top of page

ससुर ने मेरी सील तोड़ सम्पूर्ण औरत बनाया :१ - Antarvasna

हैलो दोस्तों आपकी रिया सच्चाई से भरपूर कहानी लेकर आई हूँ, की कैसे ससुर पापा ने मेरे कौमार्य को भंग करके अपने भारी भरकम मूसल जैसे लंड से मुझे कुवांरी लड़की से औरत बना दिया।


मेरे पति फौज में है मेरी सुहागरात में पति कुछ नहीं कर पाये। कयौकि मेरी माहवारी आ गई जो मुझे बहुत ही ज्यादा दर्द से 4-5 दिन होती है।फिर मुझे मायक़े से लेने आ गयें थे। 15 दिनों की छुट्टी में पति की छुट्टी भी 4 दिन बची थीं। फिर उन्हें ड्यूटी पर जाना पड़ा।।


इस हालत में मैं कुंवारी ही रह गई। पढ़े मेरी कहानी।


मेरा नाम नीलम है। मैं 19 साल की लड़की हूं। हॉट और खूबसूरत हूं। मेरे गोरे सुडौल चूचे 34। कमर 30। थिरकते चूतड़ गांड 36।। सब मुझे देख कर अपने लंड को मसलने लगते हैं। मुझे डांस करना और मेकअप💄💋👑 करना फिट कपड़े पहनने का बहुत पसंद है।


सेक्स की इच्छा मुझे बहुत पहले से थी। जब मेरी दोनों चूचियां संतरे जैसी बड़ी हुईं और मेरी चूत पर छोटे छोटे बाल आए उसी समय से मुझे लगता था कि शादी में अभी काफी समय है। इसलिए मैं चाहती थी कि पहली चुदाई का दर्द भरा आनंद मैं अपने पति के साथ ही लेकर।। पति को अपना सील पैक शरीर कौमार्य सुहागरात को पति को उपहार में दूंगी।



बाद में तो पति है ही चोदने के लिए पूरी जिंदगी। इसतरह मेरी शादी को 1 महीना हो चला था। मै घर का काम खान-पान और सास-ससुर की सेवा करते हुए कब 1 महीना गुजर गया था पता नहीं चला।


ससुर ने सासू माँ को भगाकर लव मैरिज की थी। सासू माँ हरियाणा की जाटनी है। इसलिए ससुर पापा और सासू माँ का अपने मायक़े में आना जाना बंद हैं। सासू माँ का ही कुछ समय से अपने मायक़े में आना जाना हुआ है।


इसलिए सासू माँ अपने भाई के बेटे की शादी थी। इस वजह से मेरी सासू मां एक महीने के लिए शादी में गई थी। घर में मैं और ससुर पापा थे। ससुर पापा जमींदारी खेतों का काम बहुत ज्यादा है इसलिए और मुझे घर की देखभाल खाना वगैरह हम इसलिए नही गए।


ससुर पापा बहुत रोमांटिक हॉट और सेक्सी हैं। सच पूछिए तो मैं भी ससुर पापा के पूरे बलशाली बदन पर रीछ की तरह से बाल। चोड़े सीने पर बालों के गुच्छे।


ऐसे मर्द को देख कर कोई भी औरत अपने आप पर काबू नहीं कर पायेगी। सच कहूं तो मैं भी ससुर पापा के बलिष्ठ शरीर को देख कर अपने ससुर पापा को देख कर उन पर फिदा रहती हूं। लड़की जब जवान होती है तो उसे विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण होता ही है।


ससुर पापा को सासू माँ की चुदाई करते हुए मैने बहुत बार देखा है। दोनों पूरे नंगे होकर चुदाई करते हुए मैने ससुर पापा का भारी भरकम लम्बा मोटा मूसल जैसा लंड हर बार देखा है ओर सासू माँ के मोटे चूचे बड़े बड़े चूतड़। सासू माँ की चुत में ससुर पापा लंड जाते हुए। उनकी चुदाई देख कर मेरी चुत गिली होकर मीठी मीठी खुजली होने लगती थी।


