top of page

ससुर ने मेरी सील तोड़ सम्पूर्ण औरत बनाया :२ - Hindi Sex Stories

अभी तक आपने पढ़ा। ससुर पापा ने लंड से मेरा कौमार्य भंग कर मुझे कुवांरी लड़की से औरत बना दिया था।


दूसरे दिन मैं काफी कम्फर्टेबल फील करने लगी। दूसरे दिन उन्होंने तीन बार चोदा और रात को 4 बार मुझे ताबड़तोड़ तरीके से चोदा। मैंने भी खूब मजे लिए। अगले दिन ससुर पापा ने मुझे दुल्हन के रूप में अपनी बीवी बना कर सुहागरात की तरह से मुझे चोदने का प्रौगाम बनाया।


मैंने भी दुल्हन की तरह से सज कर ससुर पापा की बीवी बन कर चुदने की तैयारी करने लगीं। अब आगे।। अगले दिन भी ससुर पापा ने दिन में मुझे 3 बार ताबड़तोड़ तरीके से भरपूर जमकर चोदा। फिर मैं रात के खाने की तैयारी जल्दी ही बना कर फिर सुहागरात के लिए दुल्हन 👠💄👄✋💅👰💍 की तरह से सजने सवरने लगीं। रात को 9 बजे तक मैं बिलकुल अपनी शादी की तरह से ही दुल्हन बन कर तैयार हो गई थी। पापा ससुर भी देशी दारू रम के पैग लगा रहे थे। उन्होंने कुर्ता पाजामा पहना हुआ था।


फिर वह अपनी दारू वगैरह लिए मेरे कमरे में बैड पर आ गए। मुझे दुल्हन रुप में घुंघट में देख कर मेरे रुप यौवन देख भौचक्के रह गए। मैंने आगे बढ़ कर उनके पैर छुए तो उन्होंने मुझे उठा कर अपने चौड़े सीने से लगा कर भींच लिया। मेरी दोनों सुडौल चुच्चे ससुर पापा के सीने से भीच गयें थे मेरी जोर से दर्द भरी सिसकारी निकल गई। ऊऊऊऊईईईईई। मम्मी।आइइइहहहह।



मै घुंघट में उनके सीने से लगीं हुए थी। अब ससुर पापा ने मुझे अपनी मजबूत बाहों में कसकर जकड़ रखा था मुझे । उन्होंने मेरे कमर को सहलाते हुए मेरे गुलाबी चाँद जैसी सुरत को घूंघट में देखने लगे। दो मिनट तक मुझे ऐसे ही निहार रहे थे। तभी ससुर पापा ने मेरे घूंघट को उठा कर अपने होठ मेरी गुलाबी पखुंड़ी जैसे रसीले होंठ पर रख दिया। वे मेरे होंठ चूमने। चूसने लगे। मेरे अंदर की आग भड़क गई। मुझे उनके मुँह से दारू की महक अपने मुंह में जाते हुए महसूस हो रही थी।। मेरी बड़ी बड़ी सुडौल मांसल जांघों से भरपूर चूतडो पर ससुर पापा का मजबूत हाथ मेरी गांड को चूतड़ को दबाकर मसल कर सहला रहे। तो मैं पागल सी हो गई। मेरे मुंह से सिसकारियां निकलने लगीं ममममम।आआहहहहहह।ससससस।ऊऊऊऊईईईईईईई।अअअअससससस।हहहहहहईईईईईईई।।


मैं खुद को रोक नहीं पाई। मैं भी उन्हें चूमने लगी। वे मेरी दोनों चूचियों को भींचते हुए मसलते हुए मेरे होंठ और गाल चूसने चूमने लगे। मेरी दोनों सुडौल चुच्चे ओर फूल कर मोटे हो तने हुए मेरी चोली को फाड़कर निकलने को तैयार हो रहें थे। ससुर पापा मुझे अपनी पकड़ में लिए हुए मेरे होठों को जोर से अपने मुंह में लेकर चूस रहे थे ओर चूचे को चोली के उपर से भरपूर जोर से मसले जा रहे थे चूचियो के निप्पल तन गयें थे। अब ससुर पापा अपने होशोहवास खो रहे थे। उन्होंने मुझे अपनी बाहों में उठा कर बैड पर लिटा लिए और मेरी चोली की डोरी खींच कर मेरी चोली उतार कर उपर हवा में उछाल दी। तभी ससुर पापा ने तभी मेरी सुडौल स्तनों को अपने मुंह में भर कर चूसने लगे। मेरे निप्पल को चूस कर दांत से काट लेते। मेरी ओर अग्रसर जोरों से सिसकियां निकल रही थी। जो ससुर पापा को ओर उतेजित कर रहीं थी। आहहहह्। ऊऊऊऊईईईईईईई। माँ। उउउउममममममहहहह। हहहहह। ईईईईईईई।।


