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स्कूटी की जगह मेरी बीवी की सर्विसिंग - Hindi Sex Stories

दोस्तों मेरा नाम समीर है और ये बिल्कुल सच्ची घटना है जो आज से करीब पाँच साल पहले की है, हमारी शादी को उस वक्त ढाई साल हुए थे, मेरी बीवी श्रुति 28 साल की थी, रंग एकदम दूधिया गोरा, जैसे कोई विदेशी मॉडल हो, लंबाई 5 फुट 5 इंच, फिगर 34D-28-36, भरे-भरे तने हुए बोबे, पतली कमर और ऐसी मटकती हुई रसीली गांड कि कोई भी देखे तो लंड खड़ा हो जाए, लोग सड़क पर घूरते थे, मैं भी पहले जलता था लेकिन बाद में मुझे अच्छा लगने लगा था कि मेरी बीवी इतनी हॉट है कि सबकी नज़रें उस पर ठहर जाती हैं।


एक शाम श्रुति की एक्टिवा स्कूटी की सर्विसिंग करवानी थी, वो गर्मियों का दिन था, श्रुति ने हल्का गुलाबी रंग का कुर्ता और सफेद पजामी पहना था, कुर्ता थोड़ा टाइट था जिससे उसके बड़े-बड़े बोबे और गहरा क्लीवेज साफ दिख रहा था, दुपट्टा बस नाम का था, वो भी बार-बार सरक रहा था, हम शोरूम पहुँचे तो वहाँ सर्विस एडवाइजर सुरेश मिला, 32-33 साल का हट्टा-कट्टा हरियाणवी टाइप का आदमी, उसकी नज़रें जैसे ही श्रुति पर पड़ीं, वो एकदम से लार टपकाने लगा, बात करते-करते उसकी आँखें श्रुति के बोबों से हट ही नहीं रही थीं, मैंने नोटिस किया लेकिन कुछ बोला नहीं, श्रुति भी हल्के-हल्के मुस्कुरा रही थी, जैसे उसे मालूम था कि ये हरामी क्या सोच रहा है।


स्कूटी छोड़कर हम बाहर निकले, खाना खाया, फिर एक हॉट रोमांटिक मूवी देखने चले गए, फिल्म में ढेर सारे चुम्बन और बेड सीन थे, हॉल में अंधेरा था, मैंने धीरे से श्रुति के गाल पर किस किया, वो तुरंत गरम हो गई, पास आई और मेरे होंठों पर लंबा सा किस कर दिया, हॉल में हल्की-हल्की साँसों की आवाज़ें आ रही थीं, मैंने उसकी जाँघ पर हाथ फेरना शुरू किया, वो और करीब सरक आई, उसने मेरी पैंट के ऊपर से ही मेरा लंड दबाया, मैं तो पहले से ही तना हुआ था, उसने ज़िप खोली, हाथ अंदर डाला और सहलाने लगी, मैं उसकी पैंटी के ऊपर से चूत सहला रहा था, वो पूरी गीली हो चुकी थी, कुछ ही मिनट में मैं उसके हाथ में झड़ गया, वो हल्के से हँसी और बोली, “जानू आज रात खूब चोदना, मेरी चूत में बहुत आग लगी है”, मैंने कहा हाँ बिल्कुल, आज तेरी चूत फाड़ दूँगा।


फिल्म खत्म हुई तो शाम के साढ़े छः बज चुके थे, शोरूम छः बजे बंद होता था, हम जल्दी-जल्दी पहुँचे तो मेन गेट आधा बंद था, सुरेश ने हमें देखा और बोला, “सर चिंता मत करो, गाड़ी मिल जाएगी, आप रुको, मैं वॉशिंग करने के लिए बोल कर आता हूँ”, वॉशिंग वाला अमन भी वहीं था, 25-26 साल का जवान, कसरती बदन, दोनों की आँखों में वासना साफ दिख रही थी, श्रुति को देखकर दोनों एक-दूसरे को कोहनी मार रहे थे, मैंने कहा, “मेरे पास बाइक है, मैं निकलता हूँ, तुम लोग गाड़ी दे देना”, श्रुति ने भी कहा, “हाँ हाँ ये ठीक रहेगा, आप निकल जाओ, मैं स्कूटी लेकर आ जाऊँगी”, मैं चला गया।