ससुर पापा और सासू माँ की चुदाई देख देख कर मैं बुरी तरह से बैचेन होने लगी। मेरे ससुर पापा मेरे करीब थे इसलिए मैं उन्हें काफी ज्यादा पसंद करने लगी थी। ससुर पापा भी अब मेरी कमसिन जवानी फिगर देख खुद को संभाल नहीं पाते थे। वे मुझे हमेशा तिरछी नजर से निहारते रहते थे। मेरी चूचियां मेरी थिरकती हुई गांड। मेरे होंठ मेरे गाल और मेरी कमर बहुत हॉट और सेक्सी हैं।


किसी का भी दिल फिसल जाए तो इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं। बाहर सब मुझे देख कर मुझे चोदने को बैचेन रहते है तो घर में ससुर पापा भी अपने दिल को कैसे कंट्रोल करते।


जिस दिन सासू माँ गई थी उसी दिन ससुर पापा और ज्यादा मेरे आसपास मंडराने लगे।। ससुर पापा सिर्फ कच्छे में अपने फौलादी शरीर की मालिश भी किया करते थे। एक दिन ससुर पापा मालिश करते समय मुझे पुकारा - नीलम बेटी मेरी कमर पे तेल लगाना मेरा पीछे हाथ नहीं जा रहा है।


मै- आई पापा।


पापा ने जैसे ही मुझे देखा उनकी आखें फटी रह गई। मैंने उस समय पारदर्शी नाइट ड्रेस पहनी हुई थी और जल्दबाजी में मुझे भी ध्यान नही रहा।। मैं ऐसे ही भागी चलीं आई।



ससुर पापा ने मुझे तेल देकर अपनी पीठ पर मालिश करने को कहा। मैं अपने मुलायम हाथों से उनकी मालिश करते हुए। झुकने से मेरे बालों का जुड़ा खुल कर ससुर पापा के उपर बाल बिखर गये जिससे बालों के बादलों में मेरे चेहरे के साथ ससुर पापा का चेहरा ढ़कने लगा। मेरे बदन की खुशबू से ससुर पापा की बैचेनी बढ़ती जा रहीं थी।


मैं बार बार तेल लगे हाथों से अपने बालों को संभालती। मालिश करते हुए मेरा चेहरा ससुर पापा के चेहरे से सट जाता था। ससुर पापा के कच्छे में हलचल होने लगी थी। तभी ससुर पापा ने मेरे हाथों को पकड़ कर अपने सीने पर मालिश करने को कहा। मैं उनकी पीछे पीठ की तरफ थी तो अब पीछे से ही उनके सीने की मालिश करते हुए मुझे काफी झुकने के कारण मेरी दोनों चूचे उनकी पीठ पर रगड़ खाने लगी। और मेरा चेहरा उनके चेहरे से बिलकुल टच होने लगा था।


ससुर पापा के कच्छे में उनके लंड ने काफी उछल कूद मचानी शुरू कर दी थी। ऐसे में मेरे बदन में सनसनी होने के साथ ही मेरी चुत में खुजली से बैचेनी बढ़ती जा रहीं थी। मेरे ना चाहते हुए भी मेरे दोनों हाथों की अगुंलिया ससुर पापा की चूचियां के निप्पल पर घूमने लगीं। अब ससुर पापा के मुहं से सिसकियां निकल रही थी।


बीच बीच में ससुर पापा अपने हाथों से मेरे हाथों को पकड़ने लगे थे। अब मेरे तन बदन में भी आग भड़क रही थी। मै अपनी अगुंलिया उनके चूचे के निप्पल पर ओर ज्यादा फिराने लगी। उनके लंड ने पूरा विकराल रुप ले लिया था। ससुर पापा से अब कंट्रोल नहीं हो रहा था। उनसे रहा नहीं गया। उन्होंने पीछे घुम कर मुझे अपनी बाहों में आगे की तरफ खींच कर अपनी गोद में मुझे अपनी मजबूत बाहों में भर लिया। मैं बहुत खूबसूरत और हॉट लग रही थी। वे खुद को संभाल नहीं पाए और मुझे अपने चौड़े सीने से लगा कर भींच लिया।


