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घर पर आई अनजानी लड़की की चुदाई : Antarvasna Sex Stories

मेरा नाम राजवीर है, प्यार से लोग मुझे वीरू बुलाते हैं। पहले मैं आपको अपने बारे में विस्तार से बताता हूं। मैं हरियाणा में रहता हूं जहां मेरा पूरा परिवार एक साथ रहता है। मेरी लंबाई सवा पांच फुट है। मेरा शरीर भरा हुआ और काफी मजबूत है जिसमें मेरी छाती और बाहें अच्छी तरह से उभरी हुई हैं। मेरे लंड की लंबाई साढ़े पांच इंच है और इसकी मोटाई 2.5 इंच है जो इसे मोटा और लंबा बनाता है।


मैंने इससे पहले कभी सेक्स नहीं किया था। जो आज मैं आपको सुनाने जा रहा हूं वो मेरी पहली सेक्स की कहानी है। उसके बाद मैंने कई बार सेक्स किया। सेक्स में मजा ही ऐसा होता है कि जितना करो उतना और ज्यादा करने का मन करता है। शरीर में एक गर्म लहर दौड़ जाती है और मन बार बार उसी की तरफ खिंचता है।


तो अब अपनी कहानी सुनाता हूं!


बात दो साल पहले की है जब मैं 18 साल का था। अब 20 साल का हूं। हमारे घर के आगे एक छोटा सा गार्डन है।


तो एक बार मैं घर पर पूरी तरह अकेला था। मैं ब्लू फिल्म देख रहा था जिसमें स्क्रीन पर लड़के लड़की को जोरों से चोद रहे थे और उनकी आहें कमरे में गूंज रही थीं। उस समय मैंने सिर्फ निक्कर पहन रखी थी। फिल्म देखते ही मेरा लंड पूरी तरह खड़ा हो गया था। उसका सिरा लाल हो चुका था और नसें उभर आई थीं। मैंने निक्कर और अंडरवियर उतार दिया और अपने हाथ से लंड को कसकर पकड़ लिया। फिर तेजी से ऊपर नीचे करने लगा। मेरी सांसें भारी हो गई थीं। आंखें स्क्रीन पर टिकी हुई थीं और मन में बस वही गर्म दृश्य घूम रहे थे। अचानक दरवाजे पर घंटी बजी।


मैं जल्दी-जल्दी में सिर्फ निक्कर ही पहन कर चला गया। दरवाजा खोला तो एक 20-21 साल की लड़की खड़ी थी। उसका रंग एकदम गोरा था। पतली कमर लंबे काले बाल कंधों पर लहरा रहे थे। वह जींस और टी-शर्ट पहने हुए थी जो उसके शरीर की हर कर्व को परफेक्ट तरीके से हाइलाइट कर रही थी। वह एकदम मॉडल जैसी लग रही थी।


वो एक सेल्स गर्ल थी। लेडीज सामान बेच रही थी। ब्रा और पैंटी की नई कलेक्शन। मेरा लंड पहले से ही आधा खड़ा था। उसे देखते ही और भी ज्यादा खड़ा हो गया। लंड निक्कर के अंदर तन गया था और साफ उभर कर दिख रहा था। उसे शायद मालूम हो चुका था क्योंकि उसकी नजर मेरे लंड पर पड़ी और वह थोड़ा मुस्कुराई।


वो पहले बोली, क्या यहां कोई लेडीज है? मैंने कहा, है तो सही पर अभी बाहर गई है। अभी 5 मिनट में आ रही है।


तो वो प्रतीक्षा करने लगी। उसे क्या मालूम कि घर शाम के पांच बजे तक खाली है।


थोड़ी देर बाद वो बोली, एक ग्लास पानी मिलेगा? मैंने कहा, जरूर मिलेगा!


मैं उसके लिए पानी लेने गया और सोचने लगा कि इसको कैसे फंसाया जाए। मुझे एक तरकीब सूझी।


मैं जैसे ही उसके पास पानी लेकर पहुंचा, जानबूझकर उसके कपड़ों पर पानी गिरा दिया। वो पूरी गीली हो गई। उसके टी-शर्ट का कपड़ा तुरंत भीगकर शरीर से चिपक गया था। उसकी मस्त चूचियां साफ दिख रही थीं। गुलाबी निप्पल्स टी-शर्ट के अंदर से उभरे हुए थे। क्या मस्त और भरी हुई चूची लग रही थी उसकी गीले टी-शर्ट में!