आधे रास्ते में याद आया कि घर की चाबी श्रुति के पास ही रह गई, मैं तुरंत वापस मुड़ा, शोरूम पहुँचा तो मेन गेट पूरी तरह बंद था, मैं साइड के छोटे गेट से अंदर घुसा, सारी लाइट्स बंद थीं, लगा सब चले गए, लेकिन अंदर से हल्की-हल्की आवाज़ें आ रही थीं, मैं चुपके से आगे बढ़ा, कैश काउंटर के पास रुक गया, वहाँ का नज़ारा देखकर मेरे होश उड़ गए, श्रुति का दुपट्टा और कुर्ता ऊपर उठा हुआ था, ब्रा ऊपर सरका दी गई थी, उसके गोरे-गोरे बड़े-बड़े बोबे बाहर थे, सुरेश दोनों हाथों से उन्हें ज़ोर-ज़ोर से दबा रहा था, निप्पल्स को चुटकियों में लेकर खींच रहा था, अमन पीछे से उसकी कमर पकड़कर उसकी गर्दन और गालों पर किस कर रहा था, श्रुति की आँखें बंद थीं, वो मादक आवाज़ में सिसकार रही थी, आह्ह्ह सुरेश, ज़ोर से दबाओ, मेरे बोबे नोच लो, आज तक किसी ने ऐसे नहीं दबाए।


सुरेश ने हँसते हुए कहा, “मैडम आप तो कमाल की माल हो, आपके पति को पता है आप इतनी हॉट हो?”, श्रुति ने आँखें मटकाकर कहा, “उसे क्या पता, वो तो बस नाम का मर्द है”, अमन ने उसका मुँह अपनी तरफ घुमाया और गहरे-गहरे फ्रेंच किस करने लगा, जीभ अंदर डालकर चूस रहा था, श्रुति भी पूरी जीभ बाहर निकालकर उसका साथ दे रही थी, दोनों के मुँह से चप-चप की आवाज़ें आ रही थीं।


फिर सुरेश ने कुर्ता ऊपर से खींचकर निकाल दिया, ब्रा भी फेंक दी, अब श्रुति टॉपलेस थी, उसके गोरे बोबे हल्के-हल्के हिल रहे थे, अमन ने एक बोबा मुँह में लिया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा, चट्ट-चट्ट, चुप-चुप की आवाज़ें, दूसरा बोबा सुरेश दबा रहा था, श्रुति सिहर-सिहर कर बोली, आह्ह्ह्ह्ह दांत लगाओ, निप्पल काटो, ओह्ह्ह्ह कितना मज़ा आ रहा है, अमन ने पजामी का नाड़ा खोला और पजामी नीचे कर दी, अब सिर्फ लाल रंग की पैंटी थी जो पूरी गीली हो चुकी थी, अमन ने पैंटी सूंघी और बोला, “वाह मैडम आपकी चूत की खुशबू तो लंड खड़ा कर देगी”, श्रुति शरमाते हुए बोली, “अमन जल्दी करो ना, मुझसे रहा नहीं जा रहा।”


दोनों ने अपने कपड़े उतारे, सुरेश का लंड 6 इंच मगर बहुत मोटा था, अमन का 7.5 इंच लंबा और बेहद मोटा, दोनों लंड लोहे की तरह तने हुए थे, श्रुति घुटनों पर बैठ गई, दोनों लंड उसके मुँह के सामने थे, उसने पहले सुरेश का टोपा चाटा, फिर अमन का, दोनों लंड एक साथ मुँह में लेने की कोशिश की, ग्ग्ग्ग्ग, गों गों गों, गी गी गी की आवाज़ें आने लगीं, अमन ने बाल पकड़े और मुँह चोदना शुरू किया, ग्ग्ग्ग्ग, गों गों गोग गोग, श्रुति की आँखों से आंसू निकल आए लेकिन वो मजे से चूस रही थी, सुरेश नीचे से उसके बोबे दबा रहा था।


फिर सुरेश ने श्रुति को टेबल पर लिटाया, अमन का मोटा लंड उसके मुँह में था, सुरेश उसके बोबों के बीच अपना लंड रखकर टिट फक करने लगा, श्रुति की सिसकारियाँ तेज़ हो गईं, आह्ह्ह्ह, ओह्ह्ह्ह्ह, अमन ने कहा, “घोड़ी बन जा रंडी”, श्रुति तुरंत घोड़ी बन गई, उसकी पैंटी मेरे पास आ गिरी, मैंने उठाई और सूंघते हुए अपना लंड हिलाने लगा, सुरेश ने श्रुति की गांड पर थूक लगाई और बोला, “रानी, मैं आज तक अपनी बीवी की गांड का मज़ा नहीं कर सका, पर आज तुझे मैं जन्नत दिखा दूँगा, तेरा चूतिया पति तेरी गांड का खुला छेद देखकर हैरान हो जाएगा कि कौन सी ट्रेन घुस गई इसमें”, श्रुति हँस पड़ी, “आराम से, अभी फाड़ दोगे तो बाद में मज़ा नहीं ले पाओगे डार्लिंग”, अमन बोला, “अभी कहाँ फाड़ूँगा, अभी तो हर रोज़ तुझे हम दोनों से चुदना है रंडी साली”, श्रुति ने हँस कर कहा, “हाँ हाँ रोज़ चोद लेना, मैं मना नहीं करूंगी।”