मेरी दोनों सुडौल चुच्चे ससुर पापा के सीने से भीच गयें थे मेरी जोर से दर्द भरी सिसकारी निकल गई। ऊऊऊऊईईईईई। मम्मी।आइइइहहहह। अब ससुर पापा ने मुझे अपनी मजबूत बाहों में कसकर जकड़ रखा था मुझे । उन्होंने मेरे खुले बाल सहलाते हुए मेरे गुलाबी होंठ को देखने लगे। दो मिनट तक हम दोनों एक दूसरे को निहार रहे थे। तभी ससुर पापा ने अपने होठ मेरी गुलाबी होंठ पर रख दिया।


वे मेरे होंठ चूमने और चूसने लगे। मेरे अंदर की आग भड़क गई। मेरी बड़ी बड़ी सुडौल टाइट चूचियों पर पापा का मजबूत हाथ पड़ा तो मैं पागल सी हो गई। मेरे मुंह से सिसकारियां निकलने लगीं ममममम।आआहहहहहह।ससससस।ऊऊऊऊईईईईईईई।अअअअससससस।हहहहहहईईईईईईई। मैं खुद को रोक नहीं पाई। मैं भी उन्हें चूमने लगी। वे मेरी दोनों चूचियों को भींचते हुए मसलते हुए मेरे होंठ और गाल चूसने चूमने लगे। मेरी दोनों सुडौल चुच्चे ओर फूल कर मोटे हो तने हुए थे।


ससुर पापा मुझे अपनी पकड़ में लिए हुए मेरे होठों को जोर से अपने मुंह में लेकर चूस रहे थे ओर चूचे को जोर से मसले जा रहे थे चूचियो के निप्पल तन गयें थे। तभी ससुर पापा ने तभी मेरी सुडौल स्तनों को अपने मुंह में भर कर चूसने लगे। मेरे निप्पल को चूस कर दांत से काट लेते। मेरी ओर अग्रसर जोरों से सिसकियां निकल रही थी। जो ससुर पापा को ओर उतेजित कर रहीं थी।


आहहहह्। ऊऊऊऊईईईईईईई। माँ। उउउउममममममहहहह। हहहहह। ईईईईईईई।


काफी देर तक मेरी चूचियो को ओर होठों को चूस कर मुझे बेहाल कर मेरी हालत खराब कर दी थी। ससुर पापा ने चूस चूस कर मेरे होठों को मोटे कर दिए थे और मेरी दोनों सुडौल स्तनों पर उनके अगुली के निशान ओर चूसने काटने के लाल निशान पड़ गए थे। दोनों सुडौल स्तनों के निप्पल भी मोटे मोटे होकर फूल गए थे।


उन्होंने तुरंत मुझे अपनी मजबूत बाहों में उठाया ओर बेड पर ले गए और बोले कि तुम बहुत सेक्सी हो नीलम। आज मैं चाहता हूं कि वह सब तुम मुझे करने दो जो मुझे करना चाहिए। मैं तुम्हें अपनी बीवी की तरह चोद चोद कर अपनी बनाना चाहता हूं हमेशा के लिए। मैंने तुरंत पूछा कि पापा जी क्या एक बेटी के साथ सेक्स किया जा सकता है।



ससुर पापा बोले किसको पता है। हम पापा बेटी बाहर वालों के लिए है। कमरे हम पति पत्नी बनकर एक दुसरे को प्यार करेंगे। अब हम सुहागरात मनाकर दोनों एक दूसरे को खुश करेंगे। मैं बेड पर ससुर पापा के नीचे हिरणी की तरह दबी हुई थी। ससुर पापा ने तुरंत मेरे पारदर्शिता नाइट ड्रेस खोलकर हवा में उछाल दिए। इससे मेरी दोनों सुडौल चुच्चे उछल कर इधर उधर उछल रहे थे। मेरी चूचियों पर ससुर पापा हाथ रखकर मसलने लगे। मेरे चूचे के निप्पल को मुंह में ले लिया।


मेरे होंठ गाल और चूचियों को चूमते हुए निप्पल को दांतों से दबाने लगे। मैं पागल सी होने लगी थी। मैं अपनी सुधबुध खो चुकी थी। ऐसा लग रहा था जैसे पूरे शरीर में चिंगारी फूट फूट कर आग धधक रही हो। मेरी चूत काफी गीली हो गई थी। लसलसा पदार्थ निकल रहा था। मेरी जोरों से सिसकियां निकल रही थी। अअहहह् ऊऊईईईई। मम्मी। ममरररमुझे। ग। ईईईईई। ससुर पापा का हाथ जब मेरी चूत पर पड़ा तो मेरे होश उड़ गए। मेरा कंठ सूखने लगा।