वो कहने लगी, मैं तो गीली हो गई! तो मैंने कहा, कोई बात नहीं! मैं आपको दूसरे कपड़े दे देता हूं!


मैंने उसे हाफ शर्ट और मिनी स्कर्ट दे दी। वो बाथरूम से पहन कर आ गई। क्या गोरी-गोरी जांघें थीं उसकी! हाफ शर्ट में उसकी चूची तो पूरी तरह कस गई थी। बटन बीच में खिंचे हुए थे और गहरी क्लीवेज दिख रही थी। तब मेरा लंड और सख्त हो गया पर मैं चाहता था कि पहले वो करे।


मैंने उसे कहा, आप इंतजार करो, मैं आपके लिए चाय बना कर लाता हूं! तब तक आप टीवी देख लो!


मैं चला गया, उसने टीवी ऑन किया, उस पर ब्लू फिल्म अभी चल ही रही थी। वो मजे से वो सब देख रही थी, एकदम लाल हो गई थी वो! उसने अपना हाथ अपनी पैंटी में डाल दिया और मसलने लगी।


मैं ये सब देख रहा था।


मैं चाय की जगह बियर ले आया।


वो मेरे आने की आहट सुन कर सीधी बैठ गई और टीवी ऑफ कर दिया।


मैंने उसके सामने बियर रख दी।


वो कहने लगी, आप तो चाय लेने गए थे पर ये क्या ले आए?


मैंने कहा, जैसा माहौल है वैसी चीज भी तो होनी चाहिए!


वो हैरान होकर पूछने लगी, मतलब? मैंने टीवी ऑन करके कहा, मतलब ये!


तो शरमाई और कहने लगी, ये तो पहले से ही चल रहा था! आप ही देख रहे थे जिसके कारण आपका वो खड़ा था!


मैंने उससे पूछा, वो क्या?


वो कहने लगी, आप बहुत बदतमीज हैं!


मैंने कहा, आप कैसी हो? आपको यह सब अच्छा नहीं लगा तो टीवी ऑफ कर देना था! आप तो उल्टा ही देख कर पैंटी में अपनी चूत सहला रही थीं।


ये सुनकर वो चुप हो गई। ये देख मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे अपने गोद में बैठा लिया। फिर उसे चूमने लगा।


पहले वो थोड़ा कसमसाई, थोड़ी देर बाद वो मेरा साथ देने लगी।


मैंने उसकी शर्ट और स्कर्ट खोल दी। अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी। मैंने उसकी ब्रा का हुक भी खोल दिया और उसकी चूची चूसने लगा। मैंने अपनी निक्कर और शर्ट भी उतार दी।


उसने मेरा लंड देखा और कहा, यह तो बहुत बड़ा है! शायद उसने पहले कभी किसी का लंड नहीं देखा था। मैंने उसे अपना लंड पकड़ा दिया। वो मेरे लंड से खेलने लगी और चूसने लगी। मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी। अब वो पूरी नंगी थी। मैंने अपने जीवन में पहली बार किसी लड़की को नंगी देखा था। मैं भी उसकी चूत चूसने लगा। अब हम एक दूसरे को चूस और चूम रहे थे।


अब हम दोनों पूरी तरह से तैयार थे। मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रखा और एक धक्का दिया, मेरा 2 इंच लंड अंदर चला गया। वो थोड़ा कसमसाई, उसकी सील अभी खुली नहीं थी, वो अक्षत-यौवना थी। मैंने एक और धक्का दिया और पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया। 15 मिनट तक मैं उसे चोदता रहा।


हम दोनों एक साथ झड़ गए।


फिर मैंने उसकी गांड भी मारी। उसकी गांड मैंने 25 मिनट तक मारी और उसकी गांड में ही पानी छोड़ दिया।


अब हम दोनों थक चुके थे। हम जाकर पहले नहाए, नहाने के बाद हमारी थकान दूर हो गई, हमने बियर पी और वो जाने लगी।


मैंने उसका नंबर मांगा तो वो कहने लगी कि आज के बाद हम कभी नहीं मिलेंगे।


जाते जाते उसने मुझे चूमा और कहा, यू आर सो स्वीट एंड हार्ड!


मैंने उसे अपना नंबर दे दिया और दो महीने बाद उसका फोन आया।


अब आगे की मैं अगली Antarvasna Sex Stories में सुनाऊँगा।


तब तक इसे ही पढ़ कर मुट्ठ मारिये।

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