काफी देर तक मेरी चूचियो को ओर होठों को चूस कर मुझे बेहाल कर मेरी हालत खराब कर दी थी। ससुर पापा ने चूस चूस कर मेरे होठों को दांतों से काट लिये थे और मेरी दोनों सुडौल स्तनों पर उनके अगुली के निशान ओर चूसने काटने के लाल निशान फिर से और ज्यादा पड़ गए थे। दोनों सुडौल स्तनों के निप्पल भी मोटे मोटे होकर फूल गए थे।। उन्होंने तुरंत मुझे अपनी मजबूत बाहों में अपने आगोश में लिए और बोले कि तुम बहुत सुंदर हो नीलम। आज हम दोनों की सुहागरात है मैं तुम्हें सच में अपनी बीवी बनाना चाहता हूं हमेशा के लिए। तभी ससुर पापा ने उठ कर मेरी ड्रेसिंग टेबल से सिंदूर दानी लेकर अपने हाथ से मेरी मांग में सिंदूर भर दिया।


मै पत्नी की तरह से इस पल को अपने दिल में उतरते हुए महसूस कर रहीं थी। मैंने कांपते हुए होठों से ससुर पापा को कहा कि मैं आज से तन मन धन से पूर्ण समर्पित शरीर से आपकी अर्धांगिनी पत्नी के रूप में सम्पूर्ण समर्पित हो गई हूँ। ससुर पापा ने भी मुझे वचन दिया कि आज से मैं तुम्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में अपनी आत्मा में बसा कर रखूंगा। तुझे पत्नी के सारे अधिकार दूंगा। अब हम सुहागरात मनाकर दोनों एक दूसरे को अपनी आत्मा में बसा लेंगे।। मैं बेड पर ससुर पापा के नीचे हिरणी की तरह दबी हुई थी। ससुर पापा ने तुरंत मेरे लहंगा की डोरी खींच कर और चुनरी को खोलकर हवा में उछाल दिए। अब मैं ससुर पापा के आगोश में बिलकुल नंगी थी।


उन्होंने मेरे गुलाबी होठों को चूस चूस कर सारी लिपस्टिक खा ली थी। मेरे चूचे के निप्पल को मुंह में ले लिया। मेरे होंठ गाल और चूचियों को चूमते हुए निप्पल को दांतों से दबाने लगे। मैं पागल सी होने लगी थी। मैं अपनी सुधबुध खो चुकी थी। ऐसा लग रहा था जैसे पूरे शरीर में चिंगारी फूट फूट कर लावा आग धधक रही हो। मेरी चूत काफी गीली हो गई थी। लसलसा पदार्थ निकल रहा था। मेरी जोरों से सिसकियां निकल रही थी। अअहहह् ऊऊईईईई। मम्मी। ममरररमुझे। ग। ईईईईई।।


ससुर पापा का मुंह जब मेरी चूत पर पड़ा तो मेरे होश उड़ गए।। मेरा कंठ सूखने लगा। उन्होंने मेरी दोनों टांगें चोड़ी करते हुए अलग कीं और मेरी चूत चाटने लगे। अपनी जीभ मेरी चुत में गहराई में चूसने लगे। मेरी लम्बी सिसकियां निकल जाती। ऊऊऊऊईईईईईईई।अआआहहहहहहह।। ममममम।हहहहहहहह। अब मैंने भी अपनी टांगें फैलाकर उन्हें चूत उठा कर चटवाने लगी।। अपने हाथों से ससुर पापा के सिर को अपनी चुत पर दबा कर अपने चूतड़ उछाल रही थी।।


ससुर पापा जबरदस्त तरीके से मेरी चुत को चाट रहे थे।। मेरी चूत से बार बार ढेर सारा गर्म पानी निकलता मैं झड़ रही थीं।। और वे अपनी जीभ से चाट चूस कर साफ कर देते। मेरी हालत बिगड़ती देख ससुर पापा ने अपने कुरते पाजामे को उतार कर पूरी तरह से नंगे हो कर मेरे उपर आ गए। ससुर पापा का लंड फिर से बहुत ज्यादा मोटा और लंबा हो गया था।