उन्होंने मेरी दोनों टांगें चोड़ी करते हुए अलग कीं और मेरी चूत चाटने लगे। मेरी लम्बी सिसकियां निकल जाती। ऊऊऊऊईईईईईईई।अआआहहहहहहह। ममममम।हहहहहहहह। अब मैंने भी अपनी टांगें फैलाकर उन्हें चूत चटवाने लगी। अपने हाथों से ससुर पापा के सिर को अपनी चुत पर दबा कर अपने चूतड़ उछाल रही थी।


ससुर पापा जबरदस्त तरीके से मेरी चुत को चाट रहे थे। मेरी चूत से बार बार ढेर सारा गर्म पानी निकलता मैं झड़ रही थीं। और वे अपनी जीभ से चाट कर साफ कर देते। ससुर पापा का लंड बहुत ज्यादा मोटा और लंबा हो गया था। मैंने उनके लंड को छूने की कोशिश की तो उन्होंने अपने कच्छे को उतार दिए। उनका काला मोटा मूसल लंड बाहर आ गया।


उनका लंड हाथी के सूंड की तरह से हिचकोलें ले रहा था। मैं तुरंत उसे हाथ में लेकर मुंह में ले ली और चाटने लगी। ससुर पापा का लंड मुश्किल से मेरे मुंह में जा रहा था। पापा अपना लंड मेरे मुंह में डालकर निकाल रहे थे। बीच बीच में मेरी चूचियों को मसल कर सहला देते। इससे मैं और ज्यादा कामुक हो रही थी। ससुर पापा ने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरी गांड के नीचे तकिया लगा दिया। ससुर पापा ने मेरी चूत को दो उंगलियों से चीरकर देखा और फिर छोटी उंगली अंदर घुसाने लगे।


छोटी उंगली से भी काफी दर्द हुआ। मैं चीख़ पडी़ ऊऊऊऊईईईईईईई। मम्मी।आआआहहहहहहह। क्योंकि मैंने पहले कभी अपनी उंगली भी अंदर नहीं डाली थी। ससुर पापा ने मुझे इतना कामुक कर दिया था कि मैं चुदने के लिए बेकरार हो गई थी। मैं बार बार जोर से सिसकारियां ले रही थी अंगड़ाइयां ले रही थी।


कभी उन्हें अपनी बाहों में भर कर गले लगा लेती कभी खुद अपनी चूचियां मसलने लगती। कभी चूत सहलाती कभी अपने निप्पल दबाती। ससुर पापा का लंड पूरी तरह तैयार था। मै सोच रहीं थी कि ससुर पापा का इतना लम्बा मोटे लंड को मै कैसे झेल पाऊंगी। मेरी चुत तो फट कर लहुलुहान होकर मै कहीं मर ना जाऊँ। उन्होंने मेरी दोनों टांगें फैला कर अलग कीं।


अपना भारी भरकम मोटा लंड मेरी चूत की छोटी छेद पर रखा और अंदर घुसाने लगे। मुझे बहुत दर्द हो रहा था और ससुर पापा का लंड बार बार फिसल जाता था। इसलिए उन्हें बार बार रुकना पड़ रहा था। ससुर पापा ने अपने दोनों मजबूत हाथों से मेरी मांसल गोरी गोरी जांघों को मजबूती से फैलाया। उनकी उंगलियां मेरी चूतड़ जांघों की नरम त्वचा में धंस रही थीं।


उनका गर्म और मोटा लंड मेरी चूत के संकरे मुंह पर ठोकर मार के रगड़ खा रहा था। मैं महसूस कर रही थी कि उनका लंड कितना भारी भरकम मोटा और गरम है। जैसे ही ससुर पापा ने मुझे अपने नीचे दबा कर जकड़ के उन्होंने हल्का सा दबाव डाला। मेरी चूत का छेद तन गया और तेज दर्द की लहर उठी। मैंने आंखें बंद कर लीं और दांत भींच लिए। पापा रुक गए।


