पास सेक्स स्टोरी पढ़ रही तभी मुझे गोलू जी की एक कहानी " कोचिंग टीचर से दोस्ती और चुदाई :1 " दिखी तो उस कहानी को पढ़ा और मेल के द्वारा दोस्ती की और जब उन पर विश्वास हुआ तो मैंने उन से अपनी कहानी प्रकाशित करने के लिए बोला तो वो अपने अकाउंट से प्रकाशित करने के लिए मान गए।
आप लोगो को रुची की कहानी कैसी लगी जरूर बतायियेगा और मैं आप लोगो के मेल को रुची तक पहुँच दूंगा ,धन्यवाद।
तो आप लोगो को रुची की Antarvasna Sex Stories कैसी लगी इस बात को jfxitdiyfit@gmail.com मेल पर बताये। और हाँ जो लोग मेल करेंगे उन के मेल को रुची तक जरूर पहुचाऊँगा.

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