उनका काला मोटा मूसल लंड बाहर आ गया। उनका लंड हाथी के सूंड की तरह से हिचकोलें ले रहा था। मैं तुरंत उसे हाथ में लेकर मुंह में ले ली और चाटने लगी। ससुर पापा मेरी चुत को चाटने लगे।ससुर पापा का लंड मुश्किल से मेरे मुंह में जा रहा था। पापा अपना लंड मेरे मुंह में डालकर निकाल रहे थे। बीच बीच में मेरी चूचियों को मसल कर सहला देते। इससे मैं और ज्यादा कामुक हो रही थी। ससुर पापा ने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरी चूतड गांड के नीचे तकिया लगा दिया।


मुझे अपने नीचे दबा कर ससुर पापा ने मुझे इतना कामुक कर दिया था कि मैं चुदने के लिए बेकरार हो गई थी। मैं बार बार जोर से सिसकारियां ले रही थी अंगड़ाइयां ले रही थी। कभी उन्हें अपनी बाहों में भर कर गले लगा लेती। कभी खुद उनके गाल पर काटने लगतीं। अपनी चूचियां मसलने लगती। कभी चूत सहलाती कभी अपने निप्पल दबाती। ससुर पापा का लंड मेरे चूसने से खूखांर हो पूरी तरह तैयार था। उन्होंने मेरी दोनों टांगें फैला कर चौड़ी कीं। अपना भारी भरकम मोटा लंड मेरी चूत की छोटी छेद पर रखा और तगड़ा धक्का लगा कर आधा लंड चुत में धंस गया।। मेरी दर्द भरी चीख़ निकल गई।।


मुझे बहुत दर्द हो रहा था और मैं महसूस कर रही थी कि उनका लंड कितना भारी भरकम मोटा और गरम है। जैसे ही ससुर पापा ने मुझे अपने नीचे दबा कर जकड़ के उन्होंने फिर से तगड़ा झटका लगा कर दबाव डाला। मेरी चूत का छेद तन गया और तेज दर्द की लहर उठी। मैंने आंखें बंद कर लीं और दांत भींच लिए। फिर अचानक से एक जोरदार धक्का मारा। उनका पूरा लंड जड़ तक मेरी चुत को चीरते हुए मेरी चूत के अंदर बच्चेदानी में समा गया। मेरी दर्द भरी जोर से चीख़ सिसकियां निकल गई। ऊऊऊऊईईईईईईई। मम्मी।ममममररररररर । गगन।ईईईई। मैं दर्द से तड़पती हुई व्याकुल हो उठी।



ससुर पापा ने मेरे होठों सहित मुंह को अपने मुंह में भर लिए।। फिर ससुर पापा ने जोरदार तरीके से 20-25 तगड़े धक्के लगातार मार के पूरा लंड जड़ तक बार बार मेरी चुत में उतार दिया। मै दर्द से जोर से चीख़ रहीं थी। ऊऊऊऊईईईईईईई माँ। ममममरररररररमैं। गगईईईईईई। आआहहहह्। मममममम। मेरी चुत तहस नहस होकर बुरी तरह से चरमरा रहीं थी। मै दर्द से कराहती हुए बिलबिला रही थी। आआआआ। ऊऊऊऊईईईईईईई। अअअअ। हहहहह। मम्मी।। ईईईईई। “आह पापा… बहुत दर्द हो रहा है… रुकिए ना…


ससुर पापा ने मेरे हाथों को और कसकर पकड़ लिया। उनकी उंगलियां मेरी उंगलियों में फंस गई थीं। अब पूरा लंड घुस गया है। मेरी जान नीलम देख। पापा का लंड तेरी चूत में पूरी तरह समा गया है।” उन्होंने गहरी सांस लेते हुए कहा। अब ससुर पापा मुझे अपनी जान मेरे लंड की रानी पुकार रहें थे।


मैं भी उन्हें पत्नी की तरह से जानू मेरे राजा। सोना बाबू बोलते हुए अपनी बाहों में भर लेती। हर धक्के के साथ उनका मोटा लंड मेरी टाइट चूत की दीवारों को खींचता हुआ अंदर जा रहा था। मुझे लगा जैसे मेरी चूत फट रही हो। कोई गर्म मोटा मूसल घुस कर जलन और दबाव दोनों एक साथ महसूस हो रहे थे। मेरी सांसें तेज हो गईं। आंखों से आंसू निकल आए।


