ससुर ने मेरी सील तोड़ सम्पूर्ण औरत बनाया:३ - Free Sex Kahani
- Riya 💋💋

- 23 hours ago
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ससुर ने मेरी सील तोड़ सम्पूर्ण औरत बनाया:२ में अभी तक आपने पढ़ा।
आज सुहागरात की पूरी रात में ससुर पति ने मुझे 5 बार चुदाई करते हुए मेरी हालत बिगाड़ दी। मुझे सोने नहीं दिया। सुबह 7 बजे हम दोनों एक दूसरे की बाहों में सोये। पूरा दिन सो कर शाम को 4 बजे उठ कर खाना पीना हुआ। मेरी चुत सूज कर डबल रोटी हो गई थी।
अब आगे।
शाम को 4 बजे नींद खुली तो ससुर पति मुझे अपनी बाहों में भरकर सो रहें थे। उनका लंड मेरी जांघों में फंसे हुए था। बैड पर मेरी चूड़ियों के टूटने के टुकड़े एवं ससुर पति के लंड से वीर्य मेरी चुत से बहकर मेरी जांघों में बह रहा लसलसा पानी से चादर गंदी हुई पड़ी थी। मेरा लहंगा चुनरी बैड के किनारे। नीचे पड़े थे। मेरे पूरे बदन में दुखन थी। ससुर पति को मैंने लंबा चुम्मा देकर जगाया तो उन्हौंने मुझे अपनी बाहों में खींच लिया।

मैं- उठो जानू देखों आपने मेरी पूरी रात क्या हालत बिगाड़ दी। मेरे पूरे बदन पर सैकड़ों निशान पड़े थे।
मैं - आप नहा लो तब तक मै चादर बदल कर खाने की तैयारी करतीं हूँ। ससुर पति- मेरी जान दोनों साथ साथ नहाते है। मैं- आप नहा लो मुझे खाना बनाने में और काम में। और फिर रात को तुम मुझे फिर से दबोचे अपने आगोश में ले लोगे।
मेरे समझाने से ससुर पति नहा कर खेतों पर चले गए। मैं भी उठीं तो अकड़न दर्द से मेरी कराह निकल गई। मैं बुरी तरह से दोनों टांगें चौड़ा करके चल रही थी। मैंने चादर बदल कर नंगी ही किचन में घुस मटर पनीर और पूरिया बना कर । सब काम करते हुए रात के 8 बज गए। फिर मैं भी नहाने बाथरूम में धुस गई।
मेरे पूरे बदन पर निशान देख कर और फूल कर कूपा होकर चोड़ी हुई चुत की दुखन देख मै शर्म से पानी पानी हो रही थी। मैंने नहाने के बाद नंगी ही अपने कमरे में आकर कुर्ती डाल ली थी।
वैसे भी मुझे बैड पर नंगी तो होना ही है। ससुर पति भी खेतों के बाद गांव के लोगों के पास दारू पार्टी करके 9 बजे तक आ गए। खाना खाने के बाद ससुर पति मेरे कमरे में चले गए। मैं भी बर्तन करके बाथरूम करके ससुर पति के पास बैड पर पहुँच गई। ससुर पति पहले ही मेरे इंतजार में नंगे हो अपने विकराल लंड को हिला रहे थे।
ससुर पति के भारी भरकम लंड पर भारी मोटी नसें उभरी रहतीं है। उन्होंने मुझे अपनी बाहों में खींच कर प्यार भरी बातें करते हुए। मेरी कुर्ती को उपर की तरफ खींच कर उतार दी। मै भी ससुर पति की तरह से पूरी तरह नंगी हो गई। नीचे मै कुछ भी नहीं पहनी हुई थी। उन्होंने अपने होठों से मेरे होठों पर रख कर चूसने लगे।
मैंने उनके लंड को अपने हाथ में लेकर मसल कर सहलाने लगी। तभी उन्होंने मुझे 69 पोजीशन में करते हुए मेरी चुत अपने मुंह में भर के चूसने लगे। मैं अपने मुंह में उनका लंड चूसने लगीं। काफी देर तक ऐसे चूसते हुए उन्होंने मेरे बदन में लावा भर दिया। फिर उन्होंने मुझे अपने ऊपर खींच कर मेरे मुंह को अपने मुंह में भर कर अपनी बाहों में जकड़े चूसने लगे।