सुरेश ने टोपा सेट किया और धीरे-धीरे गांड में पेलना शुरू किया, श्रुति चिल्लाई, आह्ह्ह्ह्ह आराम से, बहुत दर्द हो रहा है, आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह, लेकिन जैसे-जैसे लंड अंदर जाता गया वो मजे लेने लगी, आह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह मारो, फाड़ दो मेरी गांड, अमन आगे से मुँह चोद रहा था, दोनों ने रिदम पकड़ा, सुरेश पीछे से ज़ोर का धक्का मारता तो श्रुति आगे अमन का लंड गले तक लेती, ग्ग्ग्ग्ग, आह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह की आवाज़ें पूरे शोरूम में गूंज रही थीं, दस मिनट तक उसकी गांड मारते रहे।


फिर अमन नीचे लेट गया, श्रुति उसकी गोद में बैठी और मोटा लंड अपनी चूत में लिया, आह्ह्ह्ह्ह्ह मर गई, कितना मोटा है, मेरी चूत फट जाएगी, फिर ऊपर-नीचे उछलने लगी, चप-चप, चप-चप की तेज़ आवाज़ें, सुरेश पीछे से गांड में अपना लंड घुसेड़ दिया, अब डबल पेनिट्रेशन हो रहा था, श्रुति की चीखें आसमान छू रही थीं, आह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह फाड़ दो मुझे, दोनों लंड एक साथ, आह्ह्ह्ह्ह्ह येस्स्स्स, ह ह ह ह्ह्हीईईई आअह्ह्ह्ह, दोनों ने बारी-बारी से चूत और गांड मारी, आधे घंटे तक ताबड़तोड़ चुदाई चली।


आखिर में अमन बोला, “साली रंडी ले तुझे आज मैं मेरे बच्चे की माँ बना देता हूँ”, ये कहते हुए उसने श्रुति की चूत में तेज़-तेज़ धार मारते हुए झड़ना शुरू किया, श्रुति चिल्लाई, “हाँ बना दे मुझे अपने बच्चे की माँ, तेरे तगड़े लंड जैसा तगड़ा बच्चा होगा, मेरे चूतिया पति जैसा लुल्ला नहीं चाहिए मुझे”, सुरेश बोला, “तो मेरा लंड का माल खा ले साली रांड, तुझे प्रोटीन भी मिल जाएगा”, ये बोलकर उसने श्रुति का मुँह पकड़ा और लंड के झटके देते हुए पूरा माल उसके मुँह में छोड़ दिया, श्रुति ने जीभ बाहर निकालकर टोपा चाटा और सारा माल निगल गई।


चुदाई के बाद श्रुति बोली, “अब गाड़ी रहने दो, कल वॉशिंग भी होगी और रंडी बाज़ी भी, तुम दोनों ने इतने अच्छे से चुदाई की है कि अब तक मेरी कभी ऐसी चुदाई हुई ही नहीं थी, आज तो मेरे गांडू पति ने थिएटर में मुझे गरम करके भूखा छोड़ दिया था, मुझे बड़ी आग लगी थी, मेरी चुदाई करके तुमने मेरी आग बुझा दी है”, तीनों हँसने लगे, अमन ने बोबे दबाते हुए कहा, “रंडी बन जा हमारी, बहुत मज़े करेगी”, वो बोली, “हाँ मैं तो राज़ी हूँ”, सुरेश बोला, “हम दोनों कल तेरी राह देखेंगे, गाड़ी धोने की और गांड बजाने की”, फिर से तीनों हँस पड़े और कपड़े पहनने लगे।


मैं चुपके से बाहर निकला और घर पहुँच गया, दस मिनट बाद श्रुति आई, मैंने पूछा, “अरे स्कूटी तो वॉश भी नहीं हुई और इतनी देर लग गई, चाबी तुम्हारे पास रह गई थी, मैं इंतज़ार कर रहा था, क्या हुआ?”, वो बोली, “पानी की मशीन खराब हो गई थी, तो कल फिर से जाऊँगी, ट्रैफिक में फंस गई थी, दो गाड़ी वालों ने हॉर्न बजा-बजा कर मुझे काफी परेशान कर दिया, मेरा तो सर और बदन दर्द करने लगा है”, मैं समझ गया कि कल फिर दो गाड़ी वाले इसके हॉर्न दबा-दबा कर इसका मज़ा लेंगे, मैं चुपके से बाथरूम में घुस गया और लंड हिलाने लगा।


दोस्तों ये थी मेरी सेक्सी बीवी की स्कूटी शोरूम वाली पहली असली चुदाई। आपको Hindi Sex Stories अच्छी लगी हो तो कमेंट करे।

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1 Comment


Vimal
Vimal
Mar 06

Nice story

Ye story kyaa aap ne kahi aur bhi upload kiya hai ??


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