उन्होंने धीरे से मेरी कमर सहलाई और मेरे कान में फुसफुसाया। “नीलम बेटा। धीरे से होगा। बस थोड़ा सा दर्द सह लो। पापा बहुत प्यार से कर रहा है।” एक बार उन्होंने फिर से अपने लंड को मेरी गुलाबी पिंक चुत पर लंड सेट किया और धीरे धीरे धक्का देने लगे। मुझे मजबूती से जकड़ कर मेरे दोनों हाथ पकड़ लिए और चूचियों को सहलाते रहे।


फिर अचानक से एक जोरदार धक्का मारा। उनका पूरा लंड का सुपाड़ा मेरी चुत को चीरते हुए मेरी चूत के अंदर समा गया। मेरी दर्द भरी जोर से चीख़ निकल गई। ऊऊऊऊईईईईईईई। मम्मी।ममममररररररर । गगन।ईईईई। मैं दर्द से तड़पती हुई व्याकुल हो उठी। मेरी आँखों में आसूं आ रहे थे। ससुर पापा ने दुलारते हुए कहा कि पहली बार लंड घुसाने पर दर्द होता है इसलिए चिंता मत करो नीलम बहू। फिर ससुर पापा ने जोरदार तरीके से 6-7 तगड़े धक्के मार के पूरा लंड जड़ तक मेरी चुत में उतार दिया।


मै दर्द से जोर से चीख़ रहीं थी। ऊऊऊऊईईईईईईई माँ। ममममरररररररमैं। गगईईईईईई। आआहहहह्। मममममम। मेरी चुत से खून के फौवारे निकल रहे थे। मेरी चुत खून से तहस नहस होकर बुरी तरह से चरमरा गई थी। मै दर्द से कराहती हुए बिलबिला रही थी। आआआआ। ऊऊऊऊईईईईईईई। अअअअ। हहहहह। मम्मी। ईईईईई।


“आह पापा… बहुत दर्द हो रहा है… रुकिए ना…” मैं दर्द से बुरी तरह से कराह उठी। मै दर्द से रोती बिलखती हुईं अपने चेहरे को इधर उधर मार रहीं थी। ससुर पापा ने मेरे हाथों को और कसकर पकड़ लिया।


उनकी उंगलियां मेरी उंगलियों में फंस गई थीं। “शांत हो जा बेटी। अब पूरा लंड घुस गया है। देख। पापा का लंड तेरी चूत में पूरी तरह समा गया है।” उन्होंने गहरी सांस लेते हुए कहा। हर धक्के के साथ उनका मोटा लंड मेरी टाइट चूत की दीवारों को खींचता हुआ अंदर जा रहा था। मुझे लगा जैसे मेरी चूत फट रही हो।


कोई गर्म मोटा मूसल घुस कर जलन और दबाव दोनों एक साथ महसूस हो रहे थे। मेरी सांसें तेज हो गईं। आंखों से आंसू निकल आए। ससुर पापा ने झुककर मेरी चूचियों को ओर निप्पल को चूसना शुरू किया। “तेरी चूचियां कितनी टाइट और स्वादिष्ट हैं नीलम।” वे बुदबुदाए और मेरे निप्पल को मुंह में लेकर चूसने लगे। धीरे धीरे उन्होंने लंड को धक्के मार के अंदर बाहर करना शुरू किया। हर बार लंड बाहर निकलते समय ऐसे लगता कि मेरी चुत बाहर खिची आ रही हैं।


मेरी चूत का रस ओर खून उनके लंड पर चमक रहा था। लंड अंदर घुसते समय उनकी बडे़ बडे़ अंडकोश मेरी गांड से टकरा रही थी। धक्के की आवाज फट फट। फचफच।फटफट।फचफच। जोर से गूंज रहीं थी। मेरी चुत का मुंह बहुत ज्यादा बुरी तरह से चोड़ी होकर फैल गई थी। ससुर पापा का लंड हर धक्के पर मेरी चुत को चीरता हुआ बच्चेदानी में घुस रहा था।