मेरी दोनों टांगें इधर उधर चौड़ी होने से उनका लंड मेरी चुत और गांड में ठोकरें मार के घुसने को बैचेन होने लगा। और मेरी दोनों सुडौल चूचियां उनके चौड़े सीने पर दबी हुई थी। मेरी हालत ऐसे काफी बिगड़ गई थी मेरी चुत से चिकना लसलसा पानी बहने लगा। मैं अपनी गांड चुत को उनके लंड पर जोर से पटक रही थी। अचानक से उनके लंड का सुपाड़ा मेरी चुत में घुस गया। मेरी कराहने की आआहह् निकल कर उनके मुँह में भर गई। तभी ससुर पति ने नीचे से ही तगड़ा झटका लगा कर आधे से ज्यादा लंड मेरी चुत में धंसा दिया।
मुझे ऐसे ही पोजीशन में ससुर पति नीचे से अपने चूतड़ो को उठा उठा कर अपने लंड लगातार मूसलाधार धक्के से चोदते हुए मेरे होठों को चूस रहे थे। आआआहहहह्। ममममम्। ईईईईईई ऊऊऊऊऊईईईईई। मेरी सिसकियां उनके मुँह में भर रहीं थी। मेरा शरीर उनके मूसलाधार धक्के से जोरदार तरीके से हील रहा था।
मैं अपने हाथों पर थोडी़ ऊपर को उठीं तो मेरे दोनों चूचे रसीले दशहरी आमों की तरह से जोर से हिल रहें थे। वे मेरे चूचियां को मुंह में लेने की कोशिश कर रहे थे। हिलने से ले नहीं पा रहे थे। मैंने अपने हाथों से चूचियां बारी बारी से उनके मुँह में देकर चुसाने लगीं। ससुर पति धक्के मार मार के मेरी कमर से अपने हाथों को हटा कर मेरे दोनों चूतड़ो को दबा कर चौड़े कर धक्के दिये जा रहे थे। उनके लंड मेरी चुत की जोर से आवाज़ फट फट। फचफच। फट फट। फचफच। गूंज रहीं थी।
पता नहीं अबकी बार मै जल्दी ही झड़ गई। मेरी चुत से ढेर सारा लसलसा पानी निकल रहा था। आआआहहहह् ममममम्। ईईईईईई। ऊऊऊऊऊईईईईई। चोदते रहो जानू। ससुर पति चोदते हुए जो लसलसा पानी मेरी चुत से बहकर उनके लंड से होता हुआ उनके जांघों पर बह रहा था। उन्होंने हाथ से वह लसलसा पानी धक्के मारते हुए मेरी गांड के छेद पर लगा रहे थे।
मुझे मजा आ रहा था मेरी गांड के छेद में मीठी सी भड़कन खुजली हो रही थी। ऊऊऊऊऊईईईईई। आआआहहहह्। ममममम्। आआआहहहह्। तभी ससुर पति ने मुझे पलटी मार के अपने नीचे लाकर मेरी दोनों टांगें अपने कंधों पर उठा कर लंड मेरी चुत की गहराई में धक्के मार के लगातार जोरदार तरीके से चोदने लगे। ईईईईईई ऊऊऊऊऊईईईईई। ममममम् ईईईईईई। आआआहहहह्। आआआहहहह्। ऐसे लंड बच्चेदानी में घुस रहा था। कुछ देर तक मुझे ऐसे ही चोदते रहे।
इससे चुत की का पानी मेरी गांड के छेद में बह रहा था। अचानक से ससुर पति ने अपने लंड को धक्के मारते हुए। मेरी गांड में लंड भिड़ा के धक्के दिया तो उनके कड़क लंड का सुपाड़ा गांड के छेद में चिकनाई से फिसल कर घुस गया। मेरी जोरदार चीख़ निकल गई। ऊऊऊऊऊईईईईई माँ। ममरररर। गग ईईईईईई। मैंने लंड को हिल डूल के निकालने की कोशिश कर रहीं थी। लेकिन उन्होंने मुझे जकड़ कर मेरी टांगें अपने कंधों पर ओर जकड़ कर नीचे को दबा कर।