ससुर पापा ने झुककर मेरी चूचियों को ओर निप्पल को चूसना शुरू किया। “तेरी सुडौल चूचियां कितनी टाइट और स्वादिष्ट हैं नीलम जान” वे बुदबुदाए और मेरे निप्पल को मुंह में लेकर चूसने लगे। धीरे धीरे फिर जोर जोर से उन्होंने लंड को धक्के मार के अंदर बाहर करना शुरू किया। हर बार लंड बाहर निकलते समय ऐसे लगता कि मेरी चुत बाहर खिची आ रही हैं।


मेरी चूत का रस मेरे ससुर पति के लंड पर चमक रहा था। लंड अंदर घुसते समय उनकी बडे़ बडे़ अंडकोश मेरी गांड से जोरदार तरीके से टकरा रही थी। धक्के की आवाज फट फट। फचफच।फटफट।फचफच। जोर से गूंज रहीं थी। मेरी चुत का मुंह फिर से बहुत ज्यादा बुरी तरह से चोड़ी होकर फैल गई थी। ससुर पति का लंड हर धक्के पर मेरी चुत को चीरता हुआ बच्चेदानी में घुस रहा था। जिससे मैं कराहती हुए अपने ससुर पति को अपनी बाहों में भर लेती थी।।


काफी देर तक ससुर पति मुझे ऐसे ही रोंदते हुए चोदते रहे। अचानक से मै अकड़ कर झड़ गई। मेरी चुत ने लसलसा ढेर सारा पानी छोड़ दिया। “अहहह् जानू बाबू … अब दर्द कम हो रहा है… हां… ऐसे ही…” चोदते रहो अपनी नीलम जान को। मेरे राजा चोदते हुए मेरी चुत फाड़ दो। मैं सिसकारते हुए बोली। पहले काफी दर्द था लेकिन धीरे धीरे दर्द कम होने लगा।


मेरी चूत अब उनके लंड के साथ तालमेल बिठाने लगी थी। करीब 35 मिनट बाद मैं अपनी गांड उठा उठाकर चुदवाने लगी जैसे कोई चुदक्कड़ औरत चुदवा रही हो। मैं अब पूरी तरह से ससुर पति से खुल गई थी। उनकी पत्नी की तरह से चुदाई करवा रही थी। मै जोर से चीखती हुए ससुर पति को अपनी बाहों में भर कर झड़ गई। मेरी चुत ने ढेर सारा लसलसा पानी झड़ने की तरह से निकल रहा था।


अब ससुर पति ने अब मेरी दोनों टांगें उठा के अपने कंधों पर रख कर जोर से उछल कर चोदने लगे। अब उनका लंड ओर गहराइयों में बच्चेदानी में घुस कर तहलका मचा रहा था। मेरी चुत की दीवारों ने ससुर पति के भारी भरकम लम्बा मोटे लंड को जकड़ते हुए लंड से चरमरा रहीं थी। “जोर से चोदिए पति देव… अब मजा आ रहा है… आपका लंड मेरी चूत को भर रहा है।” मैं हांफते हुए बोली।


मेरी कमर खुद ब खुद ऊपर उठ रही थी। मैं उनका लंड अपनी चुत की गहराई तक लेने के लिए अपनी टांगें और फैला उठा रही थी। लंड चुत की चिकनाई पानी बह कर मेरी गांड के छ ससुर पति मेरी चूचियों को जोर जोर से मसलते हुए तेजी से धक्के मारने लगे। “तेरी चूत बहुत टाइट है मेरे लंड की रानी… पति ससुर को बहुत अच्छा लग रहा है।” वे गुर्राते हुए बोले। उनके पसीने की बूंदें मेरे शरीर पर गिर रही थीं। कमरे में चुदाई की आवाजें जोर से गूंज रही थीं। उनकी सांसें भारी हो गई थीं।


मैं भी सिसकारियां भर रही थी। “हां पति देव… और जोर से… मुझे चोदिए… मैं आपकी हूं आज।” मैं चीखते हुए बोली। मेरी चूत फिर से दोबारा झड़ गई। । ढेर सारा लसलसा पानी निकल कर अब पूरी तरह गीली हो चुकी थी। उनका मोटा लम्बा लंड अब भी रगड़ के टाईट अंदर बाहर हो रहा था। लंड मेरी बच्चेदानी में जाकर अंदर जोर जोर से टक्कर मार रहा था।