जिससे मैं कराहती हुए पापा को अपनी बाहों में भर लेती थी। काफी देर तक ससुर पापा मुझे ऐसे ही चोदते रहे। अचानक से मै अकड़ कर झड़ गई। मेरी चुत ने लसलसा ढेर सारा पानी छोड़ दिया। “अम्मा पापा… अब दर्द कम हो रहा है… हां… ऐसे ही…” मैं सिसकारते हुए बोली। पहले काफी दर्द था लेकिन धीरे धीरे दर्द कम होने लगा।


मेरी चूत अब उनके लंड के साथ तालमेल बिठाने लगी थी। करीब 25 मिनट बाद मैं अपनी गांड उठा उठाकर चुदवाने लगी जैसे कोई चुदक्कड़ औरत चुदवा रही हो। मै जोर से चीखती हुए ससुर पापा को अपनी बाहों में भर कर झड़ गई। मेरी चुत ने ढेर सारा लसलसा पानी झड़ने की तरह से निकल रहा था। अब ससुर पापा ने अब मेरी दोनों टांगें उठा के अपने कंधों पर रख कर जोर से उछल कर चोदने लगे। अब उनका लंड ओर गहराइयों में बच्चेदानी में घुस कर तहलका मचा रहा था।


मेरी चुत की दीवारों ने ससुर पापा के भारी भरकम लम्बा मोटे लंड को जकड़ते हुए लंड से चरमरा रहीं थी। “जोर से चोदिए पापा… अब मजा आ रहा है… आपका लंड मेरी चूत को भर रहा है।” मैं हांफते हुए बोली।


मेरी कमर खुद ब खुद ऊपर उठ रही थी। मैं उनका लंड अपनी चुत की गहराई तक लेने के लिए अपनी टांगें और फैला उठा रही थी। ससुर पापा मेरी चूचियों को जोर जोर से मसलते हुए तेजी से धक्के मारने लगे। “तेरी चूत बहुत टाइट है बेटी… पापा को बहुत अच्छा लग रहा है।” वे गुर्राते हुए बोले। उनके पसीने की बूंदें मेरे शरीर पर गिर रही थीं।


कमरे में चुदाई की आवाजें जोर से गूंज रही थीं। उनकी सांसें भारी हो गई थीं। मैं भी सिसकारियां भर रही थी। “हां पापा… और जोर से… मुझे चोदिए… मैं आपकी हूं आज।” मैं चीखते हुए बोली। मेरी चूत फिर से दोबारा झड़ गई। । ढेर सारा लसलसा पानी निकल कर अब पूरी तरह गीली हो चुकी थी। उनका मोटा लम्बा लंड अब भी रगड़ के टाईट अंदर बाहर हो रहा था। लंड मेरी बच्चेदानी में जाकर अंदर जोर जोर से टक्कर मार रहा था। मैं गोल गोल घुमाकर उनका लंड ले रही थी।


मेरी मस्त दर्द भरी सिसकियां निकल रही थी आआआहहहहहह।ऊऊऊऊईईईईई। माँ।ममररर।गईई। मम्मी। मुझे काफी मजा आ रहा था। अब ससुर पापा भी ओर अग्रसर हो जोर से चोद चोद कर भारी आवाज निकाले जा रहे थे ओर पापा ने झड़ते हुए अपने लंड को जड़ तक मेरी चुत में फंसाए हुए गर्म गर्म ढेर सारा वीर्य मेरी बच्चेदानी तक लबालब भर दिया। उनके वीर्य से मै भी साथ साथ 3 बार झड़ गई। ससुर पापा मेरे ऊपर ही लेटे हुए मेरे होठों को चूसने लगे। ओर लंड को उछाल देते हुए वीर्य की पिचकारी छोड़ रहे थे।


मैं उस पल को जीना चाहती थी। ससुर पापा ने आज करीब एक घंटे से ज्यादा तक मुझे भरपूर तरीके से चोदा। उसके बाद मेरी चूत में बहुत ज्यादा सूजन आ गई ।


ससुर पापा- नीलम तू कुवांरी थी अभी तक। क्या सुहागरात में कुछ भी नहीं हुआ।


मैं- पापा मुझे महीने की माहवारी आ गई थी। मुझे 4-5 दिन तक दर्द भरी रहती है। फिर मैं मायक़े चलीं गई थी।


ससुर पापा- ओहह् तेरी सील तोड़ने का सौभाग्य मेरी किस्मत में लिखा था। तेरे कौमार्य को भंग कर तुझे कुवांरी से औरत बनाने पर मै बहुत खुश नसीब हूँ।