मेरे चूतड़ो को ज्यादा ऊपर उठा कर लंड धक्के मारते हुए गांड में गहराई में धंसा दिया। मैं दर्द से बिलखते हुए अपने हाथों को उनके सीने पर मार रहीं थी। लेकिन उन्होंने पूरा लंड जड़ तक गांड में धंसा दिया। मैं रोते हुए जोर से इधर उधर सिर पटक रही थी। इतना भारी भरकम लंड गांड में और ऊपर से मेरी दोनों टांगें ऊपर उठकर उनके कंधों पर फंसी हुई थी।
ऊऊऊऊऊईईईईई माँ। आआआईईईईई। मममममययय। ऊऊऊऊऊईईईईई। ममरररर। गग। ईईईईईई। ससुर पति बेरहमी से मेरी गांड के चिथड़े उड़ाने में लगे हुए थे।
पता नहीं उनका लंड गांड में अदंर किस जगह ठोकर मार रहा था। मेरी जान निकल रही थी। मेरी गांड फटी पड़ी थी दर्द से। मैंने उनको बिलखते हुए कहा कि किचन से तेल लाकर लगालो दर्द से जान निकल रही है। उन्होंने झटके से लंड गांड से खींच कर किचन से तेल की बोतल लेने गयें तो उनका लंड हाथी की सूंड की तरह से हिचकोलें खा रहा था।
तेल की बोतल से तेल मेरी गांड में भर दिया और अपने लंड पर उड़ेल कर हाथों से तर करके 2 धक्के मार के लंड मेरी गांड में जड़ तक घुसा कर धक्के लगाने लगे। अब तेल से लंड गांड में फिसलता हुआ जा रहा था। कुछ देर में ही मेरी गांड में मीठी सी खुजली के साथ मुझे मस्ती आने लगी। मैं मस्ती में आहें भरने लगी थी। आआआहहहह् आआआहहहह् आआआहहहह्। आआआहहहह्। कुछ देर गांड चोदते हुए उन्होंने मुझे अपने नीचे से उठा कर घुटने के बल घोड़ी बनाकर पीछे से लंड गांड में भर दिया।
मैं कराह उठी आआहह्। अब उनकी जांघों से मेरी गांड चूतड़ो से टकराने की आवाज जोर से गूंज रहीं थी। मेरी लम्बी सिसकियां निकल रही थी। आआआहहहह्। आआआहहहह् ममममम् ईईईईईई ऊऊऊऊऊईईईईई ममरररर। ऊऊऊऊऊईईईईई। मेरी बड़ी बड़ी सुडौल मांसल जांघों से भरपूर चूतडो पर ससुर पति का मजबूत हाथ मेरी गांड को चूतड़ को दबाकर मसल कर सहला रहे। तो मैं पागल सी हो गई। मेरे मुंह से सिसकारियां निकलने लगीं ममममम।आआहहहहहह।ससससस।ऊऊऊऊईईईईईईई।अअअअससससस।हहहहहहईईईईईईई। मैं खुद को रोक नहीं पाई। मैं भी अपनी गांड को पीछे धक्के देने लगीं।
ससुर पति को ओर उतेजित कर रहीं थी। आहहहह्। ऊऊऊऊईईईईईईई। माँ। उउउउममममममहहहह। हहहहह। ईईईईईईई। बीच बीच में ससुर पति अपने लंड पर तेल उड़ेल रहे थे। काफी देर तक मेरी गांड चोदते हुए मेरी गांड के छल्ले अपने लंड से चटका रहे थे। काफी देर बाद अचानक से ससुर पति ने मुंह से गुर्राहट आवाज निकालते हुए मेरी गांड में ही लंड से गरम गरम ढेर सारा वीर्य भर दिया।
मुझे भरपूर मस्ती में मै गांड को हिला रहीं थी। ससुर पति ने कुछ देर बाद लंड गांड से बाहर खींच कर निकाला तो उनका पूरा लंड तेल के साथ मेरी पोटी टट्टी में सना हुआ था। मै बाथरूम में जाने को उठीं तो गांड फटी जा रहीं थी। बुरी तरह से टांगें चोड़ी हो रही थी। दोनों ने बाथरूम करके ससुर का लंड मैंने अपने हाथ से साफ किया।