मैं गोल गोल घुमाकर उनका लंड ले रही थी। मेरी मस्त दर्द भरी सिसकियां निकल रही थी आआआहहहहहह।ऊऊऊऊईईईईई। माँ।।ममररर।गईई। मम्मी।। मुझे काफी मजा आ रहा था। अब ससुर पति भी ओर अग्रसर हो जोर से चोद चोद कर भारी आवाज निकाले जा रहे थे ओर पति ससुर ने झड़ते हुए अपने लंड को जड़ तक मेरी चुत में फंसाए हुए गर्म गर्म ढेर सारा वीर्य मेरी बच्चेदानी तक लबालब भर दिया।


उनके वीर्य से मै भी साथ साथ 4 बार झड़ गई। ससुर पति मेरे ऊपर ही लेटे हुए मेरे होठों को चूसने लगे। ओर लंड को उछाल देते हुए वीर्य की ढेर सारी पिचकारी मेरी चुत में छोड़ रहे थे। मैं उस पल को जीना चाहती थी। ससुर पति ने आज भी करीब एक घंटे से ज्यादा तक मुझे भरपूर तरीके से चोदा। उसके बाद मेरी चूत में बहुत ज्यादा सूजन आ गई ।


ससुर पति- नीलम सुहागरात कैसी रहीं।


मैं- पति देव ये सुहागरात मै हमेशा याद रखूंगी। अब पति पत्नी की तरह से नाम लेकर बातें कर रहे थे।


मैं- पति देव शादी के बाद से मै जिस सुहागरात की खुशी को तरस रहीं थी । और जिस खुशी को औरत तरसती है। वो खुशी आपने मुझे दी है। आपने ही मुझे कुवांरी लड़की से औरत बना कर आज मुझे सम्पूर्ण औरत बना कर जो मुझे मेरे रोम रोम में खुशी दी। आप मेरे दिल में मेरे देवता की तरह से बस गयें हो।


ससुर पति- नीलम तेरे कमसीन महकते बदन को भोग कर मै धन्य हो गया।


मैं- पति देव अब मैं आपकी पत्नी हो गई हूँ। अब आपके उपर मेरी हुकूमत। मेरा अधिकार चलेगा। अब आप जैसे चाहे जब चाहे मुझे मेरे रसभरे महकते बदन को भोग लगाकर मुझे अपने आगोश में ले सकते हैं।


फिर से ससुर पति के लंड ने सलामी देनी शुरू कर दी और फिर से मेरी चूदाई शुरू हो गई। ससुर पति मेरे उपर चढ़ गयें और ताबड़तोड़ फायरिंग लंड ने मेरी चुत में कर दी। आज सुहागरात की पूरी रात में ससुर पति ने मुझे 5 बार चुदाई करते हुए मेरी हालत बिगाड़ दी। मुझे सोने नहीं दिया।


सुबह 7 बजे हम दोनों एक दूसरे की बाहों में सोये। पूरा दिन सो कर शाम को 4 बजे उठ कर खाना पीना हुआ। मेरी चुत सूज कर डबल रोटी हो गई थी।


बाकी Hindi Sex Stories अगले भाग में। कैसे ससुर पति ने मेरी छल्ले दार गांड के छोटे से छेद में अपने भारी भरकम लंड से गांड की सील तोड़ कर हालत बिगाड़ दी।


आपकी रिया। rs9533749@gmail.com

Recent Posts

See All
ससुर ने मेरी सील तोड़ सम्पूर्ण औरत बनाया :१ - Antarvasna

मेरे पति फौज में है मेरी सुहागरात में पति कुछ नहीं कर पाये। कयौकि मेरी माहवारी आ गई जो मुझे बहुत ही ज्यादा दर्द से 4-5 दिन होती है।फिर मुझे मायक़े से लेने आ गयें थे। 15 दिनों की छुट्टी में पति की छुट्

 
 
 
लंड की टाइट चमड़ी का इलाज - Antarvasna

मेरे लंड की चमड़ी टाइट थी तो मुजे बहुत दर्द होता था। मेरी ये बीमारी दूर करने में मेरी पड़ोसन रेणु आंटी ने मेरी मदद कैसी की वो पढ़े।

 
 
 

Comments


Hindi Sex Stories, Indian Sex Stories, Desi Stories, Antarvasna, Free Sex Kahani, Kamvasna Stories 

कामवासना एक नोट फॉर प्रॉफिट, सम्पूर्ण मुफ्त और ऐड फ्री वेबसाइट है।​हमारा उद्देश्य सिर्फ़ फ्री में मनोरंजन देना और बेहतर कम्युनिटी बनाना है।  

Kamvasna is the best and only ad free website for Desi Entertainment. Our aim is to provide free entertainment and make better Kamvasna Community

bottom of page