मैं- पापा शादी के बाद से मै जिस खुशी को तरस रहीं थी । और जिस खुशी को औरत तरसती है। वो खुशी आपने मुझे दी है। आपने ही मुझे कुवारी लड़की से औरत बना कर आज मुझे सम्पूर्ण औरत बना कर जो मुझे मेरे रोम रोम में खुशी दी। आप मेरे दिल में मेरे देवता की तरह से बस गयें हो।


ससुर पापा- नीलम तेरे कमसीन महकते बदन को भोग कर मै धन्य हो गया।


मैं- पापा अब मैं आपकी हो गई हूँ। अब आप जैसे चाहे जब चाहे मुझे मेरे रसभरे महकते बदन को भोग लगाकर मुझे अपने आगोश में ले सकते हैं। मेरी चुत सूज कर डबल रोटी हो गई थी। इसलिए मैंने उन्हें दोबारा थोड़ी देर तक नहीं चोदने दिया।


लेकिन पापा कुछ आरामदायक समय बाद मुझे अपने नीचे दबोचे हुए फिर से चोदने लगे। उनके लंड ने मेरी ओर मेरी चुत का चोद चोद कर बुरा हाल करके हालत बिगाड़ दी। इस बार भी लगभग ससुर पापा ने 1 घंटे से उपर ही मेरी अलग अलग पोजीशन में मेरी चुदाई की। मेरी चुत बुरी तरह से सूजन से दुख़ रहीं थी।


अभी तो पूरा महीना बाकी था आज पहले दिन को मेरी हालत बिगाड़ के रख दी ससुर पापा ने। मेरे गालों पे। होठों पे। चूचियो पर गहरे चूसने काटने के निशान पड़े थे। फिर पापा मै नंगे ही एक दूसरे की बाहों में सो गए। काफी देर से आंख खुली लगभग शाम ही हो गई थी। ससुर पापा ने लंड से मेरा कौमार्य भंग कर मुझे कुवांरी लड़की से औरत बना दिया था।


दूसरे दिन मैं काफी कम्फर्टेबल फील करने लगी। दूसरे दिन उन्होंने तीन बार चोदा और रात को 4 बार मुझे ताबड़तोड़ तरीके से चोदा। मैंने भी खूब मजे लिए।


अगले दिन ससुर पापा ने मुझे दुल्हन के रूप में अपनी बीवी बना कर सुहागरात की तरह से मुझे चोदने का प्रौगाम बनाया। मैंने भी दुल्हन की तरह से सज कर ससुर पापा की बीवी बन कर चुदने की तैयारी करने लगीं। बाकी अगले भाग में पढें कि कैसे ससुर पापा ने मुझे दुल्हन के रुप में देख कर मेरी मांग में सिंदूर भर कर अपनी बीवी बना कर सारी रात मेरी चुदाई की।


ओर दुल्हन के रुप में ससुर पापा ने जैसे मेरी चुत की सील तोड़ी उसीतरह से। इसबार मेरी लच्छेदार गांड की सील तोड़ कर मेरी चुत ओर गांड का क्या हाल किया वो पढ़े अगले भाग में।


आप के मेल का इंतज़ार रहेगा।

Antarvasna

आपकी रिया। rs9533749@gmail.com

Recent Posts

See All
घर बन गया चुदाई खाना - Antarvasna

लॉकडाउन में मैं पति के लंड से चुद चुद कर उकता चुकी थी. मैंने कुछ ऐसा खेल रचाया कि पूरे परिवार को कई कई सेक्स पार्टनर मिल गए.

 
 
 

Comments


Hindi Sex Stories, Indian Sex Stories, Desi Stories, Antarvasna, Free Sex Kahani, Kamvasna Stories 

कामवासना एक नोट फॉर प्रॉफिट, सम्पूर्ण मुफ्त और ऐड फ्री वेबसाइट है।​हमारा उद्देश्य सिर्फ़ फ्री में मनोरंजन देना और बेहतर कम्युनिटी बनाना है।  

Kamvasna is the best and only ad free website for Desi Entertainment. Our aim is to provide free entertainment and make better Kamvasna Community

bottom of page