फिर ससुर मुझे अपनी बाहों में उठा कर बैड पर लिटा लिए। कुछ देर एक दूसरे की बाहों में प्यार करने के बाद फिर से मेरी चुत में लंड घुस कर चुदाई शुरू हो गई और फिर से गांड की चुदाई भी हुई। ससुर ने मेरी चुत की सील तोड़ कर वैसे ही मेरी गांड की सील तोड़ कर मुझे अपनी भरपूर सम्पूर्ण औरत बनने का सौभाग्य दिया। पूरी रात में ससुर ने 3 बार मेरी चुत जमकर चोदी और 2 गांड चोदते हुए गांड में ही लंड फंसाये हुए सो गए। सुबह भी नींद से जागने पर उनका लंड आधे से ज्यादा मेरी गांड में फंसे हुए था। इस तरह से पूरा 1 महीने तक ससुर ने मुझे जमकर चोदा। महीने में ही मेरा फिगर रसभरी औरत के जैसे हो गया था।
फिर सासू माँ आ गई। तो मौका मिलने पर ससुर मुझे चोदने का मौका नहीं छोड़ते थे। महीने बाद मेरी माहवारी नहीं आई। मैंने 5-6 दिन और इंतजार कर देखने का सोचा। अचानक से मेरा जी मिचलाना शुरू हो कर मुझे उबकाई आकर उल्टी हो गई।
अच्छा हुआ सासू माँ पड़ोसी के घर गई हुई थी। मैंने ससुर को फोन करके खेतों से बुला लिया। मेरी खुशी के साथ साथ ही बेचैनी घबराहट बढ़ रही थी।
ससुर के आते ही मै उनकी पत्नी की तरह से उनकी बाहों में समा कर उनके कान में धीरे धीरे से बोलीं मै आपके बच्चे की माँ बनने वाली हूँ। उन्हें मैंने अपनी माहवारी और जी मिचलाना उबकाई उल्टी का बताया। तो ससुर ने मुझे खुशी से अपनी बांहों में उठा कर मेरे होठों को चूम लिया। उन्हें और मुझे मालूम था कि शादी के बाद मेरे पति से मेरे सम्बन्ध नहीं हुए थे।
इसलिए पति को पता चलेगा तो अनर्थ हो जायेगा। ससुर और मैने फैसला किया इसलिए बच्चे की सफाई करवानी ही पड़ेगी।
हालांकि मै दिल से ससुर के बच्चे को जन्म देना चाहतीं थीं। ससुर के बच्चे की माँ बनना चाहती थी। इसलिए मै ससुर के सीने से लग कर रोने लगीं। आप मेल करके मुझे बताना कि मैं क्या करुं।
ससुर ने मुझे प्यार करते हुए समझाया और अगले दिन बहाने से शहर ले जाकर डाक्टर से बच्चे की सफाई करवा दी। पति के छुट्टी पर आने तक ससुर मुझे सावधानी से चोदने लगे। ताकि मैं गर्भवती ना हो जाऊँ।
उसके बाद पति जब 3 महीने की छुट्टी पर आये तो उन्होंने भी मुझे जमकर चोदा। मै पति से पहले महीने में ही गर्भवती हो गई । पति को मैंने खुशखबरी दी तो पूरे घर में खुशी फैल गई। अब पति सावधानी से 3 महीने मुझे चोद चोद कर डयूटी चले गए।
अब ससुर भी मुझे बहुत सावधानी से चोदने लगे। मैंने 9 वें महीने में लड़के को जन्म दिया। उसके बाद समझदारी से मैंने पति से चुदाई कराते हुए भी ससुर से चुदाई कराते हुए ससुर के 4 बच्चों को जन्म देकर ससुर के बच्चों की माँ बनीं।
आज मै पति से 3 बच्चों की और ससुर के 4 बच्चों की माँ हूँ।
ये मेरी सच्ची Free Sex Kahani है इसमें मैने गाँव का नाम और अपनी पहचान छुपा ली है।
आपकी रिया। rs9533749@gmail.com

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